लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ कॉपीराइट वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LEXAMEET PROFESSIONAL'S LLP - A LAW FIRM
लखनऊ, भारत

2020 में स्थापित
English
LEXAMEET PROFESSIONAL'S LLP भारत में स्थित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जो देश भर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों को कानूनी...
Mishra & Associates Law Firm

Mishra & Associates Law Firm

30 minutes मुफ़्त परामर्श
लखनऊ, भारत

2012 में स्थापित
उनकी टीम में 6 लोग
English
Hindi
मिश्रा एंड एसोसिएट्स दशकों से एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है। हमारे विशेषज्ञ कानूनी पेशेवरों की टीम के साथ, हम सिविल,...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
लखनऊ, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. लखनऊ, भारत में कॉपीराइट कानून के बारे में: लखनऊ, भारत में कॉपीराइट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कॉपीराइट कानून रचनाकारों के मूल अधिकारों की सुरक्षा करता है ताकि उनकी रचना पर उनका नियंत्रण बना रहे। भारत में कॉपीराइट 自动 सुरक्षा देता है; पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। लखनऊ निवासी भी इसके दायरे में आते हैं और अपने लेखन, कला, ध्वनिक्रम आदि की संरक्षित अधिकार प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकार में पुनरुत्पादन, वितरण, सार्वजनिक प्रदर्शन और कलात्मक या साहित्यिक कार्यों के अनुवर्ती कार्य बनाना शामिल हैं। कानून स्पष्ट करता है कि केवल वास्तविक रचना ही कॉपीराइट की पात्र है, विचार या तथ्य आंतरिक नहीं होते। आपनी रचना के प्रदर्शन, वितरण या प्रस्तुति के लिए अनुमति लेना या लेना चाहेंगे तो आप वैध अधिकारियों से सलाह ले सकते हैं।

"Copyright subsists in original literary, dramatic, musical and artistic works; cinematograph films and sound recordings." (The Copyright Act, 1957 - Section 13(1))
उद्धरण स्रोत: The Copyright Act, 1957 - Section 13(1)

हिंदी में सरल शब्दों में कहें तो कॉपीराइट स्वतः उत्पन्न होता है और किसी पंजीकरण की अनिवार्यता नहीं है, पर पंजीकरण से संरक्षण के प्रमाण मजबूत हो सकते हैं। यह शास्त्रीय नियम भारत के कानून के अनुसार लागू है और उत्तर प्रदेश के Lucknow क्षेत्र में भी यह लागू होता है।

"Registration of copyright is not a condition of protection; copyright arises automatically on creation." (The Copyright Act, 1957)
उद्धरण स्रोत: The Copyright Act, 1957

कॉपीराइट की सुरक्षा साहित्य, Dramatic, संगीत, चित्रकला, फ़िल्में, ध्वनि रिकॉर्डिंग आदि पर लागू होती है। इसके प्रावधानों से आप अपने अधिकारों का बेहतर नियंत्रण कर पाते हैं और उल्लंघन होने पर कानूनी कदम उठा सकते हैं।

लखनऊ में कॉपीराइट के क्षेत्राधिकार से जुड़ी अदालتی प्रक्रियाओं में स्थानीय पुलिस और जिला न्यायालयों के साथ कार्यवाही संभव है। साथ ही उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से जुड़े परामर्श और निर्देश भी उपलब्ध रहते हैं।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: कॉपीराइट कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। लखनऊ, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

पहचान की गई स्थिति में एक कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता की सहायता उपयुक्त हो सकती है। पेशेवर मार्गदर्शन से आप अपने अधिकार सुरक्षित रख सकते हैं और उचित कदम उठा सकते हैं।

  • एक स्वतंत्र लेखक लखनऊ में अपनी नई किताब लिख रहा है और चाहता है कि किसी ने उसी टेक्स्ट को बिना अनुमति न दोहराया जाए। कृति के मालिकाना अधिकार को स्पष्ट करने के लिए वकील की जरूरत पड़ेगी।
  • एक फोटोकार लोकेशन आधारित स्टूडियो लखनऊ में अपनी तस्वीरों के लिए मालिकाना अधिकार और लाइसेंसिंग के नियम समझना चाहता है ताकि ग्राहक उपयोग कर सकें।
  • एक छोटा व्यवसाय यूपी के लखनऊ में अपने ब्रांड लोगो और कॉपीराइट्ड विजुअल कंटेंट की सुरक्षा करना चाहता है। अधिकार संरचना और अनुबंध लिखने के लिए कानूनी सहायता चाहिए।
  • युवा कंटेंट क्रिएटर सोशल मीडिया पर मूल गीत या ध्वनि क्लिप डालता है और चाहता है कि उसके क्लिप के सही क्रेडिट और सुरक्षा मिलें। उचित बिंदुओं के लिए अधिवक्ता की सलाह जरूरी है।
  • लखनऊ यूनिवर्सिटी या स्कूल नेटवर्क में पाठ्य सामग्री चोरी/अनधिकृत प्रयोग के मामले सामने आते हैं, तो संस्थान को कानूनी सहायता और उचित रास्ते बताने वाला वकील जरूरी हो सकता है।
  • यदि किसी ने आपकी रचना को बिना अनुमति आसान बना दिया है और आप न्यायिक कदम उठाना चाहते हैं, तो वैधानिक प्रक्रिया और उपचार के बारे में एक कानूनी विशेषज्ञ मार्गदर्शन दे सकता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: लखनऊ, भारत में कॉपीराइट को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम

केंद्र सरकार द्वारा स्थापित प्रमुख कानून नीचे दिए गए हैं, जिनमें Lucknow क्षेत्र के लिए लागू होते हैं।

  • The Copyright Act, 1957 - मूल कॉपीराइट कानून जो साहित्यिक, Dramatic, musical, artistic रचनाओं, फ़िल्म, ध्वनि रिकॉर्डिंग आदि को सुरक्षा देता है।
  • The Copyright Rules, 2013 - कानून के अनुपालनों के लिए विवरणी नियम और फॉर्म प्रावधान प्रदान करते हैं।
  • The Information Technology Act, 2000 और इसके नियम - ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट उल्लंघन और डिजिटल माध्यमों पर अपराध से जुड़े प्रावधान (IT Rules से संबंधित प्रावधानों के साथ) इस क्षेत्र में लागू होते हैं।

इन कानूनों के साथ स्थानीय पुलिस, अदालतें और कॉपीराइट कार्यालय सक्रिय रूप से क्रियाशील रहते हैं। Lucknow में डिजिटल piracy, क्लाउड-स्टोर‑आधारित उल्लंघन और प्रतिकृति सामग्री पर कार्रवाई के लिए ये नियम एक साथ लागू होते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पंजीकरण अनिवार्य है?

नहीं, पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। कॉपीराइट स्वतः उत्पन्न होता है और संरक्षण निर्माण के साथ शुरू हो जाता है। प्राप्त प्रमाण के लिए आप चाहें तो पंजीकरण करवा सकते हैं।

कॉपीराइट कितनी देर तक रहता है?

सामान्य साहित्यिक, Dramatic, musical और artistic रचनाओं के लिए संरक्षण लेखक के जीवन के अंत के बाद वर्ष-60 तक रहता है। ध्वनि रिकॉर्डिंग और फ़िल्मों के लिए अलग प्रकार की अवधि लागू हो सकती है।

क्या मैं अपने काम पर कॉपीराइट नोटिस डाल सकता हूँ?

हाँ, आप © और वर्ष, लेखक/स्वामी का नाम लिख कर नोटिस डाल सकते हैं। यह धारणा बनाता है कि आप अधिकार धारक हैं और अन्यायपूर्ण प्रयोग पर निषेध का संकेत देता है।

Fair dealing का मतलब क्या है?

भारतीय कानून में fair dealing के उद्देश्य निजी उपयोग, आलोचना, समीक्षा, वर्तमान घटनाओं की रिपोर्टिंग, शिक्षा आदि के लिए कुछ मात्रा तक के उपयोग की अनुमति देता है। Directions सन्निकटन में यह उपयोग सीमाओं के भीतर दिखना चाहिए।

अगर मेरी रचना की चोरी हो जाए, तो क्या करूँ?

सबसे पहले प्रमाण एकत्र करें-ईमेल, drafts, timestamps, वेब स्क्रीनशॉट्स आदि। फिर कानूनी सलाहकार से संपर्क करें ताकि Cease-and-desist नोटिस भेजा जाए या मामला आगे बढ़ाने के लिए उचित कदम उठें।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उल्लंघन कैसे रोका जा सकता है?

कानूनी सलाहकार से आप DMCA-समकक्ष नोटिस बनाकर प्लेटफॉर्म पर शिकायत कर सकते हैं, तथा जरूरत पड़ने पर आईटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।

मुझे क्या दस्तावेज़ रखने चाहिए?

रोज़गार, निर्माण, प्रारम्भिक ड्राफ्ट, अंतिम संस्करण, डिज़ाइन फाइल, पोस्टर, फोटो शूट के समय के रिकॉर्ड आदि सुरक्षित रखें। इन सब से मालिकाना का प्रमाण मजबूत होता है।

क्या कॉपीराइट लाइसेंस चाहिए होते हैं?

कई बार हकदार के साथ लाइसेंस समझौते की आवश्यकता होती है ताकि दूसरों को सही शर्तों पर उपयोग दिया जा सके। लाइसेंस में ऐसी शर्तें स्पष्ट करें कि उपयोग कितने समय, किस स्थान पर, किस उद्देश्य के लिए संभव है।

क्या कॉपीराइट स्मृतियों या ideeën को भी सुरक्षा देता है?

नहीं, कॉपीराइट विचारों के लिए नहीं बल्कि उनके अभिव्यक्ति के रूप में रचना पर सुरक्षा देता है। जैसे विचार के स्थान, प्रक्रिया या प्रणालियाँ सुरक्षित नहीं होतीं, पर उनकी अभिव्यक्ति सुरक्षित होती है।

क्या राजस्व या फीस का भुगतान करना पड़ता है?

पंजीकरण पर एक छोटा शुल्क लगता है, पर यह आवश्यक नहीं है। लाइसेंसिंग, ट्रांसफर और कॉपीराइट-उल्लंघन के दायरे में दायित्व अलग होते हैं, जिनके लिए अलग अनुबंध बनते हैं।

क्या मैं विदेश में भी अपने अधिकार बनाए रख सकता हूँ?

भारत के कॉपीराइट कानून से प्राप्त अधिकार अन्य देशों के कानूनों के अनुरूप संरक्षण दे सकते हैं, यदि वे अनुबंधित मानक या अंतर्राष्ट्रीय समझौतों से जुड़े हों।

कौन से दायरे में क़ानूनी सहायता लें?

Lucknow के स्थानीय वकील, कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता से संपर्क करें जो कॉपीराइट कानून में अनुभव रखते हों और दायर मामलों, अनुशासनिक आदेशों तथा लाइसेंसिंग की प्रक्रिया समझते हों।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Copyright Office, Government of India - आधिकारिक जानकारी, पंजीकरण, फ़ॉर्म और मार्गदर्शन उपलब्ध है: https://copyright.gov.in
  • WIPO India - अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ और भारत के लिए बुनियादी निर्देश: https://www.wipo.int/portal/en/
  • Indian Performing Right Society Limited (IPRS) - संगीत और प्रदर्शन अधिकार से जुड़ी जानकारी: https://iprs.in

6. अगले कदम

  1. अपनी रचना की स्पष्ट पहचान बनाएँ-शीर्षक, लेखक का नाम, वर्ष आदि लिखें।
  2. यह तय करें कि क्या आपको पंजीकरण से फायदे मिलेंगे-कॉपीराइट स्वतः होता है पर प्रमाण बेहतर हो सकता है।
  3. रचना की तारीख‑हिस्ट्री और बचाव के लिए संपूर्ण सबूत एकत्र करें।
  4. कॉपिराइट नोटिस या © के साथ स्पष्ट संदेश जोड़ें ताकि उल्लंघन कम हो।
  5. यदि आप ऑनलाइन गतिविधि से जुड़े हैं, तो डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाएं-वॉटरमार्क, लाइसेंसिंग पन्ने, स्रोत क्रेडिट।
  6. Lucknow में एक अनुभवी कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता ढूंढें जो कॉपीराइट कानून में माहिर हो।
  7. मामले की स्थिति के अनुसार Cease-and-Desist नोटिस या अदालत के समक्ष कदम बढ़ाने की योजना बनाएं।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से लखनऊ में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, कॉपीराइट सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

लखनऊ, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।