पटना में सर्वश्रेष्ठ नशे में गाड़ी चलाना वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Priya Gupta Advocate
पटना, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
आपराधिक रक्षा नशे में गाड़ी चलाना अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक कानून +10 और
2009 में स्थापित, प्रिया गुप्ता एडवोकेट पटना स्थित एक प्रमुख विधिक फर्म है, जो समय पर, रचनात्मक और लागत-कुशल कानूनी...
पटना, भारत

1956 में स्थापित
English
तरकांत झा एंड एसोसिएट्स बिहार के सबसे पुराने और भरोसेमंद लॉ फर्मों में से एक है, जिसकी स्थापना 1956 में हुई थी और इसका...
Giri Law Associates
पटना, भारत

English
गिरी लॉ एसोसिएट्स व्यापक प्रकार के मुकदमेबाज़ी और लेन-देन संबंधी सेवाएँ प्रदान करता है, जिसमें व्यापार और रियल...
SLC Partners & Associates
पटना, भारत

English
SLC पार्टनर्स एंड एसोसिएट्स भारत में एक प्रमुख लॉ फर्म के रूप में उभरा है, जो आपराधिक न्याय, तलाक कानून और ट्रायल...
Indian Legal Solution
पटना, भारत

2017 में स्थापित
English
Indian Legal Solution, established in 2017, operates as a widely read Indian legal blog and knowledge platform that engages law students and practitioners across the country. It maintains MSME and LLP registrations and has earned recognition as a top legal website, including a ranking as the 4th...
Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
Hindi
एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
GSP Legal, Advocates & Solicitors
पटना, भारत

2018 में स्थापित
English
जीएसपी लीगल, अधिवक्ता एवं सॉलिसिटर, पटना, भारत में मुख्यालय वाला एक विशिष्ट विधिक फर्म है, जिसे जटिल कानूनी मामलों...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. पटना, भारत में नशे में गाड़ी चलाना कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पटना, बिहार में नशे में गाड़ी चलना एक गंभीर अपराध है। केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अनुसार शराब या ड्रग्स के प्रभाव में वाहन चलाने पर दंड दिया जाता है। Breathalyzer से BAC मालूम होने पर गिरफ्तारी संभव है और लाइसेंस अनुबंध-निलंबन भी हो सकता है।

“No person shall drive a motor vehicle in a public place when the person is under the influence of any intoxicating liquor or drugs to such an extent as to be incapable of exercising proper control.”

भारत में सामान्य BAC सीमा निजी गाड़ियों के लिए लगभग 0.03% मापा जाता है और व्यावसायिक वाहनों के लिए सीमा अधिक हो सकती है। पटना में पुलिस Breathalyzer के जरिए इन मानकों की जाँच करती है।

2019 के मोटर व्हीकल ऐक्ट संशोधन ने नशे में गाड़ी चलाने के दंड को प्रभावी ढंग से कड़ा किया। इसके बाद मामलों में गिरफ्तारी, जमानत-प्रक्रिया और दंड राशि में अधिक स्पष्टता आई है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे पटना, बिहार से जुड़े 4-6 विशिष्ट परिदृश्य दिए गए हैं जिनमें कानूनी सहायता जरूरी हो सकती है।

  • परिदृश्य 1 - राजधानी पटना के रोड पर शराब के नशे में पकड़े जाना: Breathalyzer पर पॉज़िटिव reading मिलना परर्वाब है; गिरफ्तारी और लाइसेंस-निलंबन की संभावना रहती है।
  • परिदृश्य 2 - किसी दुर्घटना के बाद शराब के नशे में गाड़ी चलाने का आरोप: चोट या संपत्ति नुकसान हो तो IPC के प्रावधान और MV Act के आपराधिक-प्रावधान एक साथ लग सकते हैं; वकील आवश्यक होगा।
  • परिदृश्य 3 - लो- BAC या एकदम हल्के प्रभाव के बावजूद निज़ी या व्यावसायिक कार के खिलाफ शिकायत: बचाव-तर्क और प्रमाण-प्रणाली की मांग होती है।
  • परिदृश्य 4 - लाइसेंस-निलंबन के आदेश के विरुद्ध आवेदन या जमानत की जरूरत: अदालत में आपत्ति-निवारण और प्रक्रियात्मक अधिकार स्थापित करने होंगे।
  • परिदृश्य 5 - repeat offense या दुर्घटना में घायल व्यक्ति होने पर दंड अधिक सख्त होता है: अनुभवी वकील की सलाह से बचाव-योजनाएं बनानी चाहिए।

इन मामलों में एक अनुभवी advokat की मदद से आप लेखा-जोखा, बचाव-युक्त दलीलें, और प्रभावी प्रस्तुतिकरण कर सकते हैं। पटना के थाना-प्रक्रिया और अदालत-प्रक्रिया के जानकार वकील आपके लिए मदद कर सकते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

Motor Vehicles Act, 1988 - Sections 181 to 196 मानक ड्रंक ड्राइविंग और संबंधित दंड निर्धारित करते हैं। Sector 185 ड्रंक ड्राइविंग के अपराध के लिए मुख्य प्रावधान है।

Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019 - ड्रंक ड्राइविंग और सुरक्षा उल्लंघन के दंड में वृद्धि के साथ कानून में संशोधन किया गया। यह संशोधन पटना सहित पूरे भारत में मान्य है।

Indian Penal Code, Chapter पर ड्रंक ड्राइविंग से जुड़ी धाराएं - दुर्घटना-घटना पर धारा 337, 338 (चोट) और 304A (लापरवाही से मौत) जैसे धाराओं से मामले आगे बढ़ते हैं।

BAC सीमा एवं ट्रैफिक अभ्यास प्रायः CMVR के नियमों और स्थानीय आदेशों से नियंत्रित होते हैं। बिहार में भी MV Act के केंद्रीय प्रावधान लागू होते हैं और स्थानीय निर्देशों के अनुसार प्रवर्तन रहता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में नशे में गाड़ी चलाने की BAC सीमा क्या है?

निजी वाहन के लिए अनुमानित BAC सीमा लगभग 0.03% है। व्यावसायिक वाहन के लिए यह सीमा 0.04% तक मानी जा सकती है। वास्तविक प्रैक्टिस स्थानीय पुलिस-प्रभारी पर निर्भर हो सकती है।

यदि पुलिस Breathalyzer नहीं कर पाती है तो क्या होगा?

तुरंत कानूनी मानक-प्रक्रिया के अनुसार गिरफ्तार किया जा सकता है। चिकित्सा परीक्षण और अन्य प्रमाण-प्रणालियाँ अदालत में दलीलों का आधार बन सकती हैं।

क्या गिरफ्तारी के बाद तुरंत जमानत मिल जाती है?

यह अदालत, अदालत के आदेश और उल्लंघन-तत्व पर निर्भर है। अधिकांश मामलो में कैद-समय नहीं होता, पर गिरफ्तार संरचना बनी रहती है और जमानत-पत्र की प्रकिया होती है।

क्या लाइसेंस तुरंत निलंबित हो सकता है?

हाँ, शराब से जुड़ी गिरफ्तारी पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। न्यायालय के आदेश या स्थानीय दण्ड-प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेज-निलंबन होता है।

कानूनी सहायता कहाँ से मिलेगी?

पटना में अनुभवी ड्रंक ड्राइविंग वकील, स्थानीय बार-एटर्नी, और राज्य-न्यायिक सहायता सेवाओं से लाभ उठाएं।

कौन-सी धारायें सबसे प्रभावित करती हैं?

MV Act का Section 185 और IPC की धाराएं 337, 338, 304A प्रमुख संरचना बनाती हैं, खासकर दुर्घटना से जुड़ी स्थितियों में।

प्रक्रिया कैसे चलती है?

गिरफ्तारी, मेडिकल टेस्ट, BAC-परिणाम, जमानत-प्रक्रिया, कोर्ट-हearing आदि चरण होते हैं। प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन के लिए अधिवक्ता जरूरी है।

क्या ड्रंक ड्राइविंग के मामले में मेडिकल मना जा सकता है?

कुछ परिस्थितियों में मेडिकल-नियंत्रण आधार पर बचाव संभव है, पर यह अदालत-निर्णय पर निर्भर है।

क्या दुर्घटना में घायलों पर IPC लागू होते हैं?

जर दुर्घटना में चोट आयी हो तो IPC के धारा 337/338 के साथ MV Act भी लागू हो सकता है।

क्या मैं अपने बचाव के लिए बहस कर सकता हूँ?

हाँ, गलत-परीक्षण, BAC-रिपोर्ट की वैधता, तथा गिरफ्तार-आचार में त्रुटियाँ दिखाकर बचाव किया जा सकता है।

क्या चोट या मौत होने के बावजूद भी जमानत संभव है?

यह अदालत के फैसले पर निर्भर है। साक्ष्य और स्थिति के अनुसार जमानत मिल सकती है या नहीं भी।

क्या दाखिले-नोटिस मिलने पर मुझे तुरंत वकील बताना चाहिए?

हाँ, तुरंत एक अनुभवी वकील से मिलकर कानूनी रणनीति तय करें और बचाव-तर्क बनाएं।

नशे में गाड़ी चलाने के लिए कौन-सी सुरक्षा-युक्तियाँ दें?

अगली बार वाहन न चलाएं। यदि पी गए हों तो सुरक्षित पार्किंग करें और अल्टरनेट ड्राइवर का सहारा लें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - आधिकारिक साइट: https://nalsa.gov.in
  • Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) - आधिकारिक साइट: https://morth.nic.in
  • India Code - MV Act और उप-धाराओं की आधिकारिक पाठ: https://www.indiacode.nic.in

6. अगले कदम

  1. घटना के तुरंत बाद अपने अधिकारों के बारे में जानें और शांत रहें।
  2. पटना के एक अनुभवी ड्रंक ड्राइविंग-वकील से तुरंत संपर्क करें।
  3. गिरफ्तारी का लॉगर-प्रक्रिया, ADR-प्रक्रिया और जमानत-आवेदन की तैयारी करें।
  4. BAC रिपोर्ट, मेडिकल-रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की कॉपी बनवाएं।
  5. वकील के साथ केस-स्ट्रीटेजी बनाएं और शुल्क-निर्धारण समझ लें।
  6. अपनी लाइसेंस-स्थिति और वाहन-स्थिति के बारे में RTO Patna से जानकारी लें।
  7. आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए नियमानुसार बहिर्गमन-नोट्स रखें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से पटना में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, नशे में गाड़ी चलाना सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

पटना, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।