नया दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ वृद्ध दुर्व्यवहार कानून वकील

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KG Law Offices
नया दिल्ली, भारत

2015 में स्थापित
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केजी लॉ ऑफ़िसेज़ (KGLO), जिसका नेतृत्व अधिवक्ता कुणाल गोसाईं करते हैं, नई दिल्ली, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित बुटीक...
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1. नया दिल्ली, भारत में वृद्ध दुर्व्यवहार कानून कानून का संक्षिप्त अवलोकन

नया दिल्ली में वृद्ध दुर्व्यवहार कानून वृद्ध व्यक्तियों के हित संरक्षित करने के लिए साझा केंद्रीय कानूनों पर आधारित है।

यह कानून परिवार, वित्त और देखभाल से जुड़े नुकसान को रोकने के लिए कानूनी उपाय और सुरक्षा प्रदान करता है।

“The Act provides for maintenance of parents and senior citizens by their children or relatives.”

यह अधिनियम दिल्ली सहित पूरे देश पर लागू है और प्रत्येक जिले में ट्रिब्यूनल तथा एपीलीय प्राधिकरण स्थापित होते हैं।

“Tribunals and Appellate Authorities shall decide the application for maintenance within one year.”

दिल्ली के निवासियों के लिए यह कानून वरिष्ठ नागरिकों को रहने-खाने, स्वास्थ्य देखभाल और सम्मानजनक जीवन का अधिकार देता है।

स्रोत: National Portal of India - Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007. https://www.india.gov.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे दिए चार से छह संभावित परिदृश्यों में कानूनी सहायता अनिवार्य हो सकती है।

  • परिवारिक रख-रखाव दावे - अपने वरिष्ठ माता-पिता या दादा-दादी के लिए रख-रखाव का दावा दाखिल करना हो और प्रतिकूल प्रतिक्रिया मिले। दिल्ली-केन्द्रित उदाहरणों में ट्रिब्यूनल के समक्ष सही दस्तावेजing जरूरी होता है।

  • आर्थिक शोषण - बुजुर्ग के खाते से धन का अनुचित उपयोग या पेंशन, आय और जमा-खाते की सुरक्षा के लिए वकील की मदद चाहिए।

  • शारीरिक या भावनातमक दुर्व्यवहार - परिवार या देखभालकर्ता द्वारा सीधे दुर्व्यवहार होने पर तुरंत सुरक्षा और संरक्षण के उपाय चाहिए।

  • आफसोसजनक लापरवाही - वृद्ध आश्रय स्थलों में नजरदारी और देखभाल कम होने के मामलों में अदालत से राहत चाहिए।

  • सम्पत्ति या वसीयत-से सम्बन्धित विवाद - दादा-दा-दादी की सम्पत्ति और अधिकारों के दावे में कानूनी मार्गदर्शन चाहिए।

  • पावर ऑफ अटॉर्नी या संरक्षक भूमिका - किसी असली संरक्षक द्वारा गलत प्रयोग पर सुरक्षा उपाय के लिए वकील की जरूरत होती है।

दिल्ली के वास्तविक 갈त मामलों में भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए न्याय पाने में कानूनी सलाह आवश्यक होती है।

स्रोत: National Portal of India - Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007. https://www.india.gov.in

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 - यह केंद्रीय कानून वरिष्ठ नागरिकों के लिए रख-रखाव, सुरक्षा और देखभाल व्यवस्था देता है। दिल्ली में भी यह अधिनियम लागू है और प्रत्येक जिले में ट्रिब्यूनल बनते हैं।

  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 - वृद्ध महिला के घरेलू हिंसा के विरुद्ध सुरक्षा और सहायता प्रदान करता है; दिल्ली में महिलाएं भी इसका लाभ ले सकती हैं।

  • Indian Penal Code (IPC) धाराएँ - क्रूरता, चोट, धन-हथियाने जैसे अपराधों के लिए प्रावधान हैं; उदाहरण के लिए धारा 323, 498A आदि वृद्ध महिलाओँ के विरुद्ध होने वाले दुरुपयोग के मामलों में सहायक हो सकते हैं।

स्रोत: National Portal of India - Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007; IndiaCode - Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005. https://www.india.gov.in, https://legislative.gov.in

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृद्ध दुर्व्यवहार क्या है?

वृद्ध दुर्व्यवहार में शारीरिक, मौखिक, भावनात्मक, आर्थिक नुकसान या उपेक्षा शामिल हो सकती है।

दिल्ली में किसके द्वारा शिकायत दर्ज कराई जा सकती है?

वरिष्ठ नागरिक या उनके रिश्तेदार, रिश्तेदार-के-हीया, कानूनी सलाहकार, सामाजिक कार्यकर्ता या डीसीडब्ल्यू आदि के द्वारा।

कौन कानून के तहत दावा दाखिल किया जा सकता है?

Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के तहत रख-रखाव का दावा किया जा सकता है।

ट्रिब्यूनल में दावा कितना समय लेता है?

आवेदन मिलने के एक वर्ष के भीतर त्वरित सुनवाई का लक्ष्य रखा गया है, पर केस भिन्न हो सकते हैं।

कौन से प्रमाण जरूरी हो सकते हैं?

पहचान दस्तावेज, उम्र प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट, पेंशन स्लिप, मेडिकल रिकॉर्ड और मौखिक प्रमाण सहित सभी सहायक दस्तावेज रखें।

क्या बुजुर्ग अदालत में अपनी सुरक्षा छोड़ सकते हैं?

हाँ, न्यायिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं, और सुरक्षा के लिए अग्रिम आदेश भी माँगा जा सकता है।

प्रस्तावित राहत क्या-क्या हो सकती है?

वापसी-योजन, मासिक रख-रखाव, निवास-स्थल की सुरक्षा, चिकित्सीय सहायता और सुरक्षा आदेश शामिल हो सकते हैं।

अगर दावाकर्ता अस्वस्थ हो गया तो?

अधिवक्ता उन परिस्थितियों के अनुसार प्रक्रिया जारी रखेंगे, या अधिकतम उपलब्ध विकल्प सुझाएंगे।

क्या बुजुर्ग अपने निवास पर केस चला सकते हैं?

हाँ, इत्यादि स्थिति में हो सकता है, पर अदालत के निर्णय और सुरक्षा आदेश के अनुसार होगा।

क्या धारा-धारा के तहत अपीलीय उपाय संभव हैं?

हाँ, ट्रिब्यूनल के निर्णय के विरुद्ध एपील्टAuthorities में अपील संभव है।

क्या एक ही शिकायत कई आरोपों का समावेश कर सकती है?

हाँ, एक ज्ञात मामले में कई आयामों के दावे जोड़े जा सकते हैं।

क्या दिल्ली में ई-फाइलिंग उपलब्ध है?

कई जिलों में ऑनलाइन फॉर्म और सूचना-विन्यास उपलब्ध हो सकता है; स्थानीय अदालत के निर्देश देखें।

कानूनी सहायता कैसे प्राप्त करें?

NALSA, DSLSA, और राज्य-स्तरीय विधिक सहायता कार्यक्रम से मुफ्त या कम-खर्च कानूनी सहायता मिल सकती है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और सुलह सेवाओं के लिए अधिकारिक पोर्टल।

  • HelpAge India - वृद्ध नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा और पेंशन सम्बन्धी सहायता प्रदान करता है।

  • Delhi Commission for Women (DCW) - दिल्ली में महिला और वृद्ध महिलाओं के संरक्षण के लिए आधिकारिक संस्था; संपर्क व संसाधन उपलब्ध।

स्रोत-लिंक: NALSA - https://nalsa.gov.in, HelpAge India - https://www.helpageindia.org, DCW - https://dcw.gov.in

6. अगले कदम

  1. अपने वरिष्ठ नागरिक के बारे में सभी दस्तावेज एकत्र करें - पहचान, आय प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट, चिकित्सा रिकॉर्ड।

  2. दिल्ली में नजदीकी नागरिक न्यायालय या ट्रिब्यूनल की जानकारी लें।

  3. किसी कानूनी सलाहकार या वकील से पहली मुफ्त परामर्श तय करें।

  4. घटना का संक्षेपण और प्रमाण-पत्रों के साथ शिकायत/दावा फॉर्म भरें।

  5. कानूनी सहायता के लिए NALSA या DSLSA से पंजीकरण कराएँ यदि आवश्यक हो।

  6. नीतियों, एपील-ऑन-रिकॉर्ड नोट किए जाएँ और फॉलो-अप तिथियाँ रखें।

  7. अगर आवश्यकता हो, उच्च-न्यायालय में अपील के लिए तैयारी करें।

नया दिल्ली, भारत के निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: दिल्ली में बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस, DCW और नागरिक न्यायालय से सहायता लें।

स्रोत-उद्धरण: National Portal of India - Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007; IndiaCode - Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005. https://www.india.gov.in, https://legislative.gov.in

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