मुंबई में सर्वश्रेष्ठ कृषि वकील

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Law Counsellors | Advocates & Solicitors
मुंबई, भारत

2013 में स्थापित
English
Law Counsellors | Advocates & Solicitors भारत में एक विशिष्ट विधिक फर्म है, जो अपनी समग्र कानूनी सेवाओं और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता...
begur and partners
मुंबई, भारत

1996 में स्थापित
English
बेगुर एंड पार्टनर्स, पूर्व में एआरए लॉ के नाम से जाना जाता था, 1996 में स्थापित एक गतिशील प्रथम-पीढ़ी की विधिक फर्म है,...
मुंबई, भारत

2022 में स्थापित
English
जे.एच. लॉजिकैल सॉल्यूशंस एलएलपी एक बोरिवली ईस्ट, मुंबई आधारित भारतीय वकील कार्यालय है जिसकी स्थापना 2022 में हुई थी।...
AVIS LEGAL
मुंबई, भारत

English
AVIS LEGAL भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो अपने व्यापक कानूनी सेवाओं और उत्कृष्टता के प्रति अडिग प्रतिबद्धता...
Borkar & Company Advocates High Court
मुंबई, भारत

English
बोरकर एंड कंपनी एडवोकेट्स हाई कोर्ट एक मुंबई स्थित लॉ फर्म है जिसका चार पीढ़ियों से समृद्ध विरासत है। इस फर्म की...
Vasmum legal
मुंबई, भारत

2011 में स्थापित
English
Vasmum Legal भारत में एक गतिशील कानून फर्म है, जिसमें युवा और समर्पित कानूनी पेशेवरों की एक टीम है, जो व्यावहारिक,...

2014 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
English
पंकज दुबे एण्ड एसोसिएट्स एक मुंबई स्थित विधिक फर्म है जिसका नेतृत्व एडवोकेट पंकज दुबे (बी.ए. और एल.एल.बी) करते हैं,...
Legal Arrow LLP
मुंबई, भारत

2020 में स्थापित
English
लीगल एरो एलएलपी भारत में एक गतिशील फुल-सरविस लॉ फर्म है, जो विविध अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी समाधान...
जैसा कि देखा गया

1) मुंबई, भारत में कृषि कानून के बारे में: मुंबई, भारत में कृषि कानून का संक्षिप्त अवलोकन

मुंबई, महाराष्ट्र क्षेत्र के किसान नियमों में केंद्र एवं राज्य दोनों की भूमिका है। केंद्र के कानून कृषि कारोबार और अनुबंध को प्रभावित करते हैं, वहीं राज्य सरकारें अपना क्षेत्रीय अनुपालन तय करती हैं।

2020 के केंद्रीय कृषि कानूनों के संदर्भ में व्यापक विरोध के बाद 2021 में इन कानूनों को निरस्त किया गया था और वर्तमान में गाइडलाइनों में संशोधन के साथ नई नीति बन रही है।

The Government has decided to repeal the three Farm Laws.

संदर्भ स्रोत: PIB पर जारी आधिकारिक घोषणाओं से यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है; अधिक विवरण के लिए आधिकारिक साइट देखें: pib.gov.in

The Essential Commodities (Amendment) Act, 2020 empowers the central government to regulate the production, supply and distribution of essential commodities.

संदर्भ स्रोत: भारत सरकार के सरकारी प्रकाशनों और कानून के अंशों के लिए Gazette/PIB संकलन देखें; अधिक जानकारी के लिए: egazette.nic.in

स्थानीय निष्कर्ष: महाराष्ट्र राज्य के किसानों के लिए MSP, मंडी-व्यवस्था और निजी बाजार जैसे मुद्दे लागू रहते हैं। प्रमुख कानूनों के संहिख्य संकल्प मुंबई क्षेत्र के कृषि बाजार और विपणन संरचना पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: कृषि कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं

कृषि कानून जटिल है और समय-समय पर नीति-परिवर्तन होते रहते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित, सही सलाह जरूरी होती है ताकि नुकसान रोका जा सके।

  • Contract farming से जुड़े विवाद: किसान-खरीदार के बीच कीमत, गुणवत्ता, डिलीवरी आदि मुद्दों पर अनुबंध का Interpretेशन और बना हुआ दायित्व। उदाहरण के लिए मुंबई क्षेत्र में निजी कॉन्ट्रैक्ट के विक्षेपण पर विवाद दिखाई दे सकते हैं।
  • मंडी के बाहर बिक्री (Outside Mandis) से जुड़े मामलों में कानूनी जोखिम: APMC नियमों के अनुसार खरीद-फरोख्त के दायरे से बाहर जाने पर अनुशासनात्मक कदम और दायित्व निर्धारित होते हैं।
  • सरकारी खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े दावे: किसानों के MSP-आधारित भुगतानों में देरी या विवाद सामने आ सकता है; राज्य मदर से खरीद में बाधाओं की स्थिति बन सकती है।
  • कृषि भूमि के रिकॉर्ड, किरायेदारी (tenancy) और पूर्व-स्वामित्व से जुड़े विवाद: भूमि अधिकार और अनुबंध-आधारित दावे में मुकदमे हो सकते हैं।
  • बीमा और फसल सुरक्षा नीतियाँ (PMFBY आदि): फसल बीमा दावों, प्रीमियम भुगतान, क्लेम प्रोसेसिंग में जटिलताएँ उठ सकती हैं।
  • कृषि उत्पाद के निर्यात, आयात और स्टॉक लिमिट्स के नियम: केंद्र-राज्य स्तर पर नियंत्रण और अनुपालन आवश्यक हो सकता है; विशेषकर महाराष्ट्र के किसान समूहों के लिए।

इन स्थितियों में योग्य अधिवक्ता की मदद मिलने से आपके अधिकार सुरक्षित रहते हैं और प्रक्रिया सरल होती है।

3) स्थानीय कानून अवलोकन: मुंबई, भारत में कृषि को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

नीचे Mumbai-क्षेत्र में भी प्रभाव डालने वाले प्रमुख कानूनों के नाम और सार दिखाये जा रहे हैं।

  • The Agricultural Produce Market Committee Act, 1963 (APMC Act, 1963) - महाराष्ट्र में कृषि उत्पादों के विपणन के लिए निर्धारित बाज़ार समितियों के संचालन और नियमों को नियंत्रित करता है।
  • The Maharashtra Agricultural Produce Marketing (Regulation) Act, 1963 - APMC के अधीन विपणन व्यवस्था, मंडी प्रथा, लाइसेंसिंग आदि पर राज्य-स्तरीय नियंत्रण स्थापित करता है।
  • Essential Commodities (Amendment) Act, 2020 - आवश्यक वस्तुओं की स्टॉकिंग और रोकथाम उपायों को केंद्रीय सरकार के नियंत्रण में लाने के लिए संशोधन किया गया था; महाराष्ट्र के किसानों पर भी इसका असर रहता है।

इन कानूनों के अंतर्गत कृषि उत्पाद की कीमत, बिक्री-स्थान, लाइसेंसिंग, स्टॉक सीमा इत्यादि निर्देशित होते हैं। केंद्र और राज्य के प्रावधानों के संयोजन सेMumbai क्षेत्र के प्रचालन तय होते हैं।

The Government has decided to repeal the three Farm Laws.

संदर्भ स्रोत: PIB और आयुक्त-नियमन से संबंधी आधिकारिक पन्ने देखें: pib.gov.in, agricoop.gov.in, egazette.nic.in

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृषि कानून क्या है?

कृषि कानून वे कानून हैं जो किसानों के व्यापार, बिक्री और अनुबंध को नियंत्रित करते हैं। इनमें मंडी कानून, अनुबंध-आधारित खेती और स्टॉक-नियमन शामिल हो सकते हैं।

कृषि कानूनों से मुझे कब वकील चाहिए होगा?

कॉन्ट्रैक्टिंग, खरीद-फरोख्त, या भूमि-धारणा से जुड़े मामले में वकील चाहिए होगा। किसी भी विवाद के समय त्वरित सलाह फायदेमंद होती है।

APMC Act का क्या मतलब है?

APMC Act मंडी शुल्क, लाइसेंसिंग और विपणन केंद्रों को नियंत्रित करता है। इससे किसान की बिक्री के मार्ग और मोल-तोल स्पष्ट रहते हैं।

कृषि अनुबंध क्या होते हैं और उनके साथ क्या सावधानियाँ रखें?

कृषि अनुबंध कीमत, गुणवत्ता और डिलीवरी के नियम तय करते हैं। अनुबंध में स्पष्ट धन-राशी, समय-सीमा और बकाया भुगतान की धाराएँ हों।

क्या MSP पर सरकारी खरीद Mumbai में होती है?

MSP सरकारी फसल-खरीद में एक मानक मूल्य है, जिसे सरकार द्वारा घोषित किया जाता है। मुंबई क्षेत्र के खरीदार अक्सर MSP के अनुसार भुगतान करते हैं, पर इन्हें कानूनी रूप से सत्यापित किया जाना चाहिए।

कृषि भूमि के किरायेदारी (tenancy) विवाद सामने आए तो क्या करें?

किरायेदारी के अधिकार, किरायेदार-स्वामी का रिश्ता, और भूमि-गैर-स्वामित्व मुद्दे अदालत में जा सकते हैं। कानून अनुसार उचित नोटिस और रिकॉर्ड जरूरी होते हैं।

PMFBY जैसी फसल बीमा योजनाओं में दावे कैसे करें?

बीमा दावे में पंजीकरण, नुकसान का प्रमाण, प्रीमियम भुगतान की स्थिति और क्लेम-प्रोसेसिंग के नियम होते हैं।

यूनिट-नेतृत्व वाले किसान समूहों के लिए कौन-सी कानूनी सहायता जरूरी है?

कानूनी स्थिति स्पष्ट करने, विपणन अनुबंध और भुगतान-तिथि सुनिश्चित करने के लिए एडवोकेट से मिलना उचित है।

कृषि कानूनों में Maharashtra के कौन से बदलाव हाल में हुए?

2020-21 में केंद्रीय Farm Laws के अध्याय और 2020 ECA संशोधन के प्रभाव अभी भी प्रासंगिक हैं; महाराष्ट्र में APMC कानून में निजी बाजारों के लिए मार्ग बनते रहे हैं।

कानूनी सहायता के लिए कहाँ से शुरू करें?

किसान संघों, स्थानीय बार काउंसिल और सरकारी पोर्टलों के जरिए प्रमाणित अधिवक्ता ढूंढना उपयुक्त है।

कानून-सम्बंधित दस्तावेज कैसे तैयार करें?

किसी भी अनुबंध, LIC/शुल्क समझौते, या सरकारी आवेदन के लिए स्पष्ट भाषा, तारीख, और हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

कृषि-कानून से जुड़ी जानकारी कौन-सी सरकारी साइटों पर मिलती है?

आधिकारिक साइटें जैसे agricoop.gov.in, p ib.gov.in और egazette.nic.in पर आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध रहते हैं।

5) अतिरिक्त संसाधन

6) अगले कदम: कृषि वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने क्षेत्र के अनुभव वाले कृषि कानून विशेषज्ञ की पहचान करें; ऑनलाइन खोज और स्थानीय बार-एजेंसी से परामर्श लें।
  2. उनके प्रैक्टिस क्षेत्रों को चेक करें; अनुबंध- कानून, APMC मामलों, भूमि-खण्ड आदि में विशेषज्ञता देखें।
  3. पहचान खाने के बाद पहले परामर्श का शुल्क-निर्धारण पूछें; स्पष्ट फीस संरचना समझ लें।
  4. पूर्व-आजमाए हुए क्लाइंट-रेफरेंस और सफलता-कीर्तिपत्र मांगें; उपलब्ध केस प्रकार देखें।
  5. कानूनी दस्तावेजों के लिए आपकी जरूरतें लिखित में दें; केस स्टेटस-अपडेट प्वाइंट्स स्पष्ट करें।
  6. स्थानीय अदालतों के साथ अनुभव वाले वकील चुनें; मुंबई कोर्ट-फ़्लो के अनुरूप उपलब्धता देखें।
  7. पहला मुलाकात तय करें; सुरक्षा, पारदर्शिता और सूचना के अधिकार (RTI) के पहलुओं पर स्पष्ट समझ बनाएं।

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