फरीदाबाद में सर्वश्रेष्ठ गृह हिंसा वकील
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भारत गृह हिंसा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न
हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें गृह हिंसा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.
- क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
- उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
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वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा
हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।
पूरा उत्तर पढ़ें - घरेलू हिंसा के मामले के बारे में जानने के लिए
- मेरी भाभी ने मुझे DV ACT के बारे में एक नोटिस भेजा है। मैं इस अदालत प्रक्रिया के बारे में जानना चाहता/चाहती हूँ।
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वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा
क्या आप इसे विस्तार से साझा कर सकते हैं जैसे कि यह क्या नोटिस है, न्यायालय का नोटिस या कानूनी नोटिस... यदि यह कानूनी नोटिस है तो अपने वकील से इसका उत्तर देने को कहें या यदि यह न्यायालय का...
पूरा उत्तर पढ़ें
1. फरीदाबाद, भारत में गृह हिंसा कानून का संक्षिप्त अवलोकन
फरीदाबाद में गृह हिंसा के विरुद्ध सुरक्षा और राहत के लिए केंद्र-राज्य कानून लागू हैं। मुख्य ढांचा Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) है जो परिवार के भीतर होने वाली हिंसा से महिलाओं को संरक्षण देता है। यह कानून घरेलू हिंसा के विभिन्न रूपों पर रोक, सुरक्षा और राहत प्रदान करता है।
“to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence of any kind occurring within the family.”
PWDVA के अनुसार अदालतें सुरक्षा आदेश, निवास-आदेश, मौद्रिक सहायता और अन्य राहत दे सकती हैं। हरियाणा-फरीदाबाद क्षेत्र में यह कानून स्थानीय पुलिस, महिला हेल्प-डेस्क और सामाजिक-सहायता संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है।
“The Act seeks to provide for the protection of women from domestic violence and related matters.”
नए परिवर्तनों के अंतर्गत आर्थिक दमन, भावनात्मक अत्याचार और अन्य प्रकार की हिंसा को भी माना गया है। हेल्पलाइन, shelter सुविधाएं और कानूनी सहायता केंद्र DV पीड़ितों तक पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कहने योग्य तथ्य: Faridabad में DV शिकायतों के लिए स्थानीय थाने, महिला सहायता इकाइयाँ और अदालतें उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और NALSA जैसे स्रोत भी कानूनी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
संदर्भ और आधिकारिक स्रोत: NCW, NALSA, WCD, India Code - DV Act
2. आपको वकीل की आवश्यकता क्यों हो सकती है
नीचे फरीदाबाद-हरियाणा क्षेत्र के वास्तविक-जीवन परिस्थितियों के प्रकार दिए गए हैं जिनमें कानूनी सहायता अनिवार्य हो सकती है। इन परिदृश्यों में वकील की मौजूदगी से सही कदम उठाने में मदद मिलती है।
उदाहरण 1- पति के द्वारा शारीरिक हिंसा की घटनाएं हों या बार-बार हाथ उठाने की धमकी मिलती हो। ऐसी स्थिति में आप एक कानूनी सलाहकार से त्वरित सुरक्षा आदेश और निवास-आदेश के बारे में मार्गदर्शन ले सकती हैं।
उदाहरण 2- घरेलू हिंसा के साथ-साथ आर्थिक दमन हो रहा हो, जैसे फिर से पैसा नहीं देना, नौकरी-खर्च रोकना आदि।_advocate_ यह जानकर आपकी मौद्रिक राहत, वेतन-आर्थिक सहायता आदि के दायरे में सही आवेदन करवाने में मदद करेगा।
उदाहरण 3- इन‑लॉस या परिवार के अन्य सदस्य द्वारा लगातार मानसिक अत्याचार हो रहा हो, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा हो। ऐसे में नियमों के अनुसार मानसिक सहायता और सुरक्षा‑आदेश कैसे प्राप्त करें, यह एक वकील से स्पष्ट हो सकता है।
उदाहरण 4- DV के मामले में थाना या अदालत में दस्तावेज proving में कठिनाई हो रही हो। अनुभवी अधिवक्ता आपके सबूत, ईमेल‑मैसेज, अस्पताल‑रिपोर्ट आदि संकलन में मदद करेगा।
नोट: ये परिदृश्य Faridabad-हरियाणा के DV मामलों के सामान्य प्रकार हैं। वास्तविक घटनाओं में नाम‑गोपनीयता बनाए रखें और स्थानीय कानून के अनुसार सलाह लें।
पंजीकरण और सहायता के लिए स्थानीय संसाधन, NCW और NALSA जैसी संस्थाओं की गाइडेंस जरूरी है।
संदर्भ: NCW‑NALSA पन्ने और DV कानून के आधिकारिक सार।
3. स्थानीय कानून अवलोकन
फरीदाबाद, हरियाणा के नागरिक DV से निपटने के लिए मुख्य रूप से केंद्रीय PWDVA 2005 का सहारा लेते हैं। साथ ही IPC की धाराओं के अंतर्गत हिंसा, क्रूरता, धमकी और दहेज‑प्रताड़ना जैसे अपराध भी सम्मिलित हैं।
- Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 - महिलाएं घरेलू violence से सुरक्षा, राहत और संरक्षण पाती हैं।
- Indian Penal Code धाराएं - 498A (महिला के साथ क्रूरता), 323 (स्वेच्छिक चोट), 504 (धमकी-धमकाना), 506 (Criminal intimidation), 509 (उचित-आबूदा का अपमान) आदि DV के अपराध‑प्रदर्शन को क़ानूनी रूप से संज्ञेय बनाते हैं।
- Dowry Prohibition Act, 1961 - दहेज के दमन के लिए अतिरिक्त प्रावधान देता है; DV मामलों में दहेज-उत्पीड़न को भी कारण माना जा सकता है।
- CrPC के अंतर्गत सुरक्षा आदेश - मजिस्ट्रेट के समक्ष IPC धाराओं के साथ सुरक्षा आदेश, निवास‑आदेश और अन्य राहत प्राप्त की जा सकती है।
फरीदाबाद-हरियाणा में लागू होने वाले दस्तावेज़ी संकेत: DV के मामले में स्थानीय थाने में FIR दर्ज कराने के बाद अदालत में Protection Order और Monetary Relief के लिए आवेदन किया जा सकता है। NCW और NALSA जैसे सरकारी स्रोत भी legal aid और मार्गदर्शन देते हैं।
आधिकारिक संदर्भ: India Code, WCD, NCW, NALSA
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गृह हिंसा क्या मानी जाती है?
गृह हिंसा में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, लैंगिक और भावनात्मक अत्याचार शामिल हो सकता है। यह परिवार के भीतर होने वाली हिंसा है, जो महिला के सुरक्षा, सुरक्षा‑आर्थिक निर्भरता और सम्मान को प्रभावित करती है।
फरीदाबाद में DV शिकायत कैसे दर्ज कराएं?
सबसे पहले 100 डायल करें या नजदीकी थाने जाएं। आवश्यक सूचना दें और DV मामला दर्ज कराएं। आप NCW/NALSA के मार्गदर्शन और Legal Aid से अस्थायी सुरक्षा‑आदेश के लिए आवेदन कर सकती हैं।
क्या केवल पति या पति‑किरायेदार‑परिवार ही DV के आरोपी हो सकते हैं?
नहीं, दम्पति‑किराएदार, ससुराल, पति‑या पत्नी के अन्य रिश्तेदार भी DV के आरोपी हो सकते हैं अगर वे हिंसा में शामिल हों।
गृह हिंसा के लिए 보호 आदेश (Protection Order) कैसे मिलते हैं?
मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन के बाद एक्स पार्ट प्रोटेक्शन ऑर्डर और फिर पूर्ण सुरक्षा ऑर्डर जारी किए जा सकते हैं। यह आदेश पीड़िता और बच्चों की सुरक्षा के लिए हो सकता है।
क्या DV के मामले में अदालत मौद्रिक राहत दे सकती है?
हाँ, अदालत पीड़िता को मौद्रिक राहत, चिकित्सा खर्च, बच्चों के पालन‑पोषण आदि के लिए वित्तीय लाभ निर्धारित कर सकती है।
क्या मैं कानूनी सहायता पाकर मुफ्त वकील पा सकती हूँ?
हाँ, राष्ट्रीय‑स्तर पर NALSA और राज्य‑स्तर पर Legal Aid उपलब्ध है। आयु, आय‑स्तर और केस की प्रकृति के अनुसार मुफ्त या कम‑शुल्क वकील मिल सकता है।
क्या DV के मामले में पुलिस से मदद मिलना कठिन है?
स्थानीय परिस्थिति पर निर्भर है, पर DV के समय पुलिस का सकारात्मक रवैया आवश्यक है। आप 181 या 112 जैसे हेल्पलाइन नंबरों से भी सहायता मांग सकती हैं।
क्या बच्चों के बारे में आदेश भी दिए जाते हैं?
हाँ, DV मामलों में बच्चों के संरक्षण, custody और care‑order भी दिए जा सकते हैं ताकि बच्चे प्रभावित न हों।
क्या घरेलू हिंसा के आरोपी पर सजा भी हो सकती है?
हाँ, IPC के अनुसार दंड और अभियोजन संभव है, पर DV के साथ‑साथ आपसी अदालत/ Madras‑court से सुरक्षा और राहत भी हासिल कर सकते हैं।
क्या मैं अदालत के पास एक साथ मेडिकल या मानसिक‑स्वास्थ्य सहायता प्राप्त कर सकती हूं?
हाँ, अदालत के निर्देश के अनुसार मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
क्या DV के लिए अदालत में साक्ष्य कैसे जमा करें?
फोटोज, अस्पताल या डॉक्टर‑रिपोर्ट, मैसेज, ईमेल आदि सबूत हो तो दें। एक कानूनी सलाहकार इन सबूतों को सही क्रम में पेश करने में मदद करेगा।
यदि मुझे सुरक्षा आदेश मिलने के बाद भी खतरा हो तो अगला कदम क्या है?
आप तुरंत police help, further relief applications और पुनः protective orders के लिए अदालत से दूसरा अनुरोध कर सकती हैं।
5. अतिरिक्त संसाधन
- National Commission for Women (NCW) - DV सहायता और मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय मंच. साइट: ncw.nic.in
- National Legal Services Authority (NALSA) - कानूनी सहायता और सुप्रीम कोर्ट/राज्य‑स्तर पर वकील उपलब्ध कराना. साइट: nalsa.gov.in
- Centre for Social Research (CSR) - DV जागरूकता एवं कदम‑बढ़ाने में मदद. साइट: csrindia.org
6. अगले कदम
- अपने सुरक्षा की प्राथमिकता तय करें और अगर जरूरी हो तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं।
- घरेलू हिंसा के साक्ष्यों को सुरक्षित रखें, जैसे मेडिकल रिपोर्ट, फोटो, संदेशों की कॉपियाँ आदि।
- घरेलू हिंसा के बारे में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराएं और DV‑specific राहत का अनुरोध करें।
- कानूनी सहायता के लिए NALSA या NCW से संपर्क करें और मुफ्त वकील के विकल्प पूछें।
- फरीदाबाद जिला अदालत या जिला महिला सुरक्षा इकाई के साथ कॉन्टैक्ट करें और तुरंत Protection/Residence orders के लिए आवेदन करें।
- आवश्यक हो तो shelter/home और अस्पताल‑सहायता के विकल्प के लिए NGO‑सहायता लें।
- जल्दी से जल्द एक अनुभवी अधिवक्ता से मिलें जो DV कानून और हरियाणा‑फरीदाबाद के आधार पर सही योजना बना सके।
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