समस्तीपुर में सर्वश्रेष्ठ पशु कानून वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
समस्तीपुर, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1- समस्तीपुर, भारत में पशु कानून कानून के बारे में

समस्तीपुर, बिहार में पशु कानून केंद्रीय कानूनों के अधीन रहता है। यह कानून पालतू पशु, आवारा जानवर और वन्य जीवों के संरक्षण पर केंद्रित है। स्थानीय प्रशासन इसे लागू कराने में भूमिका निभाते हैं।

पशु क्रूरता रोकथाम, आवारा पशु नियंत्रण और वन्य जीव सुरक्षा के प्रावधान यहां लागू होते हैं। नागरिक अधिकारों के रूप में आप कानूनी सहायता ले सकते हैं। आधुनिक नियमावली पशु कल्याण को प्राथमिकता देती है।

“No person shall inflict unnecessary pain or suffering on any animal.”

Source: The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 (PCA Act) - IndiaCode / AWBI

“The purpose of the Wildlife Protection Act, 1972 is to provide for the protection of wild animals.”

Source: Wildlife Protection Act, 1972 - Ministry of Environment, Forest and Climate Change

“Animal Welfare Board of India is a statutory body under the Ministry of Environment, Forest and Climate Change.”

Source: Animal Welfare Board of India - awbi.org

2- आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे समस्तीपुर से संबन्धित 4-6 विशिष्ट परिदृश्य दिए गए हैं, जहां कानूनी सहायता लाभप्रद होगी।

  • समस्तीपुर नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों के कारण सड़क दुर्घटना हो जाएँ और नियंत्रण के लिए कदम उठाने हों।
  • पालतू पालतू जानवर पर घर के अंदर क्रूरता की सूचना मिले, उदाहरण के लिए भोजन या देखभाल की कमी।
  • livestock जैसे गाय-भैंस या बकरी को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में आरोपी पर विभागीय निगरानी और अदालत की कार्यवाही जरूरी हो।
  • पशु व्यापार या बिक्री के दौरान अनुचित प्रथाओं की शिकायत दर्ज करनी हो।
  • वन्य जीवों के साथ अपराध या अवैध शिकार के मामलों की जांच और दंड प्रक्रिया शुरू करनी हो।
  • पशु कल्याण संस्था से जुड़ी शिकायतों की प्राथमिकी, मुवक्किल-एजेंसी के बीच कानूनी सलाह चाहिए हो।

इन मामलों में एक अनुभवी अधिवक्ता आपकी सहायता कर सकता है। वह झगड़े के कानूनी दायरे, दायित्व और संभावित निवारण उपाय समझाता है।

3- स्थानीय कानून अवलोकन

समस्तीपुर में निम्न कानून लागू होते हैं, जो पशु कल्याण और संरक्षण से संबंधित हैं।

  • The Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 - पालतू और अन्य पशुओं के विरुद्ध क्रूरता रोकना इसका लक्ष्य है।
  • The Wildlife Protection Act, 1972 - वन्य जीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर नियंत्रण के लिए है।
  • Indian Penal Code (IPC) के प्रावधान - खंड 428-429 - जानवरों के नुकसान या क्रूरता पर दंड निर्धारित करते हैं।

ध्‍यान दें: केंद्र सरकार और राज्य स्तर के दिशानिर्देश प्रभावी रहते हैं और स्थानीय जिला प्रशासन इन्हें लागू कराते हैं।

उद्धरण और आधिकारिक संदर्भ के लिए आप ये स्रोत देख सकते हैं: - AWBI - https://awbi.org/ - MOEFCC (Environment, Forests & Climate Change) - https://moef.gov.in - India Code (PCA Act 1960) - https://www.indiacode.nic.in

4- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैं समस्तीपुर में पशु क्रूरता की शिकायत किससे कर सकता हूँ?

सबसे पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन या पशु क्रूरता से जुड़ी शिकायत काउंसिल से संपर्क करें। फिर आवश्यक हो तो एक कानूनी सलाहकार से मदद लें।

पशु क्रूरता के मामले में मुझे किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

घटना की तिथि, स्थान, पशु का प्रकार, चोट के प्रमाण, तस्वीरें या वीडियो, चिकित्सीय प्रमाण और प्रत्यक्ष गवाहों के बयान रखें।

क्या आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिए अदालत से आदेश चाहिए?

कई मामलों में स्थानीय प्रशासन को समन्वयित करना पर्याप्त होता है, पर बड़ी या जटिल शिकायतों पर अदालत का आदेश भी मांगा जा सकता है।

अगर मुझे कुत्ते द्वारा काट लिए जाने का जोखिम हो तो क्या करूँ?

तुरंत प्राथमिक उपचार करें, दर्द और संक्रमण रोकथाम के लिए चिकित्सक से मिलें। इसके बाद उपलब्ध कानूनी उपायों पर विचार करें।

क्या मैं अपनी निजी संपत्ति के पालतू पशु के लिए सुरक्षा के उपाय मांग सकता हूँ?

हाँ, आप देनदार से सुरक्षा आदेश, पुनर्वास योजना या उचित देखभाल के निर्देश मांग सकते हैं।

मैं एक लोकल वकील कैसे चुनूँ जो पशु कानून में माहिर हो?

कानून-फील्ड में पशु कानून विशेषज्ञता वाले वकील से संपर्क करें। उनकी पूर्व-केस-आंकड़े और क्लाइंट रिव्यू देखें।

क्या समस्तीपुर में पक्ष-विपक्ष अदालत में कानूनी सहायता मिलती है?

हाँ, जिला कोर्ट और सत्र कोर्ट में पशु कानून मामलों के लिये वकील मौजूद रहते हैं।

पशु कल्याण संगठन से जुड़ी शिकायत कैसे दायर करें?

पशु कल्याण संगठन के स्थानीय प्रतिनिधि से मिलकर प्रारम्भिक सलाह लें। फिर आवश्यक कागजात के साथ प्राथमिकी दर्ज कराएं।

क्या पशु क्रूरता के मामलो में फि-लॉर फीस तय होती है?

हाँ, अदालत और वकील-फीस स्थानीय नीति और केस की जटिलता पर निर्भर करती है।

क्या मैं गंभीर चोट के मामले में मुआवजे के लिये दावा कर सकता हूँ?

हाँ, उचित प्रमाण दिखाने पर मुआवजे, चिकित्सीय खर्च और क्षति भरपाई के लिये दावा किया जा सकता है।

क्या पुलिस पालतू जानवर के क्रूरता मामले में तुरंत कार्रवाई करेगी?

पुलिस सामान्यतः प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करेगी और आवश्यक चिकित्सीय या अधिकारी निरीक्षण कर सकती है।

क्या अदालत पीड़ित पशु के लिए संरक्षण आदेश दे सकती है?

हाँ, अदालत संरक्षण आदेश जारी कर सकता है ताकि पशु को खतरे से बचाया जा सके और मालिक की जिम्मेदारी स्पष्ट हो सके।

5- अतिरिक्त संसाधन

  • Animal Welfare Board of India (AWBI) - पशु कल्याण नीति, दिशा-निर्देश, और शिकायत प्रक्रिया पर मार्गदर्शक सूचना. https://awbi.org/
  • PETA India - पालतू कल्याण, क्रूरता विरोधी अभियान और नागरिक मार्गदर्शन; स्थानीय सहायता के लिए संपर्क विभाग. https://www.petaindia.com/
  • Humane Society International India (HSI India) - वन्य जीव और पालतू कल्याण साक्षरता अभियान तथा कानूनी सहायता सलाह. https://www.hsi.org.in/

6- अगले कदम

  1. अपनी समस्या स्पष्ट करें और रिकार्ड बनाएं, जैसे दिनांक, जगह, प्रभावी पशु का प्रकार और चोटों के प्रमाण।
  2. समस्तीपुर जिला कोर्ट परिसर में पशु कानून विशेषज्ञ खोजें और पहली मुलाकात तय करें।
  3. स्थानीय बार एसोसिएशन से पशु कानून में अनुभव वाले वकील की सूची मांगें।
  4. पहली मुलाकात में केस-केवल जानकारी दें, फीस संरचना और संभावित परिणाम स्पष्ट करें।
  5. प्रथम चरण की गलतियों से बचने के लिये सभी प्रमाण एक जगह रखकर दें।
  6. AWBI या राज्य स्तरीय प्राधिकरण के संपर्क से मार्गदर्शन लें यदि आवश्यक हो।
  7. लोकल मीडिया या सोशल मीडिया पर शिकायत के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया शुरू करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से समस्तीपुर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पशु कानून सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

समस्तीपुर, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।