समस्तीपुर में सर्वश्रेष्ठ सरकारी अनुबंध वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
समस्तीपुर, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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1. समस्तीपुर, भारत में सरकारी अनुबंध कानून का संक्षिप्त अवलोकन

समस्तीपुर, बिहार में सरकारी अनुबंध कानून भारत के व्यापक कानून तंत्र के भीतर कार्य करता है।

नगर परिषद, जिला प्रशासन और पब्लिक वर्क्स विभाग जैसे निकाय टेंडर के जरिये सेवाएं, वस्तुएं और निर्माण कराते हैं।

निविदा प्रकाशन से लेकर अनुबंध प्रदर्शन, भुगतान और विवाद समाधान तक सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार होती हैं।

इन नियमों के अनुसार विवादों का निवारण स्थानीय अदालतों और सम्मत मध्यस्थता से किया जाता है।

समस्तीपुर निवासियों के लिए यह आवश्यक है कि वे कानून के अनुसार कदम उठाएं और सही अधिवक्ता चुनें।

उद्धरण स्रोत: सभी सरकारी अनुबंध के मूल नियम कानून प्रचलन में स्पष्ट करते हैं कि अनुबंध एक वैधानिक दायित्व है और निष्पादन के लिए बाध्य होता है।

उद्धरण स्रोत: सार्वजनिक खरीद के संचालन में पारदर्शिता और निष्पक्षता अनिवार्य है ताकि सभी बोलीदारों को समान अवसर मिले।

आधिकारिक स्रोतों के संक्षिप्त उल्लेख: उद्धरण टुकड़ों के लिए नीचे दिये गये आधिकारिक स्रोत देखें: - Indian Contract Act, 1872 - https://www.indiacode.nic.in - General Financial Rules, 2017 - https://finmin.nic.in - Public Procurement (Preference to Domestic Manufacturers) Order, 2017 - https://dipp.gov.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

समस्तीपुर, बिहार से जुड़े सरकारी अनुबंध मामलों में कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है।

नीचे 4-6 विशिष्ट स्थिति दर्शायी गयी हैं जिनमें वकील की मदद लाभकारी रहती है।

  • समस्तीपुर नगर परिषद द्वारा सड़क निर्माण टेंडर के मूल्यांकन में संशय हो जाए।
  • टेंडर अस्वीकृत होने पर अपील या RTI से मिलते विवरण समझना हो।
  • ठेकेदार चयन के बाद अनुबंध-स्वीकृति और शर्तों की व्याख्या आवश्यक हो।
  • बाद में परिवर्तन आदेश (change order) पर लागत या समयसीमा विवाद उठे।
  • भुगतान के कारण देय-राशि व ब्याज दरों पर स्पष्ट मार्गदर्शन चाहिए।
  • PPP परियोजनाओं में भागीदारी के नियमों, अनुबंध-शर्तों और सुरक्षा उपायों पर सलाह चाहिए।

उदाहरण-सम्भावित वास्तविक परिदृश्य में एक स्थानीय अधिवक्ता परियोजना के दायित्व, जोखिम और विवाद-निवारण के उपाय स्पष्ट कर सकता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

समस्तीपुर, बिहार में सरकारी अनुबंध को प्रभावित करने वाले प्रमुख कानूनों के नाम:

  • भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 - अनुबंध के गठन, अनुमति और वैधानिक बाध्यता के नियम निर्धारित करता है।
  • General Financial Rules, 2017 - सरकारी खर्चे, खरीद प्रक्रियाओं और वित्तीय नियंत्रण के मानक निर्देश देता है।
  • Public Procurement (Preference to Domestic Manufacturers) Order, 2017 - घरेलू निर्माताओं को तरजीह देने के नियम स्पष्ट करता है।
  • बिहार सार्वजनिक खरीद नियम (स्थानीय मार्गदर्शक नियम) - बिहार सरकार के अधीन स्थानीय खरीद प्रक्रियाओं के लागू निर्देश होते हैं (स्थानीय संदर्भ के अनुसार लागू होंगे)।

इन कानूनों के अनुसार निविदा-प्रक्रिया, बोली-आकलन, अनुबंध-प्रदर्शन और विवाद-निवारण की प्रक्रिया निर्धारित होती है।

उद्धरण स्रोत: सार्वजनिक खरीद के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता हर सरकारी अनुबंध का मूल आधार है।

- Public Procurement Policy and General Financial Rules

उद्धरण स्रोत: Domestic preference से Make in India पहल को सरकार खरीद प्रक्रियाओं में संवर्धन मिलता है।

- Public Procurement (Preference to Domestic Manufacturers) Order

आधिकारिक स्रोतों के लिंक का अवलोकन: - Public Procurement (Preference to Domestic Manufacturers) Order, 2017 - https://dipp.gov.in - General Financial Rules, 2017 - https://finmin.nic.in - Indian Contract Act, 1872 - https://www.indiacode.nic.in

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकारी अनुबंध क्या होता है?

सरकारी अनुबंध एक वैधानिक समझौता है जो सरकार या सरकारी विभाग के साथ किया जाता है।

यह निर्माण, सेवाओं या वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़ सकता है और कानून से बाध्य होता है।

कौन से कानून सरकार अनुबंध पर लागू होते हैं?

आम तौर पर Indian Contract Act, 1872, General Financial Rules, 2017 और Public Procurement Rules लागू होते हैं।

टेंडर दस्तावेज़ क्या होते हैं और उन्हें कैसे पढ़ें?

टेंडर दस्तावेज़ में प्रस्ताव, बिंदुवार आवश्यकताएं, मूल्य-निर्धारण मापदंड और समय-सीमा होती है।

स्वीकृतियाँ, शर्तों और प्रदर्शन-मानदंड को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

टेंडर मूल्यांकन कैसे होता है?

आमतौर पर मूल्य, गुणवत्ता, तकनीकी योग्यता और पूर्व-निष्पादन अनुभव के आधार पर निर्णय लिया जाता है।

अगर मेरा निविदा अलग-अलग बोली से कमतर हो जाए?

ऐसा होने पर आपत्ति उठाने के लिए कार्यालय-स्तरीय शिकायत, आडिट या वैकल्पिक मूल्य-विन्यास किया जा सकता है।

विवाद पर कौन सा मंच उपयुक्त है?

विवादों को पहले विभागीय संचार से सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए, फिर आवश्यकता पर सिविल अदालत या मध्यस्थता की सहायता लेनी चाहिए।

क्या मध्यस्थता विकल्प उपलब्ध है?

हाँ, कई अनुबंधों में मध्यस्थता या संविदा-सम्मिलन के लिए आपत्ति-निवारण क्लॉज शामिल होते हैं।

क्या मैं RTI के माध्यम से जानकारी मांग सकता हूँ?

हाँ, अगर सरकारी अनुबंध से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक है, तो RTI के तहत आवेदन संभव है।

क्या Make in India के अनुरूप प्राथमिकताएँ लागू होती हैं?

Public Procurement Order के अनुसार घरेलू निर्माताओं को तरजीह दी जा सकती है, खासकर कुछ पेटेंट और सामग्री पर।

समस्तीपुर में कौन सा कानूनी सहायता उपयुक्त है?

स्थानीय अधिवक्ता जिसमें सरकारी अनुबंध, निविदा और विवाद-निवारण का अनुभव हो, उपयुक्त रहेगा।

टेंडर डिसकार्ड/रिजेक्शन के बाद क्या कर सकते हैं?

आप कानूनी सलाह लेकर विभागीय अपीलीय प्रक्रिया, या अदालत-निवारण के विकल्प चुन सकते हैं।

मैं किन बातों का दस्तावेजी प्रमाण दें?

टेंडर पन्ने, बिड-प्रस्ताव, ईमेल/कथन, कमीशन-निर्णय और समय-सारिणी के रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Central Public Procurement Portal - eProcure: https://eprocure.gov.in
  • Government e-Marketplace - GeM: https://gem.gov.in
  • Central Vigilance Commission - CVC: https://cvc.nic.in

6. अगले कदम

  1. सम्बन्धित टेंडर और दस्तावेज़ की पहचान करें।
  2. टेंडर दायरे और आवेदन की समय-सीमा स्पष्ट समझें।
  3. सरकारी अनुबंध में विशेषज्ञता रखने वाले वकील से प्रारम्भिक समीक्षा कराएं।
  4. कानूनी जोखिम, लाभ और प्रस्तुत-तरीकों का विश्लेषण करें।
  5. टेंडर जवाबी नोटिस और आवश्यक संशोधनों पर तैयारी करें।
  6. आवेदन, स्पष्टीकरण और बंदी-सम्भव विकल्पों की पुष्टि करें।
  7. आवश्यक मामलों में विभागीय अपील या अदालत-निवारण के लिए कदम उठाएं।

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अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

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