पुणे में सर्वश्रेष्ठ कॉर्पोरेट शासन वकील

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Solomon & Co.
पुणे, भारत

1909 में स्थापित
उनकी टीम में 75 लोग
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Marathi (Marāṭhī)
कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक कॉर्पोरेट शासन साहसिक पूंजी +6 और
फर्म विभिन्न प्रकार के क्लाइंट्स का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, सरकारी निकाय,...
Lex Credence
पुणे, भारत

2024 में स्थापित
English
Lex Credence is a full-service law firm based in Pune, India, offering a multidisciplinary approach to delivering effective and strategic legal solutions across sectors. The firm comprises a dedicated team of lawyers and researchers who combine deep legal knowledge with sector-specific insights to...
ARKHON IP
पुणे, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
ARKHON IP एक बुटीक लॉ फर्म है जो ट्रेडमार्क, पेटेंट, डिज़ाइन, कॉपीराइट, ट्रेड सीक्रेट, ट्रेड ड्रेस, भूगोलिक संकेत, पौधों...
पुणे, भारत

English
असिम सरोडे एंड असोसिएट्स (एएसए) पुणे, महाराष्ट्र में स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो व्यापक कानूनी सेवाओं की...
Dubey & Partners - Advocates
पुणे, भारत

2002 में स्थापित
उनकी टीम में 20 लोग
English
Dubey & Partners - Advocates is a dynamic and progressive multidisciplinary Indian law firm with a global practice base. The firm concentrates on corporate, litigation and intellectual property matters, formulating innovative and practical legal strategies to serve its international client base....
Astrea Legal Associates LLP

Astrea Legal Associates LLP

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पुणे, भारत

2006 में स्थापित
उनकी टीम में 60 लोग
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Hindi
Marathi (Marāṭhī)
Telugu
अस्त्रीया लीगल एसोसिएट्स एलएलपी में, हमारी दृष्टि स्पष्ट और दृढ़ है कि हम गहन कानूनी विशेषज्ञता को नवाचार,...
AM LEGAL ASSOCIATES
पुणे, भारत

English
एएम लीगल एसोसिएट्स एक प्रतिष्ठित पूर्ण-सेवा वाणिज्यिक लॉ फर्म है जिसका मुख्यालय पुणे, भारत में स्थित है, तथा...
Prasad Kulkarni & Associates
पुणे, भारत

English
प्रसाद कुलकर्णी एंड एसोसिएट्स भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में...
जैसा कि देखा गया

1. पुणे, भारत में कॉर्पोरेट शासन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पुणे एक प्रमुख औद्योगिक और टेक्नोलॉजी हब है जहां कॉर्पोरेट शासन कानून का महत्व अधिक है। मजबूत शासन से निवेशक विश्वास बढ़ता है और संस्थागत संरचना मजबूत होती है। कानून-पालन से पुणे के लोकल फर्म्स, स्टार्टअप्स और एमएसएमई में पारदर्शिता बढ़ती है।

भारत में कॉर्पोरेट शासन का आधार Companies Act 2013, SEBI Listing Regulations और CSR नियमों पर है। पुणे-आधारित कंपनियाँ इन नियमों के पालन से जवाबदेही और हितधारक मूल्य सुनिश्चित करती हैं।

स्थानीय अनुपालन में बोर्ड संरचना, स्वतंत्र निदेशक, महिला निदेशक, ऑडिट समिति और CSR नीति शामिल होती है। इन प्रावधानों से निर्णय-प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनती है।

“Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations require listed companies to constitute Audit Committee, Nomination and Remuneration Committee, and Stakeholder Relationship Committee.”

Source: SEBI

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

प Pune में कॉर्पोरेट शासन के मामलों में व्यावहारिक और कानूनी सहायता आवश्यक है। नीचे कुछ विशिष्ट परिस्थितियाँ दी जा रही हैं поруч.

  • पुणे आधारित कंपनी को स्वतंत्र निदेशक, महिला निदेशक या बोर्ड समितियों के गठन की जरूरत हो।
  • लिस्टेड कंपनी के लिए ऑडिट कमिटी, नामांकन-गठन समिति, स्टेकहोल्डर रिलेशन कमिटी बनवानी हो या डायरेक्टर आदि की नियुक्ति कठिन हो।
  • CSR नीति लागू करनी हो और नियमों के अनुसार रिपोर्टिंग की प्रक्रियाओं का निर्माण चाहिए।
  • निवेशक/वीसी फंड्स के साथ बोर्ड-स्तर पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस डीस्क्लोजर चाहिए।
  • पुणे आधारित परिवार-स्वामित्व वाले व्यवसाय में गवर्नेंस स्ट्रक्चर पुनर्गठन, ट्रस्ट-डायरेक्टरी और थर्ड पार्टी ऑडिट की मांग हो।
  • निगम प्रशासनिक जांच, शिकायतें, या स्टेकहोल्डर विवादों का समाधान करना हो।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Companies Act, 2013 - बोर्ड के निदेशकों, स्वतंत्र निदेशक, महिला निदेशक और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी प्रमुख धाराएं। मामलों में Section 149, 152 आदि प्रावधान लागू होते हैं।
  • SEBI Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 - सूचीबद्ध कंपनियों के लिए आडिट कमिटी, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति, स्टेकहोल्डर रिलेशनशिप समिति जैसी बोर्ड समितियों का गठन आवश्यक बनाती है।
  • Corporate Social Responsibility Rules under the Companies Act, 2013 - CSR के लिए पात्र कंपनियों के लिए नीति, स्क्रीनिंग और रिपोर्टिंग की बाध्यता है।

पुणे-आधारित कंपनियों के लिए यह ज़रूरी है कि वे MCA और SEBI के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार समय-समय पर डिस्क्लोजर और रिकॉर्ड बनाए रखें।

“CSR is mandatory for certain companies under the Companies Act, 2013.”

Source: Ministry of Corporate Affairs (MCA) CSR Rules

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉर्पोरेट गवर्नेंस क्या है?

कॉर्पोरेट गवर्नेंस वह व्यवस्था है जिसके द्वारा कंपनी चलती है, निर्णय लिए जाते हैं और हितधारकों के हित संरक्षित रहते हैं। यह बोर्ड, प्रबंधन और इक्विटी हिस्सेदारों के बीच समर्थित नियंत्रण स्थापित करता है।

कौन से प्रकार की कंपनियाँ कॉर्पोरेट गवर्नेंस अनुपालक होनी चाहिए?

सूचीबद्ध कंपनियाँ और कुछ सार्वजनिक कंपनियाँ मुख्य अनुपालक हैं। इसके अलावा CSR नियमों के दायरे में आने वाला निजी सार्वजनिक कंपनियाँ भी प्रभावित होते हैं।

स्वतंत्र निदेशक कौन होते हैं और उनकी भूमिका क्या है?

स्वतंत्र निदेशक ऐसे निदेशक हैं जो प्रबंधन के साथ व्यक्तिगत संबंधों से मुक्त रहे। उनकी भूमिका बोर्ड की जवाबदेही और संस्थागत नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

महिला निदेशक कब अनिवार्य है?

कंपनी के प्रकार और पूंजी संरचना के आधार पर महिला निदेशक की अनिवार्यता लागू हो सकती है। वेबसाइट और आधिकारिक नोटिस में यह स्पष्ट होता है।

CSR नियम कब और किन कंपनियों पर लागू होते हैं?

Companies Act 2013 के तहत जिन कंपनियों की मिलाकर 2 प्रतिशत से अधिक औसत नेट प्रॉफिट हो, CSR लागू होता है। नीति बनानी, क्रियान्वयन और डिस्क्लॉजर अनिवार्य है।

बोर्ड की कौन سی समितियाँ अनिवार्य हैं?

ऑडिट कमिटी, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति, और स्टेकहोल्डर रिलेशनशिप समिति आम तौर पर आवश्यक मानी जाती हैं। यह SEBI LODR के अनुरूप है।

पुणे में गवर्नेंस से जुड़े पन्ने कौन से संस्थान देखते हैं?

स्थानीय व्यवसाय समुदाय के लिए MCA, SEBI, IOD जैसे संस्थान मार्गदर्शन देते हैं और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाते हैं।

डायरेक्टर नियुक्ति प्रक्रिया कैसी होती है?

नियुक्ति प्रक्रिया में बोर्ड की मंजूरी, शेयरधारकों की अनुमति और निर्धारित योग्यता की पूर्ति शामिल होती है। स्वतंत्र निदेशक के qualifications MCA के नियमों के अनुसार होने चाहिए।

क्या प्रायवेसी और डाटा डिस्क्लोजर जरूरी हैं?

हाँ, स्टेटस डिस्क्लोजर, वित्तीय विवरण और संबंधित पार्टियों के लेनदेन जैसी चीजें LODR और Companies Act के अनुसार प्रकाशित करनी होती हैं।

यदि अनुपालन नहीं किया गया तो क्या दंड है?

गंभीर उल्लंघन पर जुर्माना, दंड-करनी, या अवरोधन जैसे उपाय हो सकते हैं। SEBI और MCA के प्रावधानों के अनुसार दंड का निर्धारण होता है।

क्या छोटे व्यवसाय के लिए गवर्नेंस क्या आवश्यक है?

यह अनुपालन से जुड़ी लागत और फायदों का संतुलन है। छोटे व्यवसायों के लिए स्वतंत्र निदेशक और पूंजी संरचना के अनुसार चरणबद्ध गवर्नेंस अपनाने की सलाह दी जाती है।

वार्षिक रिपोर्ट में क्या-क्या डिस्क्लोजर होते हैं?

निदेशन, निदेशक समिति की रिपोर्टिंग, रजिस्ट्रेशन संख्या, विवाद-निर्णय, संबंधित-party लेनदेन आदि डिस्क्लोजर होते हैं ताकि हितधारक स्पष्ट जानकारी प्राप्त करें।

गवर्नेंस फोरेंसिक कैसे किया जाए?

नियमित आडिट, कॉन्ट्रैक्ट-ऑडिट, और बोर्ड प्रशिक्षक संस्थागत नियंत्रण से गवर्नेंस फोरेंसिक बनती है।

पुणे से बाहर के नियम पुणे पर कैसे लागू होते हैं?

भारतीय कानून एकीकृत है; MCA और SEBI के निर्देश पूरे भारत के लिए समान हैं और पुणे-आधारित कंपनियों पर भी लागू होते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - Companies Act 2013, CSR Rules, regulatory guidance. https://www.mca.gov.in/
  • SEBI - Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015, corporate governance guidelines. https://www.sebi.gov.in/
  • Institute of Directors India (IOD) - कॉर्पोरैट गवर्नेंस ट्रेनिंग और प्रमाणन, पुणे और महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए कार्यक्रम. https://www.iodin.org/

6. अगले कदम

  1. अपने व्यवसाय की गवर्नेंस आवश्यकताओं को स्पष्ट करें-बोर्ड आकार, CSR दायित्व, और上市 स्थिति।
  2. पुणे-आधारित कॉर्पोरेट गवर्नेंस वकील या कानून firms से प्रारम्भिक शॉर्टलिस्ट बनाएं।
  3. चयन मानदंड तय करें-अनुभव, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के प्रमाण-पत्र, स्थानीय अनुपालन ज्ञान।
  4. पर्सनल मीटिंग्स या कॉल के साथ उनके प्रस्तावित दृष्टिकोण की जाँच करें।
  5. फीस संरचना, घंटे-वार चार्ज और आउट-ऑफ- pocket खर्चों पर स्पष्ट समझौता करें।
  6. मामले के प्रकार के अनुरूप केस-स्टडी और संदर्भ माँगें ताकि अनुभव सत्यापित हो।
  7. पहला कंसल्टेशन लेने के बाद नियुक्ति का निर्णय लें और बोर्ड के साथ समन्वय करें।

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