लुधियाना में सर्वश्रेष्ठ कॉपीराइट वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Oberoi Law Chambers
लुधियाना, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
English
Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
Yash Paul Ghai and Associates
लुधियाना, भारत

1965 में स्थापित
English
लुधियाना, पंजाब में मुख्यालय स्थापित यश पॉल गाई एंड एसोसिएट्स लगभग छह दशकों से व्यापक कानूनी सेवाएं प्रदान कर रहा...
जैसा कि देखा गया

1) लुधियाना, भारत में कॉपीराइट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

लुधियाना में कॉपीराइट कानून भारत के कॉपीराइट अधिनियम 1957 से संचालित होता है. यह मौलिक साहित्यिक, नाटकीय, संगीतिक तथा कलात्मक कृतियों के साथ चलचित्र फिल्म, ध्वनि रिकॉर्डिंग आदि को भी संरक्षित करता है. संरक्षण स्वचालित रूप से मिलता है; पंजीकरण अनिवार्य नहीं है. 2012 के संशोधन ने दायरे और दंड की धाराओं में सुधार किया है.

Copyright protects the rights of creators to control and exploit their original works.

Source: WIPO https://www.wipo.int/about-ip/en/faq/copyright.html

Registration of copyright is not mandatory for protection.

Source: Copyright Office, Government of India https://copyright.gov.in

In India, the term of copyright is the life of the author plus sixty years after the author's death.

Source: WIPO overview on India https://www.wipo.int/about-ip/en/regions/asia_pacific/india.html

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे Ludhiana से जुड़े वास्तविक परिदृश्य प्रस्तुत हैं जिनमें कानूनी सलाहकार की मदद जरूरी होती है. हर स्थिति में अनुचित उपयोग से जुर्माने और रोक लग सकती है.

  • परिदृश्य 1: Ludhiana के टेक्सटाइल डिज़ाइनर किसी बाहरी डिज़ाइन को अपने नमूनों में अपनाने की सोचते हैं. वे मालिक से अनुमति और लाइसेंस आवश्यकताओं को स्पष्ट करना चाहते हैं.
  • परिदृश्य 2: Ludhiana के किसी छोटे प्रकाशक को कविता, गीत या फोटो को अपनी किताब में दोबारा छापना है. लाइसेंसिंग शर्तें और शुल्क तय करने के लिए कानूनी सहायता चाहिए.
  • परिदृश्य 3: स्थानीय स्टार्ट-अप सोशल मीडिया वीडियो के लिए अन्य कलाकार की तस्वीर इस्तेमाल करना चाहता है. अधिकारों के क्लियरेंस और अनुबंध बनवाने के लिए वकील जरूरी है.
  • परिदृश्य 4: स्कूल या कॉलेज में ऑनलाइन क्लास में किसी गाने या वीडियो का उपयोग करना है. अनुमति, साथ ही उचित क्रेडिट और सीमाओं के नियम स्पष्ट करने होंगे.
  • परिदृश्य 5: Ludhiana के निर्माताओं को अपने एप या मोबाइल डिप्लॉयमेंट में थर्ड-पार्टी लाइब्रेरी कोड या म्यूज़िक का उपयोग करना है. कॉपीराइट क्लियरेंस और लाइसेंस शर्तें समझना जरूरी है.
  • परिदृश्य 6: कोई नया लेखक अपने ग्रंथ पर कॉपीराइट सुरक्षा पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करना चाहता है. वैधानिक अधिकारों का सुरक्षित निर्माण कैसे करें, यह समझना जरूरी है.

3) स्थानीय कानून अवलोकन

The Copyright Act, 1957: यह मौलिक साहित्यिक, नाटकीय, संगीतिक और कलात्मक कृतियों के साथ फिल्मों और ध्वनि रिकॉर्डिंग पर अधिकार देता है. इसके धारण अनुपालनों में उल्लंघन पर शिकायत, रोक और दंड शामिल हैं.

The Copyright Rules, 2013: ये नियम अधिनियम के लागू करने के तरीके बताते हैं. पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर वितरण और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को स्पष्ट करते हैं.

The Information Technology Act, 2000: डिजिटल माध्यमों पर कॉपीराइट संरक्षण और ऑनलाइन उल्लंघन के मामले में कानूनी ढांचा प्रदान करता है. इनमें ई-चालान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और शिकायतें शामिल हैं.

Punjab की न्यायिक प्रणाली Ludhiana के मामलों को Punjab & Haryana High Court के अंतर्गत देखती है. ऑनलाइन उल्लंघन और कॉपीराइट विवादों में अदालत का हस्तक्षेप संभव है.

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कॉपीराइट स्वतः प्राप्त हो जाता है?

हाँ, कॉपीराइट स्वतः प्राप्त हो जाता है जब कोई रचना बनाई जाती है. रचना का मौलिक स्वरूप ही अधिकार देता है. पंजीकरण आवश्यक नहीं है.

क्या पंजीकरण अनिवार्य है?

नहीं, पंजीकरण अनिवार्य नहीं है. पंजीकरण से सुरक्षा मजबूत हो सकती है, पर अधिकार स्वतः सुरक्षित रहते हैं. पंजीकरण केवल साक्ष्य के तौर पर मदद करता है.

कॉपीराइट की सामान्य अवधि कितनी है?

आमतौर पर लेखक के जीवनकाल के अलावा sixty वर्ष शेष रहते हैं. जहाँ संयुक्त लेखन हो, अंतिम जीवित लेखक के निधन के बाद sixty वर्ष लागू होते हैं.

फेयर डीलिंग/फेयर यूज India में क्या है?

छोटे-से-छोटे तरीके से उद्धरण, समीक्षा या शिक्षण-उद्देश्यों के लिए सीमित उपयोग संभव है. विशेष परिस्थिति पर निर्भर करता है. प्रमुख परीक्षण उद्देश्य, मात्रा, प्रभाव और दूसरा प्रभाव है.

किस प्रकार के उपयोग से कॉपीराइट नुकसान हो सकता है?

अनुमति विहीन पुनरुत्पादन, वितरण, सार्वजनिक प्रदर्शन और रूपान्तरण से उल्लंघन हो सकता है. यह दूसरे के अधिकारों के अनुसार दंडनीय है.

मैं अपने काम की कॉपीराइट कैसे सुरक्षित कर सकता/सकती हूँ?

अपने काम को स्पष्ट रूप से डिजिटल और हार्ड कॉपी में दर्ज करें. सही तारीखों और संस्करणों का रिकॉर्ड रखें. लाइसेंसिंग और उपयोग शर्तें लिखित में दें.

किसी के काम को कानूनी तरीके से कैसे उपयोग करूं?

कथा, चित्र या ध्वनि के उपयोग से पहले मालिक या इकाई से अनुमति लें. लाइसेंसिंग शर्तें, शुल्क और अवधि स्पष्ट करें.

कॉपीराइट उल्लंघन के परिणाम क्या हैं?

कानूनी दावा, injunction, नुकसान-नुकसान की भरपाई और संभव जुर्माने जैसी कार्रवाइयां हो सकती हैं. अदालतें अधिकतम दावे तय करती हैं.

क्या Ludhiana में मुझे स्थानीय अदालत में मामला डालना चाहिए?

अगर उल्लंघन लगातार हो रहा हो और लाइसेंसिंग समाधान न मिले, तो स्थानीय या उच्च न्यायालय में दावा किया जा सकता है. पहले वैधानिक नोटिस देना चाहिए.

क्या ऑनलाइन सामग्री पर नियम अलग हैं?

डिजिटल रूप में कॉपीराइट सुरक्षा लागू होती है. ऑनलाइन उल्लंघन के लिए ई-शिकायतें और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध होते हैं.

Unpublished works भी संरक्षित होते हैं?

हाँ, unpublished works पर भी कॉपीराइट सुरक्षा लागू होती है. प्रकाशन के समय से नहीं, बल्कि बने रहने से अधिकार सुरक्षित रहते हैं.

Copyright expiry के बाद क्या दावा संभव है?

expiry के बाद सामान्यतः सुरक्षा समाप्त हो जाती है. तब उसकी रचना सार्वजनिक domain में चली जाती है, किन्तु अन्य संस्करणों या संकलनों पर अधिकार रह सकता है.

5) अतिरिक्त संसाधन

  • Copyright Office, Government of India - आधिकारिक जानकारी और मार्गदर्शन: https://copyright.gov.in
  • WIPO India - अंतरराष्ट्रीय-भारतीय कॉपीराइट जानकारी: https://www.wipo.int/about-ip/en/regions/asia_pacific/india.html
  • Punjab State Legal Services Authority - नागरिक-नागरिकों के लिए मुफ्त कानून-परामर्श सेवाओं की जानकारी: https://www.plsa.gov.in

6) अगले कदम

  1. अपनी कॉपीराइट जरूरत स्पष्ट करें और लक्षित रचनाओं की सूची बनाएं.
  2. Ludhiana के अनुभवी IP वकील या अभियोजक की खोज शुरू करें.
  3. कानूनी विशेषज्ञता की पुष्टि करें; पूर्व केस-रिज्यूमे देखें.
  4. पहला परामर्श लें और उपलब्ध विकल्पों पर फैसला करें.
  5. जरूरी दस्तावेज और नमूने संग्रहीत रखें.
  6. फीस, सेवाओं और समय-सीमा के बारे में स्पष्ट अनुबंध बनवाएं.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से लुधियाना में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, कॉपीराइट सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

लुधियाना, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।