वाराणसी में सर्वश्रेष्ठ सरकारी अनुबंध वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
वाराणसी, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Labour Law Desk
वाराणसी, भारत

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Labour Law Desk एक भारतीय विधिक अभ्यास है जिसके वाराणसी और इलाहाबाद में कार्यालय हैं, जो बहुराष्ट्रीय, सार्वजनिक और निजी...
जैसा कि देखा गया

1. वाराणसी, भारत में सरकारी अनुबंध कानून के बारे में: [ वाराणसी, भारत में सरकारी अनुबंध कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

वाराणसी में सरकारी अनुबंध कानून केंद्र और राज्य नियमों से संचालित होता है।

ये नियम टेंडर, खरीद, निर्माण और सेवाओं के ठेकों पर लागू होते हैं।

लक्ष्य है पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना।

कानूनी सलाह आवश्यकता बन जाती है जब निविदा प्रक्रिया, मूल्यांकन या अनुबंध अनुपालन में गड़बड़ियाँ सामने आती हैं।

वाराणसी जैसे शहर में नागरिक और ठेकेदार एक समान पारदर्शी प्रक्रिया से लाभ उठाते हैं।

एक अनुभवी कानूनी सलाहकार टेंडर दस्तावेज, क्लॉज्स और विवाद-निवारण में मदद कर सकता है।

स्थानीय अदालतों में सरकारी अनुबंध से जुड़ी दायरियाँ भी प्रचलित रहती हैं।

“Public procurement is a transparent, fair and competitive process.”

Source: Central Public Procurement Portal (CPPP) - https://eprocure.gov.in/eprocure/app

“eProcurement system ensures transparency, efficiency and accountability in public procurement.”

Source: Central Public Procurement Portal (CPPP) - https://eprocure.gov.in/eprocure/app

“Public procurement shall be used to promote Make in India and local content.”

Source: Public Procurement (Preference to Make in India) Order, 2017 - https://dpiit.gov.in

वाराणसी के ठेकेदार और नागरिकों के लिए व्यावहारिक लाभ

Varanasi में स्थानीय निविदाओं पर नजर रखना सरल है जब आप CPPP पोर्टल पर सदस्यता लेते हैं।

उद्धृत Tender का लाभ उठाने के लिए नियमों को समझना जरूरी है ताकि बोली में मौका मिला सके।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [सरकारी अनुबंध कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। वाराणसी, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

  1. वाराणसी नगर निगम या विकास प्राधिकरण द्वारा जारी टेंडर में बोली-याचिका के विरुद्ध विवाद उठे।
  2. मतदान मूल्यांकन के नियमों से असहमति हो और बोली अस्वीकृत हो जाए या दाखिल-याचिका लंबित हो।
  3. अनुबंध की शर्तों के अनुसार देय-धनराशि या मूल्य-वृद्धि (price variation) विवाद।
  4. अधिनियमित समय पर भुगतान न हो और अधिकारी-थोड़ा देरी हो।
  5. अनुबंध के निलंबन, समाप्ति या दायित्व-उल्लंघन की स्थिति आये।
  6. हस्ताक्षर-प्रक्रिया, निविदा सुरक्षा और उल्लंघन पर भ्रष्टाचार-शिकायत हो।

इन स्थितियों में एक अनुभवी adv visory, अधिवक्ता या कानूनी सलाहकार कंट्रैक्ट-गवर्नेंस, आदर्श क्लॉज़ और विवाद-निवारण रणनीति में मार्गदर्शन दे सकता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ वाराणसी, भारत में सरकारी अनुबंध को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  • General Financial Rules, 2017 (GFR 2017) - सरकारी खरीद के लिए मानक नियमों का ढांचा।
  • Public Procurement (Preference to Make in India) Order, 2017 - स्थानीय सामग्री और Make in India को प्रोत्साहन देता है।
  • Arbitration and Conciliation Act, 1996 - विवाद-समाधान के लिए वैकल्पिक उपाय और न्यायिक मार्ग सुझाता है।

वाराणसी-उच्च न्यायालय और जिला कोर्ट इन कानूनों के अनुरूप निर्णय लेते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

सरकारी अनुबंध क्या होता है?

सरकारी अनुबंध सरकारी विभागों या निकायों के साथ NGOs, कंपनियों या ठेकेदारों के बीच किया गया लिखित समझौता है।

Varanasi में कानूनी सलाह कब लें?

जब बोली-याचिका, मूल्यांकन, वार्ता या अनुबंध-उल्लंघन जैसी स्थितियाँ सामने आएं।

eProcurement क्या है और क्यों जरूरी है?

eProcurement एक ऑनलाइन प्रक्रिया है जिसमें निविदाएं जारी, मूल्यांकन और अनुबंध लागू होते हैं।

बोली-याचिका पर शिकायत कैसे दर्ज करें?

आमतौर पर CPPP पोर्टल या स्थानीय लोक-न्यायालय के माध्यम से आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

टेंडर-शर्तों में बदलाव कैसे अनुरोध करें?

कॉन्ट्रैक्ट‑एग्रीमेंट के क्लॉज़ में संशोधन के लिए लिखित अनुरोध और स्वीकृति चाहिए।

भुगतान अवरोध के मामले में क्या करें?

प्रारम्भिक भुगतान-का-निर्देशन और दायरे के अनुसार interest/penalty के मुद्दे उठाएं।

विवाद कब अदालत में जाएं या arbitration कराएं?

अगर विवाद सुलझ नहीं पाते हैं तो arbitration clause के अनुसार arbitration-प्रक्रिया अपनाएं।

Make in India नीति का क्या फायदा है?

स्थानीय सामग्री, स्थानीय उद्यम और मूल्य-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है।

कौन सा समय-सीमा मान्य है?

टेंडर-खुलने से लेकर विवाद-निर्णय तक की समय-सीमा नियमों द्वारा निर्धारित होती है।

कौन से दस्तावेज आवश्यक होते हैं?

पैन-आधार कार्ड, कंपनी-रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, भुगतान-खाता विवरण आदि आमतौर पर माँगे जाते हैं।

सरकारी अनुबंध में कौन से क्लॉज सामान्य रहते हैं?

टेंडर-शर्तें, प्रदर्शन-समय, भुगतान-शर्तें, दंड और विवाद-निर्णय के नियम सामान्य क्लॉज होते हैं।

विकल्प-dispute के लिए कौन से मसौदे चाहिए?

एग्रीमेंट-स्क्रिप्ट और arbitration clause, jurisdiction-clause, dispute-rectification के प्रावधान चाहिए।

क्या मैं यूपी के नियमों के तहत भी दवा-समय मांग सकता हूँ?

जी हाँ, UP के अन्य नियमों के साथ केंद्र-स्तरीय GFR 2017 भी लागू होते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन:

  • Central Public Procurement Portal (CPPP) - eProcure सिस्टम और निविदा-स्थिति के लिए आधिकारिक पोर्टल: https://eprocure.gov.in/eprocure/app
  • Department of Expenditure, Ministry of Finance - GFR 2017 के आधिकारिक दस्तावेज: https://finmin.nic.in
  • Central Vigilance Commission (CVC) - सार्वजनिकprocurement-गाइडलाइंस और भ्रष्टाचार-रोधी पहल: https://cvc.nic.in

6. अगले कदम:

  1. अपनी आवश्यकताओं को स्पष्ट करें और स्कोप-शीट बनाएं ताकि वकील सही विशेषज्ञता समझ सके।
  2. Varanasi में कानून-फर्मों या Bar Association से “सरकारी अनुबंध” विशेषज्ञ अधिवक्ता ढूंढें।
  3. कानूनी सलाहकार के अनुभव, केस-रिज़्यूमे और क्षेत्र-विशेष ज्ञान की जाँच करें।
  4. पहचान के लिए प्रश्न-सूची बनाएं और शुरुआती कानूनी परामर्श तय करें।
  5. फीस-रचना, कितने घंटे, केस-आवश्यक संसाधन और अनुमानित लागत स्पष्ट करें।
  6. डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें जैसे टेंडर कॉपी, आरपीए, पेमेन्ट-रीकोर्ड्स आदि मात्रा‑प्रमाण सहित।
  7. Retainer-Agreement पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी शर्तों को पढ़ें और समझें।

वाराणसी निवासियों के लिए सरल-योजना: CPPP पोर्टल से निविदाओं की स्थिति देखें, Abbott-शुल्क पर विचार करें, और स्थानीय अधिवक्ता से मुफ्त प्रारम्भिक संपर्क-पत्र लें।

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