कोलकाता में सर्वश्रेष्ठ लेखांकन और ऑडिट वकील

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कोलकाता, भारत

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Legalglobus लॉ फर्म, जिसका मुख्यालय कोलकाता, भारत में है, कई अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाएँ प्रदान करती है।...
Advocates' Council
कोलकाता, भारत

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एडवोकेट्स काउंसिल कॉर्पोरेट ग्राहकों को संचालन, लेन-देन और वाणिज्यिक जोखिम पर परामर्श देती है, एक ही समय में एक...
D. P. Ahuja & Co
कोलकाता, भारत

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डी. पी. अहूजा एंड कंपनी बौद्धिक संपदा मामलों के पूरे स्पेक्ट्रम पर सलाह देती है, जिसमें पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन...
SRA LAW CHAMBERS
कोलकाता, भारत

2017 में स्थापित
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2017 में सॉल्ट लेक सिटी, वेस्ट बंगाल में स्थापित, SRA LAW CHAMBERS तेजी से एक पूर्ण-सेवा, बहु-विषयक विधिक फर्म में विकसित हुआ है...
कोलकाता, भारत

2006 में स्थापित
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शर्मा एंड शर्मा, एडवोकेट्स एंड लीगल कंसल्टेंट्स LLP, जिसकी स्थापना 2006 में हुई थी, एक पूर्ण-सेवा लॉ फर्म है, जिसके...
कोलकाता, भारत

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सुमन कर्मकार, अधिवक्ता, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...
कोलकाता, भारत

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डी. साहा एंड कंपनी, जो चार दशकों से अधिक समय पहले दिवंगत एस. जी. साहा, कोलकाता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता द्वारा...
Ishan Ganguly
कोलकाता, भारत

2025 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
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हमारी फर्म प्रभावशाली कानूनी अभ्यास के लिए समर्पित है, जिसमें पर्यावरण कानून और जलवायु वकालत पर विशेष ध्यान...
Lexfund Solution
कोलकाता, भारत

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Lexfund Solution, कोलकाता, भारत में आधारित, कानूनी परामर्श, मुकदमेबाज़ी समर्थन, अनुपालन, लेखांकन, लेखा परीक्षा और कराधान सहित...
कोलकाता, भारत

2018 में स्थापित
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सुजाता एसोसिएट्स: कंपनी, ओपीसी, प्रा. लि. भारत में व्यापक कानूनी, परामर्श और प्रमाणित सार्वजनिक लेखा सेवाओं के...
जैसा कि देखा गया

कोलकाता, भारत में लेखांकन और ऑडिट कानून के बारे में: कोलकाता, भारत में लेखांकन और ऑडिट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कोलकाता में लेखांकन और ऑडिट कानून केंद्र सरकार के नियमों से नियंत्रित होते हैं।

मुख्य कानून 'Companies Act, 2013' है, जिसका उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

यह ऑडिटर्स की नियुक्ति, ऑडिट रिपोर्ट, और स्वतंत्रता जैसे मानदंड निर्धारित करता है।

कोलकाता में कॉर्पोरेट ऑडिट नियमों के लिए केंद्रीकृत नियम लागू होते हैं।

मुख्य प्रावधान Companies Act, 2013 और CARO 2020 से आते हैं।

स्थानीय अदालतें और प्रतिभूति नियामक नियम भी भूमिका निभाते हैं।

ऑडिट और लेखांकन के मानक ICAI द्वारा जारी होते हैं।

ICAI के मानक-ऑडिटिंग और कोड ऑफ इथिक्स Kolkata में मान्य हैं।

इसके अलावा, IPO और सूचीबद्ध कंपनियों के लिए SEBI के नियम लागू होते हैं।

2020 में Companies Act में कई सुधार हुए।

CARO 2020 लागू हुआ, जो 15 नई बाध्यताओं से जुड़ा है।

Ind AS का व्यापक कार्यान्वयन बड़े और सूचीबद्ध कंपनियों में हो रहा है।

“Auditors are required to comply with the standards on auditing issued by the Institute of Chartered Accountants of India.”
“The Companies Act, 2013 provides for appointment of auditors and audit of financial statements.”
“Every listed company shall constitute an Audit Committee of the Board.”

Source notes: ICAI, MCA, SEBI के आधिकारिक दस्तावेज़ लेखांकन और ऑडिट के मानक, नियम और समितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी देते हैं।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: कोलकाता, भारत से संबन्धित वास्तविक उदाहरण

  • उदाहरण 1: कोलकाता-आधारित SME में ऑडिटर नियुक्ति के समय बोर्ड-प्रीफरेंसेस पर विवाद होता है।

    इन स्थितियों में एक कानूनी सलाहकार अनुपालन-चेकलिस्ट और नियुक्ति प्रक्रिया को स्पष्ट कर सकता है।

  • उदाहरण 2: सूचीबद्ध कंपनी के ऑडिट कमेटी के नीतिगत फैसलों पर शेयरधारकों के साथ टकराव है।

    कानूनी सलाह अखंडता, संबंधित नियमों और निदेशक-समिति के अधिकारों का स्पष्टीकरण दे सकता है।

  • उदाहरण 3: पश्चिम बंगाल में NGOs के लिए 12A/80G-आधारित ऑडिट और अनुपालन आवश्यक हैं।

    विधिक सलाहकार CSR-आचार संहिता, लेखा-जोखा और सामग्री आय के दायित्व स्पष्ट कर सकता है।

  • उदाहरण 4: टैक्स ऑडिट (Section 44AB) की प्रक्रिया में कठिनाइयाँ आना, खासकर MSME-कोलकाता क्षेत्र में।

    कानूनी सहायता टैक्स ऑडिट-थ्रेशोल्ड, रिकॉर्ड-रेडजेशन और विभागीय शिकायतें संभालती है।

  • उदाहरण 5: डिलीट-या डिसिप्लिनरी मामले में ICAI द्वारा प्रतिवाद या अनुशासन की स्थिति बनना।

    एक वकील प्रोफेशनल-एथिक्स और संस्थागत मानकों के अनुसार उचित मार्गदर्शन दे सकता है।

स्थानीय कानून अवलोकन: कोलकाता, भारत में लेखांकन और ऑडिट को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  1. Companies Act, 2013 - यह कंपनियों के लेखा-जोखा, ऑडिट और निदेशकों की जवाबदेही के प्रमुख प्रावधान साझा करता है. (CARO 2020 सहित)
  2. Income Tax Act, 1961 - धारा 44AB के अंतर्गत टैक्स ऑडिट नियम लागू होते हैं; सामान्य-तौर पर व्यापारिक आय पर ऑडिट अनिवार्य है.
  3. Chartered Accountants Act, 1949 - ICAI को पंजीकृत कर रहा है और प्रोफेशनल मानक, आचार संहिता और अनुशासन-तंत्र निर्धारित करता है.

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल

लेखांकन और ऑडिट कानून में प्रमुख अंतर क्या हैं?

लेखांकन कानून वित्तीय रिकॉर्ड बनाने और सन्निवेश के मानक तय करता है।

ऑडिट कानून उन रिकॉर्ड्स की स्वतंत्र जाँच और रिपोर्टिंग पर केंद्रित है।

कौन ऑडिट कर सकता है?

कानून के अनुसार चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या CA फर्म ऑडिट कर सकते हैं।

ICAI में पंजीकृत ऑडिटर्स इस कार्य के लिए मान्य माने जाते हैं।

ऑडिट की नियुक्ति कैसे होती है?

कंपनी के बोर्ड ऑडिटरों की नियुक्ति करता है।

आमतौर पर पाँच वर्ष की अवधि के लिए नियुक्ति की जाती है और कुछ केसों में rotation आवश्यक होता है।

CARO 2020 क्या है?

CARO 2020 ऑडिट रिपोर्ट में विशेष विवरणों की अनिवार्यता जोड़ता है।

यह आंतरिक नियंत्रण, विशेष क्षेत्रों और अनुपालन की जानकारी मांगता है।

Ind AS और GAAP में क्या अंतर है?

Ind AS भारतीय स्थानीय GAAP के अनुरूप है और IFRS-टिप्पणियों के अनुरूप संशोधित है।

उच्च-स्तरीय मापदंड में ग्राहकों के लिए वित्तीय शब्दावली एक समान बनती है।

ऑडिटर की स्वतंत्रता क्यों जरूरी है?

स्वतंत्रता से निष्पक्ष और विश्वसनीय ऑडिट परिणाम मिलते हैं।

ICAI कोड ऑफ इथिक्स इसे सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश देता है।

क्या कोलकाता में LLP के लिए ऑडिट जरूरी है?

हाँ, LLP अधिनियम के अंतर्गत भी नियम लागू होते हैं; आडिट की आवश्यकता कर-पे-आधारित या यू-टर्न पर निर्भर हो सकती है।

Tax Audit के लिए कौन से प्रावधान लागू हैं?

धारा 44AB के अनुसार कर-ऑडिट सामान्यतः व्यवसाय और पेशेवर आय पर अनिवार्य है।

यह कर-साल के आय-व्यय विवरण की जाँच और रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करता है।

कौन से नियम Kolkata में लागू हैं?

लोकल-स्तर पर West Bengal High Court और Kolkata-आधारित MCA कार्यालय द्वारा केन्द्रीय नियम लागू होते हैं।

स्थानीय कंपनियों के लिए राज्य-स्तरीय रजिस्ट्रियों के साथ अनुशासनात्मक उपाय लागू होते हैं।

ऑडिटर के विरुद्ध शिकायत कैसे दर्ज करें?

ICAI के स्थानीय शाखा या संबंधित कोर्ट/निगरानी निकाय के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पहले वैधानिक प्रक्रिया और आवश्यक प्रमाण-पत्र बनाएं, फिर उचित कदम उठाएं।

ऑडिटर के रूप में कौन सी योग्यता आवश्यक है?

कुल मिलाकर CA/CA फर्म और ICAI से पंजीकरण अनिवार्य है।

अधिवक्ता के साथ मिलकर योग्य-चयन और सुरक्षा-उद्धार व्यवस्था बनाएं।

स्थानीय वकील खोजने के लिए कौन से प्रश्न पूछें?

सीवी, केस-प्रत्यय, पूर्व-प्रोजेक्ट, और Kolkata क्षेत्र के अनुभव के बारे में पूछें।

फीस संरचना और ENGAGEMENT-लीटर की शर्तें स्पष्ट करें।

ऑडिट-अनुपालन में देरी से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

कंपनी पर मौद्रिक जुर्माने तथा निवेशकों का विश्वास घट सकता है।

समय-सीमा के भीतर सुझावों और रिपोर्टिंग का पालन करें।

कौन से कानून Kolkata में सबसे अधिक प्रभावी हैं?

Companies Act, 2013 और CARO 2020 प्रमुख हैं।

ICAI के आचार संहिता और मानक भी अनिवार्य रहते हैं।

कानून-परिवर्तनों की जानकारी कैसे रखें?

ICAI, MCA और SEBI की आधिकारिक साइटों पर नियमित अद्यतन देखें।

नवीनतम नोटिस, नियम-आधारित परिवर्तन और क्लियरिंग-डायरेक्टिव्स पर ध्यान दें।

आडिटर-फर्म से बाहर एक स्वतंत्र सलाह कैसे लें?

बौद्धिक और निजी परामर्श के लिए एक स्वतंत्र कानूनी सलाहकार से मिलें।

engagements-letters और scope-clarity सुनिश्चित करें।

अतिरिक्त संसाधन

  • ICAI - Institute of Chartered Accountants of India (West Bengal Region) - साइट: icai.org
  • MCA - Ministry of Corporate Affairs - क्षेत्रीय कार्यालय, कोलकाता; साइट: mca.gov.in
  • ICSI - Institute of Company Secretaries of India (West Bengal Chapter) - साइट: icsi.edu

अगले कदम: लेखांकन और ऑडिट वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपनी ज़रूरत साफ-साफ लिखें: ऑडिट-नियामक अनुपालन, कॉरपोरेट गवर्नेंस, या कारो-सम्बंधित मामलों का विश्लेषण करें।
  2. कोलकाता-आधारित अधिकारिक फर्म खोजें: स्थानीय टीमों के अनुभव और क्षेत्र-विशिष्ट ज्ञान की जाँच करें।
  3. प्रमाण-पत्र और मान्यता जाँचें: CA/adv-LLB योग्यता, ICAI_ICAI-फर्म पंजीकरण सत्यापित करें।
  4. पूर्व-ग्राहक संदर्भ माँगें: केस-स्टडी और परिणामों पर प्रतिक्रिया लें।
  5. पहला परामर्श तय करें: विवादित मुद्दों, क़ानून-आलावा-दिशा-निर्देशन, और फीस-रणनीति पर स्पष्ट बातचीत करें।
  6. एंगेजमेंट-लेटर और शुल्क-विन्यास: सेवाओं की सीमा, दायित्व और शुल्क स्पष्ट लिखें।
  7. स्थानीय भाषा और समयबद्धता पर ध्यान दें: बंगालि/हिंदी-उच्चारण में बातचीत संभव हो और Kolkata-समय क्षेत्र में उपलब्धता सुनिश्चित करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से कोलकाता में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, लेखांकन और ऑडिट सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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अस्वीकरण:

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