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डिमापुर में सर्वश्रेष्ठ पुनर्गठन और दिवालियापन वकील

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मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
डिमापुर, भारत
परामर्श मुफ़्त · 15 मिनट

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Hindi
English
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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भारत पुनर्गठन और दिवालियापन वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें पुनर्गठन और दिवालियापन के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मेरा बैंक तीन चूकी हुई ईएमआई के लिए दिवालियापन/इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही शुरू कर सकता है, जबकि मेरी कंपनी पुनर्गठन पर बातचीत कर रही है?
पुनर्गठन और दिवालियापन
मैं भारत में एक छोटा विनिर्माण यूनिट चलाता/चलाती हूँ और ग्राहक भुगतान में देरी के कारण तीन क़िस्तें चूक गयीं। हम कर्जदाताओं के साथ पुनर्गठन योजना पर बातचीत कर रहे हैं। बैंक अब क्या कदम उठा सकता है, और बातचीत जारी रहने के दौरान मैं व्यवसाय की रक्षा कैसे कर...
वकील का उत्तर Ishan Ganguly द्वारा

ऋणदाता द्वारा संभावित कार्रवाईयाँ ​भारतीय कानून के तहत, विशेषकर SARFAESI अधिनियम, 2002 के अनुसार, बैंकों के पास यदि ऋण सुनिश्चित (secured) हो तो प्रारंभिक न्यायालयीन हस्तक्षेप के बिना देनदारियाँ वसूल करने के पर्याप्त अधिकार होते हैं। ​धारा 13(2) नोटिस जारी...

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1 उत्तर

भारत पुनर्गठन और दिवालियापन कानूनी लेख

हमारे 2 कानूनी लेख ब्राउज़ करें पुनर्गठन और दिवालियापन के बारे में भारत में विशेषज्ञ वकीलों द्वारा लिखित.

भारत में कॉर्पोरेट दिवाला (IBC) प्रक्रिया - नियम और विकल्प
पुनर्गठन और दिवालियापन
मुख्य बातें (Key Takeaways) उद्देश्य: दिवाला और शोधन अक्षमता कोड (IBC) का मुख्य लक्ष्य कंपनी को बंद करना नहीं, बल्कि उसे बचाना है। समय-सीमा: कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) को 330 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। निदेशकों की जिम्मेदारी: दिवालियापन के दौरान धोखाधड़ी या पक्षपातपूर्ण लेनदेन करने पर...
IBC बनाम ऋण पुनर्गठन - भारतीय व्यवसायों के कानूनी नियम
पुनर्गठन और दिवालियापन
मुख्य बिंदु (Key Takeaways) प्रबंधन का नियंत्रण: IBC (CIRP) शुरू होते ही कंपनी का प्रबंधन इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल (RP) के अधीन आ जाता है, जबकि RBI फ्रेमवर्क के तहत ऋण पुनर्गठन में मौजूदा प्रमोटर व्यवसाय का संचालन जारी रखते हैं। न्यूनतम डिफ़ॉल्ट सीमा: NCLT में IBC के तहत मामला दर्ज करने... और पढ़ें →

डिमापुर, भारत में पुनर्गठन और दिवालियापन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

डिमापुर, नागालैंड में पुनर्गठन और दिवालियापन कानून भारत के राष्ट्रीय ढांचे के अनुसार लागू होते हैं। Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) कॉर्पोरेट पर्सन, व्यक्तिगत ऋणी और पार्टनरशिप फर्मों पर लागू होता है। यह कानून देनदार के पुनः-संशोधन तथा परिसमापन के रास्ते स्पष्ट करता है ताकि क्रेडिटर्स के हित सुरक्षित रहें।

कानून के अनुसार मामलों की सुनवाई सामान्यतः राष्ट्रीय कंपनी कानून ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा होती है, और अपीलें NCLAT तक जाती हैं। Dimapur-आधारित व्यवसायों एवं व्यक्तियों के लिए NE क्षेत्र में NCLT/NCLAT की प्रक्रियाएं लागू होती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य - IBC और उससे जुड़ी प्रशासनिक इकाइयाँ एकीकृत ढांचे में पुनर्गठन, परिसमापन और ऋण निपटान की समय-बद्ध व्यवस्था प्रदान करती हैं। उद्धरण:

"The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 provides a time-bound mechanism to resolve insolvency."

Source: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - https://www.ibbi.gov.in

"The Code consolidates and amends laws relating to reorganization and insolvency for corporate persons, individuals and partnerships."

Source: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - https://www.ibbi.gov.in

"Personal insolvency provisions enable individuals and partnership firms to seek resolution and discharge after completion."

Source: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - https://www.ibbi.gov.in

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

डिमापुर में पुनर्गठन और दिवालियापन मामलों में एक अनुभवी अधिवक्ता आवश्यक होता है ताकि कानूनी प्रक्रिया सही ढंग से चले और आपके हित सुरक्षित रहें। नीचे 4-6 विशिष्ट परिस्थितियाँ दी जा रही हैं जिनमें कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है।

  • पर्सनल इनसॉल्वेंसी या SME ऋण के कारण ऋण-मूल्य संकट सामने आ रहा हो। एक अनुभवी वकील CIRP, PIRP या व्यक्तिगत insolvency प्रक्रिया की योजना बना सकता है।
  • संस्थापक-स्वामित्व वाली कंपनी Dimapur में ऋण-समझौते या पुनर्गठन के लिए भागीदारी चाहती हो। वकील बैक-टू-बैक ऋण-स्तर के अनुसार पुनर्गठन मार्ग सुझा सकता है।
  • क्रेडिटर्स के साथ विवादित ऋण-प्रतिष्ठा चल रही हो या क्रेडिटर्स के अधिकार सुरक्षित रखना हो। एक सक्षम मार्गदर्शक से ऋण-प्रबंधन योजनाओं का निर्माण संभव है।
  • कंपनी दिवालिया होने की स्थिति में परिसमापन या पुनर्जीवन के बीच चयन करना हो। वकील दोनों रास्तों के लाभ-हानि स्पष्ट कर सकता है।
  • बैंक या फाइनेंसर से शिकायतें और ताम-झाम की तात्कालिकता बढ़ गई हो। अनुभवी advocation से सही अंतरिम उपाय और रोकथाम-रणनीति बनती है।
  • NE क्षेत्र के अनुरूप प्रक्रियाओं में नयी नियमावली के अनुपालन में कठिनाई हो। स्थानीय अर्जी और सुनवाई-तिथि के बारे में विशेषज्ञ मार्गदर्शन जरूरी है।

डिमापुर-आधारित उदाहरण सामान्यतः निम्न प्रकार के होते हैं: छोटे व्यवसाय ऋणों के कारण दबाव में आ जाते हैं, बैंक द्वारा संरक्षित ऋण-संपत्ति पर पुनर्गठन की मांग होती है, या व्यक्तिगत स्तर पर ऋण-समस्या रहती है। इन सभी मामलों में एक कानूनजाण अनुभवी सलाहकार की भूमिका निर्णायक रहती है।

स्थानीय कानून अवलोकन

  • Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 - यह केंद्रीय कानून है जो corporate, partnership और individual मामलों में पुनर्गठन, ऋण-समझौते एवं परिसमापन प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
  • Companies Act, 2013 - कंपनियों की पुनर्गठन, रीकंसिलिएशन और संरचना-परिवर्तन के लिए वैधानिक ढांचाjet प्रदान करता है; यह IBC के साथ समन्वय में काम करता है।
  • Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI) -secured debt recovery के लिए प्रयुक्त होता है; lenders को संपार्श्विक पर नियंत्रण व कार्रवन के अधिकार देता है।

डिमापुर, नागालैंड में उपरोक्त कानूनों के अनुप्रयोग से निजी व्यक्तियों, छोटे और मध्यम व्यवसायों तथा बड़े कॉर्पोरेशनों के पुनर्गठन और परिसमापन के लिए प्रक्रिया तय होती है। अधिक जानकारी के लिए नीचे official स्रोत देखें: IBBI, MCA, RBI.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IBC क्या है?

IBC 2016 का केंद्रीय कानून है जो पुनर्गठन, ऋण-समझौते और परिसमापन की समय-सीमित प्रक्रियाओं को स्पष्ट करता है। यह कॉर्पोरेट पर्सन, व्यक्तिगत ऋणी और पार्टनरशिप फर्मों पर लागू होता है।

IBC किसे लागू होता है?

IBC Corporate, Partnership firms और individuals पर समान रूप से लागू होता है। Dimapur में भी इन तीनों प्रकार के मामलों का निराकरण इसी कोड के अनुसार होता है।

CIRP क्या है और यह कैसे शुरू होता है?

Corporate Insolvency Resolution Process CIRP एक समय-सीमित पुनर्गठन-प्रक्रिया है। निम्न-स्तरीय समिति द्वारा प्रोफेशनल रेजॉल्यूशन प्रोफेशन (RP) नियुक्त होते हैं।

Resolution Professional की भूमिका क्या है?

RP टीम बनाता है ताकि निपटान-योजना तैयार हो सके और creditors के हित संतुलित रहें। RP निष्पादन, वित्तीय योजना और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करता है।

Dimapur निवासी व्यक्तिगत ऋण के लिए कैसे दाखिला करें?

व्यक्ति insolvency के लिए NCLT के माध्यम से insolvency resolution प्रक्रियाओं पर आवेदन कर सकता है। प्रारम्भिक फाइलिंग नजदीकी कोर्ट/नCLT के नियमों के अनुसार करनी होगी।

क्या पोस्ट-फाइलिंग में कानूनी सहायता लेना आवश्यक है?

हाँ, क्योंकि यह जटिल प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं का क्षेत्र है। वकील आपके दस्तावेजों को सही तरीके से संकलित और प्रस्तुत कर सकता है।

कितने समय में परिणाम मिल सकता है?

IBC के अनुसार CIRP पूर्ण होने के लिए सामान्य तौर पर 180 दिनों का लक्ष्य रखा गया है, जिसे परिस्थितियाँ मिलकर बढ़ा सकते हैं।

क्या परिसंपत्तियाँ सुरक्षा से बाहर रहती हैं?

कुछ परिस्थितियों में परिसंपत्तियाँ creditors द्वारा संरक्षित रहती हैं, परन्तु insolvency प्रक्रिया के दौरान खास निर्णयों पर निर्भर है।

मैं क्रेडिटर हूँ तो क्या कर सकता हूँ?

क्रेडिटर्स insolvency प्रक्रिया के दौरान अपने दावों को दाखिल कर सकते हैं, RP के साथ समन्वय कर बकाया उद्धार योजना में भाग ले सकते हैं।

परिसमापन बनाम पुनर्गठन में कैसे चयन करें?

यदि व्यवसाय पुनर्जीवन के योग्य है तो पुनर्गठन अच्छा विकल्प है; नहीं तो परिसमापन creditors के लिए अधिक लाभकारी हो सकता है।

क्या मैं ऑनलाइन केस स्टेटस चेक कर सकता हूँ?

हाँ, NCLT/NCLAT और IBC से जुड़ी कुछ जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होती है; आप उचित पोर्टलों के माध्यम से स्थिति देख सकते हैं।

अगर मुझे तुच्छ पूर्व-प्रश्न है तो क्या करूँ?

पहले एक熟 विशेषज्ञ से मिलें ताकि वे आपकी स्थिति का आकलन करें और सही प्रैक्टिकल कदम बताएं।

अतिरिक्त संसाधन

  • Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - आधिकारिक साइट और कोड-निर्देश: https://www.ibbi.gov.in
  • National Company Law Tribunal (NCLT) और National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) - निर्णय और नियमावली: https://nclt.gov.in, https://nclat.gov.in
  • Reserve Bank of India (RBI) - दिवालियापन से जुड़ी ऋण-सम्बन्धी गाइडलाइन्स और दिशा-निर्देश: https://www.rbi.org.in

अगले कदम

  1. अपनी स्थिति की पहचान करें: क्या यह कॉर्पोरेट, व्यक्तिगत या SMEs से जुड़ा मामला है।
  2. डिमापुर-नागालैंड के अनुभवी वकील की सूची बनाएं और उनके specialty क्षेत्र की जाँच करें।
  3. IBC के प्रावधानों से acquainted होने के लिए आधिकारिक स्रोत देखें और आवश्यक दस्तावेज़ इकट्ठा करें।
  4. स्थानीय बार असोसिएशन या Nagaland Bar Association में सलाह लेने के लिए अपॉइंटमेंट लें।
  5. पहली कॉन्सल्टेशन में केस-स्टेटस, शुल्क संरचना और संभावित रणनीति पर स्पष्ट पूछताछ करें।
  6. RP या Advocate के साथ मूव-फोरवर्ड योजना बनाएं और जरूरी आवेदन जमा करें।
  7. फीस- संरचना, कवर-चेकलिस्ट और केस-स्टेटस ट्रैकिंग के लिए लिखित समझौता करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से डिमापुर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पुनर्गठन और दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

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