बक्सर में सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा, पर्यावरण और ईएसजी वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
बक्सर, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. बक्सर, भारत में ऊर्जा, पर्यावरण और ईएसजी कानून का संक्षिप्त अवलोकन

बक्सर जिला, बिहार में औद्योगिक और कृषि गतिविधियों के कारण ऊर्जा मांग बढ़ती है और पर्यावरण सुरक्षा आवश्यक है। कानूनिक ढांचे में केंद्रीय नियम और राज्य निकाय मिलकर पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। यह गाइड बक्सर निवासियों के लिए इन नियमों के बिंदुवार समझ प्रदान करता है।

“EIA प्रक्रियाओं का उद्देश्य पर्यावरण प्रभावों के आकलन के लिए एक सशक्त ढांचा स्थापित करना है”

MoEFCC

ऊर्जा दक्षता और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में नीति परिवर्तन से क्षेत्रीय योजनाओं पर प्रभाव पड़ता है। भारत ने 2030 तक 500 GW अक्षय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिसे जिले-स्तर पर लागू करना आवश्यक है।

“BRSR (Business Responsibility and Sustainability Report) एक संयोजित सतत प्रदर्शन रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क है जिसे सूचीबद्ध कंपनियों पर लागू किया गया है”

SEBI

बक्सर में नागरिकों के लिए सलाह है कि किसी परियोजना के संकल्पनाओं, पर्यावरण मंजूरी और प्रदूषण नियंत्रण के मौजूदा नियमों की पुष्टि स्थानीय BSPCB से कर लेते रहें।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  1. ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुमतियाँ और मंजूरी- बक्सर में नई जल विद्युत, सौर या पवन परियोजना शुरू करने से पहले EIA, Consent to Establish (CTE) और Consent to Operate (CTO) की आवश्यकता हो सकती है। कागजात जमा करने और प्रक्रियाओं की समय-सीमाओं के साथ जटिलताओं से निपटने हेतु कानूनी सहायता आवश्यक होती है।

  2. जल-प्रदूषण एवं वायुप्रदूषण के मामलों में प्रशासनिक आख्या- औद्योगिक इकाइयों के जल-निकासी, एग्रीगेटेड प्रदूषण नियंत्रण और रिकवरी प्लान के अधिकारिक अनुरोध के नियमों का सही पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।

  3. ESG एवं CSR अनुपालन- कंपनियों के लिए CSR नीति, BRSR रिपोर्टिंग और पर्यावरण- सामाजिक-गौरव से जुड़ी सूचनाओं का सही प्रकाशन आवश्यक है।

  4. स्थानीय विवाद समाधान- ध्वनि प्रदूषण, जलस्रोत नियंत्रण या किसान-नागरिक संघर्ष जैसे मुद्दों पर स्थानीय BSPCB आदेशों के अनुरूप जवाबदेही तय करनी पड़ती है।

  5. एग्ज़ीफी- अनुशासन और चुनौती- यदि किसी आदेश से आप असहमत हैं, या पर्यावरणीय नुकसान के दावे होते हैं, तो कानूनी उपचार और अपीलीय रास्ते अपनाने के लिए वकील ज़रूरी होता है।

  6. नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट की भूमि-उपयोग समस्याएं- भूमि स्वामित्व, भूमि-उपयोग अनुमति, स्थानीय पंचायत के निर्णय आदि में कानूनी मार्गदर्शन चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

बक्सर में ऊर्जा, पर्यावरण और ईएसजी से जुड़े प्रमुख कानून केंद्र सरकार द्वारा लागू होते हैं और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संचालित होते हैं। नीचे 2-3 विशिष्ट कानूनों का संक्षिप्त उल्लेख है।

  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986- यह केंद्रीय कानून है जो पर्यावरण संरक्षण के बुनियादी दायरे देता है। राज्यों में BSPCB के माध्यम से इसे लागू किया जाता है।
  • जल सुरक्षा अधिनियम, 1974 (Water Act)- जल संसाधनों के प्रदूषण को रोकना और जल गुणवत्ता बनाये रखना इस कानून का उद्देश्य है।
  • वायु संरक्षण अधिनियम, 1981 (Air Act)- वायुमंडल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए मानक और नियंत्रण उपाय निर्धारित करता है।

इन कानूनों के संदर्भ में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निर्देश अनिवार्य हैं। EIA नोटिफिकेशन 2006 में संशोधन और 2020-21 के रिफ्रेश ने बक्सर जैसे जिलों में नियामकीय प्रक्रिया और पारदर्शिता बढ़ाई है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बक्सर में पर्यावरण मंजूरी क्यों जरूरी है?

बक्सर में औद्योगिक, ऊर्जा या अवसंरचना परियोजनाओं के लिए EIA, CTI या CTO जैसी मंजूरियाँ अनिवार्य होती हैं ताकि पर्यावरण प्रभावों का मूल्यांकन हो सके।

क्या BSPCB से संपर्क कर के स्थानीय अनुमतियाँ प्राप्त की जा सकती हैं?

हाँ, BSPCB स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए कंसेंट, नियम पालन और शिकायत निवारण का प्रबंध करता है।

ESG के लिए BRSR क्या है और किन कंपनियों पर लागू होता है?

BRSR एक स्टेक्ट-शील सतत प्रदर्शन रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क है जो सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अपेक्षित है, ताकि पर्यावरण, सामाजिक और शासन मानकों पर जानकारी उपलब्ध हो।

क्या CSR भी स्थानीय परियोजनाओं के साथ जुड़ा है?

जी हां, Companies Act 2013 के अंतर्गत CSR अनुपालन आवश्यक हो सकता है और इसकी रिपोर्टिंग ESG के साथ संयोजन में होती है।

Environmental Clearances किस स्तर पर मिलते हैं?

केंद्रीय नियमों के अनुसार EIA के आधार पर.Project category के अनुसार राज्य-स्तर पर BSPCB या MoEFCC द्वारा अनुमति मिलती है।

मैं किन दस्तावेजों की तैयारी करूँ?

भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, परियोजना विवरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन प्रतिवेदन, जल-निकासी और ऊर्जा-उपयोग की जानकारी आदि आवश्यक होते हैं।

यदि मेरा परियोजना-आदेश गलत हो गया है तो क्या करूँ?

आप अपीलीय प्रक्रियाओं, सुधार याचिका या पुनरीक्षण आवेदन के माध्यम से दायित्वों और प्रक्रिया को चुनौती दे सकते हैं।

ब्रांडेड ESG रिपोर्टिंग के लिए किन स्रोतों की जरूरत है?

ESG सूचनाओं के लिए कंपनी-स्तर डेटा, ऊर्जा खपत, ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन, CSR खर्च आदि लोकप्रिय होते हैं।

बक्सर के ग्रामीण क्षेत्रों में जल-प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें कैसे दर्ज करें?

स्थानीय जिला कार्यालय, BSPCB या सीवेज-स्प्लेस प्रबंधन से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

ESG के अंतर्गत कौन से दायित्व छोटे और मध्यम संस्थानों पर होते हैं?

धारणा के अनुसार बड़े कारोबारों पर BRSR और CSR के दायित्व अधिक होते हैं; छोटे और मध्यम इकाइयों के लिए नियम स्थानीय नीति के अनुसार होते हैं।

ऊर्जा दक्षता से जुड़ा कौन सा कानून लागू है?

Energy Conservation Act 2001 के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता उपायों के अनुपालन की शर्तें रखी जाती हैं और Bureau of Energy Efficiency (BEE) जानकारी देता है।

कौन सा कानूनी मार्गबद्ध दस्तावेज किसी अदालत में चुनौती योग्य है?

पर्यावरण-आदेश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्णय, और EIA-आधारित फैसलों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।

बक्सर निवासियों के लिए कौन-कौन से लाभकारी नियम हैं?

स्थानीय दायित्वों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, जल-प्रदूषण रोकथाम और ऊर्जा दक्षता उपायों से रोज़मर्रा के जीवन में सुधार संभव है।

5. अतिरिक्त संसाधन

6. अगले कदम

  1. अपने प्रोजेक्ट का प्रकार और स्केल स्पष्ट करें (उदा: सौर-उर्जा, उद्योग, अवसंरचना).
  2. स्थानीय BSPCB वेबसाइट से आवश्यक प्रमाणपत्रों की सूची तैयार करें।
  3. परियोजना दस्तावेजों को एक कानून विशेषज्ञ के साथ जाँच कराएँ।
  4. EIA-ICI/CTE-CTO के लिए आवश्यक आवेदन और फॉर्म की तैयारी करें।
  5. स्थानीय पंचायत और कलेक्टर कार्यालय से भूमि-उपयोग प्रमाणपत्र सुनिश्चित करें।
  6. CSR और ESG के लिए आवश्यक रिकॉर्ड और अंकों को इकट्ठा करें।
  7. अगर निर्णय असहमति हो तो अपीलीय या वैकल्पिक उपायों पर योजना बनाएं।

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