लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ तलाक और अलगाव वकील
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भारत तलाक और अलगाव वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न
हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें तलाक और अलगाव के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.
- शादीशुदा जीवन का मुद्दा।
- डिवोर्स कैसे प्राप्त करें। इसके मानदंड क्या हैं?
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वकील का उत्तर MAH&CO. द्वारा
आपके प्रश्न के लिए धन्यवाद।तलाक, खुला, और वैवाहिक विवाद समाधान में दशकों के अभ्यास के साथ एक अनुभवी पारिवारिक वकील के रूप में, मैं आपको पाकिस्तान में तलाक प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया में मार्गदर्शन कर सकता हूँ। तलाक प्रक्रिया...
पूरा उत्तर पढ़ें - क्या विवाह को शून्य और शून्य घोषित किया जा सकता है?
- मैं फ्रेंच हूं और फ्रांस में रहती हूं। मैंने भारत के हाथरस में एक भारतीय से शादी की थी। वह दिल्ली के टैगोर गार्डन में रहता है। उसने मेरे साथ धोखा किया और वह वीजा तथा पैसों में रुचि रखता था। उसने एक नकली शादी का कार्ड बनाया, मुझसे कुछ...
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वकील का उत्तर LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH द्वारा
आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर यह विवाह शुरू से ही शून्य है और इसे भारतीय परिवार न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किया जा सकता हैजैसा कि आपने बताया, चूंकि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत बिना वैध...
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1. लखनऊ, भारत में तलाक और अलगाव कानून का संक्षिप्त अवलोकन
लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है और यहां के फैमिली कोर्ट क्षेत्रीय न्यायिक प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
तलाक, अलगाव और जुड़वां मामले-जैसे बच्चे के संरक्षण, दायित्व भुगतान और दुराचार के आरोप-इन सभी का निर्णय परिवार न्यायालय के क्षेत्राधिकार में होता है।
यूपी में सामान्यतः हिन्दू विवाह अधिनियम 1955, विशेष विवाह अधिनियम 1954 और घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 जैसे कानून लागू होते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य-Lucknow में फैमिली कोर्ट एवं Allahabad हाई कोर्ट (Lucknow बेंच) इस प्रकार के मामलों की सुनवाई करते हैं।
“This Act provides for the dissolution of marriage by divorce and for other matters.”
- Hindu Marriage Act, 1955 (India Code पथ) - स्रोत: indiacode.nic.in
“An Act to provide for the more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence in domestic relationships.”
- Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 - स्रोत: wcd.nic.in
“An Act to provide for civil marriage for all persons in India irrespective of religion.”
- Special Marriage Act, 1954 - स्रोत: indiacode.nic.in
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
तलाक और अलगाव के केस में उचित कानूनी सहायता आवश्यक हो सकती है। नीचे Lucknow से संबंधित 4-6 विशिष्ट परिस्थितियाँ दी गई हैं।
- हिंसक या क्रूरता के आधार पर तलाक-पति या पत्नी द्वारा मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न के मामले में वकील जरूरी है ताकि प्रमाण संग्रहीत किया जा सके और अदालत में उचित राहत मिल सके। (Lucknow, UP)
- परित्याग (Desertion) के आधार पर विवाद-एक पक्ष लगातार घर छोड़कर गया हो तो कानूनी प्रक्रिया कॉन्टेस्टेड तलाक की ओर ले जाती है; दस्तावेज़ी साक्ष्यों की जरूरत रहती है।
- PWDVA के तहत संरक्षण एवं अनुरक्षण- घरेलू हिंसा के दावों और सुरक्षा आदेशों के लिए विशेषज्ञ वकील की सलाह लाभदायक रहती है; Lucknow में भी महिला वकीलों का मार्गदर्शन मिल सकता है।
- म्यूचुअल कॉन्सेंट डिवोर्स (13B) की प्रक्रिया- यदि दंपत्ति ने अलग-अलग समय पर निवास किया हो और छह माह से कम नहीं, तो कोर्ट से आदेश मिल सकता है; आवश्यक कागजात की सूची जरूरी होती है।
- चाइल्ड कस्टडी एवं मेंटेनेंस- Guardians and Wards Act तथा maintenance आदेश (Section 24, 125 CrPC) के तहत बच्चे के हित और वित्तीय सहायता तय की जाती है; कानूनी विशेषज्ञता आवश्यक है।
- INTER-Religious या इंटर-लिंगिक विवाह- Special Marriage Act के तहत विवाह के समय धर्म-निष्ठा से परे civil विवाह की स्थिति पर सलाह चाहिए।
3. स्थानीय कानून अवलोकन
लखनऊ में तलाक-लगाव से जुड़े प्रमुख कानून नीचे दिए गए हैं:
- हिंदू विवाह अधिनियम, 1955- हिंदू जातीय समूहों के बीच विवाह-तलाक के नियम संहिताबद्ध करता है, जिसमें विवाह-विच्छेद के कारण और प्रक्रिया निर्धारित हैं।
- विशेष विवाह अधिनियम, 1954- सभी धर्म के الأشخاص के लिए नागरिक विवाह संभव बनाता है और तलाक व अन्य मुद्दों को भी कवर करता है।
- घरेलू हिंसा कानून (Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005)- घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, राहत और अधिकार प्रदान करता है।
अन्य संदर्भ- बच्चों की सुरक्षा व पालक-पालन से जुड़े अधिकारों के लिए Guardians and Wards Act 1890 और IPC 498A जैसे प्रासंगिक प्रावधान भी लागू होते हैं, जिनके लिए क्षेत्रीय अदालतों में वकील की सलाह आवश्यक हो सकती है।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तलाक के किन आधारों पर आवेदन किया जा सकता है?
तलाक के सामान्य आधार Cruelty, Desertion, Adultery, Mental/Physical Cruelty, Irretrievable Breakdown होते हैं; कुछ मामलों में Mutual Consent 13B भी है।
Lucknow मेंMutual Consent Divorce कैसे दाखिल करें?
दोनों पक्ष संयुक्त रूप से 家जीर Petition दाखिल करते हैं; अदालत छह माह की खिड़की (cooling-off period) की तैयारी की पुष्टि कराती है।
कौन-सा कानून सबसे अधिक लागू होता है?
मुख्यतः हिन्दू विवाह अधिनियम, Special Marriage Act और Domestic Violence Act Lucknow में सबसे अधिक प्रयुक्त होते हैं।
चाइल्ड कस्टडी कैसे तय होती है?
कस्टडी प्रहरी-पालन के लिए Guardian and Wards Act के अनुसार बच्चों के सर्वोत्तम हित को पहले देखा जाता है; पालन-पोषण और शिक्षा के अधिकार भी तय होते हैं।
मेंटेनेंस कैसे तय होता है?
Maintenance का निर्णय Hindu Marriage Act की धारा 24, या CrPC की धारा 125 के अंतर्गत किया जा सकता है; आय, मान-हानि, बच्चों की ज़रूरतें आधार होते हैं।
Domestic Violence के केस में क्या प्रक्रिया है?
DV एक्ट के अनुरूप सुरक्षा आदेश, संरक्षण और राहत मिलती है; महिला वांछित सुरक्षा पाएं, साथ ही कानूनी सहायता भी प्राप्त कर सकेंगी।
मैं Lucknow में किस कोर्ट में दायर कर सकता हूँ?
Lucknow में Family Court, District Court और Allahabad High Court की Lucknow Bench से संबंधित मामले दायर होते हैं।
कौन से दस्तावेज़ आवश्यक होंगे?
बीच-बीच के प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाणपत्र, पहचान-पत्र, आय-स्रोत, बच्चे के जन्म-प्रमाणपत्र आदि आमतौर पर आवश्यक होते हैं।
क्या तलाक के दौरान अदालत से अंतरिम आदेश मिल सकता है?
हाँ, Custody, Maintenance, और Protection संबंधी अंतरिम आदेश मामूली अवधि में मिल जाते हैं जब अदालत इसे उचित समझे।
डॉक्यूमेंट्स कैसे व्यवस्थित करें?
डुप्लीकेट प्रमाण-पत्र, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, विवाह-प्रमाण पत्र, बच्चों के स्कूल रिकॉर्ड, आस-पास के गवाहों के बयान आदि एक जगह रखें।
डिफेन्स और जवाब देना कितना जरूरी है?
जवाब दाखिल करना केस का भाग है; समय-सीमा का पालन करें और चाहें तो वैधानिक सहायक लें।
क्या विदेशी नागरिक से विवाह होने पर अलगाव प्रक्रिया बदलेगी?
INTER-RELIGIOUS या इंटर-नेशनल मामलों में Special Marriage Act के साथ Hybrid कानून लागू होते हैं; लोकल कोर्ट के निर्देशों का पालन करें।
5. अतिरिक्त संसाधन
तलाक-अलगाव से संबंधित विश्वसनीय संसाधन नीचे दिए गए हैं:
- National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और सलाह के लिए आधिकारिक पोर्टल: https://nalsa.gov.in/
- Legal Services Portal - कानूनी सहायता, काउंसलिंग और फाइलिंग सहायता का केंद्र: https://legalaid.gov.in/
- National Commission for Women (NCW) - महिलाओं के अधिकार और शिकायत समाधान से जुड़ी जानकारी: https://www.ncw.nic.in/
महत्वपूर्ण उद्धरण-
“This Act provides for the dissolution of marriage by divorce and for other matters.”
- Hindu Marriage Act, 1955 - स्रोत: https://indiacode.nic.in/
“An Act to provide for the more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence in domestic relationships.”
- Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 - स्रोत: https://wcd.nic.in/
“An Act to provide for civil marriage for all persons in India irrespective of religion.”
- Special Marriage Act, 1954 - स्रोत: https://indiacode.nic.in/
6. अगला कदम
- अपने मामले का प्रकार निर्धारित करें (तलाक, वैध-आर्थिक सहायता, custody आदि).
- ग houses संबंधी दस्तावेज एकत्रित करें (विवाह प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आय-प्रमाण आदि).
- लोकल फेमिली कोर्ट की प्रक्रिया और फॉर्म्स के बारे में जानकारी लें.
- नजदीकी वकील/कानूनी सलाहकार से प्रारम्भिक परामर्श शेड्यूल करें।
- कानूनी aid के लिए उपलब्धता की जाँच करें (NALSA, Legal Services Portal आदि).
- दावा-पत्र और आवश्यक प्रमाण-पत्र तैयार रखें; संयुक्त या एकपक्षीय दायित्व तय करें।
- Lucknow के फैमिली कोर्ट में दायर करने के लिए तैयारी करें और अग्रिम सलाह लें।
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