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जलंधर, भारत

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मनीत मल्होत्रा और एसोसिएट्स भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक संस्थान है, जो अपने व्यापक विधिक सेवाओं और ग्राहक सफलता...
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भारत परिवार वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

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मुझे यह जानने के लिए परामर्श चाहिए कि क्या मेरे लिए तलाक एक सही निर्णय है, मेरे पति द्वारा शारीरिक दुर्व्यवहार के बाद
परिवार
मेरी शादी को साढ़े एक साल हो चुका है और मेरे पति ने मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है। उन्होंने मुझे थप्पड़ मारा और बेल्ट से पीटा। हालांकि यह पहली बार है जब उन्होंने मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है, लेकिन इन साढ़े एक सालों के रिश्ते में...
वकील का उत्तर Qadeer Ahmad Siddiqi Law Associates द्वारा

मुझे वास्तव में खेद है कि आपने यह अनुभव किया। किसी को भी विवाह में शारीरिक या मानसिक शोषण का सामना नहीं करना चाहिए। पाकिस्तानी कानून के तहत एक भी हिंसा की घटना को बहुत गंभीरता से लिया जाता है,...

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क्या आप कैथोलिक विवाह में सहायता करते हैं?
परिवार
अस्वीकरण और चर्च विवाह में सहायता
वकील का उत्तर mohammad mehdi ghanbari द्वारा

नमस्ते, सुप्रभातबिलकुल, मैं आपको नौकरी से पेशेवर ढंग से इस्तीफा देने और एक कैथोलिक विवाह की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्रदान करने में सहायता कर सकता हूँ।नौकरी से इस्तीफा देनाकिसी नौकरी से इस्तीफा देते समय इसे पेशेवर ढंग से...

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क्या एक ही दिन में अंतरधार्मिक विवाह संभव है?
परिवार
क्या वहाँ समान दिन अंतर-धार्मिक विवाह संभव है
वकील का उत्तर mohammad mehdi ghanbari द्वारा

नमस्ते, सुप्रभातहाँ, एक ही दिन पर अंतर-धार्मिक विवाह संभव है, लेकिन यह पर्याप्त रूप से उस देश के कानूनों पर निर्भर करता है जहाँ विवाह होता है और युगल के विशिष्ट धर्मों पर भी। कुछ देश और धर्म अंतर-धार्मिक विवाह...

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1. जलंधर, भारत में परिवार कानून के बारे में: [ जलंधर, भारत में परिवार कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

जलंधर में परिवार कानून का ढांचा जिला अदालतों के साथ-साथ एक विशेष परिवार अदालत द्वारा संचालित होता है। यह विवाह, तलाक, रख-रखाव, बाल-पालन, उत्तराधिकार और संरक्षण जैसे घरेलू मामलों को कवर करता है। केंद्र और राज्य स्तर पर बने कानून जलंधर के नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होते हैं।

यहाँ प्रमुख कानून व्यावहारिक तौर पर हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध समुदायों के लिए अलग-अलग धाराओं के साथ सामान्य परिवार-विवादों के समाधान का रास्ता देते हैं। जलंधर में विवाह-तलाक, संरक्षण, संरक्षक-उत्तराधिकार आदि मुद्दों के लिए जिला अदालतों के अधीन फैमिली क्लासेस सक्रिय हैं।

“An Act to amend and consolidate the law relating to marriage among Hindus.”
“An Act to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence.”
“The eCourts project aims to provide faster, transparent and accessible justice.”

उद्धृत आधिकारिक स्रोत: हिन्दू विवाह अधिनियम 1955, घरेलू हिंसा कानून 2005 और ई-कोर्ट्स प्रणाली के बारे में आधिकारिक टेक्स्ट और विवरण नीचे दिए गए स्रोतों पर उपलब्ध हैं।

हिन्दु विवाह अधिनियम 1955 (पीठिका पाठ) - आधिकारिक पाठ

घरेलू हिंसा कानून 2005 (PWDVA) का पाठ - आधिकारिक पाठ

ई-कोर्ट्स पोर्टल - न्याय तक पहुँच में सुविधा

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [परिवार कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। जलंधर, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

हमें तत्काल कानूनी सलाह की जरूरत पड़ सकती है जब विवाह-सम्पर्क, तलाक या सुरक्षा से जुड़ी स्थिति बनती है। नीचे जलंधर के वास्तविक परिदृश्यों के अनुरूप 4-6 उदाहरण दिए गए हैं।

  1. तलाक और समझौता - हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत तलाक, समझौता, या निवास स्थान के निर्देश के लिए जिला जलंधर के फैमिली कोर्ट में कानूनी मदद आवश्यक होती है।

  2. बाल-पालन और अधिकार - बच्चों के पालन-पालन, शिक्षा, visitation rights और संरक्षक-निर्णय के लिए समय-समय पर वकील की मदद जरूरी होती है।

  3. घरेलू हिंसा के मामले - DV एक्ट के अंतर्गत रोक-थाम, सुरक्षा आदेश, अल्टरनेटिव राहत के लिए कानूनी उपाय लेने होते हैं।

  4. maintenance और भरण-पोषण - पति या पत्नी के बीच विवाद के दौरान Sec 125 CrPC के अनुसार भरण- पोषण के लिए याचिका दायर करनी पड़े तो वकील आवश्यक होते हैं।

  5. संपत्ति-विभाजन और सम्‍मति - तलाक के बाद संयुक्त परिवार की संपत्ति, दायित्वों आदि का सही विभाजन लें तो कानूनी सलाह जरूरी रहती है।

  6. गॉर्डियनशिप और एडॉप्शन - बच्चों के संरक्षक, अधिकार-प्राप्ति और वैधानिक प्रक्रिया के लिए विशेषज्ञ वकील सहारा देते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ जलंधर, भारत में परिवार को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 - हिन्दू विवाह से जुड़ी वैधानिक प्रक्रियाओं, तलाक, रख-रखाव, बाल-पालन आदि का प्रमुख कानून है। जलंधर-प्रदेश के निवासियों पर यह कानून सीधे लागू होता है।

विशेष विवाह अधिनियम 1954 - अन्तर-धर्मीय विवाह के लिए एक समान कानून है और जलंधर में भी इसके अनुसार विवाह पंजीकरण और संबंधित विवादों का निपटारा संभव है।

घरेलू हिंसा प्रतिषेध अधिनियम 2005 - घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं सुरक्षा आदेश, राहत और संरक्षण प्राप्त कर सकती हैं। जलंधर में महिलाओं के लिए सुरक्षित निवास और संरक्षण प्रमुख प्रावधान हैं।

नोट: पंजाब-जलंधर क्षेत्र में व्यक्तिगत कानून धर्म के अनुसार भिन्न हो सकते हैं; क्रियाकलाप सामान्यतः HM Act अर् Special Marriage Act के अंतर्गत होते हैं, पर DV, custody, maintenance जैसे मुद्दे CrPC के अंतर्गत भी चलते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े तैयार करें]

जलंधर में परिवार कानून क्या शामिल हैं?

जलंधर में परिवार कानून विवाह, तलाक, सुरक्षा, बाल-पालन, उत्तराधिकार और संरक्षक-शासन से जुड़ें मामलों को कवर करता है। इसमें हिन्दू विवाह अधिनियम, विशेष विवाह अधिनियम और DV अधिनियम प्रमुख हैं।

कौन-सी स्थितियाँ वकील की सहायता मांगने लायक बनाती हैं?

तलाक, child custody, maintenance, domestic violence, संपत्ति-विवाद और guardianship जैसे मामलों में वकील की सहायता आवश्यक होती है। जलंधर के फैमिली कोर्ट से पहले पेशेवर सलाह लाभदायक रहती है।

क्या कानून अंतर-धर्म विवाह के लिए लागू होते हैं?

हां, विशेष विवाह अधिनियम 1954 INTER-RELIGIOUS विवाह के लिए लागू है और जलंधर में भी इसे पंजीकृत किया जा सकता है।

भरण-पोषण के लिए मैं किसके पास जा सकता हूँ?

भरण-पोषण के लिए Sec 125 CrPC के तहत याचिका दायर की जा सकती है; जलंधर के फैमिली कोर्ट में यह प्रक्रिया आम है।

घरेलू हिंसा से कैसे सुरक्षा मिलती है?

DV Act के अनुसार protective orders, residence orders और आश्रय प्रदान किया जा सकता है; एक कानूनी सलाहकार से त्वरित मदद लें।

पालन-पालन तय करने की प्रक्रिया क्या है?

बच्चे के सर्वोत्तम हित के आधार पर custody और visitation rights तय होते हैं; कोर्ट बच्चों के हित को प्राथमिकता देता है।

क़ानून में शिकायत दर्ज कराने के लिए मुझे क्या-क्या चाहिए?

पहचान-पत्र, विवाह-प्रमाण पत्र, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, आय-कर विवरण, घर-सम्पत्ति के दस्तावेज आदि आवश्यक हो सकते हैं।

मैं अदालत में अपना प्रतिनिधित्व खुद कर सकता हूँ?

हां, आप स्वयं पेश हो सकते हैं, परन्तु अक्सर अनुभवी advokat की सहायता से बेहतर परिणाम मिलते हैं, खासकर दैनिकी प्रक्रिया और गवाही के समय।

कौन-सी सरकारी सहायता मिल सकती है?

NALSA, NCW और अन्य कानूनी सहायता संसाधन मुफ्त या कम-खर्च कानूनी सहायता प्रदान करते हैं; जलंधर में लोक-उपकरण उपलब्ध हैं।

बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाये जा सकते हैं?

कानूनी प्रतिनिधित्व, DV सुरक्षा आदेश और संरक्षक नियुक्ति जैसी कदम संभव हैं; बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि मानी जाती है।

तलाक के बाद संपत्ति कैसे विभाजित होती है?

तलाक के दौरान पारिवारिक संपत्ति, संयुक्त देनदारियाँ और व्यक्तिगत संपत्ति का स्पष्ट विभाजन आवश्यक होता है; कोर्ट उचित विभाजन निर्देश दे सकता है।

क्या जलंधर में विशेष अधिकार-संरक्षक बनवाए जा सकते हैं?

हाँ, अदालत guardianship के मामलों में बच्चों के लिए संरक्षक नियुक्त कर सकती है और प्राप्त अधिकारों के लिए निर्देश दे सकती है।

5. अतिरिक्त संसाधन: [परिवार से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं]

  • National Legal Services Authority (NALSA) - gratis कानूनी सहायता और मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय मंच. https://nalsa.gov.in
  • National Commission for Women (NCW) - महिलाओं के अधिकारों, संरक्षण और सहायता के लिए आधिकारिक संस्था. https://ncw.nic.in
  • eCourts Portal - फैमिली कोर्ट सहित सभी अदालतों के लिए ऑनलाइन केस-फाइलिंग व स्टेटस. https://www.ecourts.gov.in

6. अगले कदम: [परिवार वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया]

  1. अपने निष्कर्ष पर स्पष्ट हों कि किस प्रकार की कानूनी सहायता चाहिए - तलाक, संरक्षण, custody आदि।
  2. जलंधर में परिवार अदालत के क्षेत्र-आधार पर विशेषज्ञ वकीलों को खोजें - स्थानीय आधिकारिक निर्देशों से सत्यापित करें।
  3. जिन वकीलों के अनुभव परिवार कानून में अधिक हों, उनसे मिलें और उनसे केस-योजना के बारे में पूछें।
  4. पहली मुलाकात के समय फीस-structure, हफ्ते के काम के घंटे और कुल लागत पर चर्चा करें।
  5. सार्वजनिक-आधार पर उपलब्ध सफल मामलों के परिणाम देखें और क्लाइंट-फीडबैक पढ़ें।
  6. दस्तावेज़ों की तैयारी करें - विवाह प्रमाण-पत्र, जन्म-प्रमाण पत्र, आय विवरण आदि साथ रखें।
  7. यदि संभव हो तो ऑनलाइन-श्रेणी में उपलब्ध संसाधनों और eCourts-प्रोसेस को समझें।

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