चंडीगढ़ में सर्वश्रेष्ठ पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन सलाह एवं अनुपालन वकील

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NRI Legal Services
चंडीगढ़, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 200 लोग
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NRI लीगल सर्विसेज़ एक प्रीमियर ग्लोबल लीगल मैनेजमेंट फर्म के रूप में विशेष रूप से नॉन-रेजिडेंट इंडियंस और भारतीय...
Oberoi Law Chambers

Oberoi Law Chambers

15 minutes मुफ़्त परामर्श
चंडीगढ़, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
जैसा कि देखा गया

1. चंडीगढ़, भारत में पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन सलाह एवं अनुपालन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

चंडीगढ़ एक यूनियन टेरीटरी है और यहाँ के नियम राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप लागू होते हैं साथ ही UT प्रशासन की स्थानीय प्रवर्तन नीतियाँ भी प्रभावी हैं। प्रमुख कानून पर्यावरण संरक्षण, जल और वायु प्रदुषण, प्लास्टिक एवं ई-वेस्ट जैसी धाराओं के अनुरूप हैं। इन नियमों के अंतर्गत कॉर्पोरेट संस्थाओं को जिम्मेदार व्यवसायिक प्रथाओं के लिए उचित मार्गदर्शन और अनुपालन चाहिए होता है।

“The Environment Protection Act, 1986 provides the framework for protecting the environment and the prevention and control of pollution.”

महत्वपूर्ण आधिकारिक स्रोत बताते हैं कि केंद्रीय कानून चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों में प्रदुषण रोकथाम, पर्यावरण प्रभाव आकलन और संचालन मानकों के अनुरूप अनुपालन अनिवार्य बनाते हैं। साथ ही UT प्रशासन CPCC जैसे स्थानीय प्रवर्तन निकायों के माध्यम से अनुपालन सुनिश्चित करता है।

“2 प्रतिशत of the average net profit of the company made during the three immediately preceding financial years is required to be spent on CSR activities.”

चंडीगढ़ की स्थानीय इकाइयों के लिए CSR, ESG disclosure और अनुपालन की मांगें कंपनी अधिनियम, 2013 और SEBI के निर्देशों के अनुरूप चलती हैं। नीचे दी जाने वाली सेक्शन-वार जानकारी इसी संपूर्ण न्यायशास्त्र को समाहित करती है।

यथार्थ तथ्य - भारत में ESG और CSR के संपूर्ण ढांचे के पालन के लिए राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर एक साथ काम किया जाता है। आधिकारिक उद्धरण और लिंक नीचे उपलब्ध हैं ताकि आप सत्यापित स्रोत पहचान सकें।

उद्धरण के स्रोत देखें: MCA, SEBI, MoEFCC, CPCB, NGT के आधिकारिक पन्ने।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • सीएसआर तथा ESG नियमों के अनुपालन की रूपरेखा बनवाने के लिए Chandigarh UT क्षेत्र में कानून सलाह की जरूरत पड़ेगी। उदाहरण के तौर पर एक चंडीगढ़-आधारित मल्टी-नेशनल कंपनी CSR नियमों के अनुसार 5 वर्ष की अवधि में 2 प्रतिशत औसत नेट प्रोफिट खर्च करने की बाध्यता के साथ CSR पॉलिसी लागू कर रही है।

    उदाः एक विनिर्माण इकाई ने CSR गतिविधियों के लिए लाभ-पूर्व आय से 2 प्रतिशत खर्च किया, पर उचित लेखांकन और शिकायत-प्रक्रिया स्थापित नहीं की तो दंड या तपस्या-निषेध हो सकता है।

  • गोपनीय ESG रिपोर्टिंग तथा BRSR (Business Responsibility and Sustainability Report) के नियमों को Chandigarh में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए लागू किया गया है। नियामक से जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कानूनी सलाह जरूरी है।

    उदाः शीर्ष 1000 सूचीबद्ध संस्थाओं के लिए BRSR का प्रारूप और तिथि विवरण सत्यापित करने के लिए वकील की मदद लें ताकि दाखिले स्पष्ट और समय पर हों।

  • स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए CPCC के साथ संपर्क, NOC/EC के दायरे, और प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया में कानूनी सहारा चाहिए। Chandigarh UT में उद्योगों को पर्यावरणीय मंजूरी के बिंदु स्पष्ट करने होते हैं।

    उदाः होटल, रेस्टोरेंट, या निर्माण कंपनियों को वायू-गुणवत्ता मानकों के अनुरूप NOC, प्लास्टिक-वेस्ट, ई-वेस्ट नियमों आदि के तहत अनुपालन दिखाना होता है।

  • CSR नीति और बजट के लेखा-जोखा, ऑडिट और निगरानी के लिए वैधानिक समितियाँ (CSR Committee आदि) स्थापित करनी पड़ती हैं। Chandigarh में यह दस्तूर कॉम्प्लायसंस के साथ आता है।

    उदाः कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत CSR Committee और CSR Policy की आवश्यकताएँ पूर्ण debía करने हेतु कानूनी मार्गदर्शन जरूरी है।

  • स्थानीय पर्यावरण-वसूली विवाद या शिकायतों के निपटारे के लिए NGT या CPCB के समक्ष उपयुक्त दलीलें और सबूत प्रस्तुत करने के लिए विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।

    उदाः Chandigarh Bench के साथ पर्यावरण मामले दायर होते हैं और त्वरित राहत मिलना कई बार कानून-निर्वहन पर निर्भर रहता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Environment Protection Act, 1986 - पर्यावरण के संरक्षण, प्रदुषण नियंत्रण और remedial कदमों के दायरे को स्पष्ट करता है। Chandigarh UT में इसे लागू करने के लिए CPCC और MOEFCC के निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य है।

  • Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974 - जल स्रोतों के प्रदुषण पर रोक लगाता है और अधिकार-प्राप्त संस्थानों से जल क्वालिटी मानकों का पालन कराता है। Chandigarh में जल-गुणवत्ता बनाए रखना इस कानून का प्रमुख उद्देश्य है।

  • Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981 - वायु प्रदुषण के नियंत्रण के लिए मानक स्थापित करता है। Chandigarh UT के औद्योगिक क्षेत्रों में यह कानून लागू रहता है और अनुमतियों के लिए CPCC प्रक्रिया प्रमुख है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ESG और CSR में क्या अंतर है?

ESG व्यापक धारणा है जो पर्यावरण, सामाजिक और शासन के सभी पहलुओं को कवर करती है। CSR केवल सामाजिक कार्यों पर केंद्रित होता है और नियामक नियमों के अनुसार खर्च से जुड़ा होता है।

चंडीगढ़ में CSR के लिए न्यूनतम खर्च क्या है?

सरकार के अनुसार 2 प्रतिशत औसत नेट प्रॉफिट तीन साल के लिए CSR पर खर्च करना अनिवार्य है। यह threshold कंपनियों पर लागू होता है जो 5 करोड़ रुपए या इससे अधिक नेट प्रॉफिट, 100 करोड़ रुपए से अधिक वार्षिक टर्नओवर, या 300 करोड़ रुपए से अधिक नेट-वर्थ वाली होती हैं।

BRSR क्या है और इसे कब से अनिवार्य माना गया है?

Business Responsibility and Sustainability Report एक विस्तृत ESG disclosure है जो शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों के लिए SEBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार जरूरी है।

कौन से कानून ENVIRONMENTAL COMPLIANCE के अंतर्गत आते हैं?

मुख्य कानून Environment Protection Act, Water Act, Air Act और Noise Rules हैं। इनके अलावा Waste Management और E-Waste नियम भी प्रासंगिक हो सकते हैं।

स्थानीय प्रवर्तन कौन से निकाय नियंत्रित करते हैं?

Chandigarh UT में CPCC प्रमुख प्रवर्तन निकाय है, जबकि CPCB तथा MOEFCC केंद्रीय नियंत्रण के लिए जिम्मेदार रहते हैं।

कानूनी सहायता के लिए किन चीजों की तैयारी करनी चाहिए?

कॉरपोरेट रिकॉर्ड, CSR नीति, बजट और परियोजनाओं के दस्तावेज, पर्यावरणीय अनुमोदन, और प्रमुख कानूनों के अनुपालन प्रमाण-पत्र साथ रखने चाहिए।

कौन से ESG दस्तावेज Chandigarh में आवश्यक होते हैं?

CSR policy, CSR committee, CSR activity reports, और BRSR रपटें प्रमुख हैं। कुछ कंपनियाँ ISO 14001 जैसे मानक भी अपनाती हैं।

FSSAI या अन्य विशिष्ट नियमन Chandigarh पर प्रभाव डालते हैं क्या?

खाद्य सुरक्षा नियमों के बारे में अलग से FSSAI लागू रहता है; ESG और पर्यावरण नियमों के साथ मिलकर खाद्य-उत्पादन में स्थिरता आवश्यक है।

कानूनी सहायता लेने से पहले क्या तैयार रखें?

कंपनी के कॉरपोरेट लॉ फाइलें, परियोजना दस्तावेज, पर्यावरण- Impact Assessments, और पिछले वर्षों के ऑडिट-रिपोर्ट रखें।

क्या ESG में बिजली, जल और ऊर्जा- दक्षता भी शामिल हैं?

हाँ, ESG में पर्यावरण के तत्वों में ऊर्जा-उपयोग, जल संरक्षण और emissions नियंत्रण शामिल होते हैं।

क्या Chandigarh में कोई विशेष स्थानीय नियम भी हैं?

UT Chandigarh के प्रशासनिक निर्देश और CPCC के मानक Chandigarh के संदर्भ में अलग से लागू हो सकते हैं।

NGT के अधिकार क्या हैं?

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़ी याचिकाओं का त्वरित निपटारा करता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • MoEFCC - Ministry of Environment, Forest and Climate Change - भारत के केंद्रीय पर्यावरण नीति और नियमन के लिए मुख्य स्रोत. https://moef.gov.in
  • CPCB - Central Pollution Control Board - वायु, जल और शोर-प्रदुषण से जुड़ी निगरानी और मानक. https://cpcb.nic.in
  • SEBI - Securities and Exchange Board of India - ESG-Disclosures और BRSR नियमों के प्रावधान. https://www.sebi.gov.in

6. अगले कदम

  1. अपने Chandigarh-आधारित व्यवसाय के ESG लक्ष्य और अनुपालन आवश्यकताओं की एक स्पष्ट सूची बनाएं.
  2. CSR नीति, बजट, और 3-वर्षीय औसत नेटProfit के अनुसार खर्च का मसौदा बनाएं।
  3. स्थानीय regulatory landscape के लिए एक कानून-शाखा वकील या कॉन्ट्रैक्टेड एडवाइज़र चुनें।
  4. ESG तथा CSR दस्तावेजों के लिए एक रिकॉर्ड-कीपिंग और आडिट-चेकलिस्ट बनाएं।
  5. कानूनी सलाह के साथ BRSR और CSR रिपोर्टिंग की तैयारी शुरू करें।
  6. CPCC, MOEFCC, CPCB आदि से आवश्यक अनुमति और प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन-पत्र तैयार करें।
  7. नई नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आंतरिक प्रशिक्षण और नियंत्रण-तंत्र स्थापित करें।

महत्वपूर्ण आधिकारिक पन्नों के लिए प्रमुख लिंक: Ministry of Corporate Affairs (CSR प्रावधान), SEBI - BRSR और ESG निर्देश, MoEFCC - पर्यावरण नीति, CPCB - प्रदुषण नियंत्रण, National Green Tribunal, Chandigarh UT Administration.

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अस्वीकरण:

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