गिरिडीह में सर्वश्रेष्ठ कॉपीराइट वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
गिरिडीह, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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गिरिडीह, भारत में कॉपीराइट कानून के बारे में: गिरिडीह, भारत में कॉपीराइट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कॉपीराइट मूल रचनात्मक कार्यों के लिए रचनाकार को मिले विशेष अधिकार हैं। ये अधिकार लिखित और कलात्मक विषयों पर लागू होते हैं जैसे किताबें, चित्र, संगीत, फिल्मों और सॉफ्टवेयर। गिरिडीह के निवासियों के लिए यह कानून खासतौर पर स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स, शिक्षक, प्रकाशक और डिजिटल व्यवसाय के लिए अहम है।

किसी भी रचना पर कॉपीराइट त्वरित रूप से स्वतः उत्पन्न हो जाता है; पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर अनुमोदन प्रमाण के रूप में मदद करता है। उचित अनुमति के बिना पुनरुत्पादन, वितरण या प्रदर्शन से कानूनी जोखिम उभर सकते हैं।

स्थानीय समस्याओं के लिए दायरे में शामिल अधिकारों में पुनरुत्पादन, वितरण, प्रदर्शन, रूपांतरण और सार्वजनिक प्रदर्शन सम्मिलित हैं। डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कॉपीराइट उल्लंघन तेज गति से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय Creators को बचाव की दिशा में सचेत रहना होता है।

Copyright is a form of protection provided by the laws of a country to authors of original works of authorship.

Source: World Intellectual Property Organization (WIPO) - What is Copyright, https://www.wipo.int/copyright/en/

Registration of copyright is not mandatory in India; it serves as prima facie evidence of ownership.

Source: Indian Copyright Office - Registration of Copyright, https://copyright.gov.in

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: कॉपीराइट कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं

  • परिदृश्य 1: गिरिडीह जिले के एक स्वतंत्र क्रिएटर ने बिना अनुमति किसी संगीत ट्रैक को अपने वीडियो में उपयोग किया है। इससे कलाकार का अधिकार दांव पर है और कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है।

  • परिदृश्य 2: एक स्थानीय स्कूल ने छात्र प्रचार-नोट्स के लिए ऑनलाइन फोटो और टेक्स्ट कॉपी किए हैं। संभावित उल्लंघन के कारण शैक्षणिक संस्थान की कानूनी प्रतिबद्धताएं स्पष्ट करनी होंगी।

  • परिदृश्य 3: गिरिडीह के किसी प्रकाशक ने किसी Magazine के चित्र और फुटनोट्स बिना अनुमति छपे हैं; लाइसेंसिंग और प्रतिशोध तय करना होगा।

  • परिदृश्य 4: एक स्थानीय व्यवसाय ने डिज़ाइनर से बनवाये गये लोगो का उपयोग किया पर लाइसेंस के बिना प्रचार सामग्री में उसका प्रदर्शन किया गया।

  • परिदृश्‍य 5: एक गाने या ध्वनि रिकॉर्डिंग के ऑडियो क्लिप को विक्रय-प्रचार के लिए सोशल मीडिया पोस्ट में बिना अनुमति प्रयोग किया गया हो सकता है।

  • परिदृश्य 6: एक वीडियो स्टार्टअप गिरिडीह में क्लिप-आर्काइव से क्लिप उठाकर प्रकाशित करता है; कॉपीराइट उल्लंघन के जोखिम और कार्रवाई पर कानूनी मार्गदर्शन आवश्यक होगा।

स्थानीय कानून अवलोकन: गिरिडीह, भारत में कॉपीराइट को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • The Copyright Act, 1957 - प्रस्तुत रचनाओं के लिए मूल अधिकारों की सुरक्षा और उनके निहित अधिकारों को निर्धारित करता है।

  • The Copyright (Amendment) Act, 2012 - कॉपीराइट संरक्षण की रक्षा-श्रेणी और enforcement के उपायों को आधुनिक बनाता है, साथ ही डिजिटल कंटेंट पर आधारित प्रावधानों को स्पष्ट किया गया।

  • The Information Technology Act, 2000 - डिजिटल माध्यमों पर कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़ी घटनाओं में टेक्निकल-क्राइम्स और ऑनलाइन दण्ड के उपायों का संदर्भ देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉपीराइट क्या है?

कॉपीराइट रचनाकार के अद्वितीय creations पर मिलने वाला अधिकार है। यह रचना के उपयोग, पुनरुत्पादन और वितरण पर नियंत्रण देता है।

क्या कॉपीराइट के लिए पंजीकरण अनिवार्य है?

नहीं, पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। फिर भी पंजीकरण ownership के prima facie प्रमाण के रूप में मदद करता है।

कॉपीराइट की अवधि कितनी है?

कथित रूप से साहित्यिक, Dramatic, Musical और Artistic works के लिए जीवन-काल के लेखक के जीवन के बाद 60 वर्ष तक सुरक्षा रहती है। अन्य विषयों के लिए संभवतः अलग नियम लागू होते हैं; अधिक जानकारी के लिए स्थानीय अधिनियम देखें।

फेयर डीलिंग क्या है और कब लागू होता है?

फेयर डीलिंग में शैक्षणिक, शोध, आलोचना या समाचार-प्रसारण जैसे सीमित उपयोग शामिल हो सकते हैं। यह उपयोग आमतौर पर droits owner के अनुरोध के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

क्या इंटरनेट पर किसी की तस्वीर या कंटेंट का उपयोग करना वैध है?

ऑनलाइन सामग्री का उपयोग तब तक वैध नहीं माना जाता जब तक अनुमति या लाइसेंस नहीं लिया गया हो। विशेषकर व्यापारिक उपयोग के लिए लाइसेंस अनिवार्य हो सकता है।

क्या मुझे अपने रचना पर कॉपीराइट मिलता है?

हाँ, जैसे ही आप originality के साथ रचना बनाते हैं, कॉपीराइट स्वतः उत्पन्न हो जाता है। पंजीकरण से सुरक्षा मजबूत हो सकती है।

कब मुझे किसी अन्य के कंटेंट का क्लिप उपयोग करने की अनुमति लेनी चाहिए?

जब तक उपयोग कॉपीराइट स्वामी के अधिकारों से बाहर न हो, लाइसेंस या अनुमति आवश्यक है।

अगर मैं कॉपीराइट उल्लंघन का सामना कर रहा हूँ तो मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले प्रमाण-संग्रह करें और किसी कानूनी सलाहकार से संपर्क करें। उचित कदम उठाने में उनके मार्गदर्शन से सामग्री हटाने के निर्देश मिलते हैं।

Public Domain कब बनता है?

Public Domain उन रचनाओं को कहा जाता है जिन पर कॉपीराइट अब अधिक नहीं है या कभी रहा ही नहीं। इन पर कोई लाइसेंस आवश्यक नहीं है, लेकिन स्रोत का उचित उल्लेख रखना अच्छा रहता है।

Creative Commons लाइसेंस क्या हैं?

Creative Commons लाइसेंस रचनाकार द्वारा निर्धारित शर्तों के साथ उपयोग की अनुमति देता है। आप किस प्रकार के उपयोग की अनुमति है यह स्पष्ट कर सकते हैं।

गिरिडीह में कॉपीराइट शिकायत कैसे फाइल करें?

स्थानीय जिला न्यायालय या उच्च न्यायालय के कानूनी सलाहकार के मार्गदर्शन से शिकायत दाखिल करें। प्रारम्भिक कदमों में प्रमाण, नोटिस और उचित कानूनी कदम शामिल होते हैं।

takedown नोटिस प्राप्त हुआ तो क्या करें?

नोटिस मिलते ही कानूनी सलाहकार से संपर्क करें। वैकल्पिक समाधान जैसे लाइसेंसिंग या disputa resolution पर बातचीत संभव है।

अतिरिक्त संसाधन

अगले कदम: कॉपीराइट वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपनी स्थिति स्पष्ट करें: कौन-सा karya शामिल है, उपयोग का प्रकार, उद्देश्य, स्थान, और Société के साथ संबंध।
  2. गिरिडीह जिले में IP कानून विशेषज्ञ खोजें: स्थानीय बार एसोसिएशन या जिला न्यायालय के पते से संपर्क करें।
  3. विशेषता जाँचें: कॉपीराइट, डिजिटल कॉपीराइट, प्रशिक्षण सामग्री, फेयर यूज आदि में अनुभव देखें।
  4. पूर्व क्लाइंट अनुभव पूछें: केस प्रकार, परिणाम और फीस संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
  5. आमने-सामने मुलाकात करें: नि:शुल्क या कम-कीमत initial consultation लें और स्पष्ट योजना पूछें।
  6. फीस और फीस-निर्धारण समझें: घंटे-आधारित या अनुबंध-आधारित शुल्क, और अग्रिम भुगतान की शर्तें पूछें।
  7. चयन के बाद दस्तावेज तैयार रखें: आपके पासवर्ड, कॉपीराइट पंजीकरण, ताजा नोटिस आदि सभी दस्तावेज साथ रखें।

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