मुंबई में सर्वश्रेष्ठ सहभागी विधि वकील
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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड
मुंबई, भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
1. मुंबई, भारत में सहभागी विधि कानून के बारे में: मुंबई, भारत में सहभागि विधि कानून का संक्षिप्त अवलोकन
सहभागी विधि सामान्य रुप से पार्टनरशिप कानून से जुड़ा क्षेत्र है। यह पार्टनरशिप फर्म के गठन, देनदारियाँ, लाभ-हानि का बंटवारा और dissolution से जुड़े नियम निर्धारित करता है। मुंबई जैसे व्यावसायिक केंद्र में यह कानून छोटे दूकानदार से लेकर बड़े व्यवसाय तक लागू होता है।
यह कानून पट्टे, कानूनी दस्तावेज, पंजीकरण, और पार्टनर्स के दायित्वों को स्पष्ट करता है। पार्टनरशिप फर्मों के लिए जरूरी दस्तावेजों में पार्टनरशिप डीड, पहचान और पते के प्रमाण शामिल हैं। पंजीकरण के फायदे होने पर भी इसे अनिवार्य नहीं माना गया है, फिर भी पंजीकृत फर्मों को कुछ अधिकार मिलते हैं।
उद्धरण:
Partnership is the relation between persons who have agreed to share the profits of a business carried on by all or any of them acting for all.(The Indian Partnership Act, 1932, Section 4)
उद्धरण:
A Limited Liability Partnership shall be a body corporate and a legal entity separate from its partners.(The Limited Liability Partnership Act, 2008)
उद्धरण:
A company is a legal entity separate from its members.(Companies Act, 2013)
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: सहभागि विधि कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Mumbai, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें
- नए भागीदार की भर्ती या भागीदारी में प्रवेश के समय कानूनी दस्तावेज बनाने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट के साथ भागीदारी डीड बनवाने की जरूरत।
- पार्टनरशिप फर्म के dissolved होने पर संपत्ति और देनदारियों के बंटवारे के लिए वैधानिक मार्गदर्शन चाहिये।
- भागीदार के Δयक्तित्व (exit- admission) के कारण करंट डील-डीड और रजिस्ट्रेशन अपडेट कराने की जरूरत।
- घरेलू या व्यावसायिक विवाद में पार्टनर की जिम्मेदारी और जवाबदेही स्पष्ट करने के लिए कानूनी सलाह चाहिए।
- फर्म के आय-कर, फॉर्म-फाइलिंग, GST आदि कर सम्बन्धी compliances के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन आवश्यक हो।
- मौजूदा भागीदारी से असहमत भागीदार द्वारा दबाव या अनुचित कदम उठाने पर समाधान के लिए मध्यस्थता या अदालत जाने की जरूरत।
3. स्थानीय कानून अवलोकन: Mumbai, India में सहभागी विधि को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें
- The Indian Partnership Act, 1932 - साझेदारी की परिभाषा, दायित्व, देय-भागीदारी और dissolution के नियम निर्धारित करता है।
- The Limited Liability Partnership Act, 2008 - LLP संरचना के गठन, अधिकारी दायित्व और प्रशासनिक नियम स्पष्ट करता है।
- Companies Act, 2013 - कंपनियों के नियमों के साथ-साथ कारोबार-सम्बन्धी परिवर्तन जैसे पार्टनरशिप से LLP या कंपनी में परिवर्तन पर मार्गदर्शन देता है।
4. Frequently Asked Questions (FAQ)
सहभागी क्या होता है?
सहभागी वह व्यक्ति है जो किसी व्यवसाय में भागीदारी कर profits साझा करने के समझौते पर सहमत होता है।
क्या पार्टनरशिप पंजीकरण अनिवार्य है?
पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर पंजीकृत फर्म को कुछ कानूनी लाभ मिलते हैं और ताजा विवादों में सुरक्षा मिलती है।
पार्टनरशिप डीड क्या होना चाहिए?
डीड में भागीदारों के नाम, प्रोफिट-शेयरिंग प्रतिशत, योगदान, संचालन नियम, भागीदारी की शर्तें और dissolution के उपाय शामिल होने चाहिए।
कौन-कौन भागीदार हो सकते हैं?
वयस्क व्यक्तियाँ या कंपनियाँ भागीदारी कर सकती हैं, पर सभी भागीदारों की जिम्मेदारी संयुक्त और कई बार असीमित होती है।
भागीदारी के दायित्व क्या हैं?
प्रत्येक भागीदार व्यवसाय के ordinary course के कामों के लिए जिम्मेदार ठहर सकता है। कुछ मामलों में व्यक्तिगत संपत्ति तक दायित्व आ सकता है।
यदि नया भागीदार जुड़ता है तो क्या प्रक्रिया है?
डीड में बदलाव कर के, आवश्यक फॉर्म-फाइलिंग के साथ पंजीकरण या नोटिस देना होता है।
अगर भीतर विवाद बढ़ जाएं तो क्या करें?
सबसे पहले mediation/negotiation करें, फिर आवश्यकता पड़ने पर arbitration या कोर्ट में केस करें।
पार्टनरशिप को कैसे Dissolve करें?
समझौते, कारण बताकर dissolution किया जा सकता है या अदालत के आदेश से भी हो सकता है।
क्या पार्टनर liability व्यक्तिगत होगी?
कई मामलों में पार्टनरों की liability व्यक्तिगत होती है, खासकर अनधिकृत कार्यों में।
पंजीकरण के फायदे क्या हैं?
कानूनी सुरक्षा, ऋण उठाने में आसानता और विवादों में अदालत के समक्ष पक्ष रखने में सहूलियत मिलती है।
पार्टनरशिप vs LLP में क्या अंतर है?
पार्टनरशिप में देनदारियाँ व्यक्तिगत हो सकती हैं; LLP में partners की liability चाहे योगदान कितना भी हो, सीमित रहती है।
क्या कर-धन संबंधी लाभ मिलते हैं?
कानूनी मानदंडों के अनुसार टैक्सेशन और फायनान्सिंग में अंतर होते हैं; विशेषज्ञ से tax planning करें।
क्या Mumbai में स्थानीय अदालतें इसका disputa देखती हैं?
हाँ, Mumbai High Court और सामान्य न्यायालय संभव मामलों में देखरेख करते हैं, विशेषकर नागरिक disputesh में।
कानूनी सहायता कैसे प्राप्त करें?
स्थानीय वकील, Advocates या Legal firms से initial consultation लें; आवश्यक दस्तावेज साथ रखें।
5. अतिरिक्त संसाधन
- Bar Council of Maharashtra & Goa (BCMG) - वकील चयन और नैतिक मानदंडों के लिए आधिकारिक संसाधन। https://www.bcmg.org.in
- Maharashtra State Legal Services Authority (MSLSA) - नि:शुल्क कानूनी सहायता और क्लीनिक सेवाओं के लिए. https://mslsa.gov.in
- Ministry of Corporate Affairs (MCA) - LLP, partnership, कंपनियों के official regulatory फॉर्म्स और गाइडेंस. https://www.mca.gov.in
6. अगले कदम: सहभागि विधि वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया
- अपने केस के प्रकार स्पष्ट करें - entry, dissolution, dispute, tax planning आदि।
- व्यवसाय की स्थिति और आवश्यकताओं के अनुसार Mumbai आधारित विशेषज्ञ खोजें।
- BCMG या MSLSA के पंजीकृत पेशेवरों से संपर्क करें या रिफरेंश लें।
- साक्षात्कार हेतु कम से कम 3-4 वकीलों के साथ初ि-परामर्श निर्धारित करें।
- कानूनी शुल्क, समय-सीमा, और सफलता की संभावना पर स्पष्ट लिखित प्रस्ताव मांगें।
- डीड बनवाने की स्थिति में आवश्यक दस्तावेज एकत्र करें - identity proof, address proof, business documents आदि।
- पहला कानूनी कदम उठाने से पहले एक written engagement letter पर हस्ताक्षर करें।
उच्च-स्तरीय आधिकारिक संदर्भ
“Partnership is the relation between persons who have agreed to share the profits of a business carried on by all or any of them acting for all.”
यह वाक्य The Indian Partnership Act, 1932 के Section 4 से लिया गया है।
“A Limited Liability Partnership shall be a body corporate and a legal entity separate from its partners.”
यह LLP Act, 2008 के पाठ से उद्धृत के रूप में उद्धृत किया गया है।
“A company is a legal entity separate from its members.”
यह Companies Act के प्रविधानों से लिया गया है और कंपनियों के कानूनी व्यक्तित्व को दर्शाता है।
उद्धरण और कानूनी पाठ के लिए आधिकारिक स्रोतों के लिंक: https://legislative.gov.in, https://www.mca.gov.in, https://mslsa.gov.in, https://www.bcmg.org.in
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