हैदराबाद में सर्वश्रेष्ठ इक्विटी पूँजी बाजार वकील

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JVR Law Associates
हैदराबाद, भारत

1993 में स्थापित
English
जेवीआर लॉ एसोसिएट्स, हैदराबाद, भारत में आधारित, विविध ग्राहक आधार को 32 से अधिक वर्षों का कानूनी अनुभव प्रदान करता...
NAGAIAH LAW ASSOCIATES LLP
हैदराबाद, भारत

2017 में स्थापित
English
नागैया लॉ एसोसिएट्स एलएलपी, 2017 में स्थापित, हैदराबाद, तेलंगाना, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है। यह फर्म...
M/S KVSB Advocates
हैदराबाद, भारत

2003 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Telugu
English
Hindi
हम M/s.KVSB Advocates न केवल सेवाओं की गुणवत्ता के प्रति संवेदनशील हैं, बल्कि हम अपने दृष्टिकोण, मूल्य, प्रतिबद्धता और...
Tatva Legal Hyderabad
हैदराबाद, भारत

English
Tatva Legal Hyderabad भारत में एक प्रमुख कानून फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाएं प्रदान करती है।...
Avadhani & Associates
हैदराबाद, भारत

English
अवाधानी एंड असोसिएट्स, जिसका मुख्यालय हैदराबाद, भारत में है, एक प्रतिष्ठित कानूनी फर्म है जिसका नेतृत्व श्री...
Karavadi & Co
हैदराबाद, भारत

2021 में स्थापित
English
करवाड़ी एंड कंपनी भारत में एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है जो निगमों, वित्तीय संस्थानों, स्टार्टअप्स और व्यक्तियों...
Hariharan and Hariharan Law Offices
हैदराबाद, भारत

2009 में स्थापित
English
हरीहरन एंड हरीहरन लॉ ऑफ़िसेज, 2009 में उस विधिक अभ्यास के साथ विलय के माध्यम से स्थापित किए गए थे जो 1979 से चल रहा था,...
हैदराबाद, भारत

English
हैदराबाद, भारत में स्थित एचिवर्स लॉ फर्म एक प्रमुख कानूनी प्रतिष्ठान है जो आपराधिक और सिविल कानून के व्यापक...
Ramana Reddy Law
हैदराबाद, भारत

English
रामाना रेड्डी लॉ, जो हैदराबाद, भारत में स्थित है, कर मुकदमेबाजी और सिविल तथा वाणिज्यिक मुकदमेबाजी में विशेषज्ञता...
DMA Advocates
हैदराबाद, भारत

English
DMA एडवोकेट्स, जिसकी स्थापना 1997 में हुई थी और जिसका मुख्यालय हैदराबाद, भारत में स्थित है, एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है...
जैसा कि देखा गया

1. हैदराबाद, भारत में इक्विटी पूँजी बाजार कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत के इक्विटी पूँजी बाजार का नियमन केंद्रीय स्तर पर SEBI करता है. SEBI निवेशकों के हितों की सुरक्षा करता है और पूंजी बाजार के विकास तथा नियमन को सुनिश्चित करता है.

हैदराबाद में ECM कानून के नियम सभी के लिए एक जैसे हैं, क्योंकि यह केंद्र सरकार के अधीन है. Telangana High Court हैदराबाद में है और कॉरपोरेट मामलों के विवादों की सुनवाई करता है. राज्य स्तर पर कोई स्वतंत्र सुरक्षा regulator नहीं है.

पिछले वर्षों में SEBI ने IPO, राइट्स इश्यू, प्राइवेट प्लेसमेंट और LODR नियमों में कई सुधार किये हैं. इन परिवर्तनों से पारदर्शिता बढ़ी है और निवेशकों के हित सुरक्षित रहने में मदद मिली है.

SEBI is the regulator for the securities market in India.

Source: https://www.sebi.gov.in/

SEBI protects the interests of investors in securities and promotes the development of, and regulates, the securities market.

Source: https://www.sebi.gov.in/

नोट: हैदराबाद निवासी कंपनियाँ और निवेशक national level के नियमों का पालन करते हैं. Companies Act 2013, SEBI Act 1992 और SCRA 1956 जैसे कानून यहाँ लागू होते हैं. अनुभवी वकील इन नियमों के अनुपालन में सहायता कर सकते हैं.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

यहाँ 4 से 6 विशिष्ट परिदृश्य दिये जा रहे हैं जिनमें इक्विटी पूँजी बाजार कानूनी सहायता चाहिए होती है. नीचे प्रत्येक परिदृश्य में हैदराबाद-आधारित व्यवसायों के संदर्भ शामिल हैं.

IPO या फर्स्ट पबलिक ऑफर के लिए तैयारी - हैदराबाद स्थित स्टार्टअप या मध्यम आकार की कंपनी जब सार्वजनिक निर्गम के लिए बढ़ती है, तो ICDR Regulations के अनुरूप पूरी ड्यू डिलिजेंस, DRHP और RHP तैयार करने होते हैं. परिसंपत्ति disclosure, promoter disclosure और anchor investor नियमों का अनुपालन भी जरूरी है. एक वकील यह प्रक्रिया सुव्यवस्थित कर सकता है.

Private placement या प्राथमिक निर्गम - निजी प्लेसमेंट या प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट में पात्रता, क्वालिफाईंग इश्यू और सब्सक्रिप्शन मॉड्यूल के नियम तय होते हैं. कानूनी सलाह से पंजीकरण, पात्रता और शेयरholdings की संरचना स्पष्ट रहती है.

SEBI Takeover Regulators के अंतर्गत नियंत्रण परिवर्तन - यदि किसी हैदराबाद-आधारित कंपनी में नियंत्रण बदल रहा हो या seuil cross हो रहा हो, तो Takeover Regulations के अनुपालन की आवश्यकता होती है. वकील यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी पूर्व-घोषणाएं और फॉर्मल फॉर्म्स सही समय पर दाखिल हों.

LODR के साथ listing compliance - सूचीबद्ध होने पर Hyderabad आधारित कंपनी को quarterly, half yearly और annual disclosures देने होते हैं. एक कानूनी सलाहकार LODR के सभी मौजूदा अनुदेशों के अनुसार डिस्क्लोजर प्लान बनाकर दे सकता है.

Cross-border listing या ADR/GDR के माध्यम से पूँजी जुटाना - यदि हैदराबाद कंपनी विदेशी मार्केट में सूचीबद्ध होने का विचार करे, तो RBI की नियमावली और SEBI के cross-border listing नियमों का पालन जरूरी है. एक अधिवक्ता इन जटिलताओं को साफ कर सकता है.

कॉर्पोरेट गवर्नANCE और आन्तरिक/नियामकीय जाँच - निवेशक शिकायत, SEBI की जांच या अन्य regulator द्वारा पूछताछ पर कानूनी प्रतिनिधित्व और दस्तावेजी सुरक्षा आवश्यक होती है. अनुभवी कानूनी सलाहकार प्रक्रियागत समर्थन दे सकता है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Companies Act 2013 - हैदराबाद-आधारित कंपनियों के गठन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, निदेशक कर्तव्य, पूरक disclosure आदि पर नियम देता है.
  • SEBI Act 1992 और ICDR / LODR Regulations - SEBI के अधिकार, सार्वजनिक निर्गम, disclosure आवश्यकताएं और listing के नियम स्पष्ट करते हैं.
  • Securities Contracts (Regulation) Act 1956 और Depositories Act 1996 - सिक्योरिटीज ट्रेडिंग एक्सचेंज, डिपॉजिटरी और अनुबंधों के प्रसार-नियमन को नियंत्रित करते हैं.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ECM कानून क्या है?

ECM कानून केंद्रीय नियमों और SEBI के विनियमों का समूह है जो इक्विटी शेयरों के निर्गम,交易, गवर्नेंस और निवेशक सुरक्षा तय करता है. यह सार्वजनिक निर्गम, private placement और listing के लिए दिशानिर्देश देता है.

हैदराबाद में ECM से जुड़े कानून कैसे लागू होते हैं?

यह कानून भारत के केंद्रीय अधिकार में आता है. SEBI है regulator; स्थानीय अदालतें कॉरपोरेशनल विवादों में निर्णय देती हैं, और Hyderabad में High Court स्थित है. किसी भी पूँजी बाजार गतिविधि से पहले SEBI नियमों का पालन अनिवार्य है.

ICDR Regulations क्या हैं और कब लागू होते हैं?

ICDR Regulations 2018 सार्वजनिक निर्गम, फर्स्ट फॉरमेशन और डिस्क्लोजर मानक निर्धारित करते हैं. ये नियम नए शेयर जारी करने और शेयर धारकों के अधिकारों की protection करते हैं. Hyderabad-आधारित कंपनियाँ इन्हें IPO, FPO या Private Placement के समय लागू करती हैं.

LODR Regulations क्या कवर करते हैं?

LODR अपने listing के बाद के disclosure, financial reporting और corporate governance से जुडे नियम तय करता है. यह सूचीबद्ध कंपनियों पर quarterly and annual disclosures अनिवार्य बनाता है.

Takeover Regulations का उद्देश्य क्या है?

Takeover Regulations नियंत्रण परिवर्तन के समय निष्पादन, disclosure और fair treatment सुनिश्चित करते हैं. यदि किसी Hyderabad-आधारित कंपनी में promoter या shareholders के बीच stake बदलाव होता है, तो इन नियमों की आवश्यकता होती है.

क्या Private Placement में वकील का योगदान जरूरी है?

हां, private placement में eligibility, eligibility criteria, eligibility cap, disclosure, और subscription terms के लिए कानूनी सलाह जरूरी होती है. एक advacate MIS, placement memorandum, and term sheet तैयार कर सकता है.

कौन से दस्तावेज अक्सर आवश्यक रहते हैं?

डिस्क्लोजर प्रलेख, DRHP/RHP, prospectus, board resolutions, promoter undertakings, और सब्सक्रिप्शन agreements आम दस्तावेज होते हैं. इन्हें सही तरीके से तैयार करना निवेशकों के विश्वास के लिए जरूरी है.

Hyderabad में IPO प्रक्रिया कितनी लंबी होती है?

IPO की औपचारिकताओं में due diligence, DRHP approval, public comments, roadshows, pricing और listing शामिल होते हैं. सामान्यतः 6 से 9 माह का समय लगता है, पर सूचीबद्ध प्लानिंग के अनुसार घट सकता है.

Cross-border listing के जोखिम और फायदे क्या हैं?

Cross-border listing से पूंजी स्रोत बढ़ सकता है, पर विदेशी कानून और RBI/SEBI नियमों के अनुपालन की आवश्यकता बढ़ती है. कानूनी सलाह से विदेशी रखते हुए ड्यू डिलिजेंस और डिस्क्लोजर सही रहते हैं.

हैदराबाद में वकील कैसे चुनें?

ECM अनुभव, regulators के साथ संपर्क, past केस रिकार्ड, और स्थानीय court experience को देखें. Hyderabad में बड़ा फोकस local practice और regulatory understanding पर होना चाहिए.

कानूनी फीस संरचना कैसी होती है?

फीस आम तौर पर प्रोजेक्ट-आधारित होती है और घंटे-दर या फ्लैट-फीस हो सकता है. आप ROI और सेवाओं के स्पष्ट ब्रेकअप के साथ retainer समझौता करें.

ECM से जुड़े विवाद की स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले सलाहकार से संक्षिप्त रणनीति बनायें. SEBI की शिकायत/जाँच के समय रिकॉर्ड्स और डिस्क्लोजर पूरी तरह तैयार रखें. एक वकील regulator-समर्थन के साथ मामले को आगे बढ़ायेगा.

5. अतिरिक्त संसाधन

6. अगले कदम

  1. अपने ECM कानूनी मुद्दे का स्पष्ट दायरा तय करें; IPO, private placement या Takeover आदि।
  2. हैदराबाद में ECM विशेषज्ञ कानून firms या एडवोकेट्स की सूची बनाएं।
  3. पिछले केस-रिकॉर्ड और विशेषज्ञता के आधार पर 3-5 प्रैक्टिसिंग advacates को शॉर्टलिस्ट करें।
  4. पहली बैठक में डॉ큐मेंटेशन, फीस संरचना और समय-रेखा स्पष्ट करें।
  5. Bar Council of Telangana के अनुसार वकील के पंजीकरण और प्रमाणन verify करें।
  6. Engagement letter पर συμφ करें और retainer agreement sign करें।
  7. प्रयोजन अनुसार regulatory filings और due diligence को नियंत्रित तरीके से शुरू करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से हैदराबाद में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, इक्विटी पूँजी बाजार सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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अस्वीकरण:

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