बांकुरा में सर्वश्रेष्ठ गिरवी निष्कासन वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
बांकुरा, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Hindi
English
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. बांकुरा, भारत में गिरवी निष्कासन कानून के बारे में

बांकुरा, पश्चिम बंगाल में गिरवी निष्कासन कानून केंद्र सरकार के अधीन लागू होते हैं और भारत के नागरिक कानूनों से समन्वयित रहते हैं। यहाँ के लोग घरेलू ऋण, व्यवसायी ऋण और कृषिगत लोन के लिए बैंकिंग संस्थाओं के साथ लेनदेन करते हैं, जिसमें गिरवी के आधार पर संपत्ति की सुरक्षा भी सम्मिलित होती है।

मुख्य कानून SARFAESI कानून है जो 2002 में बना था। यह बैंकों को default होने पर संपत्ति की कब्जा लेने और सुरक्षा हित के आधार पर संपत्ति बेचने का अधिकार देता है ताकि बकाया ऋण वसूला जा सके।

गिरवी निष्कासन RDDBFI कानून (1993) तथा Transfers of Property Act 1882 जैसे कानूनों के साथ काम करता है। Bankura जिले के निवासियों के लिए इन कानूनों के तहत डिटेल्ड प्रक्रिया, अपील और न्यायिक मार्ग मौजूद रहते हैं।

स्थानीय अदालतों और बैंकों के बीच संतुलन बनाये रखना बैंकुरा निवासियों के लिए अहम है, विशेषकर तब जब संपत्ति के काबिज होने या बिक्री के मामले सामने आएं।

“The secured creditor shall take possession of the secured asset on default.”

Source: The Securitization and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002, Section 13(4). https://indiacode.nic.in

“Any person aggrieved by an order of a secured creditor under this Act may appeal to the Debts Recovery Tribunal.”

Source: The Securitization and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002, Section 17. https://indiacode.nic.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे Bankura क्षेत्र के वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित 4-6 विशिष्ट परिदृश्य दिए गए हैं। प्रत्येक परिदृश्य में कानूनी सहायता की जरूरत स्पष्ट है।

  • परिदृश्य 1: Bankura जिले में एक गृह ऋण धारक को गिरवी निष्कासन नोटिस मिला है; वे वकील से सलाह लेकर अगले कदम तय करना चाहते हैं।
  • परिदृश्य 2: ऋणदाता ने 60-90 दिनों से अधिक देर तक चुकौती के बाद कब्जा लेने का कदम उठाया है; शिकायत दर्ज कराने या कब्जे को रोकने के लिए कानूनी राय आवश्यक है।
  • परिदृश्य 3: कब्जे के बाद संपत्ति की नीलामी होने वाली है; अपील या.sale रोकने के विकल्प पर निर्णय लेना है।
  • परिदृश्य 4: ऋण पुनर्गठन या स्थगन, पुनर्संरचना (restructure) के विकल्प तलाशना है ताकि Bankura में स्थिति सुधर सके।
  • परिदृश्य 5: श्रृंखला-गृह-ऋण के मामले में परिवारिक वाद-विवाद या संयुक्त के मामले हों; संपत्ति पर मालिकाना हक के दावे स्पष्ट करने हो सकते हैं।
  • परिदृश्य 6: borrower किसी वजह से अदालत-गठन DRAT/DRT में अपील करना चाहें और प्रक्रिया की सही समयसीमा जानना चाहते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

बांकुरा में गिरवी निष्कासन से जुड़े प्रमुख कानून नीचे दिए गए हैं। इन कानूनों से borrowers के अधिकार और lenders के कदम स्पष्ट रहते हैं।

  1. The Securitization and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI Act) - सुरक्षा हित के आधार पर संपत्ति कब्जे और बिक्री के लिए बैंकों को शक्तियां देता है; 60 दिन के डिफ़ॉल्ट के बाद कदम उठाने की अनुमति देता है।
  2. Recovery of Debts Due to Banks and Financial Institutions Act, 1993 (RDDBFI Act) - बैंकों/वित्त संस्थाओं के ऋणों के लिए Debts Recovery Tribunals (DRTs) और Appellate Tribunals (DRAT) के माध्यम से त्वरित वसूली का प्रावधान देता है; अपील और न्यायिक प्रक्रिया स्थापन करता है।
  3. Transfer of Property Act, 1882 - गिरवी (mortgage) और foreclosure के सामान्य सिद्धांतों को नियंत्रित करता है; foreclosure, sale और redemption के नियम यहाँ से जुड़ते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरवी निष्कासन क्या है?

गिरवी निष्कासन वह प्रक्रिया है जिसमें secured creditor default के बाद सुरक्षा संपत्ति पर अधिकार ले सकता है और बकाया वसूली के लिए उसे बेच सकता है।

Bankura में foreclosure नोटिस मिलने पर मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले किसी अनुभवी अधिवक्ता की सलाह लें; नोटिस की प्रतियां जमा करें; फिर उचित कानूनी विकल्पों जैसे अपील, रोक-थाम या पुनर्गठन पर विचार करें।

क्या borrower के पास संपत्ति redemption का अधिकार है?

हाँ, सामान्य तौर पर उत्पादन-धन के साथ शुल्क और खर्च शामिल कर के बकाया चुकाकर संपत्ति से उधार लेने वाले को मुक्त किया जा सकता है; बिक्री से पहले रिडेम्प्शन संभव है।

DRT/DRAT में अपील कैसे करें?

गिरवी निष्पादन के आदेश के नोटिस प्राप्त होने के बाद通常 45-60 दिनों के भीतर DRT/DRAT में अपील करना होता है; वकील इसे सही ढंग से दाखिल करने में मदद करेगा।

कब तलक कब्जा लिया गया संपत्ति बेची जाती है?

कब्जा लेने के बाद संपत्ति की नीलामी आम तौर पर एक निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत होती है; प्रक्रिया-समय राज्य के नियमों के अनुसार बदल सकता है, पर अदालत की मंजूरी आवश्यक हो सकती है।

क्या foreclosure के विरुद्ध हाई कोर्ट में नागरिक याचिका दायर की जा सकती है?

कुछ परिस्थितियों में आप उच्च न्यायालय में त्वरित/न्यायिक समीक्षा के लिए याचिका दायर कर सकते हैं; कृपया अपने वकील से सही रास्ता पूछें।

Griхvi माmol की जानकारी कैसे सत्यापित करूं?

कर्जदाता से प्राप्त सभी दस्तावेजों का सत्यापन करें, नक़लें खंगाले, और सरकारी रिकॉर्ड/REC एक्ट के अनुसार सुरक्षा संपत्ति का पंजीकरण देखें।

क्या बैंक foreclosure के दौरान गांव-समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है?

नहीं; RBI की फेयर-प्रैक्टिस कोड और SARFAESI प्रक्रिया के तहत उचित सूचना और प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है, अन्यथा वादी वकील के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है।

क्या मैं Bankura में वैधानिक सहायता ले सकता हूँ?

हाँ; NALSA/WBLSA और RBI Banking Ombudsman जैसे संस्थान कानूनी सहायता और शिकायत-निवारण में मदद करते हैं।

क्या IBC किसी व्यक्तिगत गृह-ऋण पर लागू होता है?

IBC मुख्य रूप से व्यवसायिक और कॉर्पोरेट ऋणों के लिए है; व्यक्तिगत गृह-ऋण पर applicability सीमित हो सकता है, पर विशिष्ट परिस्थितियों में प्रयोग किया जा सकता है-कानूनी सलाह आवश्यक है।

foreclosure के समय घर का कब्ज़ा रहने पर क्या मेरे बच्चे सुरक्षित रहते हैं?

foreclosure के दौरान बच्चों के रहने की सुरक्षा के लिए अदालत-निर्देश, गृह-स्वामित्व अधिकार और अन्य सुरक्षा प्रावधान लागू हो सकते हैं; वरिष्ठ अधिवक्ता से मार्गदर्शन जरूरी है।

foreclosure के बाद संपत्ति पुनः प्राप्ति के अवसर क्या हैं?

यदि लोन चुकता हो जाए और बिक्री रोक दी जाए या रिडेम्प्शन संभव हो तो संपत्ति पुनः प्राप्ति के अवसर बनते हैं; यह स्थिति कानूनी सलाह पर निर्भर है।

5. अतिरिक्त संसाधन

नीचे 3 प्रमुख आधिकारिक संसाधन दिए गए हैं जो गिरवी निष्कासन के मामलों में सहायता कर सकते हैं।

  • Reserve Bank of India - Banking Ombudsman - बैंकों के सेवा-सम्बन्धी शिकायतों का त्वरित निवारण।
  • National Legal Services Authority (NALSA) - आर्थिक-वैचारिक सहायता और मुफ्त वकील-सेवा उपलब्ध कराता है।
  • National Housing Bank (NHB) - घर-लोन से जुड़े अधिकारों, समाधान और संरचना पर मार्गदर्शन देता है।

स्रोत- लिंक: RBI Banking Ombudsman https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_Ombudsman.aspx, NALSA https://nalsa.gov.in/, NHB https://nhb.org.in/

6. अगले कदम

  1. अपनी स्थिति की संपूर्ण संकलित जानकारी बनाएं: loan दस्तावेज, नोटिस की प्रतिलिपियाँ, मूल पंजीकरण आदि।
  2. Bankura के अनुभव वाले गिरवी निष्कासन वक्‍ता (advocate) की खोज करें; स्थानीय बार एसोसिएशन से संपर्क करें।
  3. पहला नि:शुल्क या कम शुल्क पर परामर्श तय करें; उनके अनुभव, шаҳри-ट्रैक रिकॉर्ड देखिए।
  4. यदि आवश्यक हो तो अदालत-आदेश/DRT-DRAT में अपील की तैयारी करें; समय-सीमा स्पष्ट रखें।
  5. कानूनी रणनीति तय करें: कानून-आधारित विरोध, रिडेम्प्शन-आवश्यकता या पुनर्गठन (restructure) विकल्प।
  6. ड्राफ्टेड याचिका, आवेदन और नोटिसों की कॉपी रखें; copies को सुरक्षित स्थान पर रखें।
  7. यदि बैंक या अधिकारी उचित नहीं सुन रहे हों, RBI Banking Ombudsman के पास शिकायत दर्ज करवाएं।

ऑफिशियल स्रोतों के उद्धरण

उद्धृत कानून और आधिकारिक परामर्श के लिए नीचे के लिंक देखें:

  • The Securitization and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 - Section 13 and Section 17 (indiacode.nic.in)
  • RDDBFI Act, 1993 - Debts Recovery Tribunals और Appellate Tribunals का प्रावधान (indiacode.nic.in)
  • RBI - Banking Ombudsman Scheme (official page) https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_Ombudsman.aspx

नोट्स: - यह मार्गदर्शिका सामान्य सूचना हेतु है; किसी भी कदम से पहले अपने क्षेत्र के अनुभवी वकील से व्यक्तिगत सलाह लें।

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