राजकोट में सर्वश्रेष्ठ अपील वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

rk law firm
राजकोट, भारत

उनकी टीम में 29 लोग
English
आरके लॉ फर्म प्रा. लिमिटेड राजकोट‑स्थित एक практиس है जो व्यक्तियों और व्यवसायों को रोजगार और श्रम मामलों, बौद्धिक...
जैसा कि देखा गया

1. राजकोट, भारत में अपील कानून के बारे में: राजकोट, भारत में अपील कानून का संक्षिप्त अवलोकन

राजकोट गुजरात के न्यायिक क्षेत्र का भाग है और यहां अपील कानून मुख्य रूप से गुजरात उच्च न्यायालय के अधीन नियंत्रित होता है। यह क्षेत्र राजकीय जिला अदालतों के निर्णयों पर hoger-कक्षीय समीक्षा को संभव बनाता है।

सिविल मामलों में आम तौर पर पहली अपील जिला न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध होती है, जबकि उच्च न्यायालय में द्वितीय अपील की आधारशिला रहती है।

क्रिमिनल मामलों में सजा के विरुद्ध अधिकतर उच्च न्यायालय में अपील दायर होती है, जबकि कुछ मामलों में क्रिमिनल रिवीजन भी संभव है।

संवैधानिक दायरे में सुप्रीम कोर्ट के विशेष_leave-आपीय अधिकार से कुछ मामलों में अंतिम विकल्प खुलता है।

“The Supreme Court may, in its discretion, grant special leave to appeal from any judgment, decree, sentence or order in any case or matter.” - Constitution of India, Article 136
“An appeal shall lie to the High Court from every decree passed by the Court of Civil Jurisdiction.” - Code of Civil Procedure, 1908 (as understood in practice)
“Special Leave to Appeal may be granted by the Supreme Court in its discretion from any judgment, decree or order.” - Constitution of India, Article 136

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: अपील कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची

अपील मामलों में विशेषज्ञ कानूनी मार्गदर्शन अनिवार्य होता है ताकि तर्क-वितर्क स्पष्ट और दृढ़ हो सके।

  • परिदृश्य एक: राजकोट में किसी जिला अदालत के निर्णय से आप असंतुष्ट हैं और आप पुनर्विचार नहीं बल्कि अपील करना चाहते हैं। संकल्पनात्मक पैरवी और लॉ-फ्रेमिंग जरूरी है।
  • परिदश्य दो: समय-सीमा के भीतर अपील दायर करने के लिए द्विपक्षीय चाप-समय (condonation) की मांग करनी पड़ती है। अनुभवी अधिवक्ता सही दस्तावेज़ीकरण सुनिश्चित कर सकता है।
  • परिदर्श तीन: आपराधिक मामले में सजा के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील के साथ-साथ CrPC धाराओं की सही व्याख्या चाहिए।
  • परिदर्श चार: द्वितीय अपील (Section 100 CPC) में केवल substantial questions of law पर विचार होता है। अनुभवी वकील विषय-वस्तु समायोजन कर सकता है।
  • परिदर्श पांच: इंटरलोक्यूटरी ऑर्डर के विरुद्ध अपील है या नहीं, इस पर सही प्रक्रिया समझनी जरूरी है।
  • परिदर्श छह: सुप्रीम कोर्ट में Special Leave Petition (SLP) दायर करने के लिए सही कारण और तैयारी आवश्यक है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: राजकोट, भारत में अपील को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Code of Civil Procedure 1908 (सीपीसी 1908) - Civil Appeals के लिए बहुतेक मार्गदर्शक कानून। पहली अपील District Court के निर्णय के विरुद्ध होती है; द्वितीय अपील High Court के समक्ष लायी जा सकती है।
  • Criminal Procedure Code 1973 (CrPC) - Criminal Appeals और Rever- sion के लिए प्रावधान देता है; धारा 374-376 आदि प्रमुख हैं।
  • Constitution of India - Article 136 Special Leave to Appeal देता है; यह Supreme Court को विवेकाधीन अधिकार प्रदान करता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपील क्या है?

अपील एक विधिक प्रक्रिया है जिसमें एक पक्ष अपने विरुद्ध हुए फैसले के कारण न्यायिक समीक्षा के लिए उच्च अथवा उच्चतर न्यायालय में जाता है।

राजकोट में आर्हत कौन-कौन से अदालतों में अपील दायर की जाती है?

सिविल अपील के लिए जिला अदालत के निर्णय के विरुद्ध first appeal और उच्च न्यायालय में second appeal दी जाती है। क्रिमिनल अपील उच्च न्यायालय में दायर होती है।

अपील दायर करने की सामान्य समय-सीमा कितनी होती है?

आमतौर पर 30 दिनों के भीतर फाइलिंग आवश्यक है, पर विशेष परिस्थितियों में अदालत एक समय-सीमा बढ़ा सकती है।

क्या अपील पर स्टे मिला सकता है?

हाँ, स्टे पाने के लिए अदालत से स्थगन आदेश (stay) चाहिए होता है, ताकि निर्णय प्रभावी न बने।

दस्तावेज़ कौन से जरूरी होते हैं?

डिक्री/निर्णय की प्रमाणित प्रति, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण-पत्र और आधार-फाइलिंग से जुड़े आवेदन पत्र अनिवार्य होते हैं।

क्या आप प्रतिवादी को नई साक्ष्य दाखिल करने की अनुमति है?

अपील में आम तौर पर नया साक्ष्य देना संभव नहीं होता; कुछ ही परिस्थितियों में rare exceptions मिलते हैं।

कौन सा अपील किसके विरुद्ध दायर किया जाता है?

सिविल में decree के विरुद्ध district court में first appeal, उच्च न्यायालय में second appeal। क्रिमिनल में Sate/accused की सजा के विरुद्ध high court में appeal।

Second appeal के लिए क्या योग्यता चाहिए?

Second appeal में एक substantial question of law होना अनिवार्य है; facts अधिकतर appellate court नहीं देखती।

Special Leave Petition क्या है?

SLP Supreme Court को विवेकाधीन अधिकार देता है कि वह किसी भी मामले में appeal मंजूर करे या न करे।

रिकॉर्ड-अपील के साथ क्या-क्या जमा करना होता है?

फरियादी-याचिका, निर्णय की certified copy, रिकॉर्ड-रिपोर्ट्स, नोटिस आदि आवश्यक होते हैं।

खर्च और फीस किस प्रकार तय होते हैं?

फीस और खर्च कोर्ट-निर्भर होते हैं; कुछ राज्य-निर्धारित दरें Gujarat High Court Rules से मिलती हैं।

राजकोट में अपील कितने समय तक चलती है?

अध्यायिक समय-सीमा के भीतर फाइलिंग, ट्रायल-टाइम और उच्च न्यायालय की सुनवाई मिलाकर कुछ वर्ष लग सकते हैं।

क्या पुनर्विचार या रिवीजन भी संभव है?

हां, कुछ मामलों में रिवीजन या समीक्षा (review) की अनुमति भी उपलब्ध होती है, पर यह अलग प्रक्रिया है।

क्या परिवार न्याय, वैवाहिक विवाद आदि में अपील संभव है?

हाँ, इन विषयों में भी appellate remedies उपलब्ध हैं; किन्तु हर मसले के लिए अलग नियम लागू होते हैं।

नया अपील वाला मामला कब तक रोक सकता है?

अस्त-स्थिति पर निर्भर है; स्टे आदेश मिल जाता है तो पार्टियों की स्थिति तब तक स्थिर रहती है।

मैं कैसे सही वकील चुनूं?

अनुभव, लोक-प्राप्ति, राजकोट क्षेत्रीय उपलब्धता और शुल्क-निर्धारण पर विचार करें; स्थानीय अदालतों के निर्णयों के साथ अनुभवी वकील सर्वोत्तम मदद करेंगे।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Gujarat High Court - Official site for appellate procedures and court rules. https://gujarathighcourt.nic.in/
  • Rajkot District Court - eCourts Portal - Filing, case status, and appeals information. https://ecourts.gov.in/gujarat/rajkot
  • Gujarat State Legal Services Authority - Free legal aid and guidance for appeals. https://gujaratlsa.nic.in/

6. अगले कदम: अपील वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने मामले के प्रकार की पहचान करें: civil या criminal अपील।
  2. राजकोट क्षेत्र के अनुभवी अधिवक्ता की सूची बनाएं।
  3. पूर्व-फीस और उपलब्धता की जानकारी फोन या ईमेल से लें।
  4. पूर्व-मामलों के निर्णय और निर्णय-प्राप्त कार्यों की समीक्षा कराएं।
  5. व्यक्ति-सम्पर्क और स्थान-उपलब्धता के अनुसार मुलाकात शेड्यूल करें।
  6. सुरक्षित और स्पष्ट अपेक्षाओं के साथ कानूनी योजना बनाएं।
  7. फायदा-नुकसान और फीस-विनियमन पर लिखित समझौता करें।

वर्किंग स्रोत एवं आधिकारिक संदर्भ

  • Constitution of India - Article 136: Special Leave to Appeal. https://legislative.gov.in/
  • Gujarat High Court - Official site: Appellate Side and Rules. https://gujarathighcourt.nic.in/
  • Rajkot District Court - eCourts Portal: Filing and case status. https://ecourts.gov.in/gujarat/rajkot

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से राजकोट में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, अपील सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

राजकोट, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।