चंडीगढ़ में सर्वश्रेष्ठ डेटा सेंटर और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर वकील

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The Law Codes
चंडीगढ़, भारत

1984 में स्थापित
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The Law Codes एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ में स्थित है और इसका पूरे भारत में व क्षेत्रीय...
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चंडीगढ़, भारत में डेटा सेंटर और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर कानून का संक्षिप्त अवलोकन

चंडीगढ़ एक केन्द्रित यूटी है जिसका डेटा सेंटर और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर कानून केंद्रीय कानूनों से संचालित होता है। मुख्य प्रावधान भारत के सूचना तकनीक कानूनों, डेटा सुरक्षा कानूनों और इलेक्ट्रिसिटी-इक्विपमेंट-फायर सेफ्टी मानकों पर आधारित हैं। UT प्रशासन स्थानीय भवन, अग्नि सुरक्षा और विद्युत प्रमाणीकरण के कुछ नियमों को लागू कर सकता है, पर डेटा संरक्षण और डेटा प्राइवसी के लिए मानक केंद्रीय कानून ही प्रमुख हैं।

“The Digital Personal Data Protection Act, 2023 provides for protection of personal data and establishes a Data Protection Board.”

“The Information Technology Act, 2000 provides for the legal recognisition of electronic records and digital signatures.”

“Intermediary Guidelines and Rules prescribe due diligence to be observed by intermediaries.”

स्रोत- MeitY और संसद के सार्वजनिक दस्तावेज़ के अनुसार इन कानूनों का उद्देश्य डेटा सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की मान्यता और इंटरनेट-आधारित सेवाओं की जिम्मेदारियाँ साफ करना है. उद्धरणों के स्रोत के लिए MeitY के आधिकारिक पन्नों और Gazette/legislation पोर्टलों को देखें:

MeitY, Legislative Portal, e-Gazette

चंडीगढ़ में डेटा सेंटर से जुड़े अनुपालन की दिशा में केंद्रीय कानूनों के अलावा स्थानीय प्रशासन के नियम और प्रथाएं भी अहम रहती हैं, जैसे भवन-निर्माण अनुमतियाँ, अग्नि सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी आवश्यकताएँ। डेटा सेंटर संचालकों को इन सभी आयामों का संतुलित पालन करना होता है ताकि उपभोक्ता डेटा सुरक्षित रहे और विद्युत उपयोग तथा पर्यावरणीय दायित्व पूरे हों।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे चंडीगढ़-आधारित वास्तविक परिदृश्यों के आधार पर 4-6 क्लासिक स्थितियाँ दी गई हैं जिनमें कानूनी सहायता आवश्यक हो सकती है। प्रत्येक परिस्थिति में प्रासंगिक कानूनी उपाय स्पष्ट हैं ताकि व्यावसायिक निर्णय सुरक्षित हों।

  • केंद्रीय डेटा सुरक्षा कानून- DPDP Act 2023 के अनुरुप निजी डेटा के प्रसंस्करण, DPO नियुक्ति, और डेटा बफर प्रक्रियाओं के निर्माण में कानूनी सहायता लें।
  • सरकारी डेटा होस्टिंग या सरकारी क्लाइंट्स के साथ ठेका मिलने पर डेटा सुरक्षा, उपयुक्त cross-border data transfer और data localization के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
  • Cross-border डेटा ट्रांसफर‑प्रमाणन, डेटा प्रवाह के लिए नियम और अनुबंध‑शर्तों की समीक्षा के लिए अधिवक्ता की जरूरत पड़ेगी ताकि अनुबंध DPDP नियमों के अनुरूप हों।
  • डेटा सेंटर के निर्माण, विस्तार या पुनर्निर्माण के दौरान भवन-निर्माण, अग्नि सुरक्षा, पर्यावरण मानक और विद्युत-आपूर्ति के स्थानीय नियमों के साथ केंद्रीय कानूनों का संगम समझना महत्वपूर्ण है।
  • डेटा breach के मामले में सूचना‑प्रकाशन, शिकायत प्रक्रिया, जुर्माना और जिम्मेदार पक्ष की पहचान के लिए कानूनी सलाह आवश्यक होगी।
  • कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्टर्स और क्लायंट्स की डेटा‑प्रेसरेंस‑वार्ता के लिए डेटा प्रोसिसिंग एग्रीमेंट (DPA), NDA, और क्लाइंट‑फेसिंग गाइडलाइन बनवाने के लिए वकील की जरूरत पड़ेगी।

चंडीगढ़ में एक उदाहरण लेते हैं: एक स्थानीय डेटा सेंटर संचालक ने DPDP Act के अंतर्गत Personal Data Processing Agreement (DPA) बनवाने के लिए कानूनी सलाह ली ताकि क्लाइंट-डाटा पर डेटा‑प्रोटेक्शन अधिकारी की जिम्मेदारियाँ स्पष्ट हों।

अतिरिक्त उदाहरणों के लिए: UT Chandigarh में सरकारी क्लाइंट्स के साथ डेटा‑आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी शर्तों की कानूनी समीक्षा करना, और cross-border डेटा ट्रांसफर के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों के दस्तावेज बनवाना।

स्थानीय कानून अवलोकन

  • Information Technology Act, 2000 और Information Technology Rules 2011 - इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की मान्यता, डिजिटल सिग्नेचर और संवेदनशील डेटा के प्रबंधन के मानक स्थापित करते हैं. IT Act के अंतर्गत डेटा सुरक्षा‑प्रत्याय और दायित्वों का स्पष्ट framework है.
  • Digital Personal Data Protection Act, 2023 - डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण, डेटा सुरक्षा अधिकारी (DPO) नियुक्ति, cross-border transfers, तथा Data Protection Board के गठन को शामिल करता है. यह निजी क्षेत्र के लिए डेटा‑प्रोसेसिंग के कानून की केंद्रीय रूपरेखा देता है.
  • Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code Rules - इंटरनेट‑आधारित सेवाओं और इंटरमीडिएटरी प्लेटफॉर्म के लिए जिम्मेदारियाँ, due diligence, और संदेश‑उद्देश्य के अनुरूप व्यवहार के मानक तय करते हैं.

स्थानीय अनुपालनों के संदर्भ में National Building Code (NBC) और हरित‑ऊर्जा तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन भी महत्त्वपूर्ण है। Chandigarh UT में भवन निर्माण‑अनुमतियां और आग‑बुझाने के नियम UT Administration द्वारा नियंत्रित होते हैं।

उद्धरण और आधिकारिक स्रोतों के लिए देखें:

MeitYLegislative Portale-Gazette

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DPDP Act 2023 क्या है?

DPDP Act 2023 एक केंद्रीय कानून है जो डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के सुरक्षित प्रसंस्करण, अधिकारों के नियंत्रण और cross-border data transfers के नियम तय करता है। यह Data Protection Board के गठन के साथ डेटा प्रोसेसर की जवाबदेही भी स्थापित करता है।

क्या Chandigarh में DPDP Act लागू होगा?

हाँ. DPDP Act भारत के सभी क्षेत्रों पर प्रभावी है, जिसमें Chandigarh UT भी शामिल है, क्योंकि यह केंद्रीय कानून है। डेटा प्रोसेसर्स और डेटा कंट्रोलर्स दोनों को Act के नियमों का अनुसरण करना होगा।

Data Protection Officer (DPO) कौन नियुक्त करेगा?

जो संस्थान Data Controller या Data Processor के रूप में बड़े‑स्तर के डेटा प्रसंस्करण करता है, उसे DPDP Act के अंतर्गत DPO नियुक्त करना चाहिए। DPO का मुख्य कार्य डेटा सुरक्षा के लिए नीतियों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।

Cross-border data transfers कैसे नियंत्रित होते हैं?

DPDP Act के अनुसार कुछ स्थितियों में व्यक्तिगत डेटा को अन्य देशों में स्थानांतरित किया जा सकता है, किन्तु उसी स्तर के सुरक्षा मानकों को बनाए रखना आवश्यक है। डाटा प्रोटेक्शन अधिकारी और वैधानिक उपाय इन transfers को सुरक्षित बनाते हैं।

अगर डेटा breach हो जाए तो क्या करें?

डेटा breach की सूचना तत्काल देनी चाहिए, संभावित प्रभावित व्यक्तियों को संज्ञानित करना चाहिए, और आवश्यक कानूनन प्रक्रियाओं के अनुसार DPIA और remediation steps लेने होंगे।

चंडीगढ़ में डेटा सेंटर बनाने के लिए कौन‑कौन से परमिट चाहिए?

आमतौर पर भवन निर्माण अनुमति, आग‑बुझाने (fire clearance), विद्युत आपूर्ति और potentially पर्यावरण/ई-अपशिष्ट नियमों के अनुरूप प्रमाण पत्र चाहिए होते हैं। UT Administration के स्थानीय विभाग इन अनुमति प्रक्रियाओं को शेड्यूल करते हैं।

क्या डेटा encryption अनिवार्य है?

DPDP Act and IT Rules में संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए सुरक्षा‑प्रक्रियाओं की बात है; कई मामलों में encryption तथा सुरक्षा उपायों को अपनाना श्रेष्ठ प्रैक्टिस है, विशेषकर संवेदनशील डेटा के लिए।

डेटा‑प्राइवेसी एग्रीमेंट (DPA) कैसे बनवाएं?

DPA में डेटा प्रकार, प्रोसेसिंग目的, प्रकृति, अस्थायी दायित्व, सुरक्षा उपाय, डेटा पोर्टेबिलिटी, डाटा retention आदि स्पष्ट होने चाहिए। हर क्लाइंट के साथ एक विशिष्ट DPA अनुबंध जरूरी है।

Cross-border data flow के लिए कौनसी कानूनी शर्तें हैं?

क्रॉस‑बॉर्डर ट्रांसफर के लिए डेटा के पर्याप्त सुरक्षा स्तर की पुष्टि और वैधानिक gate‑keeping measures की आवश्यकता हो सकती है, और कुछ स्थितियों में स्थानीय डाटा‑स्टोरिंग की भी आवश्यकता हो सकती है।

चंडीगढ़ में डेटा सेंटर के लिए कौनसी स्थानीय आवश्यकताएँ हैं?

स्थानीय भवन‑निकासी, अग्नि सुरक्षा के मानकों, और विद्युत‑आपूर्ति के अनुबंध‑नियम को UT Administration के अनुसार पूर्ण करना होगा, तथा पर्यावरणीय नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करनी होगी।

डेटा सेंटर के लिए ऊर्जा दक्षता क्यों महत्वपूर्ण है?

ऊर्जा दक्षता डेटा सेंटर के संचालन लागत और पर्यावरणीय प्रभाव पर सीधे असर डालती है। BIS/NBC और बीईई के मानक कई बार ऊर्जा‑प्रबंधन कार्यक्रमों की पुष्टि करते हैं, जो Chandigarh जैसे शहरों में अनुपालनीय बनाते हैं।

किस प्रकार के कानूनी जोखिम होते हैं?

डेटा breach, गलत डेटा प्रसंस्करण, अनुचित cross-border transfer, NDA/DPA शर्तों का उल्लंघन आदि केंद्रित जोखिम होते हैं, जिनके लिए प्रॉयरिटी‑क्लीन‑एंड-डिप्लॉयमेंट पायलेट बनने चाहिए।

अतिरिक्त संसाधन

  • Data Center Operators Association of India (DCOAI) - https://www.dcoai.org
  • National Association of Software and Services Companies (NASSCOM) - https://nasscom.in
  • Digital Security Council of India (DSCI) - https://www.dsci.in

अगले कदम

  1. अपने डेटा सेंटर के लिए लागू केंद्रीय कानूनों की एक स्पष्ट चेकलिस्ट बनाएं (DPDP, IT Act, IT Rules, Intermediary Guidelines).
  2. UT Chandigarh Administration के साथ भवन, अग्नि सुरक्षा और विद्युत‑आपूर्ति के बारे में आवश्यक अनुमतियाँ समझें और प्राप्त करें।
  3. DPO‑उन्मुख दस्तावेजीकरण शुरू करें; डेटा प्रोसिसिंग‑रिपोर्टिंग और गोपनीयता नीतियाँ बनवाएं।
  4. क्लायंट‑ side agreements, DPA, NDA आदि के लिए अनुभवी कानूनी सलाहकार से ड्राफ्ट करवाएं।
  5. Cross-border data transfers के लिए सुरक्षा मानक और रिकॉर्ड‑कीपिंग पॉलिसी निर्धारित करें।
  6. डेटा breach के लिए an incident response और notification protocol बनाएं।
  7. स्थानीय ई‑अपशिष्ट नियमों का पालन सुनिश्चित करें और पर्यावरण‑प्रबन्धन योजना बनाएं।

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