श्रीनगर में सर्वश्रेष्ठ विवाह वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Legal Surface Law Firm Advocate in Srinagar

Legal Surface Law Firm Advocate in Srinagar

15 minutes मुफ़्त परामर्श
श्रीनगर, भारत

2003 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
English
Hindi
Urdu
नागरिक कानून अभ्यासलीगल सरफेस - लॉ फर्मलीगल सरफेस - लॉ फर्म श्रीनगर कश्मीर में नागरिक कानून में विशेषज्ञता रखने...
जैसा कि देखा गया

भारत विवाह वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें विवाह के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या विवाह को शून्य और शून्य घोषित किया जा सकता है?
विवाह परिवार तलाक और अलगाव
मैं फ्रेंच हूं और फ्रांस में रहती हूं। मैंने भारत के हाथरस में एक भारतीय से शादी की थी। वह दिल्ली के टैगोर गार्डन में रहता है। उसने मेरे साथ धोखा किया और वह वीजा तथा पैसों में रुचि रखता था। उसने एक नकली शादी का कार्ड बनाया, मुझसे कुछ...
वकील का उत्तर LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH द्वारा

आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर यह विवाह शुरू से ही शून्य है और इसे भारतीय परिवार न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किया जा सकता हैजैसा कि आपने बताया, चूंकि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत बिना वैध...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर

1) श्रीनगर, भारत में विवाह कानून के बारे में

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के भीतर स्थित एक महत्त्वपूर्ण शहर है, जहाँ विवाह के नियम स्थानीय आयामों के साथ भारतीय कानून से संचालित होते हैं। इस क्षेत्र में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत विभिन्न समुदायों के विवाह के लिए अलग-अलग वैधानिक मार्ग हैं। विश्वास-आधारित व्यक्तिगत नियम और केंद्रीय अधिनियम दोनों की भूमिका रहती है।

मुख्य तौर पर हिन्दू विवाह अधिनियम 1955, विशिष्ट विवाह अधिनियम 1954 और मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियात) अधिनियम 1937 जैसे कानून लागू होते हैं। साथ ही विवाह पंजीकरण जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए केंद्र और राज्य के दिशानिर्देश भी प्रभाव डालते हैं।

नया संदर्भ जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक व्यवस्था में हाल के बदलावों के कारण केंद्रीय अधिनियमों की योग्यता और अनुप्रयोग क्षेत्र स्पष्ट रूप से महत्त्वपूर्ण हो गये हैं।

“An Act to amend and codify the law relating to marriage among Hindus.”

संदर्भ: Hindu Marriage Act, 1955 (आधिकारिक पाठ) - आधिकारिक स्रोतों पर शब्द-शब्द पाठ उपलब्ध है।

“An Act to provide for the civil form of marriage in certain cases.”

संदर्भ: Special Marriage Act, 1954 (आधिकारिक पाठ) - संबन्धित अधिनियम के पाठ से लिया गया उद्धरण।

“An Act to enforce the provisions of the Muslim Personal Law in matters relating to marriage, succession and inheritance.”

संदर्भ: Muslim Personal Law (Shariat) Act, 1937 (आधिकारिक पाठ) - पाठ से उद्धरण।

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

विवाह कानून जटिल और समुदाय-विशिष्ट हो सकता है। कानूनी सलाहकार की सहायता से सही रास्ता चुनना आसान रहता है।

श्रीनगर-के निवासियों के लिए निम्न वास्तविक-से-स्थिति परिदृश्य महत्वपूर्ण हैं:

  • Inter-faith विवाह - हिन्दू- मुस्लिम दंपति Special Marriage Act के तहत विवाह पंजीकरण के लिए वकील की सलाह लेते हैं।
  • Muslim पर्सनल लॉ से जुड़े विवाह-प्रश्न - डिक्री, अधिकार-रन्नाम और विरासत-सम्बन्धी मुद्दों पर न्यायिक मार्गदर्शन जरूरी होता है।
  • रेजिडेंसी-आधारित विवाह - अगर दंपति एक या दोनों पक्ष विदेशी-नागरिक हैं, तो पंजीकरण और प्रमाण-पूर्वक दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं।
  • विवाह-रजिस्ट्रेशन के मुद्दे - पंजीकरण-सम्बन्धी त्रुटियाँ, नागरिकता-प्रमाण, आयु-उचित विवाह आदि पर सहायता चाहिए।
  • घरेलू-निवारण और सुरक्षा - तलाक, विवाह-विच्छेद, मौलिक अधिकारों के मुद्दे पर वैधानिक सलाह बेहद महत्त्वपूर्ण है।
  • स्थानीय अदालतों में दायर शिकायतें - किसी प्रकार का विवाद हो तो श्रीनगर जिला न्यायालय में वकील की आवश्यकता रहती है।

इन स्थितियों में एक अनुभवी अधिवक्ता, कानूनी सलाहकार या कानून-परामर्शदाता के बिना लाभ कम होता है। वे मार्गदर्शित कर सकते हैं कि कौन सा कानून लागू होगा और क्या-क्या दस्तावेज चाहिए।

व्यावहारिक सलाह - श्रीनगर निवासियों के लिए, शुरूआत में समुदाय-विशिष्ट कानून के साथ केंद्र-आयुक्त अधिनियमों को मिलाकर देखना उचित रहता है।

3) स्थानीय कानून अवलोकन

श्रीनगर में विवाह को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानूनों के नाम नीचे दिए गये हैं। इनका क्रियान्वयन जम्मू-कश्मीर UT के अंतर्गत होता है।

  • Hindu Marriage Act, 1955 - हिंदू विवाहों के लिए केंद्रीय कानून।
  • Special Marriage Act, 1954 - Inter-faith और inter-community विवाह के लिएCivil form विकसित करता है।
  • Muslim Personal Law (Shariat) Act, 1937 - मुस्लिम विवाह, विरासत आदि मामलों में मुस्लिम पर्सनल लॉ को लागू करता है।

इन कानूनों के अलावा जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सुधारों के परिणामस्वरूप UT-स्तर पर पंजीकरण और प्रमाण-प्रक्रिया भी महत्त्वपूर्ण हो गई है।

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में विवाह के लिए किन कानूनों की आवश्यकता है?

यह सवाल व्यक्ति की धार्मिक पृष्ठभूमि पर निर्भर है। सामान्यतः हिन्दू-रेड-कलैक्शन के लिए Hindu Marriage Act, अन्य समुदायों के लिए Special Marriage Act या मुस्लिम-परसन लॉ लागू होते हैं।

Inter-faith विवाह के लिए क्या प्रक्रिया है?

Inter-faith विवाह के लिए Civil form में प्रमाण-प्रमाण प्रस्तुत कर Special Marriage Act के अंतर्गत पंजीकरण किया जाता है।

क्या पंजीकरण अनिवार्य है?

हाँ, अधिकांश मामलों में विवाह-रजिस्ट्रेशन आवश्यक होता है ताकि कानूनी अधिकार और सुरक्षित विवाह के प्रमाण मिलें।

क्या विवाह के बाद नाम-परिवर्तन् संभव है?

हाँ, विवाह के बाद पुत्र-नाम में परिवर्तन, पति-जीवन-नाम संयोजन आदि के लिए अदालत में आवेदन किया जा सकता है।

दृष्टिज्ञान से किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?

आयु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, domicile प्रमाण, विवाह-चिह्न आदि आवश्यक हो सकते हैं।

क्या तलाक के बाद पुनर्विवाह संभव है?

तलाक के बाद कानूनी तौर पर पुनर्विवाह संभव है, पर तलाक-सम्बन्धी आदेश और अवधि-सम्बन्धी कानूनों को ध्यान में रखना जरूरी है।

शिशु-रक्षा और बच्चों के अधिकार कैसे निर्धारित होते हैं?

पिता-मैथुन, संपत्ति, अधिकार आदि मामलों में कानून-निर्देश लागू होते हैं, और विवाह-सम्बन्धी दस्तावेज़ उनके अधिकारों को प्रमाणित करते हैं।

क्या विदेश निवासियों के लिए विशेष प्रावधान हैं?

विदेशी-नागरिकों के लिए Special Marriage Act लागू हो सकता है; प्रमाण-पत्र और विदेश-नागरिकता से जुड़ी मांगें अलग हो सकती हैं।

विवाह-रजिस्ट्रेशन में कहाँ आवेदन दें?

जम्मू-कश्मीर UT के जिले के लोक-आवेदन कार्यालय या तहसील कार्यालय में आवेदन किया जाता है; कुछ मामलों में जिला न्यायालय से भी सहायता मिलती है।

कौन-सी अदालतें इनमें फैसले सुनाती हैं?

श्रीनगर में जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार मिलते हैं; दायराओं की प्रकिया पर अधिवक्ता मार्गदर्शन लाभदायक रहता है।

कब तक विवाह पंजीकृत प्रक्रिया पूरी हो जाती है?

आमतौर पर कई हफ्तों में पंजीकरण हो सकता है; यह दस्तावेज़, आयु-प्रमाण और स्थानीय प्रशासन की जांच पर निर्भर है।

क्या कानूनी सहायता मुफ्त मिल सकती है?

हां, NALSA या राज्य-स्तरीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुफ्त या कम-शुल्क वकील-सेवा उपलब्ध हो सकती है।

क्या विवाह के दौरान सुरक्षा-प्रणालियाँ उपलब्ध हैं?

हाँ, विवाह से जुड़ी सुरक्षा, तलाक-उचित प्रक्रियाएँ और सुरक्षा-नोटिस डिपार्टमेंट द्वारा मदद मिल सकती है।

5) अतिरिक्त संसाधन

नीचे श्रीनगर-आधारित विवाह से जुड़ी कुछ विश्वसनीय संस्थाएं दी गई हैं।

  • High Court of Jammu & Kashmir - न्यायिक फैसलों और परिवार कानून से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत।
  • District Legal Services Authority, Srinagar - मुफ्त कानूनी सहायता और मार्गदर्शन दर्शाता है।
  • NALSA (National Legal Services Authority) - राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी सहायता के लिए आधिकारिक पोर्टल।

उपयोगी आधिकारिक पन्ने:

6) अगले कदम

  1. अपनी स्थिति और मूल-धर्म जानें ताकि कौन सा कानून लागू होगा यह स्पष्ट हो।
  2. आवश्यक दस्तावेजों की सूची बनाएं और संग्रहीत रखें।
  3. श्रीनगर क्षेत्र के 2-3 अनुभवी विवाह अधिवक्ताओं से मिलें और चयन करें।
  4. पहली परामर्श में उनके अनुभव, फीस-रचना और सफलता-रिकॉर्ड पूछें।
  5. फॉर्मेलिटी, दस्तावेज़ और समय-रेखा पर एक स्पष्ट योजना बनाएं।
  6. यदि आवश्यक हो तो पंजीकरण या अदालत-प्रक्रिया के लिए नियुक्त तारीख तय करें।
  7. सजग रहें और किसी भी बदलाव पर अपने वकील से नियमित संपर्क बनाए रखें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से श्रीनगर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, विवाह सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

श्रीनगर, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।