वाराणसी में सर्वश्रेष्ठ कॉपीराइट वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
वाराणसी, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

वाराणसी, भारत में कॉपीराइट कानून के बारे में

वाराणसी, उत्तर प्रदेश में कॉपीराइट कानून सभी नागरिकों के लिए समान सुरक्षा देता है। यह स्थानीय कलाकार, लेखक, फोटो ग्राफर और डिज़ाइनर्स के काम की रक्षा करता है। कानूनी प्रावधानों का उद्देश्य सृजन की प्रेरणा को बढ़ावा देना है।

भारतीय कॉपीराइट कानून मूल रचनाओं के संरक्षण को मानता है, कोई रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है, पर पंजीकरण से दावा सुदृढ़ होता है। सामान्य तौर पर लेखक के जीवनकाल के अंतिम वर्ष के बाद 60 वर्ष तक संरक्षण रहता है। वरना उल्लंघन पर दंडित किया जा सकता है।

वाराणसी जैसे सांस्कृतिक शहर में साहित्यिक-कलात्मक संपत्ति का उल्लंघन स्थानीय कलाकारों, प्रकाशकों और स्टार्टअप्स के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए सही लाइसेंसिंग, उपयोग की शर्तें और संकल्पनाओं को स्पष्ट रखना आवश्यक है।

Copyright is a form of protection provided by the laws of a country to the authors of original works.

Source: World Intellectual Property Organization (WIPO) - https://www.wipo.int/about-ip/en/faq/copyright.html

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

वाराणसी, उत्तर प्रदेश से सम्बंधित कॉपीराइट केस में कानून विशेषज्ञ या अधिवक्ता की जरूरत कई स्थितियों में पड़ती है। सही सलाह से आप कानूनी जोखिम कम कर सकते हैं। नीचे सामान्य परिदृश्य दिए गए हैं जो स्थानीय संदर्भ से जुडे़ हैं।

  • स्थानीय लेखक या रंगकर्मी की रचना के बिना अनुमति उपयोग पर मुकदमा हो सकता है। वकील आपको तुरंत सुरक्षा उपाय और नोटिस का जवाब तैयार करने में मदद करेगा।
  • ग़ैर अधिकृत प्रकाशन या पुनरुत्पादन पर हाई-प्रोफाइल कॉपीराइट उल्लंघन का दावा सामने आये तो स्थानीय अदालत में कदम उठाने के लिए अनुभवी advokat आवश्यक है।
  • वाराणसी के फोटोग्राफर की तस्वीरें सामाजिक मीडिया पर बिना अनुमति प्रकाशित होने पर दावा दायर करना हो सकता है। कानूनी सलाह से सही तर्क और नुकसान-भरपाई निर्धारित होगी।
  • स्थानीय डिज़ाइनर की पेंटिंग, पैटर्न या टेक्सटाइल डिज़ाइन के दुरुपयोग पर अधिकार बचाने के लिए विशेष लाइसेंसिंग और injunction चाहिए हो सकता है।
  • ई-कॉमर्स या वेबसाइट पर सामग्री का अनधिकृत उपयोग वृद्धि करता है। ऑनलाइन सामग्री के लिए सही दायित्व और दंड तय करने के लिए एड्वोकेट मदद करेगा।
  • कॉमर्शियल प्रयोग के लिए संगीत, वीडियो या ग्राफ़िक्स के लाइसेंस के बारे में भ्रम हो तो कानूनी परामर्श अनिवार्य है।

वाराणसी की स्थानीय अदालतों और IP क्षेत्र के अनुभवी वकील मिलकर आपूर्ति के अनुसार विकल्प, कवर-स्तर और समयरेखा तय करते हैं। आप क्षेत्रीय IP क्लिनिक या बार असोसिएशन से भी मदद ले सकते हैं।

स्थानीय कानून अवलोकन

  1. The Copyright Act, 1957 - यह मूल रचनाओं के अधिकार निर्धारित करता है। 2012 के संशोधनों से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा बढ़ी है।

  2. Information Technology Act, 2000 - ऑनलाइन उल्लंघन, वेबसाइट पर चोरी और डिजिटल इन्फ्रिंगमेंट से जुड़ी धाराओं के फ्रेमवर्क देता है।

  3. Copyright Rules, 1958 - नियमों में लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं, पंजीकरण प्रक्रियाओं और उल्लंघन निवारण के नियम शामिल हैं।

Copyright subsists in original works fixed in a tangible medium of expression, as per statutory law in India.

Source: Copyright Office India - http://copyright.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉपीराइट क्या है?

Copyright एक अधिकार है जो मूल रचनाओं के निर्माता को उनके काम पर मिलते हैं। यह संरक्षण लेख, संगीत, कला और दृश्य-संगत रचनाओं तक सीमित होता है। यह संचार-आधारित परिशोधों को भी कवर करता है।

क्या मुझे अपने काम का पंजीकरण कराना चाहिए?

पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर यह दावा के प्रमाण के रूप में मजबूत साक्ष्य देता है। वाराणसी में स्थानीय प्रतिवाद के समय यह लाभ देता है।

कॉपीराइट की वैध आयु क्या है?

सामान्यतः लेखक के जीवनकाल के बाद उसकी मृत्यु के वर्ष तक + 60 वर्ष तक संरक्षण रहता है। यह कार्य प्रकार पर निर्भर कर सकता है।

फेयर यूज़ या फेयर डीलिंग क्या है?

फेयर डीलिंग कुछ शर्तों के साथ सामग्री के सीमित उपयोग की अनुमति देता है। शैक्षणिक और समाचार-उद्देश्यों के लिए विशिष्ट अपवाद हो सकते हैं।

कहाँ और कैसे उल्लंघन माना जाता है?

जब बिना अनुमति किसी की रचना की कॉपीराइटेड कॉपी का निर्माण, वितरण, प्रदर्शन या प्रदर्शन-सम्पादन किया जाए। स्थानीय अदालतों में दंड और क्षतिपूर्ति संभव है।

वाराणसी में अपने अधिकार कैसे सुरक्षा करें?

अपनी रचना को सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड रखें, लाइसेंसिंग से स्पष्ट करें, और कबाड़ से बचें। आवश्यक हो तो स्थानीय वकील से तात्कालिक कानूनी नोटिस भेजवाएं।

अगर कोई मेरी रचना का दुरुपयोग करे तो मुझे क्या करना चाहिए?

पहला कदम दायित्व-स्तर का नोटिस देना है। उसके बाद अदालत से रोक-थाम आदेश, दंड और हर्जाने की मांग की जा सकती है।

कॉपीराइट लाइसेंस कैसे मिलता है?

कानून निर्माता, प्रकाशक या लाइसेंसिंग संस्था से लिखित लाइसेंस प्राप्त करें। वाराणसी के स्थानीय स्रोतों से संपर्क करना फायदेमंद रहता है।

क्या इंटरनेट पर कॉपीराइट सुरक्षा लागू होती है?

हाँ. ऑनलाइन सामग्री पर दावा और दंड IT अधिनियम और कॉपीराइट कानून द्वारा नियंत्रित होते हैं।

यदि म्यूजिक या वीडियो किसी और के बगैर लाइसेंस के इस्तेमाल हो रहा हो?

आपके रोजगार-धंधे पर निर्भर है. उपयोग करने से पहले लाइसेंस लेना ज़रूरी है। иначе कानूनी कार्रवाई संभव है।

फेयर डीलिंग में मीडिया उपयोजनाओं की सुरक्षा कैसे होती है?

उपयोग की मात्रा, उद्देश्य और स्रोत-धर्म का संतुलन ज़रूरी है। भारत के कानून के अनुसार कुछ प्रतिबंधित उपयोग होते हैं।

मेरा काम इंटरनेट पर बिना अनुमति कैसे पायरा गया?

उल्लंघन के संकेत मिलते ही उचित दायित्व उठाएं। नोटिस भेजना और मामले को अदालत में ले जाना सामान्य कदम हैं।

कौन सा न्याय क्षेत्र वाराणसी में लागू होता है?

वाराणसी में उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश और district courts के अधीन आता है। IP सम्वधित प्रकरणों में स्थानीय न्यायालय ही मुख्य मंच होते हैं।

अतिरिक्त संसाधन

अगले कदम

  1. अपनी रचना की स्पष्ट प्रकृति तय करें कि वह साहित्य, संगीत, फोटोग्राफी या डिज़ाइन है।
  2. वाराणसी के स्थानीय भाषा-नियम और निकटतम जिला अदालत के लायक दावों का आकलन करें।
  3. कौन सी संस्थाओं के साथ लाइसेंसिंग आवश्यक है, इसकी जाँच करें।
  4. अगर संभव हो तो पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करें ताकि दावे में आसानी हो।
  5. कानूनी स्थिरता के लिए एक अनुभवी कॉपीराइट वकील से मिलें और प्रश्न पूछें।
  6. नोटिस, संधि और अनुबंधों के मसौदे तैयार करवाएं ताकि मुश्किलें कम हों।
  7. वाराणसी की स्थानीय कॉपीराइट अदालतों या जिला अदालतों के लिए प्रदत्त कागजात रखें।

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