राउरकेला में सर्वश्रेष्ठ लेखांकन और ऑडिट वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
राउरकेला, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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1. राउरकेला, भारत में लेखांकन और ऑडिट कानून के बारे में: [ राउरकेला, भारत में लेखांकन और ऑडिट कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

राउरकेला ओड़िशा का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है जिसमें स्टील प्लांट, मैनुफैक्चरिंग इकाइयाँ और MSME क्लस्टर कार्यरत हैं। इन संस्थाओं के लिए लेखांकन और ऑडिट कानून स्थानीय-स्थानीय मानकों के साथ केंद्रित रहते हैं। प्रमुख नियम केंद्रीय स्तर पर विधानमंडल द्वारा निर्धारित होते हैं और राज्य स्तर पर कुछ अनुप्रयोग क्षेत्र होते हैं।

कंपनियाँ अधिनियम 2013 के आधार पर हर सार्वजनिक और कुछ प्राइवेट कंपनियों के लिए ऑडिट अनिवार्य है, तथा ऑडिटर नियुक्ति, ऑडिट वर्ष, और ऑडिट रिपोर्टिंग की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित है। CARO 2020 के अंतर्गत ऑडिटरों से विशिष्ट मुद्दों की रिपोर्टिंग अनिवार्य है।

“The Companies Act, 2013 prescribes the duties, powers and responsibilities of auditors and the manner of their appointment.”

“Audit reports shall contain a true and fair view of the state of affairs of the company.”

“CARO 2020 is applicable to all specified companies and requires auditors to report on specific matters.”

इन उद्धरणों से साफ है कि ऑडिटिंग की संरचना, ऑडिटर की स्वतंत्रता, और रिपोर्टिंग के मानक कड़ी निगरानी में रहते हैं। Ministry of Corporate Affairs (MCA) और Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) इन मानकों के प्रमुख स्रोत हैं।

महत्वपूर्ण बात - राउरकेला के व्यवसायों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने वित्तीय वर्ष के अंत में समय-सीमा के भीतर ऑडिट और ऑडिट-रिपोर्टिंग कम्प्लाय करें।

हाल के परिवर्तन - CARO 2020 ने कई बिंदुओं पर ऑडिटर से विशिष्ट विवरण माँगा है, जैसे आय-खर्च का सत्यापन, ऋण-निगरानी, और जटिल लेन-देन की टिप्पणी।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [लेखांकन और ऑडिट कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। राउरकेला, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

  • परिदृश्य 1 - राउरकेला के एक मध्यम आकार के स्टील-आधारित MSME में ऑडिट फॉर्म-अप की आवश्यकता है। वर्षों से जमा हुए खातों में असमान बकाया आवंटन दिख रहा है; आपको ऑडिटर की मदद चाहिए जिससे CARO 2020 के अनुसार स्पष्ट टिप्पणी मिल सके।
  • परिदृश्य 2 - GST और आयकर दोनों के ऑडिट साथ-साथ होते हैं। राउरकेला में एक उत्पादन इकाई ने GST ऑडिट और आयकर 44AB-आधार पर टैक्स ऑडिट करवाने का आग्रह किया है; कानूनी मार्गदर्शन चाहिए कि कौन से दस्तावेज प्रस्तुत करें।
  • परिदृश्य 3 - एक ओड़िशा-आधारित कॉर्पोरेट यूनीट में आंतरिक नियंत्रण की कमी की शिकायत पर फोरेंसिक ऑडिट की आवश्यकता उत्पन्न होती है; इसमें वैध कानूनी सलाह की जरूरत रहती है।
  • परिदृश्य 4 - शेयरधारक विवाद के साथ ऑडिटर की स्वायत्तता पर प्रश्न उठे। द्विपक्षीय अनुबंध और ऑडिटर संस्थापन के नियमों के अनुसार विवाद जोखिम कम करने के लिए कानूनी मार्गदर्शन चाहिए।
  • परिदृश्य 5 - ऋणदाता बैंक ने ऋण योजना के भाग के रूप में अंश-खाते की ऑडिटिंग अनिवार्य की है; अनुबंध के अनुसार नियुक्त वकील और CA के साथ समन्वय आवश्यक है।
  • परिदृश्य 6 - एक सेल्स-ईएमएसआईएस कंपनी की एकीकृत वित्तीय वक्तव्य (Ind AS) बनाने के दौरान अंतर-स्थापना ट्रांसफर प्राइसिंग (TP) और रूल-आधारित प्रदर्शन-ऑडिट की मांग उठी है; उचित कानूनी समर्थन चाहिए।

राउरकेला के स्थानीय उद्योग-परिदृश्य में इन मामलों के लिए आपको एक वकील के साथ-साथ एक अनुभवशील लेखाकार (CA) या क्लिनिकल फोरेंसिक-अडिटर की जरूरत रहती है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ राउरकेला, भारत में लेखांकन और ऑडिट को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  • The Companies Act, 2013 - ऑडिटर नियुक्ति, ऑडिट वर्ष देयता, ऑडिट कॉरपस आदि के नियम। कई संशोधनों के साथ इसे राज्य-रिजन में भी प्रभावी माना गया है।
  • CARO 2020 (Companies (Auditors Report) Order, 2020) - विशिष्ट कंपनियों के लिए ऑडिटर-रिपोर्ट के मानदंड और रिपोर्टिंग बिंदु निर्धारित करता है।
  • Income Tax Act, 1961 - टैक्स ऑडिट के लिए धारा 44AB के अंतर्गत ऑडिट आवश्यक है; कुछ क्षेत्रों में 44AD/44AE के प्रावधान भी लागू होते हैं।
  • Goods and Services Tax Act, 2017 - GST ऑडिट (यदि टैक्सपेयेंट की वार्षिक टर्नओवर सीमा पार करती है, तो CA द्वारा GST ऑडिट आवश्यक हो सकता है) और GSTR-9C की प्रस्तुतियाँ।

इन आधिकारिक कानूनों के बारे में विस्तृत विवरण के लिए देखें:

Ministry of Corporate Affairs (MCA) - The Companies Act, 2013

CARO 2020 - MCA पेज

Income Tax Department - 44AB Tax Audit

GST Portal - GST Audit और Compliance

महत्वपूर्ण नोट - राउरकेला के क्लाइंट्स को चाहिए कि वे स्थानीय न्यायालय और काउंसलिंग संसाधनों के अनुसार राज्य-स्तर पर भी अनुपालनों को ध्यान में रखें।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

क्यों ऑडिट अनिवार्य है?

ऑडिट संस्थान के वित्तीय वर्ष के बाद सत्यापन करते हैं कि निहितरूपी वित्तीय विवरण सही और पूर्ण हैं। यह शेयरधारकों के विश्वास और ऋण-संबंधी अनुबंधों के लिए आवश्यक है।

कौन से व्यवसायों के लिए ऑडिट जरूरी है?

कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार कुछ प्राइवेट-लीगल कंपनियाँ और सभी सार्वजनिक कंपनियाँ ऑडिट के दायरे में आती हैं। Thresholds के अनुसार छोटे प्राइवेट कंपनियों के लिए भी ऑडिट आवश्यक हो सकता है।

CARO 2020 क्या है और यह क्यों जरूरी है?

CARO 2020 वार्षिक ऑडिटर-रिपोर्ट के लिए विशिष्ट बिंदु देता है जो जानता है कि कंपनी के रिकॉर्ड, ऋण, अनुपालन, और अन्य जोखिमों के बारे में ऑडिटर क्या रिपोर्ट करेगा।

GST ऑडिट कब और क्यों करवाया जाता है?

GST ऑडिट तब आवश्यक हो सकता है जब टैक्सपेयेंट की वार्षिक टर्नओवर सीमा पार कर जाती है या राज्य-स्तर के प्रावधान लागू होते हैं।

IFRS बनाम Ind AS में अंतर क्या है?

भारत में बड़े-आयाम कंपनियों के लिए Ind AS IFRS- आधारित दिखावट अपनाते हैं, जबकि छोटे कारोबार कई बार भारतीय GAAP पर चलते हैं।

ऑडिटर से क्या-क्या जानकारी माँगी जा सकती है?

ऑडिटर आम तौर पर वित्तीय विवरण, सहायक दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट्स, इंटर्नल-चेक्स और प्रासंगिक रिकॉर्ड मांगते हैं।

क्या ऑडिटर स्वतंत्र रहना चाहिए?

हाँ, ऑडिटर को स्वतंत्र रहना चाहिए ताकि ऑडिट निष्पक्ष और निर्भीक बना रहे। कॉन्ट्रैक्टेड सेवाओं में पारदर्शिता अनिवार्य है।

कौन सा दस्तावेज ऑडिट से पहले जुटाने चाहिए?

बैकिंग स्टेटमेंट्स, खातों की संहिताएं, इन्वेंटरी काउंटिंग, अनुबंध, देय-ऋण और कर-रिपोर्ट आदि प्रमुख दस्तावेज होते हैं।

कौन सा समय-सीमा में ऑडिट रिपोर्ट मिलने चाहिए?

कंपनी कानून के अनुसार वित्तीय वर्ष के भीतर ऑडिट पूरा होकर ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है, सामान्यतः 6-7 महीनों के भीतर।

अगर ऑडिटर के विरुद्ध शिकायत हो जाए तो क्या करें?

सबसे पहले शिकायत रिकॉर्ड करें और ICAI अथवा संबंधित Bar Council/Regulatory body के पास लिखित शिकायत दें।

ऑडिट फीस कैसे निर्धारित होती है?

ऑडिट फीस निर्भर करती है कंपनी आकार, जटिलता, इंडस्ट्री और ऑडिट-स्कोप पर। अनुबंध में स्पष्ट शुल्क-विधि होनी चाहिए।

यदि कंपनी Ind AS अपनाती है तो क्या बदलाव आयेंगे?

Ind AS मांग के अनुसार वित्तीय विवरण और नोट्स को IFRS-आधारित रूप में प्रस्तुत करना होगा, साथ ही ऑडिट-चरणों में अतिरिक्त नोट्स और परीक्षण आवश्यक होंगे।

5. अतिरिक्त संसाधन:

  • Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) - लेखांकन, ऑडिट मानक और सदस्यों के लिए मार्गदर्शिका. www.icai.org
  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - Companies Act, CARO और अन्य कॉरपोरेशन रेगुलेशंस के आधिकारिक दस्तावेज. www.mca.gov.in
  • SEBI - सूचीबद्ध कंपनियों के लिए LODR और कॉम्प्लायंस मानक. www.sebi.gov.in

6. अगले कदम:

  1. अपने व्यवसाय की ऑडिट-जरूरत का स्पष्ट दायरा तय करें-कितने वर्ष का ऑडिट, Ind AS लागू है या GAAP।
  2. राउरकेला क्षेत्र के अनुभवी CA फर्म्स और कानून-सलाहकारों की सूची बनाएं।
  3. ICAI और MCA वेबसाइट पर उनके रजिस्ट्रेशन और फर्जीवाड़े-चैक को verify करें।
  4. CARO 2020 के तहत किन-किन बिंदुओं पर रिपोर्ट चाहिए, यह स्पष्ट करें।
  5. GST और Income Tax ऑडिट की आवश्यकताओं को एक साथ मूल्यांकन करें ताकि दस्तावेज़ एकत्र हों।
  6. परामर्श के लिए पहले एक मिनी-परियोजना प्रस्ताव दें, शुल्क-निर्धारण स्पष्ट करें।
  7. पहली मीटिंग में स्टार्ट-अप के लिए प्रस्तावित टाइम-लाइन, डिलीवरी-रेस्पॉन्सिबिलिटीज और फिस-फ्रीज पर सहमति बनाएं।

संदर्भ स्रोत: MCA - The Companies Act, 2013, CARO 2020; ICAI guidelines; GST portal; Income Tax Department.

- Official resources:

MCA - The Companies Act, 2013

CARO 2020 - MCA

ICAI - Official Site

Income Tax Department

GST Portal

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