बेगूसराय में सर्वश्रेष्ठ अभिभावकत्व वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
बेगूसराय, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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भारत अभिभावकत्व वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें अभिभावकत्व के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
परिवार गृह हिंसा अभिभावकत्व परिसर दायित्व संपत्ति क्षति
उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा

हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।

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1 उत्तर

1. बेगूसराय, भारत में अभिभावकत्व कानून के बारे में: बेगूसराय, भारत में अभिभावकत्व कानून का संक्षिप्त अवलोकन

बेगूसराय जिला जेल, अदालतों और नागरिक-संरक्षा के साथ जुड़ा एक प्रमुख क्षेत्र है, जहां अभिभावकत्व मामलों को जिला अदालत में सुना जाता है। भारतीय कानून के भीतर अभिभावकत्व के सिद्धान्त सामान्यतः Guardians and Wards Act 1890, Hindu Minority and Guardianship Act 1956 और Juvenile Justice Act 2015 द्वारा संचालित होते हैं। हर मामला न्यायदृष्टि से नागरिक अधिकारों और बाल-हितों के अनुरूप देखा जाता है।

“The Guardians and Wards Act 1890 provides for the appointment of guardians of minors and for the control of guardians by the court.”
स्रोत: National Portal of India
“The Hindu Minority and Guardianship Act 1956 regulates guardianship for Hindus, Buddhists, Jains and Sikhs and their minors.”
स्रोत: National Portal of India
“The Juvenile Justice Act 2015 provides for care, protection and handling of children in need of care and protection and establishes Juvenile Justice Boards and Child Welfare Committees.”
स्रोत: NALSA / National Portal of India

बेगूसराय निवासियों के लिए सलाह यह है कि अभिभावकत्व से जुड़ा मामला स्थानीय अदालत के फॉर्म और प्रक्रिया से जुड़ा होता है। दस्तावेज सही-सही हों और समय-समय पर अदालत के निर्देशों का पालन जरूरी होता है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों के साथ बेगूसराय से مرتبط उदाहरण

  • 1. दिवाला-ह्रास या तलाक के बाद बच्चे की देखभाल और संरक्षण का निर्णय
    शादी-तलाक के बाद न्यूनतम विवादों के साथ बच्चे का भरण-पोषण और शिक्षा-सम्पन्नता तय करने के लिए अभिभावकत्व आदेश की जरूरत होती है। बेगूसराय के परिवार अदालत में यह प्रक्रिया अक्सर लंबी सूची के साथ चलती है।
  • 2. माता-पिता में से एक अनुपलब्ध हो या जेल में हो、किशोर के लिए वैधानिक संरक्षक नियुक्ति
    यदि माता-पिता में से कोई एक स्थाई रूप से अनुपस्थित है या जेल में है, तो अदालत से पिता/माता के स्थान पर संरक्षक नियुक्त कराए जाते हैं। स्थानीय जिला अदालत में प्रक्रिया स्पष्ट होती है।
  • 3. बच्चे के संपत्ति-हित के लिए संरक्षक नियुक्ति
    minior की संपत्ति का प्रबंधन और ऐसे निर्णय लेना जरूरी हो सकता है जब माता-पिता अनुपस्थित हों। ऐसे मामलों में अभिभावकत्व आदेश की आवश्यकता होती है।
  • 4. नाबालिग के लिए वैधानिक परिवर्तन या बदलाव
    जैसे समय-समय पर संरक्षक बदलना, परिवार परिस्थितियां बदलने पर नया आदेश लेना। यह कदम वकील की मदद से सही कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजरता है।
  • 5. दत्तक-अभिभावकत्व या आंशिक custody मामलों में मार्गदर्शन
    दत्तक ग्रहण या दत्तक-सम्बंधी अभिभावकत्व मामलों में कानून और स्थानीय अदालत के निर्देश स्पष्ट होते हैं, जिनमें विशेषज्ञ सलाह ज़रूरी होती है।
  • 6. किसी गैर-परिवारिक संरक्षक के साथ बालक का निवास
    यदि बालक किसी दत्तक-परिवार से जुड़ा है या दायित्यों के लिए नए संरक्षक की जरूरत पड़ती है, तो वकील से परामर्श आवश्यक है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: बेगूसराय, भारत में अभिभावकत्व को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Guardians and Wards Act 1890 - नाबालिग की अभिभावकत्व के लिए संरक्षक की नियुक्ति और अदालत के नियंत्रण के नियम निर्धारित करता है।
  • Hindu Minority and Guardianship Act 1956 - हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख बच्चों के अभिभावकत्व के नियमों को विनियमित करता है और उपयुक्त संरक्षक के चयन का मार्गदर्शन देता है।
  • Juvenile Justice Act 2015 (जु teenagers के लिए संरक्षण के प्रावधान) - बच्चों के संरक्षण, देखरेख और प्रक्रियात्मक दायित्वों को तय करता है; जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और चाइल्ड वैलफेयर कमेटी की स्थापना करता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिभावकत्व क्या है?

अभिभावकत्व ऐसा कानूनी पद है जिसमें किसी नाबालिग के person and property पर नियंत्रण, देखरेख और निर्णय लेने का अधिकार संरक्षक को दिया जाता है।

कौन संरक्षक बन सकता है?

आमतौर पर माता-पिता, बड़े रिश्तेदार या ऐसा व्यक्ति जो बच्चे के सर्वोत्तम हित में हो। अदालत चाहे तो अन्य विश्वसनीय उम्मीदवार भी चयनित कर सकती है।

मैं अभिभावकत्व का दावा कैसे कर सकता हूँ?

उचित जिले की अदालत में guardianship petition दायर करनी होती है। दाखिले के साथ कानूनी दस्तावेज और प्रयोजन का स्पष्टीकरण आवश्यक होता है।

कौन-सी प्रक्रिया लगती है और कितना समय लगता है?

घोषित संरक्षकत्व आदेश तक पहुँचने में आम तौर पर कुछ महीने लगते हैं, पर स्थिति के अनुसार क्रम तय होता है। अदालत के समक्ष सुनवाई और सहभागिता जरूरी होती है।

कौन से दस्तावेज चाहिए?

आमतौर पर पहचान-पत्र, जन्म प्रमाण, पता प्रमाण, माता-पिता के संपत्तिकृतियों के रिकॉर्ड, पारिवारिक कोर्ट के निर्देश आदि आवश्यक होते हैं।

क्या संरक्षक बालक की संपत्ति भी संभाल सकता है?

हाँ, Guardians and Wards Act के अंतर्गत संरक्षक को बालक की संपत्ति पर अधिकार और नियंत्रण दिया जा सकता है जब अदालत ऐसा आदेश दे।

क्या संरक्षक बदलना संभव है?

हाँ, यदि माता-पिता के स्थितियाँ बदले या बालक के हित में बदलाव आवश्यक हो, तो अदालत से नया आदेश लिया जा सकता है।

क्या guardianship धर्म-आधारित है?

Guardians and Wards Act 1890 सभी बच्चों पर लागू हो सकता है, पर हिन्दू minority act 1956 हिन्दू, सिख, जैन और बौद्ध बच्चों के लिए विशेष नियम देता है।

क्या आवेदन के साथ फीस लगती है?

हाँ, अदालत में फाइलिंग फीस और अन्य शुल्क लगते हैं। फीस का विश्लेषण स्थानीय कोर्ट की वेबसाइट से किया जा सकता है।

क्या विदेशी नागरिक भी अभिभावक बन सकते हैं?

विदेशी नागरिकों के लिए नियम सामान्यतः भारतीय कानून की शर्तों के अनुरूप होते हैं; विशेष स्थिति में अतिरिक्त दस्तावेज चाहिए होते हैं।

क्या बच्चे के संरक्षण के लिए JJ Act का उपयोग किया जा सकता है?

हाँ, अगर बालक सुरक्षा, सुरक्षा-नज़र या देखभाल की आवश्यकता में है तो JJ Act के तहत Child Welfare Committee द्वारा निर्णय हो सकता है।

Begusarai में अधिनियमिक प्रक्रिया कहां फाइल करें?

अभिभावकत्व के मामले आम तौर पर District Court Begusarai या रिश्ते में Family Court के अधीन आते हैं। स्थानीय अदालत की शिकायत/प्रार्थना पत्र दाखिल करें।

क्या एक से अधिक अभिभावकत्व आवेदन संभव है?

हां, उदाहरण के तौर पर बच्चों के लिए अलग-अलग संरक्षक या अलग-अलग मामलों के लिए एक से अधिक प्रार्थनाएं दायर की जा सकती हैं, पर हर आवेदन को अदालत में तर्कसंगत बनाना पड़ता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और अभिभावकत्व से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन देता है। https://nalsa.gov.in
  • District Courts Begusarai (eCourts Begusarai) - Begusarai जिले के न्यायिक प्रणाली और अभिलेख से जुड़ी जानकारी, केस फाइलिंग के निर्देश। https://districts.ecourts.gov.in/begusarai
  • National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) - बाल अधिकारों की सुरक्षा और अभिभावकत्व से जुड़े सवालों के लिए आधिकारिक मार्गदर्शन। https://ncpcr.gov.in

6. अगले कदम

  1. बेगूसराय जिले के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करें और यह तय करें कि संरक्षकत्व किस प्रकार चाहिए-person, property या दोनों।
  2. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र करें-जन्म प्रमाण, पहचान-प्रमाण, पता प्रमाण आदि।
  3. निकटतम वकील/काउंसिलर से मुलाकात करें जो Guardians and Wards Act, 1890 और Hindu Minority and Guardianship Act 1956 से अनुभव रखता हो।
  4. आपके केस के लिए उपयुक्त फॉर्म और फॉर्मैट में अभिभावकत्व आवेदन तैयार करें।
  5. District Court Begusarai में आवेदन दायर करें और सुनवाई-तिथि की प्रतीक्षा करें।
  6. चाहे तो NALSA या DLSA Begusarai की मुफ्त कानूनी सहायता से सहायता लें।
  7. hearings के दौरान पर्याप्त सवालों और दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहें और अदालत के निर्देशों का पालन करें।

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