मोतीहारी में सर्वश्रेष्ठ कॉपीराइट वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
मोतीहारी, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. मोतीहारी, भारत में कॉपीराइट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कॉपीराइट लेखक के मूल रचनात्मक कार्यों पर विशिष्ट अधिकार देता है। इसमें साहित्यिक, नाटक, संगीत, कला आदि रचनात्मक कार्य शामिल हैं। भारत में सामान्यतः यह अधिकार लेखक के जीवित रहते हुए और उनके निधन के बाद 60 वर्ष तक रहता है।

मोतीहारी के निवासी जैसे शिक्षक, लेखक, फोटोग्राफर, संगीतकार और छोटे व्यवसाय कॉपीराइट से सीधे लाभ उठा सकते हैं। यह अधिकार उल्लंघन रोकने के लिए कानूनी सुरक्षा देते हैं। पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर पंजीकृत प्रमाण अदालत में मजबूत दावे देता है।

Copyright protects original literary, dramatic, musical and artistic works including cinematographic films and sound recordings.

स्रोत: Copyright Office, Government of India - copyright.gov.in

In India the term of copyright is life of the author plus sixty years for most works.

स्रोत: WIPO India - WIPO India

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों के उदाहरण दिए गए हैं जिनमें मोतीहारी के लोग कानूनी सहायता लेते हैं। हर स्थिति में एक योग्य कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता मददगार होता है।

  • स्कूल या कॉलेज में पाठ्यपुस्तकों की प्रतिलिपि की अनुमति के बगैर photocopyिंग - एक शिक्षक या संस्थान के विरुद्ध कॉपीराइट उल्लंघन हो सकता है; उचित अनुमति और fair dealing नियम स्पष्ट करना जरूरी है।
  • स्थानीय बुकस्टोर से किताबों की अवैध प्रतियाँ बेचना - विक्रेता के विरुद्ध अदालतीन कदम और कॉपीराइट दायरे के नियम समझना चाहिए।
  • स्थानीय कलाकार की फोटो या चित्र का बिना अनुमति उपयोग - सोशल मीडिया पर तस्वीरें या डिज़ाइन चलती हैं; मालक की अनुमति और लाइसेंसिंग आवश्यक है।
  • Motihari के एक YouTuber ने गाने या ध्वनि रिकॉर्डिंग का अननुमति उपयोग किया - श्रवण-सामग्री के स्वामित्व के अधिकार स्पष्ट करना होगा।
  • स्कूल ड्रामा या कार्यक्रम में स्क्रिप्ट, कहानी या गीत का बिना अधिकार उपयोग - नाटक लेखकों के अधिकारों के विरुद्ध मामला बन सकता है।
  • डिजिटल व्यवसाय या वेबसाइट पर कोड, म्यूजिक ट्रैक या ग्राफिक का चोरी-छिपे उपयोग - ऑनलाइन उल्लंघन के लिए त्वरित कानूनी कदम जरूरी होते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

मोतीहारी, बिहार के निवासियों के लिए नीचे दिए गए दो से तीन कानून महत्वपूर्ण हैं। ये कानून संरक्षित रचनाओं के उल्लंघन पर कानूनी remedies प्रदान करते हैं।

  • Copyright Act, 1957 - भारत के केंद्रीय नियम जो कॉपीराइट के संरक्षण को नियंत्रित करते हैं।
  • Information Technology Act, 2000 (IT Amendment Act, 2008) - ऑनलाइन कॉपीराइट उल्लंघनों पर दंड औरinjunctions देता है किया गया है।
  • Indian Penal Code, sections related to theft and cheating - कॉपीराइट चोरी के मामलों में कानूनी उपायों के आधार हो सकते हैं।

स्थानीय अदालतों में अक्सर इन कानूनों के अनुसार मामले दर्ज होते हैं; Motihari के लिए प्रभारी क्षेत्रीय न्यायಾಲಯ EAST CHAMPARAN जिला कोर्ट और उच्च न्यायालय पटना होता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉपीराइट कब से आता है और सामान्य तौर पर किन रचनों पर लागू होता है?

कॉपीराइट मूल रूप से रचना के स्तर पर बनता है। यह साहित्य, नाटक, संगीत, कला, फोटोग्राफी, फिल्मों आदि पर लागू होता है।

क्या मैं कॉपीराइट के अधिकार के लिए पंजीकरण करवाऊँ?

पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर पंजीकरण से कानूनन दावा मजबूत होता है और अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है।

Motihari में मैं किन चीजों के लिए कानूनी सहायता ले सकता हूँ?

नकल प्रकरण, ऑनलाइन उल्लंघन, गुणवत्ता प्रमाणन, लाइसेंसिंग और अनुबंध संबंधी अधिकारों के मामलों में अधिवक्ता मदद दे सकते हैं।

मैं अपने कार्य के लिए वैध लाइसेंस या अनुमति कहाँ से प्राप्त कर सकता हूँ?

स्वामित्व अधिकारों के मालिक या कॉपीराइट ऑफिस तथा लाइसेंसिंग agency से उचित अनुमति लें; लिखित लाइसेंस नीतियाँ सुरक्षित रहती हैं।

यदि किसी ने मेरे कार्य को इंटरनेट पर बिना अनुमति पोस्ट कर दिया है तो मुझे क्या करना चाहिए?

पहला कदम प्रमाण जुटाना है; फिर कानूनी नोटिस जारी करना और आवश्यक होने परinjunction के लिए अदालत जाना चाहिए।

कॉपीराइट के कौन से प्रकार के अधिकार अलग-थलग होते हैं?

प्रजनन, वितरण, प्रकाशन, प्रदर्शन, प्रदर्शन-सम्बन्धी अधिकार, और संचार-सार्वजानिकता के अधिकार अलग होते हैं।

फेयर डीलिंग या फेयर यूज का भारत में क्या मतलब है?

फेयर यूज शैक्षणिक, शोध, उद्धरण, आलोचना आदि में सीमित उपयोग की अनुमति देता है; हर स्थिति में सीमा-संरचना देखें।

क्या मैं अपने बच्चों के लिए ड्रामे या कहानी लिख कर कॉपीराइट रख सकता हूँ?

हाँ, यह एक लेखक के रूप में सुरक्षा देता है; बच्चे के नाम से लिखी रचना पर भी अधिकार लागू होते हैं।

क्या डिजिटल कॉपीराइट संरक्षण में वेबसाइट-यूजर के साथ अलग नियम होते हैं?

हाँ, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर copyright-violations IT Act और IPC के अंतर्गत दंडनीय हो सकते हैं; निगरानी आवश्यक है।

मध्यस्थता या समझौते से कॉपीराइट विवाद हल हो सकते हैं?

हाँ, कई मामले समझौतों, लाइसेंसिंग और मध्यस्थता से सुलझ जाते हैं; यह समय और लागत बचाते हैं।

क्या कॉपीराइट खत्म होने के बाद भी सामग्री सार्वजनिक डोमेन में रहती है?

हाँ, यदि अवधि पूरी हो जाए तो सामग्री सार्वजनिक डोमेन में चली जाती है और कोई उपयोग कर सकता है।

मैं अपनी वेबसाइट के लिए छवियाँ कहाँ से लूँ?

उचित लाइसेंस प्राप्त स्रोत, क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस, या अपनी स्वयं की photographed images का चयन करें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Copyright Office, Government of India - आधिकारिक जानकारी और आवेदन हेतु मुख्य स्रोत। copyright.gov.in
  • Intellectual Property India (IP India) - कॉपीराइट सहित डिज़ाइन, ट्रेडमार्क के लिए आधिकारिक पोर्टल। ipindia.nic.in
  • WIPO India - अंतरराष्ट्रीय संधियों और भारत के कॉपीराइट-नियमों के बारे में जानकारी। wipo.int

6. अगले कदम

  1. अपना कार्य प्रकार निर्धारित करें और सुरक्षा की आवश्यकता समझें।
  2. किस प्रकार का अधिकार बचाना है, यह स्पष्ट करें-प्रजनन, वितरण, प्रदर्शन आदि।
  3. अपने कार्य के प्रमाण और तिथियाँ संकलित रखें, जैसे मूल फाइलें, रचना तारीखें, संदर्भ आदि।
  4. यह तय करें कि पंजीकरण करना है या नहीं; कानूनी सलाह लें।
  5. Motihari के स्थानीय वकील से कॉपीराइट स्पेशलिस्ट ढूंढें; क्षेत्रीय न्यायालय के अनुभव देखें।
  6. समझौते, लाइसेंसिंग के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करें और दस्तावेज सुरक्षित रखें।
  7. यदि उल्लंघन होता है, तो कानूनी नोटिस कैसे भेजना है और अदालत कैसे जाना है, यह योजना बनाएं।

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