लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ बाल हिरासत वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड


2010 में स्थापित
उनकी टीम में 500 लोग
English
ABHISHEK BHATNAGAR AND ASSOCIATES LEGAL CONSULTANTS LLP is a Lucknow-based law firm with PAN India reach, founded in 2010 by Adv. Abhishek Bhatnagar. It is recognized for its focus on cyber laws and cyber forensics, and has grown into a prominent, dedicated, committed, tested, and trusted name for...

2017 में स्थापित
English
लॉयर कॉर्पोरेट, मुख्यालय लखनऊ में स्थित, एक प्रतिष्ठित कानूनी फर्म है जो कॉर्पोरेट, संपत्ति, रियल एस्टेट, तलाक,...
Vishwaguru Legal (Vishwaguru Legalix)

Vishwaguru Legal (Vishwaguru Legalix)

30 minutes मुफ़्त परामर्श
लखनऊ, भारत

2007 में स्थापित
उनकी टीम में 20 लोग
Hindi
English
विश्वगुरु लीगल एंड एसोसिएट्स एक 2009 से संचालित लॉ फर्म है। हम मुख्यतः लखनऊ (उ.प्र.) आधारित वकील हैं।लॉ फर्म के अभ्यास...

1980 में स्थापित
English
1980 में स्थापित, डी एस चौबे एंड एसोसिएट्स (एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स) लखनऊ, भारत में आधारित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म...
Advo Talks
लखनऊ, भारत

2019 में स्थापित
English
AdvoTalks, जो अकरशन श्रीवास्तव द्वारा मुख्य विधि अधिकारी वत्सल्य अजीत श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में स्थापित एक...
Max Law Firm
लखनऊ, भारत

English
मैक्स लॉ फर्म एक पंजीकृत पार्टनरशिप फर्म है जिसमें विभिन्न कानूनी क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले कुशल व...
लखनऊ, भारत

English
एटी लॉ चैम्बर एक गतिशील पूर्ण-सेवा कानूनी फर्म है जिसका मुख्यालय लखनऊ, भारत में स्थित है, और इसके अतिरिक्त...
Mishra & Associates Law Firm

Mishra & Associates Law Firm

30 minutes मुफ़्त परामर्श
लखनऊ, भारत

2012 में स्थापित
उनकी टीम में 6 लोग
English
Hindi
मिश्रा एंड एसोसिएट्स दशकों से एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है। हमारे विशेषज्ञ कानूनी पेशेवरों की टीम के साथ, हम सिविल,...
LEXAMEET PROFESSIONAL'S LLP - A LAW FIRM
लखनऊ, भारत

2020 में स्थापित
English
LEXAMEET PROFESSIONAL'S LLP भारत में स्थित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जो देश भर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों को कानूनी...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
लखनऊ, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. लखनऊ, भारत में बाल हिरासत कानून के बारे में: लखनऊ, भारत में बाल हिरासत कानून का संक्षिप्त अवलोकन

लखनऊ में बाल हिरासत से जुड़े मामलों को पारिवारिक अदालतों में सुना जाता है. इन मामलों का निर्णय बच्चों के सर्वश्रेष्ठ हित के आधार पर लिया जाता है. प्रमुख कानूनों के अनुसार हिरासत निर्धारण में माता-पिता की आय, सुरक्षा, बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बातों को देखा जाता है.

गणमान्य कानून ढांचे में Guardians and Wards Act 1890 (GWA) Guardianship के प्रावधान देता है, Hindu Minority and Guardianship Act 1956 (HMA) सामान्यतः हिन्दू बच्चों के लिए हिरासत-गार्दियनशिप के नियम निर्दिष्ट करता है, और Juvenile Justice Act 2015 (JJ Act) बच्चों की देखभाल, संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े निपटानों में विशेष प्रावधान देता है. Lucknow के फैमिली कोर्ट इन सभी कानूनों के संयुक्त प्रावधानों के अनुसार निर्णय लेते हैं.

“The welfare of the child shall be of paramount importance.” - Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015, Section 3(1)
“The welfare of the child is the guiding principle in custodial matters.” - Government of India, Ministry of Women and Child Development
“Legal aid services are provided to eligible persons to secure justice.” - National Legal Services Authority (NALSA)

उपर्युक्त उद्धरण government स्रोतों की अवधारणाओं को संक्षेप में प्रस्तुत करते हैं। JJ Act और WCD की वेबसाइटों पर इन विचारों को स्पष्ट रूप से पाया जा सकता है. Lucknow निवासी विशेषकर Family Court Lucknow के इतिहास और प्रक्रियाओं के बारे में स्थानीय न्यायिक कैलेंडर और जिला न्यायालय की अधिसूचना से जानकारी लेते हैं.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: बाल हिरासत कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। लखनऊ, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

  1. तलाक या विभाजन के बाद हिरासत विवाद: Lucknow के फैमिली कोर्ट में मां या पिता किसे custody देनी चाहिए, यह निर्णायक मामला होता है. अन्यथा अदालत के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित व्यवस्था बनती है.
  2. गार्दियनशिप दावों के मामले: अविवाहित माता-पिता में से किसे बाल Guardian बनना चाहिए, यह सवाल अक्सर उठता है. Lucknow के अदालतें इस स्थिति में विशेषज्ञ सलाह मदद लेती हैं.
  3. relocation या प्रवास का मुद्दा: एक पक्ष दूसरे शहर या राज्य में स्थानांतरित होना चाहता है. अदालत relocation से पहले child's welfare पर विचार करती है.
  4. Domestic violence के साथ custody: DV акт के प्रावधान और सुरक्षा-हित में custody निर्णय कैसे प्रभावित होते हैं, यह मामला अक्सर होता है.
  5. Juvenile Justice Act के अंतर्गत सुरक्षा या कल्याण मुद्दे: अगर बच्चा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष लाया गया है, तब कानूनी सहायता आवश्यक हो सकती है.
  6. абाल बच्चों के विशेष उपाय: दिव्यांगता, शिक्षा, मेडिकल आवश्यकताओं के अनुरूप custody निर्णय लेना.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: लखनऊ, भारत में बाल हिरासत को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  • Guardians and Wards Act 1890 - minors की guardianship और custody के बुनियादी अधिकारों के प्रावधान देता है. लखनऊ के फैमिली कोर्ट इन नियमों के अनुसार निर्णय लेता है.
  • Hindu Minority and Guardianship Act 1956 - हिन्दू बच्चों के लिए guardianship और custody के नियम स्पष्ट करता है. Lucknow में हिन्दू परिवारों के मामलों में यह सामान्यतः लागू होता है.
  • Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act 2015 - 2015 के अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के कल्याण, सुरक्षा, संरक्षण के लिए विशेष प्रक्रिया और Child Welfare Committee (CWC) तथा Juvenile Justice Board (JJB) के प्रावधान उपलब्ध हैं. 2021 के संशोधनों के माध्यम से प्रक्रियाओं को और मजबूत किया गया है.

इन तीनों कानूनों के साथ Lucknow के फैमिली कोर्ट और Allahabad High Court की Lucknow Bench के निर्देश भी सम्मानित होते हैं. कठिन custody मामलों में स्थानीय सलाहकार इन कानूनों के एकत्रित प्रयोग से निर्णय लेते हैं.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बाल हिरासत निर्णय केवल माता-पिता की आय पर निर्भर करता है?

नहीं, अदालत बाल के सर्वश्रेष्ठ हित को सर्वोपरि मानती है. आय, घर का वातावरण, बच्चे की शिक्षा, सुरक्षा, और माता-पिता का व्यवहार सभी पर विचार होते हैं.

Lucknow में हिरासत मामले कौनसी अदालत में सुने जाते हैं?

लखनऊ में फैमिली कोर्ट्स (Lucknow Family Court) और Lucknow Bench (Allahabad High Court) के अंतर्गत सुनवाई होती है. अदालत चयन केस की प्रकृति पर निर्भर करता है.

क्या custody आदेश समय-सीमित या स्थायी हो सकता है?

हाँ, अदालत बच्चे की उम्र, शिक्षा और सुरक्षा के अनुसार अस्थायी या स्थायी custody दे सकती है. संशोधन या شکایت पर पुनः सुनवाई संभव है.

क्या माता-पिता सह-हिरासत के लिए अपील कर सकते हैं?

हाँ, यदि माता-पिता सह-हिरासत की मांग करते हैं तो अदालत दोनों पक्षों की क्षमता, सहयोग और बच्चे के हित के आधार पर निर्णय दे सकती है.

क्या अदालत relocation के लिए अनुमति देती है?

relocation के लिए अदालत से अनुमति आवश्यक हो सकती है, खासकर jika स्थानांतरण बच्चे की शिक्षा और सुरक्षा पर प्रभाव डालता है. जरूरी परिस्थितियों में विशेष अनुमति मिलती है.

क्या बाल हिरासत के मामलों में कानूनी aid मिल सकता है?

हाँ, NALSA और राज्य-स्तरीय न्यायिक सहायता योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर पक्षों को मुफ्त या सस्ते कानूनन सहयोग के प्रावधान मिलते हैं.

क्या मामला क़ानूनी aid के बिना भी लड़ा जा सकता है?

हाँ, पर आर्थिक सहायता उपलब्ध होने पर मदद मिलना सुविधाजनक रहता है. Legal aid से पहले एक पक्का फीस-पूर्व आकलन करना उचित है.

क्या अदालत बच्चों की राय भी मानती है?

बच्चों की उम्र और समझ के अनुसार अदालत उनके विचारों को प्रासंगिक मान सकती है, विशेषकर 10 वर्ष की उम्र और उससे ऊपर के बच्चों के मामले में.

कैसे custody मामले के लिए दस्तावेज जमा करें?

काउंटर-फाइलिंग के लिए विवाह-प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल-शिक्षण रिकॉर्ड, residence proof, आय प्रमाणपत्र आदि आवश्यक होते हैं.

क्या मामले में domestic violence के प्रमाण जरूरी होते हैं?

यदि DV का प्रमाण है तो custody मामलों में सुरक्षा-तत्व महत्वपूर्ण हो जाते हैं. अदालत सुरक्षा-आदेश और child welfare के प्रावधानों को देखते हैं.

क्या अदालत custody के पूर्व सलाह दे सकती है?

हां, अदालत कभी-कभी mediation, counselling, या family welfare services की संस्तुति कर सकती है ताकि児 बच्चे के हित में समाधान मिल सके.

हिरासत के लिए मुझे किस प्रकार का प्रारम्भिक आवेदन लिखना चाहिए?

आवेदन में बच्चे का नाम, जन्म तिथि, माता-पिता के बारे में जानकारी, वर्तमान निवास, custody के प्रकार की मांग और बच्चों के हित के तर्क स्पष्ट रूप से होने चाहिए.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • NATIONAL LEGAL SERVICES AUTHORITY (NALSA) - https://nalsa.gov.in
  • Childline India Foundation - https://www.childlineindia.org.in
  • National Commission for Women (NCW) - https://ncw.nic.in

6. अगले कदम: बाल हिरासत वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने केस के प्रकार को स्पष्ट करें: तलाक, अविवाहित माता-पिता, relocation आदि।
  2. Lucknow के फैमिली कोर्ट और स्थानीय बार काउंसिल के संपर्क सूचियाँ एकत्र करें.
  3. विश्वसनीय ऑनलाइन डायरेक्टरी और जिला बार असोसिएशन से वकील खोजें.
  4. पूर्व मामलों के सफलता-हistroyl और विशेषता (custody, guardianship) की समीक्षा करें.
  5. पहला परिचयात्मक बैठक तय करें और शुल्क संरचना स्पष्ट पाएं.
  6. कानूनी सहायता संभव हो तो NALSA या राज्य-स्तर पर उपलब्ध विकल्पों पर पूछताछ करें.
  7. जर आवश्यक हो तो पहले से संगठित दस्तावेज एकत्रित रखें ताकि सलाहकार आसानी से केस समझ सके.

याद रखें कि Lucknow निवासियों के लिए कानूनी मार्गदर्शन में स्थानीय अदालतों के नियम, निर्धारित शुल्क, और बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करने के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और आवश्यक होने पर स्थानीय वकील से मिलकर अपने केस के लिए अनुकूल रणनीति बनाएं.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से लखनऊ में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, बाल हिरासत सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

लखनऊ, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।