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क्या विवाह को शून्य और शून्य घोषित किया जा सकता है?
विवाह परिवार तलाक और अलगाव
मैं फ्रेंच हूं और फ्रांस में रहती हूं। मैंने भारत के हाथरस में एक भारतीय से शादी की थी। वह दिल्ली के टैगोर गार्डन में रहता है। उसने मेरे साथ धोखा किया और वह वीजा तथा पैसों में रुचि रखता था। उसने एक नकली शादी का कार्ड बनाया, मुझसे कुछ...
वकील का उत्तर LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH द्वारा

आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर यह विवाह शुरू से ही शून्य है और इसे भारतीय परिवार न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किया जा सकता हैजैसा कि आपने बताया, चूंकि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत बिना वैध...

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1 उत्तर

1. उदयपुर, भारत में विवाह कानून के बारे में

उदयपुर ऐसे क्षेत्र में है जहाँ विवाह कानून কেন্দ্র सरकार के अधिनियमों के अनुसार चलते हैं। हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन आदि समुदायों के लिए अलग नियम लागू होते हैं। प्रमुख कानूनों में हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 और विशेष विवाह अधिनियम 1954 अहम हैं।

जिला न्यायालय उदयपुर विवाह से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है और मामलों की प्रक्रिया स्थानीय अदालतों से संचालित होती है। राज्य स्तर पर नालसा और राजस्थान राज्य विधिक सेवाएं भी सहायता प्रदान करती हैं। ऐसी स्थिति में सही अधिवक्ता के चयन से प्रक्रिया आसान हो जाती है।

उद्धरण

“Preamble of Hindu Marriage Act 1955: An Act to amend and codify the law relating to marriage among Hindus.”
Source: https://legislation.gov.in

“Preamble of Special Marriage Act 1954: An Act to provide for the civil marriage of persons irrespective of the religion of the parties.”
Source: https://legislation.gov.in

“Preamble of Indian Divorce Act 1869: An Act to provide for the dissolution of the marriage of Christians.”
Source: https://legislation.gov.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

विवाह से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ कानूनी सलाह जरूरी हो सकती है ताकि सही अधिनियम लागू हो सके और अधिकार सुरक्षित रह सकें। नीचे 4-6 विशिष्ट परिस्थितियाँ दी गई हैं जो उदयपुर से संबंधित हो सकती हैं।

  • Inter-religion विवाह की योजना हो और आप Civil Marriage Act के तहत पंजीकरण चाहते हों।
  • विवाह से पहले आयु प्रमाण, अभिभावक अनुमती या प्रावधानों में किसी गलती पर कानूनी सहायता चाहिए हो।
  • व्यवहारिक घरेलू हिंसा या दहेज़ के आरोप हो और DV Act के अंतर्गत सुरक्षा मांगनी हो।
  • द्वितीय विवाह से जुड़े अधिकार, तलाक या प्रतिग्रहण के लिए अदालत के आदेश की जरूरत हो।
  • पंजीकरण, संपत्ति अधिकार या वसीयत में विवाह का प्रभाव स्पष्ट करना हो।
  • विवाह रजिस्ट्रेशन, बच्चे की अधिकार-संरचना या पितृत्व संबंधी मामले चल रहे हों।

इन परिस्थितियों में एक अनुभवी अधिवक्ता या कानूनी सलाहकार के मार्गदर्शन से बेहतर नतीजे मिलते हैं। उदयपुर में स्थानीय अदालतों के नियमों से अवगत वकील आपके पक्ष को मजबूत कर सकता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

उदयपुर में विवाह से जुड़े अधिकांश मामलों के लिए निम्न कानून लागू होते हैं।

  • हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 - हिन्दू व्यक्तियों के बीच विवाह के मान्य प्रावधान और प्रक्रिया निर्धारित करता है।
  • विशेष विवाह अधिनियम 1954 - विभिन्न धर्मों के व्यक्तियों के लिए नागरिक विवाह की व्यवस्था देता है, बिना धर्मगत रस्म के।
  • भारतीय डाइवोर्स अधिनियम 1869 - ईसाई समुदाय के लिए विवाह के dissolved या घटित होने केằ लिए नियम बताता है।

उदयपुर के स्थानीय प्रशासन और जिला न्यायालय इन अधिनियमों के अनुसार मामलों की सुनवाई करते हैं। साथ में, राजस्थान के कानूनी सेवाओं के उपाय भी resident-help के लिए उपलब्ध हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तलाक या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न क्या हैं?

तलाक के लिए 1955 के हिन्दू विवाह अधिनियम या 1954 के विशेष विवाह अधिनियम के तहत मुकदमा दायर किया जा सकता है। कोर्ट में घोषणात्मक आदेश चाहिए होते हैं।

क्या विवाह पंजीकरण अनिवार्य है?

विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत civil marriage पंजीकरण अनिवार्य होता है। हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण आवश्यक नहीं माना जाता, लेकिन आवश्यक दस्तावेज जरूरी रहते हैं।

मुझे कौन से दस्तावेज चाहिए होंगे?

आमतौर पर पहचान पत्र, आयु प्रमाण, निवास प्रमाण, विवाह के पक्षकारों के आधार कार्ड/पासपोर्ट, फोटो और आवश्यक प्रमाणपत्र शामिल होते हैं।

उदयपुर में inter-faith विवाह कैसे करें?

Inter-faith विवाह के लिए विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण कराया जा सकता है। स्थानीयकरण के अनुसार दस्तावेज अलग हो सकते हैं।

डिफॉल्ट से जुड़ी डाक्यूमेंटेशन क्या है?

दस्तावेजी त्रुटियाँ होने पर कोर्ट से समय-सीमा दी जा सकती है। सही प्रमाण-पत्र की उपलब्धता जरूरी रहती है।

क्या DV Act के लिए शिकायत संभव है?

जी हाँ. घरेलू हिंसा के मामलों में सुरक्षा आयोग और अदालत से फौरन सुरक्षा आदेश मिल सकता है।

विवाह के बाद नाम परिवर्तन कैसे किया जा सकता है?

पैन, आधार, बैंक खातों आदि में नाम परिवर्तन के लिए विवाह प्रमाणपत्र और पहचान दस्तावेज चाहिए होते हैं।

क्या विदेशी नागरिकों के लिए शादी संभव है?

Special Marriage Act के तहत विदेशी नागरिक भी भारत में नागरिक विवाह कर सकते हैं, बशर्ते सभी कानूनी शर्तें पूरी हों।

क्या विवाह के लिए उम्र मानक क्या हैं?

पुरुष के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिला के लिए 18 वर्ष निर्धारित है; कुछ समुदायों के अनुसार अपवाद बतौर स्थानीय नियम हो सकते हैं।

विवाह का कौन सा भाग अदालत द्वारा माना जाएगा?

विवाह के प्रकार के अनुसार अदालत तलाक, विरासत, बच्चों के अधिकार आदि मामलों में निर्णय सुनाती है।

क्या वृद्धावस्था या मोरेट्टी के बारे में शिकायत हो तो क्या करें?

ऐसे मामलों में स्थानीय विधिक सहायता संस्थाओं से संपर्क कर पूर्व-न्यायिक सलाह ली जा सकती है।

स्थानीय कानून क्या स्थानीय अदालत में लागू होते हैं?

हाँ, उदयपुर के जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा लागू कानून स्थानीय क्षेत्र पर निर्भर होते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - free legal aid और guidance
  • Rajasthan State Legal Services Authority (RSLSA) - राज्य स्तर पर सहायता
  • District Legal Services Authority, Udaipur - जिले स्तर पर क्लीनिक और सहायता

Official links:

6. अगले कदम

  1. अपने विवाह स्थिति के अनुसार सही अधिनियम का चयन करें।
  2. जरूरी दस्तावेज सूची बना कर व्यवस्थित करें।
  3. उदा में स्थानीय वकील या कानूनी सलाहकार से पहले से मिलें।
  4. NALSA या RSLSA के माध्यम से मुफ्त या सस्ती सहायता के विकल्प देखें।
  5. अगर विवाह पंजीकरण या तलाक का मुद्दा है तो अदालत के समक्ष रणनीति तय करें।
  6. स्थानीय अदालत के समय-सीमा और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी लें।
  7. कानूनी प्रतिनिधि की मदद से सभी डॉक्यूमेंट्स सक्षम और प्रमाणित रखें।

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