कोलकाता में सर्वश्रेष्ठ पशु और कुत्ते की चोट वकील

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Civil law firm
कोलकाता, भारत

1988 में स्थापित
English
Six Lawyers, जिसे पहले Civil Law Firm के नाम से जाना जाता था, कोलकाता, भारत में आधारित एक विशिष्ट कानूनी फर्म है, जिसका 36 वर्षों से...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
कोलकाता, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Hindi
English
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
कोलकाता, भारत

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Legalglobus लॉ फर्म, जिसका मुख्यालय कोलकाता, भारत में है, कई अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाएँ प्रदान करती है।...
ANR & ASSOCIATES
कोलकाता, भारत

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ANR & ASSOCIATES कोलकाता, भारत में स्थित एक सम्मानित विधिक फर्म है, जो वैवाहिक, नागरिक, आपराधिक, कॉर्पोरेट, संवैधानिक,...
जैसा कि देखा गया

1. कोलकाता, भारत में पशु और कुत्ते की चोट कानून के बारे में: कोलकाता, भारत में पशु और कुत्ते की चोट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कोलकाता में पशु और कुत्ते की चोट के मसलों पर केंद्रीय कानून तथा स्थानीय नियम मिलकर काम करते हैं।

केंद्रीय स्तर पर पशु क्रूरता रोकने के लिए ისეთი कानून है, जबकि स्थानीय निकाय stray dog control व उपचार संबंधी नियम लागू करते हैं।

Animal Birth Control (Dogs) Programme AWBI की मार्गदर्शिका के अनुसार लावारिस कुत्तों को टीकाकरण और नसबंदी के साथ पुनः स्थानित किया जाता है ताकि रैबीज और डॉग बाइट्स कम हों।

“Animal Birth Control (Dogs) Programme aims to sterilize and vaccinate stray dogs to prevent rabies” - Animals Birth Control Guidelines, AWBI

“The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 पशुCruelty के अपराध पर दण्ड प्रदान करता है और नागरिकों के लिए पशु कल्याण अनिवार्य बनाता है।”

“The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 provides penalties for cruelty to animals.” - Government of India, AWBI संदर्भ

लोकप्रिय शहरी इलाकों में डॉग बाइट से जुड़ी चिकित्सा आवश्यकताएँ, क़ानूनी अधिकार और मुआवजा से संबंधित मार्गदर्शन स्थानीय प्रशासन देता है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: पशु और कुत्ते की चोट कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं • कोलकाता, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

  • परिसर में डॉग बाइट से गंभीर चोट सार्वजनिक जगह पर डॉग बाइट से अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। मेडिकल बिल, डॉक्टर की सिफारिशें और रिकवरी समय के दस्तावेज बनाएं। यहां वकील आपको दायित्व निर्धारण और मुआवजे के दावे में सहायता करेंगे।
  • गृहस्थी के पास रहने वाले पालतू कुत्ते द्वारा काटना पड़ोसी के घर के बाहर या रास्ते में कुत्ता काट दे तो मालिक की जिम्मेदारी, कॉन्ट्रैक्ट आधारित दावे और नुकसानी के आकलन पर क़ानूनी राय चाहिए होगी।
  • लावारिस कुत्ते से अस्पताल के बाद भी सतर्कता का दावा रैबीज प्रोटोकॉल, पोस्ट एक्सपोज़र प्रोफैक्शन (PEP) और स्थानीय म्युनिसिपल सहायता के लिए कानूनी मार्ग जरूरी होगा।
  • कानूनी उपचार में देरी या अवहेलना से उत्पन्न नुकसान अस्पताल के बिल, वेतन नुकसान या चोट का दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है; इस पर दावा करना जरूरी है।
  • डॉक्यूमेंटेशन की कमी घटना का सही विवरण, गवाहों के साक्ष्य और चिकित्सा रिकॉर्ड अदालत में मजबूत दावे के लिए अनिवार्य हैं। वकील इन चरणों में मार्गदर्शन करेगा।
  • स्थानीय नियमों के अनुसार दायित्व निर्धारण कोलकाता में KMC के STRAY DOG प्रोग्राम और AWBI गाइडलाइंस के आधार पर प्रक्रिया तय होती है। वकील इन नियमों के अनुरूप दावा पेश करेगा।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: कोलकाता, भारत में पशु और कुत्ते की चोट को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  • The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 केंद्रीय कानून है। यह पशु क्रूरता के अपराध और दंड निर्धारित करता है।
  • Animal Birth Control (Dogs) Programme AWBI के अंतर्गत stray dogs के नसबंदी और टीकाकरण की योजना है।

लोकल स्तर पर कोलकाता नगर निगम (KMC) stray dog management के लिए अपनी नीति और नियम लागू करता है। AWBI मार्गदर्शिका इन स्थानीय पहलों के साथ संगत है।

“AWBI guidelines guide local authorities on Stray Dog Management and vaccination schemes.” - AWBI official guidelines

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉग बाइट के तुरंत बाद मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले घाव साफ करें और चिकित्सक से टीका करवाएं। पुलिस में रिपोर्ट दें और अस्पताल के बिलों के बिलों का रिकॉर्ड रखें।

कौन से धाराएँ लागू हो सकती हैं?

स्थानीय पुलिस स्टेशनों में IPC की धारा 337 या 338 लग सकती है अगर चोट चोट पहुँचाने का जोखिम दिखती है। नुकसान के दावे civil suit से भी संभव हैं।

क्या मैं डॉग के मालिक से मुआवजा मांग सकता हूँ?

अगर डॉग पालतू था और मालिक की लापरवाही से हमला हुआ है तो civil liability के दावे संभव हैं। राष्ट्रीय कानून और स्थानीय नियम लागू हों।

क्या सरकारी अधिकारी डॉग बाइट मामले में सहायता करेंगे?

हाँ, AWBI के मार्गदर्शक कार्यक्रम के अनुसार ABC कार्यक्रम के तहत सरकारी सहायता मिलती है। स्थानीय प्रमाण-पत्रों के साथ कदम उठाना उचित है।

एक बार डॉग बाइट पर ठहराव के बाद मैं क्या कर सकता हूँ?

दावा बनाने के लिए क्लेम फॉर्म, चिकित्सा रिकॉर्ड और गवाहों के विवरण दें। आवश्यक हो तो अदालत में मुकदमा दायर करें।

मैं क्या-क्या दस्तावेज इकट्ठे करूँ?

चिकित्सा रिकॉर्ड, बिल, एक्स-रे, फोटो आदि बनाए रखें। घटना से जुड़ा स्थान, समय और स्थिति का रिकॉर्ड रखें।

कौन सा कानूनी मार्ग बेहतर है- आपसी समझौता या कोर्ट?

आमतौर पर पहले mediation या क्षतिपूर्ति के लिए निपटारा बेहतर रहता है। गंभीर चोट पर अदालत का सहारा भी लिया जा सकता है।

डॉक्टर कौन सा प्रोटोकाल फॉलो करेगा?

रेबीज के क्रम में PEP और टीकाकरण विकल्प डॉक्टर बताएंगे। AWBI के ABC प्रोग्राम से Stray के लिए टीकाकरण भी हो सकता है।

क्या मैं एक से अधिक पक्षों के खिलाफ दावा कर सकता हूँ?

हाँ, यदि घायल व्यक्ति का क्लेम डॉग मालिक, प्रबंधक या नगर निगम के नियमों के अंतर्गत आता हो।

क्या मैं फौरी रूप से इलाज के लिए पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर सकता हूँ?

जी हाँ, डॉग बाइट की घटना के बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज करना सामान्य है। यह कानूनी प्रक्रिया और दावा के लिए सहायक है।

क्या मैं चिकित्सा खर्च के साथ काम के नुकसान का दावा कर सकता हूँ?

हाँ, अस्पताल बिल, दवाइयों और अनुपस्थिति से होने वाले आर्थिक नुकसान का दावा किया जा सकता है।

क्या स्थानीय नगरपालिका मुआवजे की कोई योजना है?

KMC तथा West Bengal सरकार की Stray Dog Management कार्यक्रमों के अंतर्गत कुछ राहत दी जा सकती है। आधिकारिक नोटिस देखें।

क्या मैं विदेश से आये वकील से सहायता ले सकता हूँ?

स्थानीय कोलकाता अदालतों के नियमों के अनुसार लोकल वकील बेहतर होंगे। फिर भी अंतरराष्ट्रीय सलाहकार भी मार्गदर्शन दे सकता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Animal Welfare Board of India (AWBI) आधिकारिक साइट: awbi.gov.in
  • Kolkata Municipal Corporation (KMC) Stray Dog management जानकारी: kmc.gov.in
  • World Animal Protection / India फाउंडेशन वैश्विक और स्थानीय मार्गदर्शन के लिए: worldanimalprotection.org

6. अगले कदम: पशु और कुत्ते की चोट वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. घटना के सभी प्रमाण संकलित करें-चिकित्सा रिकॉर्ड, बिल, फोटो, गवाह बयान।
  2. क्लेम की प्रकृति तय करें- चोट के प्रकार, डॉग के मालिक या नगरपालिका दायित्व।
  3. कोलकाता के अनुभवी नागरिक अदालत वकील से initial consultation लें।
  4. कानूनी विकल्प समझें- IPC धाराओं, द aufreg और civil claim का संतुलन।
  5. कहाँ और कैसे दरे- mediation या court case, दोनों के फायदे समझें।
  6. फीस संरचना स्पष्ट करें- hourly rate या fixed fees, retainers आदि।
  7. लड़ाई शुरू करने से पहले सभी दस्तावेज एक साथ रखें और एक स्पष्ट समयरेखा बनाएँ।

कोलकाता निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह यह है कि डॉग बाइट के तुरंत बाद स्थानीय अस्पताल में टीका कराएं और AWBI के ABC प्रोग्राम के अनुसार पलट-कर कार्रवाई करें।

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