जम्मू में सर्वश्रेष्ठ गोद लेना वकील

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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Sushil Wattal

Sushil Wattal

30 minutes मुफ़्त परामर्श
जम्मू, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
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सुशील वाट्टल एक अभ्यासरत अधिवक्ता हैं और कानून के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अनुभव रखते हैं। वह व्यवसायों,...
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1. जम्मू, भारत में गोद लेना कानून के बारे में: जम्मू, भारत में गोद लेना कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में गोद लेना मुख्य रूप से Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 के अंतर्गत नियंत्रित होता है। जम्मू-कश्मीर के निवासी भी इसी कानून के अधीन आते हैं और अधिकारिक प्रक्रियाओं के दायरे में ही गोद ली जा सकती है। सार्वजनिक आवेदन प्रणाली CARA (Central Adoption Resource Authority) द्वारा संचालित है, जो सभी domestic और inter-country adoptions का नोडल संस्थान है।

डोमेस्टिक एडॉप्शन के लिए स्थानीय SARA (State Adoption Resource Agency) तथा CARA के दिशानिर्देश अनिवार्य होते हैं। गोद लेने के लिए होम स्टडी, बालक की právik अवस्था, जैव माता-पिता की सहमति आदि आवश्यक मानकों के साथ कोर्ट में एडॉप्शन ऑर्डर के लिए आवेदन किया जाता है।

“Adoption in India is a legal process governed by the Juvenile Justice Act 2015.”
MWCD, CARA

जम्मू-कश्मीर UT के निवासी अब आधुनिक प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत CARA एवं स्थानीय एजेंसियों के माध्यम से ही प्लेसमेंट और पोस्ट-एडॉप्शन निरीक्षण से गुजरते हैं। नियमित अपडेट तथा ऑनलाइन पंजीकरण से प्रक्रिया पारदर्शी बनती है।

“CARA is the nodal body of the Government of India for adoption of children.”
CARA

दोनों प्रकार के एडॉप्शन के लिए क्लियर-कट प्रावधान होते हैं-दस्तावेज़, उम्र-योग्यता, और अदालत द्वारा अंतिम आदेश की जरूरत। नया कानून-परिवर्तन JJ Act 2015 के अनुसार गतिविधियों में सुधार हुआ है, ताकि बच्चों के सर्वोत्तम हित सुनिश्चित हों।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: gobld lene legal assistance की 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  • जम्मू में एक दंपति domestic गोद लेने के लिए आवेदन कर रहा है। वकील की जरूरत है ताकि दस्तावेज़, अदालत दायरियाँ और सत्यापन प्रक्रियाएं सही रूप से हों। उदाहरण के तौर पर होम स्टडी रिपोर्ट के अनुरोध, बच्चे के निवास की सुरक्षा शर्तें आदि स्पष्ट हों।

  • विदेश से inter-country adoption के लिए CARA व MOI के नियम संयुक्त रूप से लागू होते हैं। कानूनी सलाहकार प्रक्रिया-चालक निर्णयों, वीजा-प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों में मार्गदर्शन देंगे।

  • kin-adoption (रिश्तेदार द्वारा एडॉप्शन) के समय पारिवारिक अदालत में अधिकार-घोषणा और जैव-नियामक अधिकारों के परिवर्तन के लिए वकील जरूरी है।

  • यदि किसी बच्चे पर न्यायिक निर्णय में संरक्षण-स्थिति बनी हो, तो JJ Act के अनुरूप संरक्षित आदेश और पोस्ट-ऑडर निगरानी की जरूरत होती है।

  • एकल माता-पिता द्वारा गोद लेने पर eligibility, consent, और अन्य कानूनी रिकॉर्ड्स की जाँच में वकील सहायक होते हैं।

  • गोद लेने के दौरान किसी प्रकार के अस्वीकृति, पाबंदी या विवादित स्थिति आने पर अदालत-सहायता और काउंटी-स्तरीय विशेषाधिकार चाहिए होते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: जम्मू, भारत में गोद लेना को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • जुवेनाइल जस्टिस (केयर ऐन्ड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) अधिनियम, 2015- घरेलू और अंतर-राष्ट्रीय गोद लेने के लिए मुख्य ढांचा देता है। बच्चों के संरक्षण, देखभाल और सर्वोत्तम हित का ध्यान रखा जाता है।

  • हिन्दू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956- हिन्दू, बौद्ध, जैन और सिख समुदाय के लिए गोद लेने के नियम स्पष्ट करता है।

  • गार्डियंस एंड वॉर्ड्स एक्ट, 1890- गोद लेने और संरक्षन के लिए दीर्घ-कालिक अधिकारों के प्रावधान देता है; कई मामलों में व्यक्तिगत-स्तर के निर्णय इसी कानून से होते हैं।

टिप्पणी: जम्मू- कश्मीर UT के निवासियों के लिए इन कानूनों के अनुरूप स्थानीय एजेंसी-CARA और SARA-के मार्गदर्शन जरुरी होते हैं।

“Adoption is a legal process to ensure the best interests of the child.”
CARA

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q & A

गोद लेने के लिए कौन पात्र है?

आमतौर पर भारत के नागरिक जो गोद लेने के लिए पात्र मानते हैं, उन्हें आयु, आय, स्वास्थ्य और व्यवहारिक योग्यता पर खरा उतरना है। एकल व्यक्तियों, विवाहित जोड़ों और कुछ स्थितियों में रिश्तेदारी भी मान्य है - पर कानून और एडॉप्शन एजेंसी की शर्तें अलग हो सकती हैं।

कौन से दस्तावेज़ चाहिए होते हैं?

आमतौर पर पहचान प्रमाण, निवास-प्रमाण, आय-सबूत, विवाह-प्रमाण, जन्म-प्रमाण, बच्चे के लिए सहमति-पत्र आदि चाहिए। एजेंसी के अनुसार अतिरिक्त कागजात भी मांगे जा सकते हैं।

Domestic एडॉप्शन और Inter-country एडॉप्शन में क्या अंतर है?

डोमेस्टिक एडॉप्शन में الأميركي-यूरोप जैसे देशों के बजाय भारत के भीतर के बच्चों को रखा जाता है। इंटर-देशी एडॉप्शन के लिए CARA के साथ विदेशी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।

क्या एडॉप्शन की अनुमति आदेश हर केस में मिलती है?

नहीं- अदालत बच्चे के सर्वोत्तम हित को देखते हुए निर्णय देती है। जन्म-परिवार के अधिकारों, बच्चे की सुरक्षा और परिवर्तनों की आवश्यकता पर विचार होता है।

क्या एकल व्यक्ति भी एडॉप्शन कर सकता है?

हाँ, JJ Act 2015 के अनुसार एकल व्यक्तियों के दाखिले की संभावना है, बशर्ते सभी कानूनी आवश्यकताएं पूरी हों।

क्या_same-sex_ युगल एडॉप्शन कर सकते हैं?

वर्तमान कानून में पारंपरिक रूप से विवाह-आधारित जोड़े के लिए अधिक स्पष्ट प्रावधान होते हैं। Same-sex एडॉप्शन के केंद्रित अधिकार क्षेत्र के बारे में कानून में हालिया स्थिति अलग हो सकती है; स्थानीय अदालत और CARA मार्गदर्शन पर निर्भर है।

गोद लेने के लिए कितने समय लगता है?

स्थिति के अनुसार समय भिन्न हो सकता है। आम तौर पर होम स्टडी और दस्तावेज़ सत्यापन कुछ महीनों में पूरा हो सकता है, तब अदालत का निर्णय आता है।

क्या राज्य-स्तर पर कोई शुल्क है?

हाँ, एडॉप्शन पर आवेदन, होम स्टडी, अदालत शुल्क आदि लग सकते हैं। शुल्क राशि स्थानीय एजेंसी और स्थितियों के अनुसार बदलती है।

गाइडेंस/उपचार के लिए कौन-सी संस्था सबसे विश्वसनीय है?

CARA, MWCD और NCPCR जैसी आधिकारिक संस्थाओं से मार्गदर्शन लेना सर्वोत्तम है। वे प्रक्रिया के मानक और सुरक्षा-नीतियाँ तय करती हैं।

एडॉप्शन के बाद क्या पोस्ट-ऑडर प्रक्रिया होती है?

हाँ, कोर्ट के ऑर्डर के बाद पोस्ट-एडॉप्शन निगरानी और फीडबैक रिपोर्ट जैसे कदम होते हैं।

जम्मू-कश्मीर में एडॉप्शन का समय-रेखा क्या है?

यह स्थानीय अदालतों, एजेंसी अनुमतियों और स्टेट-स्तर प्रक्रियाओं पर निर्भर है। आम तौर पर कुछ महीने से एक साल तक का समय लग सकता है।

डॉक्यूमेंट्स प्रेपरेशन में क्या सावधानी बरतें?

दस्तावेज़ गलत-सुसंगत न हों, सभी दस्तावेज अद्यतन हों, और अनुरोधित कॉपी-इन-फॉर्मेट सही हो। गलत या अधूरा डेटा प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

क्या गोद लेने से पहले परामर्श लेना जरूरी है?

हाँ, एक कानूनी सलाहकार से प्रारम्भिक परामर्श बहुत लाभदायक है। वे eligibility, दस्तावेज़-विन्यास और कोर्ट-प्रक्रिया स्पष्ट करते हैं।

गोद लेने में लागत कितनी आ सकती है?

खर्चों में आवेदन शुल्क, होम स्टडी, अदालत-विधि, और पोस्ट-एडॉप्शन निगरानी शामिल हो सकती है। कुल लागत स्थिति के अनुसार बदलती है।

क्या मैं विदेश से बच्चे को गोद ले सकता हूँ?

हाँ, inter-country एडॉप्शन संभव है, बशर्ते CARA के नियम और विदेशी वैधानिक मानदंड पूरे हों।

5. अतिरिक्त संसाधन:Gobld एडॉप्शन से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  • CARA - Central Adoption Resource Authority - गोद लेने का मुख्य नोडल संस्थान. https://cara.nic.in
  • MWCD - Ministry of Women and Child Development - गोद लेने और बाल संरक्षण के लिए नीति-निर्माता विभाग. https://wcd.nic.in
  • NCPCR - National Commission for Protection of Child Rights - बच्चों के अधिकार और संरक्षण के लिए निगरानी संस्था. https://ncpcr.gov.in

6. अगले कदम: गोद लेना वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने क्षेत्र के अनुभवी गोद लेने के वकील/कानूनी सलाहकार की सूची बनाएं।
  2. CAR A और SARA के साथ पंजीकरण मिलाने के लिए आवश्यक कागजात तैयार करें।
  3. पहले से निर्धारित प्रश्न-पत्र या इन्टर्नल स्क्रीनिंग हेतु कॉन्टैक्ट करें।
  4. होम स्टडी-एजेंसी से संपर्क कर क्लेरिफिकेशन और मूल्यांकन करवाएं।
  5. जांच-परक दस्तावेज़ और कोर्स-चाल संबंधी सलाह लें; अदालत-आईडी के निर्देश समझें।
  6. एजेंसी के साथ कोर्ट-फाइलिंग के लिए आवेदन-पत्र भरें और आवश्यक शुल्क दें।
  7. गोद लेने के निर्णय के बाद पोस्ट-एडॉप्शन निगरानी के लिए योजना बनाएं और पूरी करें।

उद्धरण और आधिकारिक स्रोत

“Adoption in India is a legal process governed by the Juvenile Justice Act 2015.”
“CARA is the nodal body of the Government of India for adoption of children.”
“The Hindu Adoption and Maintenance Act, 1956 provides for adoption by Hindus, Buddhists, Jains and Sikhs.”

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