जम्मू में सर्वश्रेष्ठ गृह हिंसा वकील

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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Sushil Wattal

Sushil Wattal

30 minutes मुफ़्त परामर्श
जम्मू, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
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सुशील वाट्टल एक अभ्यासरत अधिवक्ता हैं और कानून के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अनुभव रखते हैं। वह व्यवसायों,...
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भारत गृह हिंसा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें गृह हिंसा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
परिवार गृह हिंसा अभिभावकत्व परिसर दायित्व संपत्ति क्षति
उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा

हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।

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घरेलू हिंसा के मामले के बारे में जानने के लिए
गृह हिंसा
मेरी भाभी ने मुझे DV ACT के बारे में एक नोटिस भेजा है। मैं इस अदालत प्रक्रिया के बारे में जानना चाहता/चाहती हूँ।
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

क्या आप इसे विस्तार से साझा कर सकते हैं जैसे कि यह क्या नोटिस है, न्यायालय का नोटिस या कानूनी नोटिस... यदि यह कानूनी नोटिस है तो अपने वकील से इसका उत्तर देने को कहें या यदि यह न्यायालय का...

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1. जम्मू, भारत में गृह हिंसा कानून के बारे में: जम्मू, भारत में गृह हिंसा कानून का संक्षिप्त अवलोकन

जम्मू-कश्मीर सहित पूरे भारत में गृह हिंसा रोकने के लिए Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) लागू है। यह कानून घरेलू हिंसा की victime महिलाओ को सुरक्षा और राहत देता है।

PWDVA के अंतर्गत अपराधी पर रोक लगाने के साथ महिला को सुरक्षा आदेश, निवास-या-अधिकार आदेश, आर्थिक सहायता और मुआवजे जैसे अधिकार दिए जाते हैं। यह अधिनियम महिलाओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाता है।

“Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 provides for protection to women who are victims of violence in the family and recognizes physical, sexual, verbal, emotional and economic abuse.”

स्रोत: Ministry of Women and Child Development (MWCD) - विश्वसनीय आधिकारिक मार्गदर्शक

“The Act provides for protection orders, residence orders, monetary relief and compensation to the aggrieved person.”

स्रोत: National Commission for Women (NCW)

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: गृह हिंसा कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  1. जम्मू शहर में violencia के मामले में पति या परिवार के सदस्य से शरीरिक-मानसिक उत्पीड़न होने पर आपात सुरक्षा आदेश (Protection Order) के लिए वकील की जरूरत होती है। पुलिस में प्राथमिकी के साथ न्यायिक मार्गदर्शन आवश्यक होता है।

  2. आर्थिक हिंसा और धन-रुकावट के मामले में पति परिवार के वित्तीय नियंत्रण को रोकते हैं। वकील आपके लिए monetary relief और compensation के रास्ते बनाते हैं।

  3. घरेलू हिंसा के साथ बच्चों की सुरक्षा या देखभाल-नियंत्रण (custody) का मामला हो सकता है। ऐसी स्थिति में न्यायिक आदेश व legal aid आवश्यक बन जाते हैं।

  4. गृह हिंसा के बाद निवास-स्थान पर रोक या मध्यस्थता के अनुसार स्थानांतरण चाहते हो, तो निवास-आदेश के लिए अर्जी देना अनिवार्य हो सकता है।

  5. कानूनी सहायता के लिए मुफ्त मुकदमे-दर-तब-तब परिसেবা (NALSA) मिलने की जरूरत हो सकती है ताकि आप विकंठ-रहित न्याय प्राप्त कर सकें।

इन परिदृश्यों में एक अनुभवी advokat, कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता मदद देता है ताकि न्याय प्रक्रिया सही ढंग से शुरू हो सके और सुरक्षा-आदेश, निवास-आदेश, monetary relief, तथा compensation जैसी राहतें शीघ्र मिल सकें. जम्मू- कश्मीर की स्थानीय अदालतों में DV मामलों के लिए वकील से मार्गदर्शन जरूरी है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: जम्मू, भारत में गृह हिंसा को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) - यह अधिनियम घरेलू हिंसा के विरुद्ध संरक्षण, राहत और पुनर्वास के उपाय निर्धारित करता है।
  • Indian Penal Code, धारा 498A और धारा 354 - 498A महिला पर क्रूरता के अपराध को संज्ञायित करता है; 354 मौक़े पर मान-हानि से जुड़े अपराधों के लिए धाराएं हैं। दोनों DV से जुड़ी घटनाओं के साथ उपयोगी हो सकती हैं।
  • Criminal Procedure Code, धारा 125 - पारिवारिक अदालतें-ए अदालत में पत्नी और बच्चों के लिए maintenance की दिशा-निर्देश स्पष्ट करती है, जो DV के मामलों में सहायक रहता है।

PWDVA में 2009 का संशोधन DV के परिमाण-आधार को मजबूत बनाता है। इस संशोधित उपबंध में आर्थिक हिंसा और निवास-आदेश जैसी राहतों को स्पष्ट किया गया।

“The Protection of Women from Domestic Violence (Amendment) Act, 2009 inserted economic abuse and extended the rights to residence and protection orders.”

स्रोत: MWCD और NCW के संसाधन

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गृह हिंसा कहाँ दर्ज कराई जा सकती है?

घरेलू हिंसा की शिकायत आप अपने स्थानीय थाने, पुलिस चौकी या महिला सुरक्षा हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकते हैं। अंततः मामला DV-अधिनयम के तहत अदालत में जाता है।

PWDVA के अंतर्गत मुझे कौन-सी राहत मिल सकती है?

Protection order, residence order, monetary relief, और compensation की राहत मिल सकती है। आवश्यक हो तो shelter और legal aid भी उपलब्ध कराया जा सकता है।

क्या DV मामले में मुफ्त कानूनी सहायता मिलती है?

हाँ, राष्ट्रीय-स्थापित योजना के अंतर्गत eligible व्यक्तियों को NALSA द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता मिलती है।

Share household का मतलब क्या है और यह कैसे लागू होता है?

Share household वह घर है जिसे आप और आरोपी का परिवार रहते थे या वर्तमान में रहते हैं। अधिकार वहाँ भी लागू हो सकता है, बशर्ते कानून-निर्देश लागू हों।

क्या महिलाओं को पुलिस सुरक्षा मिलती है?

हाँ, DV के दौरान महिलाओं को police protection, temporary shelter और medical सहायता जैसी सेवाएं प्राप्त हो सकती हैं।

मैं किस प्रकार के रिकॉर्ड इकट्ठा करूँ?

प्रमाण के लिए medical reports, photos, witnesses, financial documents, पुराने messages व voice notes अत्यंत मददगार होते हैं।

मेरे पति विदेश चले गए हैं, क्या मुझे संरक्षण मिलेगा?

हाँ, DV के मामले में गिरफ्तार-योजना और वैधानिक सुरक्षा आदेश लागू रहते हैं। अदालत परिवासन-स्थिति के अनुसार आदेश दे सकती है।

क्या मुझे अदालत जाना ज़रूरी है?

अगर स्थिति गंभीर है, तो पुलिस से initial relief और बाद में अदालत से protection और residence orders लेना अधिक प्रभावी रहता है।

क्या मैं बच्चों के बारे में निर्णय स्वयं ले सकती/सकता हूँ?

यह अदालत के निर्णय पर निर्भर है। DV मामलों में बच्चों की सुरक्षा व हित सर्वोच्च मानी जाती है और custody आदेश दिए जा सकते हैं।

DV मामलों में किस प्रकार की अदालतें शामिल होती हैं?

सबसे पहले स्थानीय थाने की प्राथमिकी के साथ DV केस दर्ज होता है, फिर अदालत में protection and residence orders के लिए सुनवाई होती है।

क्या आरोपी को नौकरी या पेंशन से रोका जा सकता है?

कुछ स्थितियों में monetary relief, compensation और employment protection के प्रावधान लागू हो सकते हैं, पर यह अदालत के निर्णय पर निर्भर है।

क्या मैं शिकायत वापस ले सकती/सकता हूँ?

अगर आप चाहें तो अदालत से आवाजाही-धक्का-नोटिस के साथ मामले को वापस लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं, पर सुरक्षा-आवेदन के बाद यह सरल नहीं होता।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Commission for Women (NCW) - DV से जुड़ी शिकायतों और मार्गदर्शन के लिए आधिकारिक स्रोत: https://ncw.nic.in
  • National Legal Services Authority (NALSA) - आर्थिक-शोचिक सहायता समेत मुफ्त कानूनी सहायता के लिए: https://nalsa.gov.in
  • Sakhi One Stop Centre (OSC) Network - DV पीड़िताओं के लिए केंद्रित सहायता, Shelter, Legal Aid आदि: https://wcd.nic.in/one-stop-centre-sakhi

6. अगले कदम: गृह हिंसा वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. स्थिति स्पष्ट करें-कौन-सी राहत चाहिए, protect-orders, monetary relief या custody आदि।
  2. जम्मू- कश्मीर बार काउंसिल या DLSA Jammu से संपर्क करें और मुफ्त कानूनी सहायता विकल्प पूछें।
  3. स्थानीय DV-विशेषज्ञ अधिवक्ताओं की सूची बनाएं-जिला न्यायालय, थाना, या वरिष्ठ न्यायालय के अभिलेख लें।
  4. कानूनी प्रतिनिधि से 1-2 घंटे की प्रस्तुति-परामर्श निर्धारित करें।
  5. पूर्व केस-प्रैक्टिस, सफलता-रेट और फीस के बारे में स्पष्ट पूछताछ करें।
  6. जर संभव हो तो सरकारी लोन या कानूनी सहायता योजना के पात्रता-चेक करें (NALSA आदि)।
  7. प्रत्येक मिलने के बाद, सुरक्षा-योजना बनाकर रिकॉर्ड-तैयारी करें और अगला कदम तय करें।

सूचित रहें: DV मामलों में प्राथमिकता सुरक्षा है। थाने, DLSA और OSC जैसे आधिकारिक संसाधनों का उपयोग करें।

इसके अलावा जम्मू- कश्मीर के निवासियों के लिए एक व्यावहारिक संदेश है कि असुरक्षित स्थिति में “100” डायल करें और निकटतम DV-सुरक्षा केंद्र से सहयोग लें।

संदर्भ और आधिकारिक स्रोत - उद्धरण

“Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 provides for protection to women who are victims of violence in the family and recognizes physical, sexual, verbal, emotional and economic abuse.”
“The Act provides for protection orders, residence orders, monetary relief and compensation to the aggrieved person.”
“NALSA provides free legal aid to eligible persons, including victims of domestic violence.”

उद्धृत स्रोत लिंक

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