भारत में सर्वश्रेष्ठ शरण वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

Davies & Associates, LLC
मुंबई, भारत

2020 में स्थापित
उनकी टीम में 100 लोग
Bengali
Hindi
English
Kannada
Urdu
Gujarati
प्रवासन शरण पारिवारिक वीज़ा एवं पुनर्मिलन +7 और
Davies & Associates ("D&A") has grown to become the largest global law firm specializing in US, UK and Italian business and investment immigration together with Citizenship and Residency by Investment (together, “CBI”).  Our lawyers are regarded as the leaders in the US E2...
Legaleye Associates - Advocates & Lawyers
मुंबई, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
प्रवासन शरण वीज़ा अस्वीकृति एवं अपील +7 और
कानूनी सेवाएँ और समाधान - लॉ फर्म - मुंबई में अधिवक्ता और वकीललीगलआई एसोसिएट्स मुंबई, भारत की एक पूर्ण-सेवा विधिक...
Ishan Ganguly
कोलकाता, भारत

2025 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
हमारी फर्म प्रभावशाली कानूनी अभ्यास के लिए समर्पित है, जिसमें पर्यावरण कानून और जलवायु वकालत पर विशेष ध्यान...

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंयूआर लीगल (अंतर्राष्ट्रीय लॉ फर्म) एडवोकेट्स एवं सॉलिसिटर्स विभिन्न विधिक क्षेत्रों में विशेषज्ञ...
जयपुर, भारत

1948 में स्थापित
English
खन्ना एंड एसोसिएट्स भारत की एक प्रशंसित विधिक फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाएं...
MEDIALEXICON
मुंबई, भारत

2002 में स्थापित
English
2002 में स्थापित, MEDIALEXICON भारत की एक प्रतिष्ठित कानून फर्म है जो तकनीकी, मीडिया और दूरसंचार (TMT) क्षेत्रों में विशेषज्ञता...
Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
Hindi
एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
INDIAN LEGAL
मुंबई, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
इंडियन लीगल हेल्प्स मुंबई आधारित एक कानून फर्म है, जिसकी आरंभिका त्रिपाठी एंड एसोसिएट्स द्वारा की गई थी।ILH विदेशी...
Advocate Alpa A Prajapati
गांधीनगर, भारत

English
ए ए प्रजापति एसोसिएट्स एक अग्रणी विधिक फर्म है जो कॉर्पोरेट व वाणिज्यिक कानून, आव्रजन, परिवार संबंधी कानून,...
जैसा कि देखा गया

1. भारत में शरण कानून के बारे में: भारत में शरण कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में शरण कानून किसी एक समग्र अधिनियम के रूप में नहीं है। विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी नागरिकों के पंजीकरण कानून आदि संरचनात्मक नीतियों के रास्ते शरणार्थियों के अधिकारों को प्रभावित करते हैं।

शरणार्थी के रूप में संरक्षित रहने के लिए भारत UNHCR के मानकों और मामलों के न्यायिक निर्णयों पर निर्भर रहता है। गंभीर सुरक्षा खतरे से बचाव और मानवतापूर्ण आवास India's अधिकतम प्राथमिकताओं में है

UNHCR India's mandate is to protect refugees and asylum seekers and to find durable solutions.

भारत सरकार के अनुसार शरणार्थियों के लिए एक सार्वभौमिक कानून नहीं है; अस्थायी आवास और अधिकार सामान्य इमिग्रेशन कानूनों के तहत नियंत्रित होते हैं। National Portal of India पर यह स्पष्ट किया गया है कि शरण से जुड़ी व्यवस्थाएं मौजूदा कानूनों के दायरे में आती हैं।

Non refoulement is a core principle of international refugee law.

परिणामस्वरूप, शरणार्थी आवेदन अक्सर UNHCR या FRRO के माध्यम से पंजीकरण, मानवीय सहायता और प्रवासीय स्थिति पर निर्भर रहते हैं। यह प्रक्रिया समय-समय पर नीति-परिवर्तनों के अधीन रहती है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

शरण मामले जटिल कानूनीय क्षेत्र हैं जिनमें साक्ष्य, आवेदन-प्रक्रिया और नागरिक अधिकार जुड़ते हैं।

  • रोहिंग्या शरणार्थी जो deportation के जोखिम का सामना कर रहे हों, उन्हें अदालत में चुनौती देने के लिए कानूनी सहायता की जरूरत होती है।
  • श्री लंका से Tamil refugees के लिए दर्ज अस्थायी या स्थायी स्थिति के मार्ग में जटिल दस्तावेजीकरण आता है।
  • अफगान हिस्ट्री और Taliban के कारण शरण मांगने वालों के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय और वीजा दस्तावेजों का प्रबंधन जरूरी है।
  • Tibetian refugees जिनके लिए स्थानीय पंजीकरण और शिक्षा-रहائش से जुड़े कानून लागू होते हैं, उनके लिए पेशेवर सलाह लाभदायक है।
  • केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारिक निर्णयों के विरुद्ध जरुरी राहत के लिए उच्च न्यायालय तक अपील बनानी पड़ सकती है।
  • घरेलू या अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण हिरासत, विमान-स्थल पर रोक या अन्य कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए ADVOCATE की सहायता चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: भारत में शरण को नियंत्रित करने वाले 2-3 कानून

  • Foreigners Act, 1946 - विदेशी व्यक्तियों के नियंत्रण, दर्जीकरण और निष्कासन के लिए मौलिक ढांचा; शरणार्थी मामलों में भी इस अधिनियम का प्रयोग होता है।
  • Passport Act, 1967 - भारत में पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज से जुड़ा कानून; अवैध प्रवास रोकथाम के लिए संरचना देता है।
  • Registration of Foreigners Act, 1939 - विदेशी नागरिकों की पंजीकरण प्रक्रिया और निगरानी के लिए प्रावधान; लंबी अवधि रहने वालों के लिए महत्वपूर्ण है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में शरण कैसे मिलता है?

शरण-आवेदन सामान्यतः UNHCR-या FRRO के माध्यम से शुरू होते हैं। प्रक्रिया में पहचान, संदर्भ और सुरक्षा स्थितियाँ जाँच में आती हैं।

क्या भारत में शरणार्थी को नागरिकता मिल सकती है?

शरणार्थी को तुरंत नागरिकता नहीं मिलती। भारत में नागरिकता कानून स्वतंत्र रूप से लागू है और शरणार्थी कई सालों तक स्थायी नागरिकता नहीं पा पाते।

क्या शरणार्थी को काम मिल सकता है?

कई शरणार्थी स्थानीय सामाजिक सेवाओं के साथ शिक्षा और रोजगार के अवसर खोजते हैं। अधिकारिक अनुमति और वीजा-स्टेटस पर निर्भर है।

FRRO क्यों जरूरी है?

स्थायी रहने वाले foreigners rozana पंजीकरण के लिए FRRO से जुड़ते हैं। यह विदेशियों के रिकॉर्ड और वैधता की सुरक्षा में मदद करता है।

रोहिंग्या मामलों में India's stance क्या है?

सरकारी कदम और न्यायिक प्रतिक्रिया के कारण स्थिति समय-समय पर बदलती है। कानूनी सलाह से स्थिति के अनुसार कदम तय होते हैं।

तमिलनाडु में श्रीलंकाई शरणार्थियों की स्थिति क्या है?

उनकी स्थिति स्थानीय अदालतों और फ्रॉरनर पंजीकरण के दायरे में आयी है। कई मामलों में राहत के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई होती है।

क्या शरणार्थी को बचाव अधिकार प्राप्त हैं?

हाँ, अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार शरणार्थी के जीवन-जीत और सुरक्षा के अधिकार सुनिश्चित होते हैं।

क्या शरणार्थी के लिए शिक्षा मुफ्त है?

यथास्थिति के अनुसार स्थानीय स्कूल शिक्षा के अवसर देते हैं, पर अंततः दस्तावेज़ीकरण आवश्यक है।

क्या भारत में शरणार्थियों के लिए न्यायिक सहायता संभव है?

हाँ, कई बार सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में बचाव के लिए याचिका दायर की जा सकती है।

क्या कोई वकील बिना फीस के मदद कर सकता है?

कुछ गैर-सरकारी संगठन फ्री-शीघ्र कानूनी सलाह देते हैं। पर अधिकतर मामलों में प्रारम्भिक फीस पहले देनी पड़ती है।

कैसे पता करें कि आपका केस किस अदालत में है?

आपके केस की प्रकृति और अस्थायी स्थिति के अनुसार FRRO या स्थानीय अदालतें तय करती हैं।

क्या UNHCR के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य है?

कई मामलों में UNHCR पंजीकरण सहायता देता है, पर यह अनिवार्य नहीं है जब भारत सरकार की तरफ से वैध प्रतिरक्षा मिल जाती है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • UNHCR India - https://www.unhcr.org/in/
  • Human Rights Law Network (HRLN) - https://hrln.org
  • Nazdeek - https://www.nazdeek.org

6. अगले कदम: शरण वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपना स्थिति स्पष्ट करें और आवश्यक दस्तावेज एकत्र करें, ताकि वकील सही मार्गदर्शन दे सके।
  2. UNHCR, FRRO और स्थानीय न्यायालयों से उपलब्ध आधिकारिक संसाधन पहचानें।
  3. शरण मामलों में अनुभव रखने वाले वकील की सूची बनाएं; घरेलू NGO से सिफारिश मांगें।
  4. पूर्व-केस कंसल्टेशन के लिए 30 मिनट की मुफ्त मीटिंग निर्धारित करें।
  5. कानूनी शुल्क, भुगतान योजना और अपेक्षित समय-सारिणी स्पष्ट करें।
  6. अपने केस के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाएं और प्रश्न तैयार रखें।
  7. यदि आवश्यक हो, उच्च न्यायालय तक अपील या जाँच-याचिका दायर करें।

आधिकारिक स्रोत: UNHCR India, National Portal of India, Foreigners Act 1946, Passport Act 1967, Registration of Foreigners Act 1939.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, शरण सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा शरण कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अहमदाबाद में शरण वकील ऐजोल में शरण वकील करीमनगर में शरण वकील कोझिकोड में शरण वकील कोलकाता में शरण वकील कोहिमा में शरण वकील गया में शरण वकील गांधीनगर में शरण वकील गुवाहाटी में शरण वकील जबलपुर में शरण वकील जयपुर में शरण वकील डिमापुर में शरण वकील दार्जीलिंग में शरण वकील दिल्ली में शरण वकील देवघर में शरण वकील नया दिल्ली में शरण वकील पटना में शरण वकील पुणे में शरण वकील बटाला में शरण वकील बरियातू में शरण वकील बर्मो में शरण वकील बांकुरा में शरण वकील बेंगलुरु में शरण वकील मुंबई में शरण वकील मोकोकचुंग में शरण वकील रांची में शरण वकील लखनऊ में शरण वकील लखीमपुर में शरण वकील विशाखपट्टणम में शरण वकील वोखा में शरण वकील साहिबगंज में शरण वकील हैदराबाद में शरण वकील