मुंबई में सर्वश्रेष्ठ नागरिक मुक़दमा वकील

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मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Vis Legis Law Practice, Advocates
मुंबई, भारत

2017 में स्थापित
English
विस लेजिस लॉ प्रैक्टिस, एडवोकेट्स (वीएलएलपी) एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है जिसकी मुंबई, नई दिल्ली, पुणे और हैदराबाद में...
Nava Legal

Nava Legal

15 minutes मुफ़्त परामर्श
मुंबई, भारत

2011 में स्थापित
उनकी टीम में 20 लोग
English
Hindi
Marathi (Marāṭhī)
Nava.Legal ने 2021 में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन अनुभव किया, जब यह एक एकल स्वामित्व वाली फर्म से साझेदारी फर्म में परिवर्तित...
Legal Professionals
मुंबई, भारत

1995 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
कानूनी क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों काअनुभव।LEGAL PROFESSIONALS मुंबई, भारत के प्रमुख पूर्ण सेवा कानून फर्मों में से एक है।...
KVT Legal
मुंबई, भारत

2019 में स्थापित
English
2019 में स्थापित, KVT लीगल भारत में एक प्रथम-पीढ़ी का कानून कार्यालय है जो ग्राहक-केंद्रित कानूनी समाधान प्रदान करने के...
Advocate Krishna Nigam
मुंबई, भारत

English
एडवोकेट कृष्णा निगम भारत में एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाओं के...
Falcon Legal Advocates & Solicitor
मुंबई, भारत

2016 में स्थापित
English
फाल्कन लीगल ऐडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स मुंबई, भारत आधारित एक प्रतिष्ठित पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जिसकी दुबई में भी...
मुंबई, भारत

English
JNA LAW भारत का एक प्रतिष्ठित विधि फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में अपने व्यापक विधिक सेवाओं के लिये विख्यात...
Mhatre Law Associates
मुंबई, भारत

English
म्हात्रे लॉ असोसिएट्स (एमएलए) भारत में एक बहु-सेवा विधिक फर्म है, जो उद्यमों, निगमों, निर्माण कंपनियों और...
begur and partners
मुंबई, भारत

1996 में स्थापित
English
बेगुर एंड पार्टनर्स, पूर्व में एआरए लॉ के नाम से जाना जाता था, 1996 में स्थापित एक गतिशील प्रथम-पीढ़ी की विधिक फर्म है,...
SLD Law Firm
मुंबई, भारत

English
एसएलडी लॉ फर्म मैसूर और बेंगलुरु, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित कानूनी प्रैक्टिस है। यह फर्म नागर मामलों, वैवाहिक...
जैसा कि देखा गया

भारत नागरिक मुक़दमा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें नागरिक मुक़दमा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

मालिक सुरक्षा राशि नहीं दे रहा है
नागरिक मुक़दमा सामान्य मुकदमेबाजी
मेरे मकान मालिक ने पिछले महीने का किराया ले लिया और कुछ दिनों के बाद सुरक्षा जमा राशि देने का वादा किया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वह अत्यधिक मांग करता रहा और कहता है कि वह मेरी राशि नहीं दे सकता।
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजें।

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1 उत्तर
धारा 377, 379, 498A और घरेलू हिंसा
आपराधिक मुकदमेबाजी नागरिक मुक़दमा परिवार
मेरी पत्नी ने मुझ पर और मेरे परिवार पर सात वर्षों की अलगाव के बाद पुलिस स्टेशन में आरोप लगाए हैं। अब पुलिस बार-बार मेरे और मेरे परिवार के बयान के लिए बुला रही है। मुझे क्या करना चाहिए?
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

पुलिस कर्मचारियों से शिकायत आपके साथ साझा करने को कहें। पत्नी द्वारा दर्ज शिकायत का उत्तर दें।

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1 उत्तर

1. मुंबई, भारत में नागरिक मुक़दमा कानून के बारे में

नागरिक मुक़दमा कानून नागरिक मामलों की अनुशासनिक प्रक्रिया निर्धारित करता है। यह बताए कि शिकायत कैसे दर्ज हो, पक्ष कैसे जवाब दें और अदालतें कैसे निर्णय सुनाएं। मुंबई में यह प्रक्रिया मुंबई उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों के अधीन चलती है।

मुंबई में प्रमुख संवैधानिक संस्थान: बॉम्बे हाई कोर्ट, मुंबई सिटी किराए के मामलों के लिए नगर निगम-क्षेत्र की अदालतें और नगरपालिका क्षेत्र से जुड़े मुक़दमे भी नागरिक प्रक्रिया के अंतर्गत आते हैं। अदालतें तेज़ और स्पष्ट न्याय उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करती हैं।

नागरिक मुक़दमों में अस्थायी राहत, जैसे रोकथाम आदेश, और अंतिम निर्णय दोनों शामिल होते हैं। साथ ही उभरते विषयों के कारण वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) की भूमिका भी बढ़ी है।

“The Code of Civil Procedure, 1908 provides the process for civil suits, including plaint, summons, appearance, and trial.”
“The eCourts Project aims to transform the Indian judiciary by providing access to court information and services to citizens.”

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे मुंबई-आधारित वास्तविक परिस्थितियाँ दी जा रही हैं जिनमें कानूनी सलाहकार की सहायता लाभदायक होती है।

  • जेब में रकम की वसूली से जुड़ा मामला - एक मुंबई व्यवसायी से ऋण लेकर चुका न पाने पर बाज़ीगरी के साथ अदालत में दावा दायर किया जाना चाहिए। वकील सटीक पन्ने, स्टेटस और समयसीमा समझाते हैं।
  • सम्पत्ति-विवाद - सह-मालिकी, किरायेदार-स्वामित्व, या üle-हक़ के मुद्दे पर कोर्ट-तलाशी और साक्ष्य प्रस्तुत करना आसान नहीं होता है। अधिवक्ता सही पक्षेषी बनाते हैं।
  • कॉन्ट्रैक्ट ब्रेच से जुड़े मामले - मुंबई के ठेकेदार, व्यवसायी या फॉर्म-वर्क कॉन्ट्रैक्ट में विवाद होने पर दावा दायर करना या जवाब देना जटिल हो सकता है।
  • पट्टे-नियम और किराये के विवाद - महाराष्ट्र Rent Control Act और अन्य किराये से जुड़े मामले में उचित तर्क और दस्तावेज़ आवश्यक हैं।
  • फैमिली और संपत्ति से जुड़े मुद्दे - विरासत, भाग-बटवारा, वैधानिक निर्णय लेने के लिए विशेषज्ञ सलाह चाहिये।
  • त्वरित मामलों में पहले से तैयारी चाहिए - Mumbai में कॉरपोरेट, वाणिज्यिक विवादों के लिए Commercial Courts अधिनियम का लाभ उठाने के लिये अनुभवी वकील चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Code of Civil Procedure, 1908 - नागरिक मुक़दमों की प्राथमिक प्रक्रिया और अदालतों के कार्य-प्रणालियों का मूल ढांचा।
  • Indian Evidence Act, 1872 - साक्ष्यों के महत्व, सत्यापन, और प्रमाण-प्रस्तुतिकरण के नियम निर्धारित करता है।
  • Transfer of Property Act, 1882 - संपत्ति से जुड़े अधिकार और बाध्यकारी अनुबंधों के नियम स्पष्ट करता है।
  • Specific Relief Act, 1963 - विशेष राहत के निर्देश, जैसे injunction और specific performance।
  • Maharashtra Rent Control Act, 1999 - पट्टे के मुद्दों पर नियम और अदालतों के समक्ष संरक्षण उपाय।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागरिक मुक़दमा क्या है?

नागरिक मुक़दमा एक ऐसी कानूनी कार्रवाई है जिसमें एक व्यक्ति अपने दावे की मान्यता पाने के लिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत होता है। यह धन-बल, संपत्ति, अनुबंध, या अधिकार-हक के दावों से जुड़ा हो सकता है।

कौन फाइल कर सकता है?

किसी भी व्यक्ति, कंपनी या संस्था जो विवादपूर्ण दावे से प्रभावित हो, वे मुक़दमा दर्ज करा सकते हैं। यथोचित रूप से वकील या कानूनी सलाहकार की मदद ली जा सकती है।

मैं Mumbai में किस अदालत का चयन करूँ?

यदि मामला सामान्य है तो सामान्य अदालत या जिला अदालत में दायर किया जाता है। बड़े कॉमर्स-डिस्पुट के लिए Commercial Courts में जाना उचित होता है।

plaint कैसे दायर किया जाता है?

plaint में दावे का सार, नियम-उल्लेख, साक्ष्य-सूचियाँ और प्रतिनिधित्व शामिल होते हैं। कानून-शास्त्र के अनुसार एक वकील की समीक्षा आवश्यक है।

गवाह कैसे प्रस्तुत होते हैं?

गवाह की सूची अदालत को दी जाती है। साक्ष्य के लिए शपथ-गवाही, दस्तावेज़ और मौखिक अभिज्ञान शामिल होते हैं।

कितना समय लगता है?

यह मामला-परिस्थितियों पर निर्भर है। सरल शिकायतें 1-2 वर्ष में हालाँकि लंबी और जटिल मामलों में कई वर्षों तक चलते हैं।

मैं कोई तात्कालिक राहत कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

अस्थायी injunction या सुरक्षा-आदेश जैसे कदम अदालत से तत्काल राहत मांगते हैं। इसे ex parte भी दिया जा सकता है पर अक्सर प्रमाण मांगता है।

कौन से दस्तावेज़ जरूरी होंगे?

पहचान, कॉन्ट्रैक्ट, पंजीकरण, रजिस्ट्री, बिल, भुगतान विवरण आदि दस्तावेज़ जुटाने चाहिए।

क्या मैं अपील कर सकता हूँ?

हाँ, अधिकांश मामलों में फैसले पर अपील संभव है। appellate-structure में उच्च न्यायालय या सिविल अपीलीय न्यायालय प्रमुख हैं।

मैं कैसे तुरंत कोर्ट-किराया जानकारी पाऊँ?

ई-कोर्ट्स पोर्टल और बॉम्बे हाई कोर्ट साइट पर केस स्टेटस, समन तिथि और तारीख-तालिका मिलती है।

क्या ADR विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ, mediation और conciliation से समय और लागत बच सकती है। कई केसों में यह प्राथमिक विकल्प बन गया है।

न्यायिक लागत क्या होती है?

वकील-फीस, कोर्ट-फीस और दस्तावेज़-खर्च शामिल होते हैं। स्थिति के अनुसार खर्च बदले जाते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और साक्षात्कार-सहायता प्रदान करता है। https://nalsa.gov.in/
  • District Legal Services Authority, Mumbai - मुंबई जिला में नि:शुल्क कानूनी सहायता सेवाओं के लिए जिम्मेदार संस्था। https://districts.ecourts.gov.in/mumbai
  • Maharashtra State Legal Services Authority (MSLSA) - राज्य स्तर पर कानूनी सहायता कार्यक्रम संचालित करता है। https://www.mslsa.maharashtra.gov.in/

6. अगले कदम

  1. अपना मुद्दा स्पष्ट करें और आवश्यक दस्तावेज़ जुटाएँ।
  2. एक वकील या कानूनी सलाहकार से initial consultation लें।
  3. स्थानीय अदालत का सही क्षेत्राधिकार निर्धारित करें।
  4. कौन सा कदम उठाना है, यह योजना लिखित में रखें।
  5. फाइलिंग-डेडलाइन और स्टेटस चेकलिस्ट बनाएं।
  6. कानूनी भाषा के संकेत और अनुरोधों के साथ अदालत-समन तैयार करें।
  7. ADR विकल्प पर विचार करें ताकि समय और लागत कम हो।

स्रोत संदर्भ: Code of Civil Procedure, 1908 का मूल उद्देश: “An Act to consolidate the Law relating to the Procedure of Civil Courts.” Official legislative site में CPC के दायरे का उल्लेख है।

आधिकारिक सेवाओं के बारे में जानकारी: eCourts Project के बारे में कहता है कि यह नागरिकों को न्याय-सहायता और सूचना प्रदान करने हेतु सूचना-प्रौद्योगिकी पर आधारित है. ecourts.gov.in

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से मुंबई में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, नागरिक मुक़दमा सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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अस्वीकरण:

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