पुणे में सर्वश्रेष्ठ बौद्धिक संपदा वकील

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Lex Credence
पुणे, भारत

2024 में स्थापित
English
Lex Credence is a full-service law firm based in Pune, India, offering a multidisciplinary approach to delivering effective and strategic legal solutions across sectors. The firm comprises a dedicated team of lawyers and researchers who combine deep legal knowledge with sector-specific insights to...
Astrea Legal Associates LLP

Astrea Legal Associates LLP

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पुणे, भारत

2006 में स्थापित
उनकी टीम में 60 लोग
English
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Marathi (Marāṭhī)
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अस्त्रीया लीगल एसोसिएट्स एलएलपी में, हमारी दृष्टि स्पष्ट और दृढ़ है कि हम गहन कानूनी विशेषज्ञता को नवाचार,...
Cyber Law Solution
पुणे, भारत

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Cyber Law Solution, जिसका मुख्यालय पुणे, भारत में स्थित है, एक विशिष्ट टेक्नो-लीगल फर्म है जो साइबर कानून और बौद्धिक संपदा...
Dubey & Partners - Advocates
पुणे, भारत

2002 में स्थापित
उनकी टीम में 20 लोग
English
Dubey & Partners - Advocates is a dynamic and progressive multidisciplinary Indian law firm with a global practice base. The firm concentrates on corporate, litigation and intellectual property matters, formulating innovative and practical legal strategies to serve its international client base....
पुणे, भारत

English
ऋषभ गांधी एंड एडवोकेट्स (आरजीएए) पुणे, भारत में स्थित एक बहु-विषयक विधिक फर्म है, जो विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक...

English
एडवोकेट उपाध्ये एंड एसोसिएट्स- क्रिमिनल | साइबर | तलाक | कॉर्पोरेट | आईपीआर | पोश | उपभोक्ता | एनडीपीएस | एंटरटेनमेंट...
Prasad Kulkarni & Associates
पुणे, भारत

English
प्रसाद कुलकर्णी एंड एसोसिएट्स भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में...
R.K.Dewan & Co.
पुणे, भारत

1942 में स्थापित
उनकी टीम में 180 लोग
English
आर के दूवान एवं कंपनी एक प्रमुख भारतीय बौद्धिक संपदा कानून फर्म है जिसकी स्थापना 1942 में राज कुमार दूवान द्वारा की...
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भारत बौद्धिक संपदा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें बौद्धिक संपदा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

मैं निम्नलिखित बौद्धिक संपदा अनुबंध प्रस्तुत करता हूँ। यह एक सामान्य प्रारूप है और विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार परिष्कृत किया जाना चाहिए। --- **बौद्धिक संपदा अनुबंध** यह अनुबंध दिनांक __________ (दिनांक भरें) को निम्नलिखित पक्षों के बीच किया गया है: 1. **पक्ष एक:** [नाम], एक कानूनी व्यक्ति/व्यक्ति, जिसका पंजीकृत पता __________ है। 2. **पक्ष दो:** [नाम], एक कानूनी व्यक्ति/व्यक्ति, जिसका पंजीकृत पता __________ है। **भूमिका:** जहाँ पक्ष दो के पास विशिष्ट बौद्धिक संपदा (जैसे पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, व्यापार रहस्य, डिज़ाइन, सॉफ़्टवेयर, आदि) है, और पक्ष एक को इसका उपयोग, विकास या व्यावसायिकरण करने की आवश्यकता है, वह इस अनुबंध के माध्यम से इन अधिकारों की स्वीकृति और संरक्षण करने का इरादा रखते हैं। **अनुबंध की शर्तें:** 1. **परिभाषाएँ:** - “बौद्धिक संपदा” का अर्थ है वह ज्ञान-संपन्नता, रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ या तकनीकी नवाचार, जो पक्षों द्वारा इस अनुबंध के अंतर्गत निर्दिष्ट किये गए हैं। - “उपयोग अधिकार” का अर्थ है वह सीमित या अनन्य लाइसेंस, जो पक्ष एक को इस अनुबंध के अंतर्गत प्रदान किया जाता है। 2. **स्वामित्व:** पक्ष दो बौद्धिक संपदा का एकमात्र एवं असाधारण स्वामी रहेगा। इस अनुबंध के अंतर्गत पक्ष दो द्वारा पक्ष एक को स्वामित्व हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है, केवल उपयोग एवं उपयोग के अधिकार प्रदान किये जा रहे हैं। 3. **लाइसेंस का दायरा एवं अवधि:** - पक्ष दो पक्ष एक को [नॉन-एक्सक्लूसिव/एक्सक्लूसिव] लाइसेंस प्रदान करता है, जो निम्नलिखित क्षेत्रों/उद्देश्यों के लिए होगा: __________। - यह लाइसेंस अनुबंध कीप्रारंभ तिथि से __________ (अवधि) तक वैध रहेगा, जब तक इसे समाप्त न किया जाए। 4. **वित्तीय शर्तें:** पक्ष एक पक्ष दो को निम्नलिखित आय भुगतान करेगा: - प्रारंभिक भुगतान: ₹__________ - रॉयल्टी/फीस: __________%/राशि, जो __________ के आधार पर होगी। 5. **गोपनीयता:** पक्ष एक इस बौद्धिक संपदा से संबंधित किसी भी गोपनीय जानकारी को तीसरे पक्ष को प्रकट नहीं करेगा, सिवाय लिखित पूर्व सहमति के। 6. **प्रयुक्ति की सीमाएँ:** पक्ष एक को बौद्धिक संपदा का उपयोग अनुबंध में निर्दिष्ट उद्देश्यों तक ही सीमित रहेगा। किसी अन्य उपयोग हेतु पक्ष एक को पक्ष दो की लिखित अनुमोदन प्राप्त करनी होगी। 7. **बौद्धिक संपदा संरक्षण:** - पक्ष दो बौद्धिक संपदा का कानूनी रूप से संरक्षण सुनिश्चित करेगा। - पक्ष एक किसी भी उल्लंघन या दावे की जानकारी तुरंत पक्ष दो को देगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। 8. **जिम्मेदारी और क्षतिपूर्ति:** पक्ष एक किसी भी दावे, हानि या शुल्क के लिए पक्ष दो को क्षतिपूर्ति देगा, यदि वह बौद्धिक संपदा के अनुचित उपयोग के कारण उत्पन्न हुआ हो। 9. **समाप्ति:** निम्न स्थितियों में यह अनुबंध समाप्त हो सकता है: - पक्ष द्वारा शर्तों का उल्लंघन होने पर, और 30 दिनों की लिखित सूचना के बाद यदि उल्लंघन दूर नहीं किया जाता। - आपसी सहमति द्वारा। समाप्ति के पश्चात पक्ष एक को बौद्धिक संपदा का उपयोग तुरंन्त बंद करना होगा और जितनी भी सामग्री हो उसे वापस करना होगा। 10. **कानूनी अधिकार:** यह अनुबंध [स्थान] के कानूनों के अधीन होगा। किसी भी विवाद को पहले आपसी समाधान के माध्यम से हल करने का प्रयास किया जाएगा, और यदि असफल, तो [स्थान] की न्यायालयों में मुक़दमा किया जा सकता है। 11. **संपूर्ण समझौता:** यह दस्तावेज पक्षों के बीच पूरा समझौता है और इससे पूर्व के किसी भी मौखिक या लिखित समझौते को प्रतिस्थापित करता है। **हस्ताक्षर:** पक्ष एक: ________________________ नाम: _________________________ तारीख: _______________________ पक्ष दो: ________________________ नाम: _________________________ तारीख: _______________________ --- कृपया इस प्रारूप को आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार परिष्कृत करने हेतु अनुभवी विधिक सलाहकार से परामर्श करें।
बौद्धिक संपदा
मैं भारत में एक ऐप बना रहा हूँ लेकिन मेरे पास कोई अनुबंध नहीं है। मुझे एक बनाना है।
वकील का उत्तर Shenzhen Yizhou Intellectual Property Operation Co., Ltd. द्वारा

प्रिय,आपको विकास जारी रखने से पहले निश्चित रूप से एक लिखित अनुबंध होना चाहिए - यह आपके और आपके ग्राहक दोनों की रक्षा करता है और कोड की स्वामित्वता, भुगतान की शर्तें, वितरण अनुसूची और गोपनीयता को स्पष्ट रूप से...

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1 उत्तर

पुणे, भारत में बौद्धिक संपदा कानून के बारे में: पुणे-में बौद्धिक संपदा कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पुणे एक शिक्षण, तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र है। यहाँ इनोवेशन के साथ व्यवसाय तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे बौद्धिक संपदा अधिकारों की महत्ता बढ़ती है। भारतीय बौद्धिक संपदा कानून का एकीकृत ढांचा पंजीकरण, संरक्षण और उल्लंघन रोकथाम पर केंद्रित है।

“The Patents Act, 1970 provides for the grant of patents for inventions and protection of patent rights in India.”

पुणे-आधारित व्यवसायों के लिए ट्रैक-शेयर, डिजाइन और कॉपीराइट सहित बहु-स्तरीय सुरक्षा आवश्यक है। यह सुरक्षा उद्योग से जुड़ी सावधानियाँ, अनुबंधित उपयोग और अदालत के निर्देश के साथ जुड़ी होती है। नए उद्यमों के लिए ब्रांड, टेक्निकल इनोवेशन और कलाकृतियाँ सुरक्षित रखना अनिवार्य हो गया है.

“The Trade Marks Act, 1999 provides for the registration and protection of trademarks in India.”

लोकल स्तर पर बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा के लिए ऑनलाइन फाइलिंग, दायरे आधारित सुनवाई और सीमा-पर नियंत्रण के प्रावधान प्रयुक्त होते हैं। पुणे के व्यवसाय इन प्रावधानों का लाभ उठाकर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: पुणे से संबंधित 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची

  • स्टार्टअप या उत्पाद डेवेलपर्स पुणे में एक नया इनोवेशन पेटेंट कराना चाहते हैं ताकि प्रतियोगी न चुरा सकें। उस स्थिति में पेटेंट-फाइलिंग, पूर्व-अन्वेषण और आवेदन-निर्णय प्रक्रिया में एक अनुभवी विधि-सलाहकार की आवश्यकता होती है।
  • ब्रांड बनाम ब्रांडьер पुणे आधारित उत्पाद कंपनी अपना ट्रेडमार्क पंजीकृत कराती है ताकि लोगो और नाम पर विशिष्ट अधिकार मिलें और उल्लंघन होने पर कार्रवाई संभव हो।
  • कॉपिराइट-राइटर या रचनाकार पुणे के लेखक, संगीतकार या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर अपनी रचनाओं का कॉपीराइट संरक्षण चाहते हैं ताकि उनका उपयोग बिना अनुमति न हो सके।
  • डिज़ाइन-निर्माता पुणे में फर्नीचर या टेक्सटाइल डिज़ाइन के लिए डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन कराना चाहेंगे ताकि डिज़ाइन ट्रेडमार्क जैसे उल्लंघन से सुरक्षा मिले।
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और वितरक पुणे-आधारित विक्रेता अपने अन्य विक्रेताओं द्वारा ब्रांड-उल्लंघन से सुरक्षा चाहते हैं और संबंधित अदालतों से रोक-थाम चाहते हैं।
  • स्टार्टअप-लॉगिकल-फ्रीडम-टू-ऑपरेट पुणे की टेक कंपनियाँ सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर के संयुक्त आविष्कार के लिए पेटेंट खोज और फ्री डॉकेट-ऑपरेशन परामर्श चाहती हैं ताकि गैर-निष्पादन जोखिम घटे।

स्थानीय कानून अवलोकन: पुणे, भारत में बौद्धिक संपदा को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

पुणे में बौद्धिक संपदा के लिए प्रमुख कानूनों का आधार भारतीय संसद द्वारा पारित है। ये कानून पंजीकरण, संरक्षण, उल्लंघन के Remedies और निर्यात-आयात नियंत्रण से जुड़े हैं।

  • पेटेंट अधिनियम, 1970 - आविष्कारों के लिए पेटेंट-grant, अधिकारों का संरक्षण और संरक्षण-व्यवस्था को निर्दिष्ट करता है।
  • ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 - ट्रेडमार्क पंजीकरण, वैश्विक एवं घरेलू ब्रांड सुरक्षा और दुरुपयोग से संरक्षण देता है।
  • कॉपीराइट अधिनियम, 1957 - साहित्य, संगीत, कलाकृतियों और डिजिटल सामग्री के अधिकारों की सुरक्षा स्थापित करता है।
  • डिज़ाइन अधिनियम, 2000 - अद्वितीय डिजाइन-आबंटन के संरक्षण और पंजीकरण की व्यवस्था देता है।
  • भौगोलिक संकेत्न (GI) अधिनियम, 1999 - स्थान-विशिष्ट उत्पादों के लिए पहचान और संरक्षण देता है।

हाल के वर्षों में ऑनलाइन फाइलिंग और प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से पुणे के व्यवसायों को बेहतर सुविधा मिली है।

“The Indian Patent Office offers online filing, online status tracking, and digital payments.”
“The Trademark Registry supports online filing and status updates for trademarks.”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बौद्धिक संपदा क्या है?

बौद्धिक संपदा रचनात्मक विचारों के कानूनी अधिकार हैं। इनमें पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिज़ाइन और जीआई शामिल हैं।

मैं पुणे में किस प्रकार के IP अधिकार प्राप्त कर सकता हूँ?

पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिज़ाइन और जीआई सब उपलब्ध विकल्प हैं। अधिकार मिलने पर रोक-थाम, अनुबंध-निर्माण और राजस्व-निर्माण संभव होता है।

पेटेंट के लिए मुझे क्या दस्तावेज चाहिए?

आवेदक की पहचान, आविष्कार का विवरण, पहचाने जाने वाले दावों की सूची, पंजीकरण शुल्क और आवेदित प्रकार के ड्रॉइंग/प्रोटोटाइप शामिल होते हैं।

भारत में पेटेंट पाने में कितना समय लगता है?

औसतन आवेदन फाइलिंग के बाद 3 से 5 वर्ष तक पंजीकरण संभव होता है, अगर जाँच और विरोध-प्रक्रिया सुचारू हो।

ट्रेडमार्क क्या है और मैं क्यों पंजीकृत करूँ?

ट्रेडमार्क वह चिन्ह है जो माल सेवा की पहचान कराता है। पंजीकरण से आप न्यायिक सुरक्षा, निषेध और ब्रांड-निर्माण के लाभ पाते हैं।

पुणे में कॉपीराइट कैसे सुरक्षित रहता है?

कॉपीराइट संरक्षण रचना-स्वामित्व और उसका अनधिकृत उपयोग रोकता है। रचना प्रकाशन के समय से सुरक्षा शुरू होती है और जीवन-काल के बाद सामान्यत: 60 वर्ष तक रहती है।

डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?

डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन से वस्तु-आकार, रूप-रचना और सजावट की अधिकार-शक्ति मिलती है। यह नक़ल-रोध में मदद करता है।

GI क्या और कब जरूरी है?

GI से विशेष भौगोलिक origin के उत्पादों की पहचान सुरक्षित रहती है। यह खाद्य, वस्त्र और हस्तशिल्प की ब्रांड वैल्यू बढ़ाता है।

क्या सॉफ्टवेयर पेटेंट स्वीकार्य है?

भारत में सॉफ्टवेयर केवल अकेले सॉफ्टवेयर के कारण पेटेंट नहीं मिल सकता। अगर वह हार्डवेयर के साथ तकनीकी प्रभाव दिखाता है तभी पेटेंट मिल सकता है।

मैं किस तरह सबूत दिखाकर IP उल्लंघन रोक सकता हूँ?

न्यायिक नोटिस, निषेध-आदेश, और अदालत के आदेशों से रोकथाम की जा सकती है। सीमा शुल्क भी उल्लंघन-कार माल रोके सकता है।

क्या विदेशी निवासी भी पंजीकरण करा सकते हैं?

हाँ, विदेशी आवेदक भारतीय कानून के अनुसार पंजीकरण कर सकते हैं, बशर्ते आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो।

IP अधिकार कब समाप्त होते हैं?

पेटेंट आम तौर पर 20 वर्ष की अवधि के बाद समाप्त होता है। ट्रेडमार्क और कॉपीराइट की वैधता अलग-अलग समय-सीमाओं पर निर्भर करती है।

मैं पुणे से IP-लागत कैसे योजना बना सकता हूँ?

फीस संरचना महाराष्ट्र और केंद्र स्तर पर अलग हो सकती है। प्रारम्भिक लागत अक्सर फाइलिंग, जाँच और कार्यालयी शुल्क से बनती है।

अतिरिक्त संसाधन: बौद्धिक संपदा से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  1. Intellectual Property India - ipindia.nic.in - पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन पंजीकरण का आधिकारिक पोर्टल।
  2. Copyright Office - copyright.gov.in - कॉपीराइट कानून और रजिस्ट्रेशन केंद्र।
  3. World Intellectual Property Organization - wipo.int - वैश्विक IP मानक और सहयोग संसाधन.

अगले कदम: बौद्धिक संपदा वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने IP आवश्यकताओं को स्पष्ट करें: पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट या डिज़ाइन कौन سا है।
  2. पुणे-आधारित कानून कार्यालयों की सूची बनायें और उनके अनुभवी IP वकील देखें।
  3. लंबे-चर्चाओं के लिए प्राथमिक प्रश्न तैयार करें: विशेषज्ञता, फीस संरचना, फाइलिंग समयरेखा आदि।
  4. पूर्व-फाइलिंग पेंट-शोध करवाएं ताकि मौजूदा समानता का अंदाजा हो सके।
  5. कानूनी सलाहकार से पहली परामर्श बुक करें और engagement letter पाएं।
  6. फीस, वेळ-सीमा और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च स्पष्ट करें; स्थानिक मुकदमा-समाधान की रणनीति समझें।
  7. IP अधिकार मिलने पर नियमित स्थिति-अपडेट और संरक्षण योजना पर चर्चा करें।

नोट: यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन हेतु है। सटीक प्रक्रियाओं और समय-सीमाओं के लिए पुणे के उपयुक्त वकील से व्यक्तिगत परामर्श करें।

उद्धरण और आधिकारिक स्रोत:

“Patents Act, 1970 provides for the grant of patents for inventions and protection of patent rights in India.”
“The Trade Marks Act, 1999 provides for the registration and protection of trademarks in India.”

आधिकारिक स्रोत पते:

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से पुणे में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, बौद्धिक संपदा सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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