Lawzana Lawzana Logo
वकील खोजें

भारत में सर्वश्रेष्ठ निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

या शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें:

Davies & Associates, LLC
मुंबई, भारत

2020 में स्थापित
उनकी टीम में 100 लोग
Bengali
Hindi
English
Kannada
Urdu
Gujarati
प्रवासन निर्वासन एवं निष्कासन बचाव छात्र वीज़ा +9 और
Davies & Associates ("D&A") has grown to become the largest global law firm specializing in US, UK and Italian business and investment immigration together with Citizenship and Residency by Investment (together, “CBI”).  Our lawyers are regarded as the leaders in the US E2...
Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
Hindi
प्रवासन निर्वासन एवं निष्कासन बचाव छात्र वीज़ा +12 और
एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय...
Legal Square Chambers
लखनऊ, भारत
परामर्श मुफ़्त · 30 मिनट

2001 में स्थापित
उनकी टीम में 18 लोग
English
Hindi
Legal Square Chambers एक पूर्ण-सेवा मुकदमाकशी और परामर्श प्रैक्टिस है जो रणनीतिक, परिणाम-उन्मुख कानूनी समाधान प्रदान करती है।...
Ishan Ganguly
कोलकाता, भारत

2025 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
हमारी फर्म प्रभावशाली कानूनी अभ्यास के लिए समर्पित है, जिसमें पर्यावरण कानून और जलवायु वकालत पर विशेष ध्यान...
Raja Satyajit Banerjee
कोलकाता, भारत

2012 में स्थापित
उनकी टीम में 17 लोग
English
कोलकाता के एक अनुभवी वकील राजा सत्यजीत बनर्जी, आमतौर पर कलकत्ता उच्च न्यायालय, NCLT कोलकाता बेंच और भारत के सर्वोच्च...
Fateh Law Corporation
चंडीगढ़, भारत

2015 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Fateh Law Corporation is a leading Canadian law firm specializing in immigration law. Led by Navratan Singh Fateh, a premier Canadian Immigration Lawyer with over 10 years of litigation experience, he is dual-qualified as an Indian Advocate and a Canadian Barrister and Solicitor, providing...
Advocate Divakar Sharma & Associates
जयपुर, भारत
परामर्श मुफ़्त · 15 मिनट

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
Hindi
English
Advocate Divakar Sharma and Associates is a trusted law firm in Jaipur providing professional legal services for criminal cases, bail matters, cyber crime cases, bank account freeze/unfreeze, insurance claim disputes, cheque bounce cases, divorce matters, family disputes, court marriage, Arya Samaj...
SARVE PERMITS AND LEGAL ADVISORY  PVT. LTD.
बेंगलुरु, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Bengali
Panjabi
Bihari
Gujarati
Sanskrit (Saṁskṛta)
क्या आप कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आपको रातों को जगाती हैं? हमारे व्यापक लॉ फर्म की ओर देखें जो सभी...
International Law Firm Taheri
मुंबई, भारत

2009 में स्थापित
English
Dutch
Hindi
Urdu
Persian
German
International Law Firm Taheri is an internationally operating law office that offers legal guidance and advice to private persons and entrepreneurs as well as legal representation. The firm maintains a cross-border footprint with offices and partners able to assist clients in Europe and beyond,...
जैसा कि देखा गया

भारत में निर्वासन और निष्कासन से बचाव की प्रक्रिया कैसे चलती है

भारत में किसी विदेशी नागरिक का निष्कासन, निर्वासन, हिरासत या देश छोड़ने का निर्देश मुख्यतः वीजा, पासपोर्ट, आव्रजन नियम और सुरक्षा संबंधी कारणों पर निर्भर करता है। संबंधित अधिकारी वीजा उल्लंघन, अवैध प्रवेश, वीजा अवधि समाप्त होने या गलत जानकारी देने पर कार्रवाई कर सकते हैं।

व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस, पूछताछ, हिरासत, निष्कासन आदेश या निर्वासन की तैयारी का सामना करना पड़ सकता है। स्थिति के अनुसार वकील प्रशासनिक अभ्यावेदन, दस्तावेजी जवाब, जमानत, हिरासत चुनौती और उच्च न्यायालय में रिट याचिका तैयार कर सकता है।

भारत में हर मामले के लिए एक समान अपील प्रक्रिया नहीं होती। सही उपाय इस बात पर निर्भर करता है कि आदेश किस अधिकारी ने दिया, व्यक्ति हिरासत में है या नहीं, और मामला वीजा, नागरिकता, शरण, अपराध या राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है।

किन परिस्थितियों में वकील की जरूरत पड़ सकती है

  • वीजा अवधि समाप्त होना: वीजा समाप्त होने के बाद भारत में रहना, जुर्माना, हिरासत या देश छोड़ने के निर्देश का कारण बन सकता है। वकील वैध कारण और अनुपालन योजना के साथ अधिकारियों के समक्ष आवेदन दे सकता है।
  • आव्रजन या पुलिस नोटिस: विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी, विदेशी पंजीकरण अधिकारी या पुलिस से नोटिस मिलने पर समयसीमा के भीतर सटीक जवाब देना जरूरी होता है। गलत या अधूरा उत्तर स्थिति बिगाड़ सकता है।
  • हिरासत या निष्कासन आदेश: हिरासत में लिए गए व्यक्ति के लिए वकील न्यायिक राहत, रिहाई, चिकित्सकीय आधार या दस्तावेजों की जांच की मांग कर सकता है।
  • शरणार्थी या उत्पीड़न का दावा: अपने देश लौटने पर गंभीर उत्पीड़न, हिंसा या खतरे का दावा करने वाले व्यक्ति को तथ्य और प्रमाण व्यवस्थित करने में कानूनी सहायता मिल सकती है।
  • नागरिकता या पहचान का विवाद: जन्म, वंश, विवाह, दीर्घकालीन निवास या दस्तावेजों से जुड़े विवाद में निष्कासन का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में नागरिकता और आव्रजन कानून साथ-साथ देखे जाते हैं।
  • आपराधिक मामला या सुरक्षा आरोप: आपराधिक आरोप और आव्रजन कार्रवाई अलग प्रक्रियाएं हो सकती हैं। एक आपराधिक बचाव वकील के साथ आव्रजन कानून जानने वाले वकील की जरूरत भी पड़ सकती है।

भारत में लागू प्रमुख कानून और नियम

विदेशी अधिनियम, 1946: यह केंद्र सरकार को विदेशियों के प्रवेश, उपस्थिति और भारत से प्रस्थान को नियंत्रित करने की व्यापक शक्ति देता है। इसके अंतर्गत निष्कासन, आवाजाही पर नियंत्रण और कुछ परिस्थितियों में हिरासत से जुड़े आदेश हो सकते हैं।

विदेशी आदेश, 1948: यह विदेशी अधिनियम के तहत बनाया गया प्रमुख नियम है। इसमें रिपोर्टिंग, पंजीकरण, निवास, आवाजाही और भारत छोड़ने से जुड़े निर्देशों का ढांचा मिलता है।

पासपोर्ट भारत में प्रवेश अधिनियम, 1920: यह वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के बिना भारत में प्रवेश से संबंधित नियंत्रण का आधार है। वीजा और प्रवेश शर्तों के उल्लंघन पर इसी कानून तथा अन्य आव्रजन नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

नागरिकता से जुड़े मामलों में नागरिकता अधिनियम, 1955 भी महत्वपूर्ण हो सकता है। संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उपलब्ध संरक्षण, तथा उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता, मामले के तथ्यों के अनुसार प्रासंगिक हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत में निर्वासन या निष्कासन आदेश के खिलाफ वकील रखा जा सकता है?

हां, विदेशी नागरिक प्रशासनिक स्तर पर अभ्यावेदन और उचित न्यायालय में कानूनी चुनौती दे सकता है। उपलब्ध उपाय आदेश की प्रकृति, अधिकारी और मामले की तात्कालिकता पर निर्भर करता है।

क्या वीजा अवधि समाप्त होने पर तुरंत निर्वासन हो जाता है?

हर मामले में तुरंत निर्वासन नहीं होता, लेकिन ओवरस्टे गंभीर आव्रजन उल्लंघन है। अधिकारी जुर्माना, हिरासत, प्रस्थान निर्देश, भविष्य के वीजा पर प्रभाव या निष्कासन की कार्रवाई कर सकते हैं।

क्या हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिक को वकील मिल सकता है?

हिरासत में व्यक्ति वकील से सलाह लेने और न्यायिक राहत मांगने का प्रयास कर सकता है। वकील हिरासत की वैधता, आदेश की प्रति, स्वास्थ्य, परिवार और यात्रा दस्तावेजों से जुड़े मुद्दे उठा सकता है।

भारत में शरण मांगने के लिए कौन पात्र होता है?

भारत में शरणार्थी स्थिति देने वाला एक व्यापक, अलग घरेलू शरण कानून नहीं है। उत्पीड़न या गंभीर खतरे का दावा तथ्यों, राष्ट्रीयता, दस्तावेजों और उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय या प्रशासनिक प्रक्रियाओं के आधार पर देखा जाता है।

क्या संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी से पंजीकरण कराने पर निर्वासन रुक जाता है?

पंजीकरण या संपर्क अपने-आप भारतीय अधिकारियों के आदेश को रद्द नहीं करता। फिर भी संबंधित दस्तावेज और सुरक्षा संबंधी तथ्य वकील के माध्यम से अधिकारियों या न्यायालय के सामने रखे जा सकते हैं।

निष्कासन और निर्वासन में क्या अंतर है?

निष्कासन भारत से बाहर जाने का सरकारी निर्देश या कार्रवाई है। निर्वासन उस प्रक्रिया का व्यावहारिक परिणाम हो सकता है, जिसमें व्यक्ति को भारत से बाहर भेजा जाता है; दैनिक उपयोग में दोनों शब्द कभी-कभी एक-दूसरे के लिए भी इस्तेमाल होते हैं।

क्या विदेशी नागरिक उच्च न्यायालय जा सकता है?

उचित मामले में उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका दायर की जा सकती है। विदेशी नागरिकों को सभी संवैधानिक अधिकार समान रूप से उपलब्ध नहीं होते, लेकिन जीवन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून के अनुसार प्रक्रिया से जुड़े संरक्षण महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

ऐसे मामले में वकील की फीस कितनी होती है?

फीस शहर, हिरासत की स्थिति, दस्तावेजों की संख्या, न्यायालय का स्तर और तत्काल राहत की जरूरत पर निर्भर करती है। नियुक्ति से पहले लिखित फीस, संभावित अतिरिक्त खर्च, अनुवाद और यात्रा शुल्क स्पष्ट कर लेना चाहिए।

निर्वासन से बचाव के मामले में कितना समय लग सकता है?

प्रशासनिक जवाब कुछ दिनों या हफ्तों में तैयार हो सकता है, जबकि न्यायालयी कार्यवाही अधिक समय ले सकती है। हिरासत या निर्धारित उड़ान की स्थिति में तत्काल अंतरिम राहत की आवश्यकता हो सकती है।

कौन से दस्तावेज वकील को देने चाहिए?

पासपोर्ट, वीजा, प्रवेश मुहर, पंजीकरण प्रमाण, नोटिस, हिरासत या निष्कासन आदेश, पते का प्रमाण और परिवार या रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड दें। शरण या उत्पीड़न के दावे में पहचान, यात्रा, धमकी, चिकित्सकीय और पारिवारिक प्रमाण भी उपयोगी हो सकते हैं।

क्या आपराधिक मामले का वकील आव्रजन मामले को भी संभाल सकता है?

कुछ वकील दोनों क्षेत्रों में काम करते हैं, लेकिन यह अलग से जांचना जरूरी है। आपराधिक बचाव, वीजा अनुपालन, हिरासत और निर्वासन चुनौती के लिए संबंधित अनुभव और अलग रणनीति की जरूरत हो सकती है।

क्या भारत में कानूनी सहायता मिल सकती है?

आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति अपने राज्य की विधिक सेवा प्राधिकरण से पात्रता और उपलब्ध सहायता के बारे में पूछ सकता है। विदेशी नागरिक के लिए सहायता की उपलब्धता मामले और स्थानीय नियमों पर निर्भर हो सकती है, इसलिए तुरंत संपर्क करना उचित है।

भारत में आधिकारिक सहायता और जानकारी के स्रोत

  • गृह मंत्रालय का विदेशी प्रभाग: यह विदेशी नागरिकों, वीजा, आव्रजन नियंत्रण और विदेशी संबंधी नीतियों से जुड़े केंद्रीय प्रशासनिक विषय देखता है।
  • आव्रजन ब्यूरो: यह भारत में प्रवेश और प्रस्थान, हवाई अड्डा आव्रजन जांच तथा संबंधित सीमा नियंत्रण कार्यों में प्रमुख भूमिका निभाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त का भारत कार्यालय: यह कुछ शरणार्थी और संरक्षण मामलों में पंजीकरण, परामर्श तथा संदर्भ सहायता दे सकता है। इसका काम भारतीय सरकारी निर्णय या न्यायालयी आदेश का विकल्प नहीं है।

वकील खोजने और नियुक्त करने के अगले कदम

  1. नोटिस और समयसीमा सुरक्षित करें: उसी दिन सभी नोटिस, आदेश, ईमेल, टिकट और पासपोर्ट की प्रतियां बनाएं। निर्धारित जवाब या प्रस्थान तारीख को अलग से चिन्हित करें।
  2. उपयुक्त अनुभव वाले वकील खोजें: ऐसे वकील देखें जिन्हें विदेशी अधिनियम, वीजा अनुपालन, हिरासत, रिट याचिका और उच्च न्यायालय की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव हो। जरूरत पड़ने पर आपराधिक कानून के वकील से भी समन्वय पूछें।
  3. 24 से 72 घंटे में प्रारंभिक परामर्श लें: वकील से पूछें कि तत्काल प्रशासनिक जवाब, स्थगन अनुरोध, जमानत या न्यायालयी याचिका में कौन सा उपाय उपलब्ध है। हिरासत या निकट प्रस्थान की स्थिति में उसी दिन संपर्क करें।
  4. दस्तावेजों की कानूनी समीक्षा कराएं: पासपोर्ट, वीजा, प्रवेश रिकॉर्ड, पंजीकरण, नोटिस और पहचान संबंधी कागजात की संगतता जांचें। अनुवादित या प्रमाणित प्रतियों की जरूरत पहले स्पष्ट करें।
  5. लिखित रणनीति और फीस लें: प्रस्तावित कदम, जिम्मेदार वकील, अनुमानित समय, फीस की किस्तें और अतिरिक्त न्यायालयी खर्च लिखित रूप में लें। परिणाम की गारंटी देने वाले दावे से सावधान रहें।
  6. अधिकारी और न्यायालय की समयसीमा का पालन करें: हर जवाब की प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें और तारीखों का रिकॉर्ड बनाएं। पते या फोन नंबर बदलने पर संबंधित अधिकारी और वकील को तुरंत सूचित करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से भारत में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, निर्वासन एवं निष्कासन बचाव सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया हमसे संपर्क करें, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

भारत में शहर द्वारा निर्वासन एवं निष्कासन बचाव कानूनी फर्म ब्राउज़ करें

शहर चुनकर अपनी खोज परिष्कृत करें।

अहमदाबाद में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील ऐजोल में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील करीमनगर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील कोझिकोड में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील कोलकाता में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील कोहिमा में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील गया में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील गुवाहाटी में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील चंडीगढ़ में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील चेन्नई में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील जबलपुर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील जयपुर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील डिमापुर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील दार्जीलिंग में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील दिल्ली में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील देवघर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील नया दिल्ली में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील नागपुर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील पटना में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील पुणे में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील प्रयागराज में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील बटाला में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील बरियातू में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील बर्मो में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील बांकुरा में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील बेंगलुरु में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील भोपाल में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील मुंबई में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील मोकोकचुंग में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील रांची में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील रायपुर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील लखनऊ में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील लखीमपुर में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील लुधियाना में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील वडोदरा में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील विजयवाड़ा में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील विशाखपट्टणम में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील वोखा में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील साहिबगंज में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील हैदराबाद में निर्वासन एवं निष्कासन बचाव वकील