पटना में सर्वश्रेष्ठ बाल समर्थन वकील

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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Priya Gupta Advocate
पटना, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
परिवार बाल समर्थन गोद लेना +11 और
2009 में स्थापित, प्रिया गुप्ता एडवोकेट पटना स्थित एक प्रमुख विधिक फर्म है, जो समय पर, रचनात्मक और लागत-कुशल कानूनी...
पटना, भारत

1956 में स्थापित
English
तरकांत झा एंड एसोसिएट्स बिहार के सबसे पुराने और भरोसेमंद लॉ फर्मों में से एक है, जिसकी स्थापना 1956 में हुई थी और इसका...
R. S. Law Associates
पटना, भारत

English
आर. एस. लॉ एसोसिएट्स (आरएसएलए) बिहार, भारत में स्थित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में...
SLC Partners & Associates
पटना, भारत

English
SLC पार्टनर्स एंड एसोसिएट्स भारत में एक प्रमुख लॉ फर्म के रूप में उभरा है, जो आपराधिक न्याय, तलाक कानून और ट्रायल...
Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
Hindi
एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
Paramarsh Legal Associates
पटना, भारत

उनकी टीम में 6 लोग
English
परामर्श लीगल एसोसिएट्स पटना स्थित एक विधिक फर्म है जो कॉर्पोरेट, बैंकिंग व वित्त, रियल एस्टेट, श्रम व रोजगार तथा...
Advocate Jitendra Kumar
पटना, भारत

English
अधिवक्ता जितेंद्र कुमार पटना, बिहार स्थित एक प्रतिष्ठित विधि पेशेवर हैं, जिनके पास आपराधिक रक्षा, नागरिक मुकदमों...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. पटना, भारत में बाल समर्थन कानून के बारे में

बाल समर्थन का उद्देश्य बच्चों के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है. पटना में यह मामला सामान्यतः Family Court Patna में CrPC धारा 125 के अंतर्गत निपटता है. यह उपाय माता-पिता की आय के आधार पर मासिक भुगतान निर्धारित करता है.

अदालत के आदेश से प्राप्त भुगतान बच्चों के पालन पोषण और शिक्षा के खर्च को कवर करता है. भुगतान नहीं मिलने पर अदालत प्रवर्तन कदम उठा सकती है और सजा तक हो सकती है. CrPC धारा 125 के तहत यह व्यवस्था नागरिक और दखलंदाजी से मुक्त शीघ्र राहत प्रदान करती है.

यह जानकारी पटना की स्थानीय अदालतों, कानून जूनियर्स और गैर-लाभकारी संस्थाओं के संयुक्त प्रयत्नों से लागू होती है. नीचे पटना के लिए विशिष्ट संदर्भ और कदम दिए गए हैं.

Section 125 CrPC provides for maintenance for wives, children and parents by a magistrate.
National Legal Services Authority emphasizes free legal aid and speedy relief in maintenance matters.

प्रासंगिक आधिकारिक स्रोतों के संलग्न उद्धरण देखें: Code of Criminal Procedure, 1973 (Section 125) - India Code और NALSA - National Legal Services Authority.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

पटना में बाल समर्थन के मामलों में वकील आवश्यक हो सकता है ताकि सही प्रकार से दाखिला, प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना और तଦनुसार तर्क किया जा सके. नीचे 4-6 वास्तविक-जीवन परिदृश्यों के साथ उद्देश्य समझिए.

  • पटना के एक असहाय माता-पिता ने CrPC धारा 125 के अंतर्गत अपने 6 वर्ष के बच्चे के लिए मासिक поддержане के लिए Family Court Patna में आवेदन किया; अदालत के निर्णय के लिए कानूनी मार्गदर्शन जरूरी था.
  • पिता पटना से बाहर रहते हैं और बच्चों के वित्तीय समर्थन की स्थिति बनानी है; वकील प्रक्रिया तय करेगा कि कैसे आदेश लिए जाएं और प्रवर्तन कैसे हो.
  • नाबालिग बच्चे के लिए चिकित्सा खर्च और शिक्षा खर्च को एक साथ सुनिश्चित करना हो तो वकील मदद करेगा कि किस प्रकार का राहत आदेश उचित हो.
  • यदि मां या पिता में से एक को अंतरराष्ट्रीय गंतव्य पर जाना हो और दायित्व बनाए रखना हो, तो उचित संरक्षण-आदेश लेने के लिए वकील की जरूरत होती है.
  • घरेलू हिंसा या तलाक के संदर्भ में बच्चों के संरक्षण के साथ maintenance की याचिका को एकीकृत करने के लिए कानूनगत सलाह आवश्यक है.
  • नाबालिग बच्चे के लिए परिवर्तन-आधारित स्थिति में अदालत के आदेश में संशोधन कराने के लिए अधिवक्ता मार्गदर्शन जरूरी हो सकता है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  1. Code of Criminal Procedure, 1973 - धारा 125 के अनुसार तब पुश्ते/पालकता के बिना मेन्टेनेन्स का आदेश दिया जा सकता है. यह बच्चों, पत्नियों और माता-पिता के लिए है.
  2. Guardians and Wards Act, 1890 - नाबालिगों के संरक्षण, देखभाल और नियंत्रण के लिए गार्जियन-वार्ड व्यवस्था को स्थापित करता है; आवश्यकतानुसार maintenance आदेश भी इसमें से निकल सकता है.
  3. Hindu Adoptions and Maintenance Act, 1956 - हिन्दू बच्चों के लिए रख-रखाव और संरक्षकता के नियम स्पष्ट करता है; अन्य धर्मों के लिए CrPC 125 सबसे आम मार्ग है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाल समर्थन क्या है?

यह बच्चों के पालन पोषण और शिक्षा के खर्च के लिए निर्धारित मासिक भुगतान है. अदालत इसे माता-पिता की आय के आधार पर तय करती है.

मैं पटना में इसे कैसे दायर कर सकता/सकती हूँ?

सरल भाषा में, आपके बच्चे के संरक्षण के लिए CrPC धारा 125 के अंतर्गत याचिका Family Court Patna में दायर की जाती है. आवश्यक दस्तावेज साथ में दें.

कौन आवेदन कर सकता है?

नाबालिग बच्चे के अभिभावक या संरक्षक, और यदि माता-पिता सक्षम हों तो वे भी आवेदन कर सकते हैं. अदालत में दोनों पक्षों की उपस्थिति आवश्यक है.

मूल्य निर्धारण कैसे होता है?

आय, जीवन-यापन खर्च, शिक्षा, चिकित्सकीय देखभाल और बच्चे की जरूरतों के अनुसार अदालत मासिक राशी तय करती है. आय के स्रोतों की पुष्टि जरूरी है.

आदेश कब जारी होता है?

याचिका दायर होने के कुछ दिनों से हफ्तों के भीतर प्रारम्भिक आदेश जारी हो सकता है. कोर्ट के अनुसार अनुरोध की स्थिति पर यह निर्भर करता है.

भुगतान में देरी पर क्या कदम उठाने चाहिए?

पहले नोटिस भेजकर भुगतान समय-सारिणी बनाएं. फिर अगर जारी न हो तो अदालत प्रवर्तन और जुर्माने/जेल की वही कार्रवाई कर सकती है.

क्या अंतरराष्ट्रीय गंतव्य पर रहने वाले पिता के लिए राहत संभव है?

हाँ, अदालत आदेश के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय प्रवर्तन के उपाय, विदेशी आय के स्रोतों पर रोक आदि संभव हैं. कानून-प्रयोग के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

वकील के खर्चे कितने होते हैं?

पटना में शुल्क क्षेत्र-नियमित है. यदि आप नि:शुल्क कानून सहायता चाहते हैं, तो NALSA और BSLSA से सहायता मिल सकती है.

क्या मैं interim maintenance भी मांग सकता/सकती हूँ?

हाँ, कई मामलों में अदालत interim आदेश जारी कर देती है ताकि तुरंत वित्तीय सहायता बहाल हो सके.

क्या माता-पिता के अलावा अन्य တ के लिए भी maintenance हो सकता है?

पुरुष/महिला के अलावा step-children के लिए maintenance के बारे में सामान्यतः CrPC 125 के अंतर्गत नहीं माना जाता; यह स्थिति विशेष अदालत के निर्देश पर हो सकती है.

क्या अदालत के आदेश को बदला जा सकता है?

हाँ, हालत बदलने पर अदालत पुन: परीक्षण कर सकती है और राशी या अवधि में संशोधन कर सकती है.

क्या सरकार मदद दे सकती है?

हाँ, NALSA के अंतर्गत नि:शुल्क कानूनी सहायता और निवारण की सुविधाएं उपलब्ध हैं; District Legal Services Authorities मदद ले सकते हैं.

क्या मैं पालन-पोषण के लिए बच्चों की शिक्षा-चिकित्सा खर्च का अनुरोध कर सकता/सकती हूँ?

हाँ, अदालत शिक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए विशिष्ट आदेश दे सकती है.

आदेश कैसे लागू कराया जा सकता है?

फीस, वेतन, बैंक खाते आदि पर प्रतिफलन के लिए सीधे प्रवर्तन किया जा सकता है; अगर आवश्यक हो तो गिरफ्तारी या संपत्ति के विरुद्ध जब्ती भी हो सकती है.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - आधिकारिक संसाधन और मुफ्त कानूनी सहायता: https://nalsa.gov.in
  • Bihar State Legal Services Authority - राज्य-स्तर पर सहायता सेवाएं: https://bslsa.bihar.gov.in
  • Patna District Legal Services Authority - स्थानीय सहायता कार्यालय और संसाधन: https://patna.courts.gov.in

6. next steps

  1. अपनी स्थिति के आधार पर आवश्यक दस्तावेज इकट्ठा करें: जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक स्टेटमेंट आदि.
  2. पटना के Family Court या DLSA से सही क्षेत्राधिकार और मार्गदर्शन तय करें.
  3. कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता से initial consultation लें और प्रश्न तैयार रखें.
  4. CrPC धारा 125 के अंतर्गत याचिका भरने के लिए तैयार हो जाएं और interim relief माँगें.
  5. कानूनी प्रतिनिधि के साथ फाइलिंग, Hearings और Evidence की तैयारी करें.
  6. यदि आवश्यक हो तो e-filing, online hearing और प्रवर्तन के उपायों के लिए ऑनलाइन संस्थाओं का प्रयोग करें.
  7. समझौता-परिषद बनाते समय बच्चे के हित को प्राथमिकता दें और आवश्यक शिक्षा-चिकित्सा खर्च को स्पष्ट करें.

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