पटना में सर्वश्रेष्ठ वृद्ध दुर्व्यवहार कानून वकील

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Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
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एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
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वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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1. पटना, भारत में वृद्ध दुर्व्यवहार कानून कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पटना में वृद्ध दुर्व्यवहार कानून का प्रमुख आधार Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 है।

यह अधिनियम बुजुर्गों के लिए रख-रखाव, स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण के उपाय निर्धारित करता है।

पटना जिले में Maintenance Tribunal और Senior Citizens Welfare Officers जैसे स्थानीय प्राधिकारी केसों के निपटान में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

“An Act to provide for the welfare of parents and senior citizens and for matters connected therewith or incidental thereto.”

उपरोक्त उद्धरण MWPSCA 2007 के आधिकारिक शीर्षक को दर्शाते हैं। स्रोत: Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  1. पटना में वृद्ध दुर्व्यवहार के मामले में वकील की सहायता आवश्यक है ताकि न्यायिक प्रक्रिया सही ढंग से शुरू हो सके और दावा समय पर तय हो।

    उदा: एक 72 वर्षीया पिता के पासन-परिसंपत्ति पर नियंत्रण और maintenance के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन आवश्यक हो सकता है.

  2. रख-रखाव के เงิน-सम्बंधी आदेश की प्राप्ति में कानूनी सहायता जरूरी है ताकि प्रतिवादी से भुगतान नियमित रूप से हो सके।

    उदा: बेटा विदेश में रहने पर भी मासिक रख-रखाव भुगतान से इनकार करे तो कानूनी व्यवस्था जरूरी बनती है.

  3. घरेलू दुरुप्रयोग या शारीरिक-मानसिक दुरुपयोग की स्थिति में सुरक्षा और संरक्षण के उपाय पाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता की जरुरत होती है।

    उदा: वृद्ध महिला परिवार के भीतर प्रताड़ना का शिकार हो रही हो तो DV Act के अंतर्गत सुरक्षा आदेश भी संभव है.

  4. सहायता और कल्याण योजना के लिए आवेदन, मेडिकल सहायता, रहने के स्थान का चयन आदि में कानूनी मार्गदर्शन आवश्यक है।

    उदा: वृद्धावस्था में चिकित्सा सुविधाओं के लिए राज्य-स्तर के लाभों का सही लाभ उठाने के लिए कानूनी सलाह जरूरी है।

  5. डिजिटल फाइलिंग, डाक्यूमेंट जमा करने और त्वरित निष्पादन के लिए अनुभवी advokat की सहायता जरूरी है।

    उदा: Patna के न्यायालयों में दस्तावेज तैयार करने और सुनवाई की रणनीति बनाने के लिए वकील मदद देंगे।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 - यह केंद्रीय कानून बुजुर्गों के रख-रखाव और कल्याण के लिए tribunals, maintenance, और welfare उपाय स्थापित करता है।

  • Section 125 CrPC - बिना अदालत में मुकदमे के भी माता-पिता और अन्य आश्रितों के लिए Maintenace का आदेश दे सकता है. पटना सहित बिहार के जिला न्यायालय इस के अंतर्गत कदम उठाते हैं।

  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 - घरेलू हिंसा की घटनाओं में बुजुर्ग महिलाओं के लिए सुरक्षा आदेश और सहायता उपलब्ध कराता है यदि वह Domestic Relationship में हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में MWPSCA के अंतर्गत केस कैसे दायर करें?

सबसे पहले अपने जिले के Maintenance Tribunal या जिला न्यायालय की रजिस्टर-शीट देखें. आवश्यक दस्तावेज जमा करें और आवेदन फॉर्म भरें. एक अधिवक्ता आपके साथ प्रक्रिया समझायेगा और दाखिली की पुष्टि करेगा.

कौन पात्र है?

MWPSCA के तहत Parents और Senior Citizens को संरक्षित किया जाता है. उम्र सीमा आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक बताई जाती है. साथ ही निर्भर रिश्तेदारों को भी फायदा मिल सकता है.

क्या मुझे कानूनी सहायता मिल सकती है?

हाँ. NALSA और अन्य कानूनी सहायता कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान करते हैं. विवरण के लिए आधिकारिक साइट देखें.

किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

आय प्रमाण, पहचान पत्र, आयु प्रमाण, पता प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट, मेडिकल रिकॉर्ड और रिश्ते का प्रमाण जमा करें. यदि संभव हो तो मोबाइल/ईमेल के अद्यतन विवरण शामिल करें.

निर्णय में कितनी समय लगती है?

आमतौर पर 60-90 दिनों के भीतर निर्णय की उम्मीद की जाती है. लेकिन मामले की जटिलता और सुनवाई के समय पर निर्भर करती है.

क्या अगर प्रतिवादी विदेश में है?

तब सेवा-सूचना और डिक्री प्राप्त करने के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाती है. स्थानीय अधिवक्ता आपके लिए वैधानिक मार्गदर्शक होंगे.

क्या maintenance के अलावा अन्य Welfare लाभ मिलते हैं?

हाँ. कानून के अनुसार चिकित्सा सहायता, आवास, होम केयर आदि welfare-masures भी उपलब्ध कराये जा सकते हैं.

क्या Elderly abuse के लिए IPC प्रावधान लागू होते हैं?

घटना के अनुसार निजी ग़लती पर IPC की धाराओं को भी लागू किया जा सकता है, जैसे क्रूरता, दुर्व्यवहार, साइको-फिजिकल अत्याचार. उचित केस-आधार पर निर्णय लिया जाता है.

Patna में कौन-सी अदालत सुनवाई کرتی है?

Patna District Court में MWPSCA के अंतर्गत मामलों की सुनवाई संभव है. कभी-कभी स्थानीय अदालत और विशेष ट्रिब्यूनल भी सहायता करते हैं.

क्या सुरक्षित संरक्षण आदेश मिल सकता है?

DV Act के अंतर्गत बुजुर्ग महिला/पुरुष के लिए सुरक्षा आदेश मिल सकता है, ताकि घरेलू हिंसा रोकी जा सके और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

कौन से समय-सीमा के भीतर राहतें मिल सकती हैं?

अक्सर आपातकालीन संरक्षण और अंतरिम आदेश तुरंत दिए जा सकते हैं. नियमित रख-रखाव निर्धारण के लिए ट्रिब्यूनल निर्णय 60-90 दिनों के भीतर हो सकता है.

क्या बुजुर्गों के लिए खास मेडिकल सहायता मिलती है?

हां. कुछ स्थितियों में चिकित्सा सहायता और वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजनाओं के तहत सहायता मिलती है. यह स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर निर्भर है.

क्या विदेशी नागरिक भी इन कानूनों के दायरे में आते हैं?

यदि वे भारत में रहते हैं और उनके बुजुर्ग रिश्तेदारों के साथ रिश्ते कानून के दायरे में आते हैं, तो MWPSCA और CrPC के प्रावधान प्रभावी होते हैं.

कौन सी सरकारी एजेंसी मदद कर सकती है?

NALSA, Department of Social Justice and Empowerment, और Bihar State Legal Services Authority जैसी संस्थाओं से मदद ली जा सकती है.

5. अतिरिक्त संसाधन

6. अगले कदम

  1. स्थिति का आकलन करें और उपलब्ध दस्तावेज इकट्ठा करें.
  2. यह तय करें कि क्या आपको मुफ्त कानूनी सहायता चाहिए या स्वयं वकील लेना उचित है.
  3. Patna जिले में MWPSCA से जुड़ी स्थानीय संस्था या वकील खोजें.
  4. अपने मामले के लिए एक स्पष्ट अनुरोध पत्र या आवेदन पन्ना बनाएं.
  5. डायरेक्टरी और उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलने वाले प्रश्न-उत्तर पैक तैयार रखें.
  6. Tribunal या कोर्ट में आवेदन फाइल करें और सुनवाई की तारीख पाएं.
  7. आवश्यक हो तो प्राथमिक सुरक्षा या interim आदेश के लिए आवेदन दें और स्थिति की निगरानी रखें.

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