हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ संचार एवं मीडिया कानून वकील

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Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
जैसा कि देखा गया

हरियाणा, भारत में संचार एवं मीडिया कानून के बारे में

यह क्षेत्र हरियाणा में संचार, मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल कंटेंट से जुड़ा है. कानून यह निर्धारित करता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ लोकहित, सुरक्षा और निजता कैसे संतुलित हो. केंद्र-राज्य संस्थान मिलकर लाइसेंसिंग, कंटेंट नियम और शिकायत निवारण के नियम बनाते हैं.

संविधान के मौलिक अधिकार और regulate करने वाले केंद्रीय कानून हरियाणा में लागू होते हैं. अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, पर अन्य धाराओं से सीमाएं भी लगाई जा सकती हैं.

Article 19(1)(a) के अनुसार भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है.
Constitution of India

डेटा सुरक्षा, ऑनलाइन कंटेंट, ब्रॉडकास्टिंग और मल्टीमीडिया के लिए नया ढांचा Information Technology Act 2000 और उसके नियमों से आता है. 2021 के डिजिटल मीडिया नियमों ने intermediaries और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी की रेखाएं स्पष्ट की हैं.

The Information Technology Act 2000 provides for the legal recognition of electronic records and digital signatures.
MeitY

हरियाणा निवासियों के लिए यह भी जरूरी है कि वे OTT, कैबल टीवी, ऑनलाइन समाचार साइट्स और सोशल मीडिया पर नियमों का पालन करें. हालिया परिवर्तन डिजिटल मीडिया के लिए कोड ऑफ एथिक्स और शिकायत निवारण के मानक स्थापित करते हैं.

The Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code Rules 2021 regulate content on digital platforms in India.
MeitY

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है:

  • सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या गलत सूचना से जुड़ी शिकायत में कानूनी सलाह चाहिए. IT Act 2000 और IPC की धाराओं के अनुसार कैसे कदम उठाएं, यह समझना होगा.

  • ब्रॉडकास्टिंग या केबल टीवी नेटवर्क के लाइसेंसिंग, कॉन्टेंट क्लॉज और अनुपालन से जुड़ा विवाद हो सकता है. adv-legal सलाह जरूरी है.

  • हिंदी या अन्य भाषाओं में कॉपीराइट, ट्रेडमार्क या पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन हो तो ठोस रक्षा या निष्पादन कदम चाहिए.

  • RTI के माध्यम से सरकारी जानकारी मांगने या उसका आकलन करने में सहायता चाहिए. Haryana RTI प्रक्रियाएं भी मायने रखती हैं.

  • कंटेंट क्लेम, defamation, निजता, डेटा सुरक्षा के मामलों में न्यायिक रणनीति और देय शुल्क की clarity आवश्यक है.

  • OTT प्लेटफॉर्म के लिए भारत-विशिष्ट नियमों के अनुसार शिकायत-निवारण और कोड का अनुपालन कैसे करें, यह समझना जरूरी है.

स्थानीय कानून अवलोकन:

Cable Television Networks (Regulation) Act, 1995-हरियाणा सहित पूरे भारत में केबल नेटवर्क्स के संचालन, प्रसारण-समय, अनुशासन और शिकायत-निवारण के नियम निर्धारित करता है. यह कानून नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेशन और उपभोक्ता सुरक्षा पर केंद्रित है. इससे कैबल एपारेटर और चैनलों की पॉलिसी नियंत्रित होती है.

Information Technology Act, 2000-ऑनलाइन रिकॉर्ड की कानूनी मान्यता और डिजिटल सिग्नेचर से जुड़े प्रावधान देता है. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन, साइबर अपराध और पर्सनल डाटा सुरक्षा से जुड़े दायित्व बताता है. Haryana में ऑनलाइन कंटेंट और intermediaries के लिए प्रमुख कानूनी आधार है.

Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code Rules, 2021-डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, और डिजिटल मीडिया पर कोड ऑफ एथिक्स, शिकायत-निवारण और पारदर्शिता की व्यवस्था बनाते हैं. यह हरियाणा में ऑनलाइन मीडिया-प्रोफेशनल्स और प्लेटफॉर्म्स के लिए आवश्यक अनुपालन है. CBFC, TRAI और राज्य स्तर पर शिकायत-समाधान के साथ संयोजन में बाँधता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

भारत के संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कब तक सीमित हो सकती है?

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत है. पर कानून द्वारा निर्धारित सुरक्षा, सार्वजनिक order और नैतिक मानकों के कारण सीमाएं लग सकती हैं. न्यायालय इस संतुलन को देखता है.

हरियाणा में कैबल टीवी लाइसेंस कैसे मिलता है?

लाइसेंस प्रायः केंद्र-राज्य नियमों के अनुसार जारी होते हैं. स्थानीय आपूर्ति क्षेत्र के अनुसार आवेदन, नेटवर्क प्रापक के प्रमाणीकरण और अनुपालन चेक होते हैं. क्षेत्र के अनुसार स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मार्गदर्शन देंगे.

OTT कम्पनियों के लिए कौन से नियम लागू होते हैं?

OTT प्लेटफॉर्म पर 2021 के नियम लागू होते हैं. कोड ऑफ एथिक्स, शिकायत-निवारण और तथ्य-आधारित कंटेंट रेटिंग आवश्यक है. MeitY के नियम और गाइडलाइंस देखें.

किसी के खिलाफ defamatory कंटेंट दिखने पर क्या करें?

पहले प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करें. फिर कानूनी सलाह लें ताकि IPC के defamation या IT एक्ट के प्रावधान के तहत कार्रवाई की जा सके. प्रमाण जुटाएं और उचित न्यायिक कदम उठाएं.

डिजिटल डाटा सुरक्षा के लिए मैं क्या कर सकता हूँ?

व्यवसायिक डाटा प्रोटेक्शन पॉलिसी बनाएं. व्यक्तिगत डाटा के प्रयोग के लिए अनुमति, नियम और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें. IT Act और RBI या अन्य नियामकों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलें.

कंटेंट-स्कोप और क्लेम के मामले मेंopyright कैसे बचें?

कंटेंट के लिए कॉपीराइट अवेयरेंस रखें. लाइसेंस प्राप्त म्यूजिक, इमेज और वीडियो का ही उपयोग करें. आवश्यक अनुमति न मिलने पर कंटेंट बदल दें या मुआवजा दें.

सरकारी सूचना चाहिये तो RTI कैसे फाइल करें?

स्थानीय RTI आवेदन Haryana Information Commission के पन्नों पर दिया जा सकता है. स्पष्ट, संक्षिप्त और संबोधित प्रश्न लिखें. जवाब मिलने में समय लग सकता है, फॉलो-अप करें.

केंद्रीय कानूनों के अलावा Haryana में कौन से स्थानीय प्रावधान लागू हो सकते हैं?

हरियाणा के RTI, विद्युत, और लोक-शासन से जुड़े स्थानीय प्रावधान लागू हो सकते हैं. सक्षम अधिकारी से मार्गदर्शन लें और यदि आवश्यक हो तो प्रशासनिक अपील करें.

फिल्म प्रमाणन और सार्वजनिक प्रदर्शन कैसे नियत होते हैं?

Central Board of Film Certification (CBFC) फिल्म के कंटेंट की मानक-श्रृंखला तय करता है. फ्रेम-रनिंग और कटिंग के लिए CBFC के नियमों का पालन करें.

कौन से regulators मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को नियंत्रित करते हैं?

TRAI ( Telegraph Regulatory Authority of India ), MeitY और MIB ( Ministry of Information and Broadcasting ) प्रमुख regulators हैं. वे शिकायत-निवारण और अनुपालन के दिशा-निर्देश जारी करते हैं.

कानून उल्लंघन के नुकसान का मुआवजा कैसे मिल सकता है?

कानूनी निकायों के जरिये दावे-नुकसान-चुकता के लिए शिकायत दायर करें. साक्ष्य और प्रमाण मजबूत रखें. अदालत निर्णय के बाद ही मुआवजा संभव है.

निजता और डेटा सुरक्षा पर कौन सा कानून प्रभावी रहता है?

IT Act 2000 और उससे जुड़े नियम प्रमुख हैं. व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग पर कानूनी कदम उठाने के विकल्प मिलते हैं.

अतिरिक्त संसाधन:

  • Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY)-IT कानून, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और गाइडलाइंस. https://www.meity.gov.in

  • Telecom Regulatory Authority of India (TRAI)-टेलीकॉम-और मीडिया-रेगुलेशन. https://trai.gov.in

  • Central Board of Film Certification (CBFC)-फिल्म प्रमाणन और सार्वजनिक प्रदर्शन निर्देश. https://cbfcindia.gov.in

अगले कदम:

  1. अपनी समस्या स्पष्ट कर लें: किस- किस कानून का उल्लंघन हुआ है?
  2. संबंधित दस्तावेज जमा करें: कॉपीराइट, लाइसेंस, स्क्रीनशॉट इत्यादि.
  3. हरियाणा में मीडिया कानून में विशेषज्ञ वकील खोजें: टीवी, ऑनलाइन कंटेंट, कॉपीराइट आदि में अनुभव देखें.
  4. पहला परामर्श शेड्यूल करें और लक्ष्य तय करें: शिकायत-या अनुबंध-कार्यवाही?
  5. फीस-रचना और समय-सारिणी स्पष्ट करें: किस स्थिति में कितनी फीस होगी?
  6. कानून-व्यवहार योजना बनाएं: कौन-सी कोर्ट/समिति को किस कदम से जवाब दें?
  7. आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेजों के साथ अग्रिम कदम उठाएं: RTI, पंजीकरण, या शिकायत दर्ज करें.
“The Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code Rules 2021 regulate content on digital platforms in India.”
“Article 19(1)(a) of the Constitution guarantees the freedom of speech and expression.”
“The Cable Television Networks (Regulation) Act, 1995 provides for regulation of cable television networks.”

Constitution of India

MeitY

CBFC

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