मुंबई में सर्वश्रेष्ठ एपोस्टिल और दूतावास वैधता वकील

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Davies & Associates, LLC
मुंबई, भारत

2020 में स्थापित
उनकी टीम में 100 लोग
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नोटरी सेवाएं एपोस्टिल और दूतावास वैधता
Davies & Associates ("D&A") has grown to become the largest global law firm specializing in US, UK and Italian business and investment immigration together with Citizenship and Residency by Investment (together, “CBI”).  Our lawyers are regarded as the leaders in the US E2...
जैसा कि देखा गया

1. मुंबई, भारत में एपोस्टिल और दूतावास वैधता कानून का संक्षिप्त अवलोकन

मुंबई में विदेशों में दस्तावेज़ के उपयोग के लिए सामान्यतः नोटरी प्रमाणन से शुरू होकर राज्य स्तर पर सत्यापन और अंत में विदेश मंत्रीालय (MEA) द्वारा वैधता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया होती है।

भारत Hague Apostille सम्मेलन का सदस्य नहीं है; इसलिए एपोस्टिल आम तौर पर उपलब्ध नहीं होता। इसके बजाय दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता के लिये प्रमाणन और दूतावास-या कांसुलेट वैधता आवश्यक होती है।

नोट: एपोस्टिल के बजाय कई देशों के लिए दूतावास या कांसुलेट वैधता आवश्यक होती है। MEA और विभिन्न देशों के दूतावास MIC निर्देश बताते हैं कि विदेशों में दस्तावेज़ के प्रयोग के लिए किन-किन चरणों का पालन करना है।

“India is not a member of the Hague Apostille Convention; documents intended for use abroad require authentication by the competent Indian authorities and legalization by the embassy or consulate of the country of use.”

“Attestation of documents for use in foreign countries is done by the MEA after legalisation by the Embassy/Consulate of the country of use.”

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यूँ हो सकती है

एपोस्टिल और दूतावास वैधता के मामलों में विशेषज्ञ सलाह जरूरी होती है ताकि चरण-दर-चरण प्रक्रिया सही ढंग से पूर्ण हो सके।

  • 4-6 विशिष्ट परिस्थितियाँ जिनमें मुंबई से रहने वाले लोगों को कानूनी सहायता की आवश्यकता पड़ती है:
  • विदेशी विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए शिक्षा प्रमाणपत्र, डिग्री प्रमाणपत्र आदि की वैधता सुनिश्चित करनी हो।
  • यूएई, सऊदी अरब, कतर आदि में नौकरी हेतु डोक्यूमेंटेशन के लिए दस्तावेजों की वैधता और अनुवाद-प्रमाणन चाहिए।
  • विदेश में वैवाहिक दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र, नातेदारी और पारिवारिक प्रमाणपत्रों की दूतावास वैधता पटरी पर लानी हो।
  • भारत से बाहर बिजनेस सेटअप के लिए कम्पनी प्रमाणपत्र, बोर्ड रेज़ॉल्यूशन, PoA आदि का प्रमाणन आवश्यक हो।
  • विदेशी अदालतों या काउंसिल के लिये पर्सनल या कॉर्पोरेट डाक्यूमेंट्स की अंश-प्रमाणन में त्रुटियाँ सुधरवानी हों।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

एपोस्टिल-तथ्य और दूतावास वैधता से जुड़ी प्रक्रियाओं में यदि आप मुंबई/ महाराष्ट्र में हैं तो निम्न कानून प्रमुख भूमिका निभाते हैं:

  • Notaries Act, 1952 - मुंबई में Notaries द्वारा किये जाने वाले प्रमाणन का आधार यही कानून है।
  • Indian Stamp Act, 1899 और महाराष्ट्र स्टाम्प अधिनियम - दस्‍तावेज़- affidavits- आदि पर स्टाम्प शुल्क और प्रमाणन से जुड़ते हैं।
  • Indian Evidence Act, 1872 - विदेशों में प्रयुक्त दस्तावेज़ों की वैधता और विश्वसनीयता से जुड़े प्रश्नों में प्रभावी सिद्धांत लागू होता है।

MEA के निर्देश और दूतावास-आधारित आवश्यकताएँ नियमों में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। हाल के वर्षों में दस्तावेज़ों के उपयोग के लिए ऑनलाइन पोर्टलों की सहायता से प्रमाणन-प्रक्रिया तेज की गई है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपोस्टिल क्या है और भारत में यह कैसे काम करता है?

एपोस्टिल एक अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन है, जो Hague Convention में शामिल देशों के बीच दस्तावेज़ों की वैधता को सरल बनाता है।

पर भारत Hague Convention का सदस्य नहीं है, इसलिए एपोस्टिल भारत में सामान्यतः जारी नहीं किया जाता; प्रमाणन और दूतावास- legalization आवश्यक होते हैं।

भारत में एपोस्टिल नहीं होने का क्या मतलब है?

यह मतलब है कि छात्रों, कर्मचारियों या कंपनियों को विदेश में प्रयोग करने के लिए दस्तावेज़ों को पहले स्थानीय प्रमाणन और फिर दूतावास- legalization से गुजरना होगा।

कौन-कौन से दस्तावेज़ अधिकतर वैधता प्रक्रिया से गुजरते हैं?

शिक्षा प्रमाणपत्र, डिग्री, जन्म- विवाह- नागरिकता प्रमाणपत्र, कंपनी पंजीकरण, बोर्ड रेज़ॉल्यूशन, पूरक दस्तावेज आदि प्रमुख हैं।

कौन से देश के लिए दूतावास- legalization अनिवार्य है?

यह destination country पर निर्भर है। अमेरिका, यूके, यूएई, जर्मनी आदि के लिए दूतावास- legalization सामान्य रूप से आवश्यक होती है।

मैं Mumbai में कहाँ से शुरू करूँ?

सबसे पहले Notary से प्रमाणन कराएं, फिर राज्य सरकार/हेल्प डिपार्टमेंट से सत्यापन कराएं, उसके बाद MEA legalization और अंत में destination country के दूतावास/कांसुलेट से legalization कराएं।

क्या मुझे किसी विशेष वकील की जरूरत है?

हाँ, ऐसे मामलों में विशेषज्ञता वाले कानूनी सलाहकार की जरूरत पड़ेगी जो दस्तावेज़ प्रमाणन, MEA और दूतावास- legalization के अनुभव रखता हो।

कितना समय लगता है?

आमतौर पर 2-6 सप्ताह लग सकते हैं, यह देश-विशेष, दस्तावेज़ की संख्या और स्थानीय दक्षता पर निर्भर है।

कौन से शुल्क सामान्य होते हैं?

Notary शुल्क, stamping charges, MEA authentication and embassy legalization, translation costs आदि मिलाकर कुल लागत बदलती है।

क्या ऑनलाइन आवेदन संभव है?

हाँ, कुछ हिस्सों में MEA और दूतावास के ऑनलाइन पोर्टलों का उपयोग किया जा सकता है, पर प्रमाणन की सभी स्टेज फिजिकल प्रमाणन मांगती हैं।

अगर मेरी एप्रूवल गलत हो जाए तो क्या करूँ?

गलती के पता चलने पर तुरंत वैकल्पिक प्रमाणन और पुनः सत्यापन करवाएं; सही दस्तावेज़ और पुनः दूतावास legalization कराने से समस्या दूर होती है।

क्या विदेश में अनुवाद भी चाहिए होता है?

हां, अधिकतर मामलों में दूतावास के मानक के अनुसार प्रमाणित अनुवाद आवश्यक होता है।

क्या किसी दस्तावेज़ के लिए एकเดียว प्रमाणन पर्याप्त है?

यह देश-देश-स्थिति पर निर्भर है। अधिकतर देशों के लिए सभी चरणों के प्रमाणन की आवश्यकता होती है।

अगर दस्तावेज़ गलत साबित हुआ तो क्या उपाय हैं?

आपके दस्तावेज़ की असामान्यताएं दूर करने के लिए पुनः Notary, MEA, और दूतावास- legalization करानी पड़ेगी।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Ministry of External Affairs (MEA) - Attestation of documents for use in foreign countries - आधिकारिक गाइडलाइन और प्रक्रिया विवरण: mea.gov.in
  • Consulate General of the United States, Mumbai - विदेशी दस्तावेज़ के उपयोग हेतु निर्देश और प्रमाणन संबंधी मार्गदर्शन: usconsulate.gov
  • British Consulate-General Mumbai - UK के लिए दस्तावेज़ वैधता-पत्र संबंधी मार्गदर्शक सूचनाएं: gov.uk

6. अगले कदम

  1. अपना destination country स्पष्ट करें ताकि सही वैधता चेन तय हो सके।
  2. सबसे पहले आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची बनाएं और उनके मूल प्रमाणित फोटो तैयार करें।
  3. एक योग्य वकील/कानूनी सलाहकार खोजें जो मुंबई में एपोस्टिल- legalization अनुभव रखता हो।
  4. Notary, डिप्टी / गजटेड अधिकारी और MEA के प्रमाणन क्रम को समझें और योजना बनाएं।
  5. दूतावास/कांसुलेट के लिए आवेदन-निर्देश इकट्ठा करें और समय-सारिणी तय करें।
  6. अनुवाद आवश्यक हो तो मानक अनुवादक चयन करें और प्रमाणित अनुवाद करवाएं।
  7. पूरे प्रमाणन- legalization चेन का ट्रैक रखें; देरी होने पर वैकल्पिक मार्ग पर विचार करें।

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