कोयम्बत्तूर में सर्वश्रेष्ठ वसीयत और वसीयतपत्र वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Diligence Law Firm
कोयम्बत्तूर, भारत

English
कोयंबटूर, भारत आधारित डिलिजेंस लॉ फर्म एक पूर्ण-सेवा कानूनी प्रैक्टिस है जिसके पास 12 से अधिक वर्षों का अनुभव है।...
जैसा कि देखा गया

भारत वसीयत और वसीयतपत्र वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें वसीयत और वसीयतपत्र के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

संपत्ति का विभाजन
वसीयत और वसीयतपत्र परिवार वसीयत अनुमोदन
कक्षा 2 के वारिस (पिता) को प्रॉपर्टी की बिक्री अनुबंध में परिवार के सदस्य के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है क्योंकि पहले पंजीकरण के समय वह उपस्थित नहीं थे। विभाजन के दौरान, क्या वह कक्षा 1 - पत्नी (स्वर्गीय), 3 पुत्रों के संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति में अपना...
वकील का उत्तर Remedium Reel Attorneys द्वारा

यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकारी को ट्रांसप्रोवे रजिस्ट्री में प्रशासन पत्र प्राप्त करने के लिए 2 या 3 व्यक्तियों को नियुक्त करना होता है जो उन्हें अन्य उत्तराधिकारियों की इच्छाओं के अनुरूप संपत्ति का प्रशासन करने का अधिकार देता...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर

1) कोयम्बत्तूर, भारत में वसीयत और वसीयतपत्र कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कोयम्बत्तूर में वसीयत कानून मुख्य रूप से भारतीय वसीयत अधिनियम 1925 के अंतर्गत नियंत्रित होता है. यह अधिनियम testamentary disposition अर्थात मृत्यु के बाद संपत्ति के वितरण को कानूनी बनाता है. Will का सरल अर्थ है ऐसी कानूनी घोषणा जो मृत्यु के बाद प्रभावी संपत्ति के वितरण के बारे में हो.

हिन्दू, ईसाई, मुस्लिम, आदि समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों का असर कबीर-परिवारिक संरचना पर पड़ सकता है, पर कुल अवधारणा वसीयत और प्रोबेट भारतीय कानून के दायरे में रहती है. हिन्दू संपत्ति के मामले में हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 का असर भी पड़ता है, खासकर coparcenary अधिकार आदि में बदलाव के कारण.

“Will means a legal declaration by which a person makes a disposition of his property to take effect after his death.”

- Indian Succession Act, 1925, Section 2(h). स्रोत: Legislative/India के आधिकारिक टेक्स्ट से पंक्तियाँ संदर्भित की जा सकती हैं.

नोट: वसीयत की वैधता के लिए सामान्यतः लिखित, हस्ताक्षरित तथा कम-से-कम दो गवाहों के साथ प्रत्यक्ष साक्ष्य आवश्यक होता है.

“A will shall be in writing and signed by the testator, or by some other person in his presence and by his direction, and attested by at least two witnesses.”
- Indian Succession Act, 1925, Section 63.

कोयम्बत्तूर में प्रोबेट (probate) प्रक्रिया जिला न्यायालय में दाखिल करके Will की वैधता की पुष्टि कराती है. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है, पर अधिक रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. Tamil Nadu में संपत्ति के वितरण के लिए उपयुक्त कानूनी सलाहकार से योजना बनाना लाभप्रद रहता है.

हाल के परिवर्तन: हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 में 2005 में आंशिक संशोधन से बेटे-बेटी के coparcenary अधिकार समकक्ष कर दिए गए. यह बदलाव वसीयत के साथ बंटवारे के प्रभाव को भी प्रभावित करता है. स्रोत के तौर पर आधिकारिक अधिनियम टेक्स्ट देखें:

“The daughter of a Hindu male shall be a coparcener in her own right in the Mitakshara coparcenary property by birth in such family on and from the date of the 9th day of September, 2005.”

- Hindu Succession Amendment Act, 2005, Section 6(1)(a) आदि. स्रोत: Hindu Succession Act, 1956 (Amendment 2005) आधिकारिक टेक्स्ट.

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

वसीयत और वसीयतपत्र मामलों में सही दस्तावेज, सही प्रक्रिया और तात्कालिक बिंदुओं पर स्पष्टता आवश्यक होती है. नीचे 4-6 वास्तविक-परिदृश्य दिए गए हैं जहाँ एक कानूनी सलाहकार की जरूरत महसूस हो सकती है.

  • परिवार में immovable संपत्ति-जैसे कोयम्बत्तूर के निवासी के पास एक साथ कई ज़मीनें-अगर आपको Will बनाकर वितरण स्पष्ट करना है, तो एक advkya की मदद बेहद मददगार रहती है.
  • वसीयत जिसे विभिन्न राज्यों या जिलों में स्थित संपत्ति को कवर करना है; ऐसे मामलों में “probate” और “distribution” के नियम अलग-से चलते हैं; एक वकील इन अंतर-राज्यीय नियमों को समायोजित कर सकता है.
  • अगर नियोक्ता, बैंक अकाउंट, पेंशन या स्थाई संपत्तियाँ एक साथ जुड़े हुए हों; इन सभी के estate planning के लिए एक कानूनी सलाहकार आवश्यक होता है.
  • परिवार में विविधता-उदा. अलग-अलग धर्म/समुदाय के सदस्य हों-तो हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 या मुस्लिम/ईसाई नियम के अनुरूप Will drafting और वितरण सुनिश्चित करने के लिए वकील चाहिए.
  • Will की वैधता पर सवाल, चुनौती या विवाद हो-उदा. लाभार्थी/हिस्सेदारों द्वारा Will को चुनौती दी जा रही हो; इस स्थिति में प्रोबेटो के लिए अदालत में मजबूत वकील की जरूरत रहती है.
  • KOYAMBATTUR के आसपास के वृद्ध-घरेलू सेटअप में Guardian / Executor नियुक्त करने की आवश्यकता हो-तो उचित दस्तावेज, हस्ताक्षर-गवाह आदि के साथ कानूनी मार्गदर्शन चाहिए.

3) स्थानीय कानून अवलोकन

कोयम्बत्तूर (तamil नाडु) में वसीयत से जुड़े प्रमुख कानूनों की संक्षेप सूची:

  1. Indian Succession Act, 1925 - Will के निर्माण, attestation, probates, और testamentary disposition के मूल ढांचे को निर्धारित करता है.
  2. Hindu Succession Act, 1956 (अमेंडमेंट 2005 तक) - हिन्दू परिवारों के coparcenary अधिकार और उत्तराधिकार संरचना के नियम निर्धारित करता है; उदाहरणार्थ बेटियों को coparcenary अधिकार मिले.
  3. Transfer of Property Act, 1882 - Will के बाद संपत्ति के transfer के नियम; estate की देह-स्वामित्व की मानवीय प्रक्रिया यहां तक कि title transfer, mediation आदि से सम्बद्ध है.

इन के अलावा स्थानीय अदालत-आधारित प्रथाएं और Tamil Nadu कानून-व्यवस्था के निर्देश भी उपयोगी रहते हैं. कोयम्बत्तूर में probate रजिस्टरेशन और अदालत-आधारित प्रक्रियाओं के लिए District Court के साथ संपर्क करना उचित रहता है.

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसीयत बनवाने के लिए मुझे कौन से दस्तावेज चाहिए?

पहचान पत्र, पते का प्रमाण, संपत्ति के दस्तावेज (खासकर जमीन/स्वामित्व प्रमाण), ट्रस्ट/बैंक खाते से जुड़े रिकॉर्ड और अगर नाम पर कोई कानूनी एजेण्ट/एग्जीक्यूटर होता है तो उसका दस्तावेज़ आवश्यक हो सकता है. स्थानीय advkxya आपकी स्थिति के अनुसार सूचियाँ और आवश्यक स्पेसिफिकेशन बताएंगे.

क्या वसीयत रजिस्टर करानी अनिवार्य है?

नहीं, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है परंतु रजिस्ट्रेशन उसे अधिक मजबूत और सार्वजनिक रिकॉर्ड बनाता है. Coimbatore में Will रजिस्ट्रेशन कानूनन संभव है और इससे भविष्य में चुनौती कम होती है.

कौन प्रमाणित करेगा Will की वैधता?

Will की वैधता Probat अदालत द्वारा सिद्ध की जाती है यदि Will सही तरह से लिखित, हस्ताक्षरित, और कम-से-कम दो गवाहों द्वारा attested हो. अदालत Will की authenticity की जाँच करती है और executor को title transfer की अनुमति देती है.

एक Will और एक Codicil में क्या अंतर है?

Will एक पूर्ण दस्तावेज होता है जो मृत्यु के बाद प्रभावी होता है; Codicil Will में परिवर्तन का एक वैधानिक संशोधन है जिसने एक prior Will को बदला या उसमें बदलाव किया हो. Codicil को भी वही formalities चाहिए जो Will के लिए आवश्यक हैं.

क्या Will को मैं खुद बना सकता हूँ या वकील से बनवाना बेहतर है?

संभावित स्पष्टता, कानून-स्वीकृति और विवाद-रोधी संरचना के कारण, कोयम्बत्तूर में अधिकांश लोग advkya से Will drafting करवाते हैं. विशेषकर property-rich families के लिए professional drafting से future disputes कम होते हैं.

Will में कितना detail रखना चाहिए?

संपत्ति का स्पष्ट ब्योरा दें-कौन सा प्रॉपर्टी real estate, bank accounts, investments आदि में है. नामित beneficiaries के full names, relationship, और executor/guardian का नाम स्पष्ट लिखें. अस्पष्ट विवरण विवाद का कारण बन सकता है.

क्या एक मुसलमान, ईसाई या अन्य धर्म के लोगों के लिए Indian Succession Act लागू होता है?

वसीयत के कुछ पहलू Indian Succession Act के अंतर्गत आते हैं, पर मुस्लिम पारिवारिक कानूनों के कुछ भाग उनके व्यक्तिगत कानून के अधीन रहते हैं. इस प्रकार समुदाय-विशिष्ट कानूनों का पालन करना उचित होता है; एक legal advisor सही मिश्रण सुझा सकता है.

अगर Will में गलतियाँ हों तो क्या किया जा सकता है?

गलतियाँ, ambiguities, जवाब में कमी आदि के लिए Codicil या नया Will बनवाने की सलाह दी जाती है. अदालत-प्रोबेशन के समय भी executor द्वारा अंतिम Will से correction आवश्यक हो सकता है.

मुझे Coimbatore के किस कोर्ट में प्रोबेट अप्लाई करना चाहिए?

District Court, Coimbatore में Will के लिए probate petition दायर की जाती है. स्थानीय advkya आपको सही अदालत-फॉर्मेट और सहायक प्रमाण-पत्रों के बारे में मार्गदर्शन देंगे.

क्या Will में ‘निवास-स्थान’ का उल्लेख आवश्यक है?

Will में testator के death के समय संपत्ति के स्थान पर स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए. यह probate और succession प्रक्रिया को सरल बनाता है.

Will कब तक प्रभावी होता है?

Will death के पश्चात प्रभावी होता है और executor के द्वारा deed/transfer के लिए court order प्राप्त किया जाता है. प्रक्रिया में समय इलाके के न्यायिक थकान और प्रक्रिया की जटिलता पर निर्भर करती है.

कौन executor बन सकता है?

Will में nominated executor वही होना चाहिए जिसे testator ने चुना हो; अतिरिक्त legal criteria स्थानीय कानूनों के अनुसार हो सकता है. Executor का चयन व्यवहारिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम है.

क्या Will ऑनलाइन बन सकता है?

भारत में Will का recognized form लिखित है; इंटरनेट-आधारित Will की स्थिति कुछ मामलों में मान्य हो सकती है, पर कोयम्बत्तूर में अधिकृतता, witnessing, और court-प्रमाणन के लिए हर कदम पर स्थानीय advkya की सलाह आवश्यक है.

5) अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - https://nalsa.gov.in/
  • Coimbatore District Court / eCourts Portal - https://districts.ecourts.gov.in/coimbatore
  • Tamil Nadu State Legal Services Authority (TLSLSA) - https://tlslsa.tn.gov.in/

6) अगले कदम

  1. अपने proprietorship-धन-स्रोतों की सूची बनाएं: भूमि-आस्तियाँ, बैंक खाते, निवेश आदि.
  2. Will का प्रकार तय करें: एक Will, Joint Will, या Codicil से परिवर्तन.
  3. एक अनुभवी वकील/कानूनी सलाहकार से मिलकर प्राथमिक कानूनी परामर्श लें.
  4. Executor और guardianship के नाम स्पष्ट करें; आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करें.
  5. Will drafting के लिए draft तैयार करवाएं; दो गवाहों के साथ परिशिष्ट करें.
  6. Will को रजिस्टर करवाने पर विचार करें और Probat-सम्बन्धी दस्तावेज़ संग्रहीत करें.
  7. प्रोबेट-अर्जी के दौरान दस्तावेज़ों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें और अदालत-निर्णय का पालन करें.

उद्धरण और आधिकारिक स्रोत:

“Will means a legal declaration by which a person makes a disposition of his property to take effect after his death.”

- Indian Succession Act, 1925, Section 2(h). स्रोत: https://legislative.gov.in/

“A will shall be in writing and signed by the testator, or by some other person in his presence and by his direction, and attested by at least two witnesses.”

- Indian Succession Act, 1925, Section 63. स्रोत: https://legislative.gov.in/

“The daughter of a Hindu male shall be a coparcener in her own right in the Mitakshara coparcenary property by birth in such family on and from the date of the 9th day of September, 2005.”

- Hindu Succession Amendment Act, 2005, Section 6. स्रोत: https://legislation.gov.in/

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से कोयम्बत्तूर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, वसीयत और वसीयतपत्र सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

कोयम्बत्तूर, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।