औरंगाबाद में सर्वश्रेष्ठ पशु कानून वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
औरंगाबाद, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Hindi
English
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

औरंगाबाद, भारत में पशु कानून कानून का संक्षिप्त अवलोकन

औरंगाबाद में पशु कानून क्षेत्रीय नियमों के साथ केंद्रीय कानूनों के अधीन है। प्रमुख कानून है Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 (PCAA) जो देश भर में पशुओं के Cruelty से जुड़ी सजा और रोकथाम सुनिश्चित करता है।

Animal Welfare Board of India (AWBI) केंद्रीय निकाय है जो पशु कल्याण की नीति बनाता है और राज्यों तथा स्थानीय निकायों के साथ कार्य करता है। औरंगाबाद नगर निगम (AMC) स्थानीय स्तर पर पशु कल्याण कार्यक्रमों को लागू करता है, जैसे आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए Animal Birth Control कार्यक्रम।

नए संशोधनों के साथ पालतू पशुओं के क्रूरता मामले में दंड मजबूत किए गए हैं और गश्ती तथा शिकायत की प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। साथ ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत जंगली जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

The Animal Welfare Board of India is a statutory body established under the Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960. Source: AWBI
The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 provides for the punishment of cruelty to animals and for the prevention of such cruelty. Source: Government of India
The Wildlife Protection Act, 1972 provides for the protection of wild animals, birds and plants. Source: Government of India

औरंगाबाद के निवासियों के लिए व्यावहारिक संकेत: अगर आप पशु क्रूरता के बारे में शिकायत करना चाहते हैं या पशु कल्याण कार्यक्रमों में भाग लेना चाहते हैं, तो स्थानीय AMC और AWBI के मार्गदर्शन का पालन करें। आपदा-युक्त घटनाओं में पुलिस या वन विभाग से भी संपर्क करें।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

पशु कानून से जुड़े मामलों में वकील के साथ परामर्श निर्णय-निर्भर होता है। नीचे औरंगाबाद से संबंधित सामान्य परिस्थितियाँ दी जा रही हैं जिनमें कानूनी सलाह लाभदायक रहती है।

  • घरेलू पशु के प्रति क्रूरता की शिकायत में वकील की मदद लें। एक पड़ोसी द्वारा पालतू पशु को नुकसान पहुँचाने पर PCAA के अनुरोधी कदम जरूरी हो सकते हैं।
  • आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए नगरपालिका के ABC प्रोग्राम के दायरों, नियमों और अनुबंधों को समझना हो तो कानूनी सलाह आवश्यक है।
  • पशु व्यापार, पालतू विक्रय या दान-खींच से जुड़े विवादों में कानूनी मार्गदर्शन चाहिए।
  • वन्य जीव-मानवीय संघर्ष के मामलों में Aurangabad क्षेत्र के वन विभाग के नियमों को समझना हो सकता है।
  • कुत्ता-ब्रह्मचर्य के नियमों, पालतू प्रजनन और आश्रय-स्थापना पर कार्य करते समय लाइसेंसिंग और फौजदारी प्रावधान चाहिए होते हैं।
  • NGO से Shelter-Registration, Adoption-Process और स्टाफ-मानकों के लिए वैधानिक सलाह चाहिए।

स्थानीय कानून अवलोकन

  • The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 यह केंद्रीय कानून पालतू और अन्य पशुओं के Cruelty-क्रियाओं के विरुद्ध दंड और रोकथाम के उपाय निर्धारित करता है। औरंगाबाद में इसे AMC के माध्यम से लागू किया जाता है।
  • The Wildlife Protection Act, 1972 यह कानून जंगली जीवों, पक्षी और पौधों की सुरक्षा के लिए प्रावधान देता है। महाराष्ट्र राज्य के भीतर लागू नियमों के साथ यह क्षेत्रीय नियंत्रण भी प्रदान करता है।
  • The Prevention of Cruelty to Animals (Dog Birth Control) Rules, 2001 यह डॉग बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के लिए मानक नियम तय करता है। औरंगाबाद में इन नियमों के अनुसार आवारा कुत्तों के नियंत्रण और टीकाकरण-गणना की प्रक्रियाओं को लागू किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पशु कानून क्या है?

पशु कानून वे नियम हैं जो पशुओं के साथ क्रूरता रोकते हैं और उनके कल्याण की ضمانत करते हैं। ये कानून भारत के केंद्र-राज्य स्तर पर लागू होते हैं। AWBI तथा PCAA इनमें प्रमुख संस्थागत ढांचे हैं।

मैं औरंगाबाद में किन अधिकारियों से शिकायत कर सकता हूँ?

आप शिकायत पुलिस स्टेशन, Aurangabad Municipal Corporation (AMC) के पशु कल्याण विभाग या Wildlife Department से कर सकते हैं। AWBI- guided complaint routes भी उपयोगी रहते हैं।

डॉक्यूमेंट्स और सबूत क्या-क्या चाहिए?

कृपया पशु के खिलाफ क्रूरता के प्रमाण, तस्वीरें, वीडियोज, चिकित्सक प्रमाण पत्र, स्थानिक सबूत आदि एकत्र रखें। ये सबूत अदालत या पुलिस में जाने पर सहायक होंगे।

क्या आवारा कुत्तों के लिए XYZ कार्यक्रम अनिवार्य है?

हाँ, Animal Birth Control (ABC) कार्यक्रम के अनुसार आवारा कुत्तों का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भनिरोधक पथ, और पुनः प्राकृतिक रिहाई शामिल हो सकते हैं।

अगर पशु के मालिक पर ठोस आरोप हों तो क्या प्रक्रिया है?

सबसे पहले स्थानीय पुलिस में FIR दर्ज करायें। फिर कानूनी सलाहकार के साथ मिलकर चार्जशीट, साक्ष्य और कथन तैयार करें।

क्या अदालत में पशु-क्रूरता के मामले दायर हो सकते हैं?

हाँ, PCAA के तहत क्रूरता के मामले अदालत में पेश किये जा सकते हैं और सजा दिए जाने के प्रावधान हैं।

मैं निजी तौर पर पशु-संरक्षण के लिए शिकायत कर सकता हूँ?

हाँ, आप independientes NGO और नागरिक के रूप में शिकायत कर सकते हैं, लेकिन बेहतर है कि आप एक वकील की मदद लें ताकि प्रक्रिया स्पष्ट हो।

क्या पालतू पालतू जानवर रखने के लिए लाइसेंस चाहिए?

बहुत से घरेलू पालतुओं के लिए सामान्य लाइसेंसिंग आवश्यक नहीं होती, पर कुछ प्रतिष्ठानों, जैसे पालतू दुकानों या शेल्टर के संचालन के लिए स्थानीय लाइसेंस आवश्यक हो सकता है।

डोमेस्टिक एनिमल क्रूरता के मामलों में दंड क्या होता है?

कानून के अनुसार दंड और जुर्माने की मात्रा अपराध की गंभीरता पर निर्भर करती है; न्यायालय उचित दंड निर्धारित करेगा।

क्या वन्य जीवों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अलग कानून लागू होते हैं?

हाँ, Wildlife Protection Act 1972 के अंतर्गत वन्य जीवों के विरुद्ध अपराध पर अलग नियम और दंड तय हैं, तथा वन विभाग की भूमिका प्रमुख है।

क्या मैं अपने क्षेत्र में puppy mills या dog trading पर शिकायत कर सकता हूँ?

हाँ, Dog Birth Control Rules और PCAA के अंतर्गत पशु-अनुकूल व्यापार की निगरानी और दंड संभव है।

क्या मुझे Aurangabad के बाहर के अधिकारी से शिकायत करनी चाहिए?

यदि घटना शहर से जुड़ी नहीं है या राज्य-सीमा से बाहर जाती है, तो राज्य सरकार के नियम और AWBI के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ना उचित है।

अतिरिक्त संसाधन

अगले कदम

  1. अपना मुद्दा स्पष्ट करें और आवश्यक दस्तावेज एकत्र करें
  2. Aurangabad निवासी वकील या कानून-सेवा संस्थान से परामर्श तय करें
  3. कानूनी सलाहकार के साथ प्राथमिक शिकायत-योजना बनाएं
  4. स्थानीय नागरिक अधिकारी, AMC या AWBI के दिशा-निर्देश समझें
  5. शिकायत दर्ज करने के लिए सही मंच चुनें और रिकॉर्ड बनाएं
  6. फीस-रेखा और रिटेनर शर्तों के बारे में स्पष्ट लिखित समझौता लें
  7. आवश्यक हो तो अदालत-समर्थन के लिए पहचान-पत्र और प्रमाण-पत्र जुटाएं

नोट: ऊपर दी गई जानकारी सामान्य सूचना के लिए है. किसी भी कानूनी मामले के लिए कृपया एक योग्य अधिवक्ता से सीधे परामर्श लें. आधिकारिक स्रोतों के उद्धरण तथा लिंक नीचे देखें:

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से औरंगाबाद में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पशु कानून सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

औरंगाबाद, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।