समस्तीपुर में सर्वश्रेष्ठ गृह हिंसा वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
समस्तीपुर, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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भारत गृह हिंसा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें गृह हिंसा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
परिवार गृह हिंसा अभिभावकत्व परिसर दायित्व संपत्ति क्षति
उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा

हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।

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घरेलू हिंसा के मामले के बारे में जानने के लिए
गृह हिंसा
मेरी भाभी ने मुझे DV ACT के बारे में एक नोटिस भेजा है। मैं इस अदालत प्रक्रिया के बारे में जानना चाहता/चाहती हूँ।
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

क्या आप इसे विस्तार से साझा कर सकते हैं जैसे कि यह क्या नोटिस है, न्यायालय का नोटिस या कानूनी नोटिस... यदि यह कानूनी नोटिस है तो अपने वकील से इसका उत्तर देने को कहें या यदि यह न्यायालय का...

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1. समस्तीपुर, भारत में गृह हिंसा कानून के बारे में: [ समस्तीपुर, भारत में गृह हिंसा कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

गृह हिंसा से सुरक्षा का अधिकार भारतीय संविधान के अनुरूप महिलाओं को प्रदान किया गया है।
समस्तीपुर जिले में इसे लागू कराने के लिए केंद्र-राज्य स्तर के कानून चलते हैं, जिनमें प्रमुख है पब्लिक पर्पस्ड डॉमेस्टिक वायोलेंस एक्ट 2005 (PWDVA).

PWDVA का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार देना है।
यह संवैधानिक सुरक्षा के भीतर हिंसा के हर प्रकार से राहत प्रदान करता है और जिले-समस्तीपुर के लिए एक विशिष्ट संरचना बनाता है।

समस्तीपुर में शिकायत दरों के संदर्भ में पुलिस, संरक्षण अधिकारी, न्यायालय और आश्रय गृह हाई-प्रोफाइल प्रक्रियाएं चलाते हैं।
इन संरचनाओं के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को संरक्षण, राहत और राहत-सम्बन्धी आदेश मिलते हैं।

“To provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence of any kind occurring within the family.”

स्रोत: Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 की पंरम्परा और उद्देश्य का आधिकारिक बयान।

The Act provides for protection orders, residence orders, monetary relief and custody of children.

स्रोत: PWDVA 2005 के प्रावधानों का संक्षिप्त विवरण, सरकारी गाइडलाइनों में उद्धृत संदर्भ।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [ गृह हिंसा कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। समस्तीपुर, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें ]

  • परिवार-स्तर पर शारीरिक या मानसिक अत्याचार का सामना हो रहा है; पति या ससुरालजन लगातार हिंसा करते हैं; सुरक्षा आदेश और निवास-आदेश की आवश्यकता है।
  • लाइव-इन रिश्ते में रहने वाले व्यक्ति को घरेलू सम्बन्ध के आधार पर संरक्षण चाहिए; क्रेता-विक्रेता की तरह नहीं, पर कानून सहायता चाहिए।
  • आर्थिक नियंत्रण और घरेलू आर्थिक दमन से उबरने के लिए नुकसान-पूर्व राहत और क्षतिपूर्ति चाहिए।
  • बच्चों के संरक्षण, custody या सुरक्षा- निर्देश चाहिए; अदालत से अस्थायी custody या visitation राइट्स के लिए आवेदन करना है।
  • स्थानीय आश्रय गृह या अस्थायी आश्रय की व्यवस्था चाहिए ताकि DV पीड़िता और बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थान मिल सके।
  • कानूनी सहायता तक पहुँचने में बाधाएँ हैं; अदालत-प्रक्रिया, फॉर्म, और साक्ष्य जुटाने में अनुभवशील वकील की जरूरत है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ समस्तीपुर, भारत में गृह हिंसा को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) - महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा देता है; संरक्षण आदेश, निवास आदेश, वित्तीय सहायता आदि सक्षम बनाता है।
  • Indian Penal Code, Sec. 498A - पति या उनके रिश्तेदार द्वारा क्रूरता करने पर दंडनीय अपराध माना जाता है; घरेलू हिंसा के मामले समाज-न्याय में दर्ज होते हैं।
  • CrPC Sec. 125 - पत्नी, बच्चों या वृद्ध व्यक्तियों के लिएMaintenance के अधिकार को सुनिश्चित करता है; DV मामलों में राहत का भाग हो सकता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [ 10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े तैयार करें ]

गृह हिंसा क्या है?

PWDVA के अनुसार घरेलू हिंसा में शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मौखिक और आर्थिक दमन शामिल हो सकता है।

समस्तीपुर में DV शिकायत कहाँ दर्ज कराऊँ?

सबसे पहले नजदीकी Protection Officer से संपर्क करें; पुलिस में शिकायत दर्ज कराते समय उन्हें सूचित करें; अदालत में सुरक्षा आदेश के लिए आवेदन दें।

प्रोटेक्शन ऑर्डर क्या है और कितने समय तक चलता है?

यह आदेश पीड़िता को हिंसा से सुरक्षा देता है; आम तौर पर आदेश के स्थान-काल और स्थिति के अनुसार तय होता है, अदालत खुद बढ़ा-घटा सकती है।

क्या मुझे Shelter Home मिल सकता है?

PWDVA के अंतर्गत Shelter Home और बनी-बनाई सहायता उपलब्ध होती है; Protection Officer इसे उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

हमें Maintenance कब और कैसे मिलेगी?

PWDVA के अंतर्गत मौद्रिक राहत (Maintenance) का दावा किया जा सकता है; अदालत या अधिकारी इसे निर्धारित करते हैं।

बच्चों की Custody कैसे तय होती है?

आंशिक या अस्थायी custody अदालत के निर्णय से तय होती है; माता-पिता दोनों को बच्चे के हित में विचार किया जाता है।

DV शिकायत कैसे उपलब्ध करवाई जाए?

सबसे पहले Protection Officer से मार्गदर्शन लें; फिर सूचना दर्ज करें; आवश्यक साक्ष्य जैसे फोटो, संदेश आदि भेजें।

फर्जी आरोप कैसे रोके जाएँ?

प्रमाण-पूर्वक साक्ष्य जमा करें; पुलिस और अदालत के निर्देशों का पालन करें; दुरुपयोग की स्थिति में मानहानि और सुरक्षा के उपाय संभव हैं।

क्या मैं कानूनी सहायता मुफ्त प्राप्त कर सकता/सकती हूँ?

हाँ; NALSA और NDVP के माध्यम से नि:शुल्क या सशर्त विधिक सहायता मिल सकती है; स्थानीय DLSA से संपर्क करें।

क्या DV के मामलों में अदालत लाइव-स्ट्रीमिंग होती है?

कई न्यायालय उपलब्ध सेवाओं के अनुसार चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाते हैं; Samastipur के जिला न्यायालय से देखें कि वे ऑनलाइन पोर्टलों का उपयोग करते हैं या नहीं।

मैं किन दस्तावेजों के साथ आवेदन करूँ?

पहचान प्रमाण, आवास का प्रमाण, विवाह प्रमाण, बच्चों के जन्म- प्रमाण, कुछ मौजूदा संदेश/कथनों के प्रमाण रखें।

क्या पुलिस मेरी सहायता करेगी अगर स्थिति अत्यंत खतरे में हो?

हां; तत्काल खतरे पर नियंत्रण के लिए पुलिस सुरक्षा और आवश्यक कदम उठाएंगे; 112/181 जैसी हेल्पलाइन भी उपलब्ध हो सकती है।

DV के मामले में दिल्ली-या बिहार में फाइलिंग प्रक्रिया समान होती है?

आम तौर पर मूल सिद्धांत समान रहते हैं; स्थानीय नियम और फॉर्म-फीचर जिला-स्तर पर भिन्न हो सकते हैं।

क्या Live-in partner पर भी संरक्षण मिल सकता है?

जी हाँ; यदि रिश्ता Domestic Violence Act के दायरे में आता है तो संरक्षा आदेश संभव है; अदालत स्थिति का मूल्यांकन करेगी।

क्या मैं विदेश-निवासी होने के बावजूद संरक्षण मांग सकता/सकती हूँ?

विदेश-निवासी भी स्थानीय कानून के अनुसार संरक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं; सदस्य-प्रश्मन नियम लागू होते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन: [ गृह हिंसा से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं ]

  • National Domestic Violence Portal (NDVP) - DV से जुड़ी जानकारी, हेल्पलाइन और अधिकारों का ऑनलाइन पोर्टल। https://www.ndvp.gov.in
  • National Legal Services Authority (NALSA) - नि:शुल्क कानूनी सहायता और सेवाएं। https://nalsa.gov.in
  • National Commission for Women (NCW) - महिलाओं के अधिकारों और शिकायतों के लिए आधिकारिक स्त्रोत। https://ncw.nic.in

6. अगले कदम: [ गृह हिंसा वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया ]

  1. स्थिति की तुरंत समीक्षा करें और सुरक्षा सुरक्षित जगह पर जाएँ.
  2. सबसे नजदीकी Protection Officer या थाने से संपर्क करें और सहायता माँगे.
  3. DV के लिए आवश्यक दस्तावेज एक जगह इकट्ठा रखें और प्रमाण बनाएं.
  4. नज़दीकी डि.एल.एस.ए. या स्थानीय अधिवक्ता से मिलकर कानूनी सलाह लें.
  5. PWDVA के तहत Protection Order या Shelter Home के लिए आवेदन करें.
  6. NDVP/NALSA NCW जैसे आधिकारिक संसाधनों से मार्गदर्शन लें.
  7. धार्मिक/सामुदायिक सहायता समूहों से सुरक्षा योजना बनाएं और नियमित अद्यतन दें.

नोट: समस्तीपुर जिले के कानून-व्यवस्था के अनुसार संपर्क सूत्र और प्रक्रिया में स्थान-परिवर्तन हो सकता है। कृपया जिले के अधिकारिक पोर्टल, पुलिस थाना और DLSA से सत्यापित करें।

संलग्न आधिकारिक स्रोत उद्धरण:

“To provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence of any kind occurring within the family.”
The Act provides for protection orders, residence orders, monetary relief and custody of children.
Domestic violence includes physical, sexual, emotional, verbal and economic abuse.

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर जाएँ:

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