मधुबनी में सर्वश्रेष्ठ विलय और अधिग्रहण वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
मधुबनी, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. मधुबनी, भारत में विलय और अधिग्रहण कानून के बारे में: [ मधुबनी, भारत में विलय और अधिग्रहण कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

भारत में विलय और अधिग्रहण (M&A) कानून का दायरा केंद्र सरकार के अधिकार-क्षेत्र में है और राज्यों के निर्देशों के साथ संयुक्त रूप से लागू होता है। मधुबनी जैसे जिले के व्यवसायों के लिए यह जरूरी है कि वे केंद्रीय कानूनों के अनुरूप कार्य करें। स्थानीय पंजीकरण, संवर्धन, और व्यवसाय-नियमन भी इन प्रक्रियाओं से सीधे जुड़े रहते हैं।

मुख्य कानूनों के अंतर्गत निर्णय-प्रक्रिया, शेयर-आधारित लेनदेन, और संरचना-खाका बनते हैं। नियामक मंजूरी पाने के लिए समय-सारिणी, दस्तावेज़ीकरण और सार्वजनिक घोषणा जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य हैं। क्षेत्रीय नियमों से जुड़ी संवेदी जानकारी भी प्रत्येक कदम में अहम होती है।

“A scheme of merger or amalgamation shall be approved by the National Company Law Tribunal under sections 230-232 of the Companies Act, 2013.”

Source: Ministry of Corporate Affairs (MCA) - Companies Act, 2013

“The Takeover Regulations require an acquirer to make a public announcement and open offer to the target company's shareholders when certain thresholds are crossed.”

Source: Securities and Exchange Board of India (SEBI) - Takeover Regulations

“No combination shall be allowed if it causes an appreciable adverse effect on competition.”

Source: Competition Commission of India (CCI) - Competition Act

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [ विलय और अधिग्रहण कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। मधुबни, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें ]

  • कंपनी-स्तर की योजना बनाते समय 4-6 महीनों के भीतर संरचना तय करनी होती है। इनमें लीगल डिज़ाइन, टैक्स इंटीग्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट ड्यू डिलीज शामिल हैं।

  • Due diligence के दौरान सैकड़ों दस्तावेज़ की जाँच और तथ्य-आधारित निर्णय चाहिए होते हैं। मधुबनी जैसे छोटे शहरों में जानकारी जुटाने में क़ानूनी सलाहकार मदद करते हैं।

  • एक से अधिक राज्यों में शाखाएं हों तो स्थानीय नियमों का समन्वय आवश्यक हो सकता है, जिसमें मौजूदा अनुबंधों की वैधता भी जाँचना पड़ता है।

  • किशोर-परिवारिक व्यवसायों में विरासत-टकराव और नियंत्रण-संरचना के मुद्दे उत्पन्न होते हैं, जिन्हें स्पष्ट समझौते से हल करना जरूरी है।

  • अगर लक्षित कंपनी सूचीबद्ध है तो SEBI के साथ ओपन-ऑफर और प्रकटीकरण आवश्यक होते हैं। ऐसे नियमों में अनुभव वाले अधिवक्ता अनिवार्य होते हैं।

  • Distressed-asset M&A या IBC-लेन-देन की स्थिति में त्वरित निर्णय और पैनी due diligence की आवश्यकता होती है, जिसमें विशेषज्ञ वकील सहायक होते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ मधुबनी, भारत में विलय और अधिग्रहण को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  1. Companies Act, 2013 - M&A के लिए schemes ऑफ कॉम्प्रोमाइज या arrangements के लिए NCLT की मंजूरी आवश्यक है; Sections 230-232 इस संदर्भ के केंद्र-खंड हैं।

  2. SEBI Takeover Regulations, 2011 - लक्षित कंपनी के शेयरधारकों के लिये ओपन ऑफर की शर्तें और प्रकटीकरण नियम स्पष्ट करते हैं।

  3. Competition Act, 2002 - संयुक्त-प्रवर्तनों पर CCI की निगरानी और अप्रत्यक्ष प्रभावों पर रोक के नियम लागू होते हैं।

इन केंद्रीय कानूनों के अलावा Restricted cross-border मामलों में FEMA 1999 के प्रावधान भी लागू होते हैं, ताकि विदेशी निवेश और वित्तीय लेनदेन नियमन मिलें। मधुबनी निवासियों के लिए स्थानीय अधिकारी/कानून के अनुसार उचित पंजीकरण और पंजीकरण-निभारण अनिवार्य हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [ 10-12 प्रश्न-उत्तर ]

एमएंडए क्या होता है?

विलय और अधिग्रहण दो प्रमुख प्रकार के लेन-देन हैं। कंपनियाँ मिलकर एक नई इकाई बनाती हैं या एक दूसरी कंपनी को खरीद लेती हैं। यह प्रायः शेयर-आधारित और संरचनात्मक समझौते के साथ होता है।

Open Offer कब और क्यों देना पड़ता है?

जब किसी व्यापारी ने लक्षित कंपनी के शेयरों पर नियंत्रण प्राप्त या बढ़ाया, तो SEBI Takeover Regulations के अनुसार Open Offer देना आवश्यक हो सकता है। thresholds पार करने पर सार्वजनिक घोषणा भी अनिवार्य है।

क्या मधुबनी में स्थानीय नियमों का कोई विकल्प है?

धारणात्मक तौर पर M&A के अधिकांश नियम केन्द्र-आधारित हैं; पर जिला-स्तर पर पंजीकरण, फायनेंशियल रिकॉर्डिंग और कॉरपोरेट पोजिशनिंग स्थानीय पर्यवेक्षण के अधीन रहते हैं।

CSR और पब्लिक-घोषणाओं की माँग कैसे पूरी होती है?

कई M&A मामलों में पब्लिक एनेंसमेंट, due diligence और शेयरधारक-समझौते की कड़ियाँ सार्वजनिक हित से जुड़ी होती हैं। यह SEBI और MCA के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए।

कौन-सी कंपनी-स्थिति पर CCI की मंजूरी जरूरी होती है?

अगर विलय-यान या संयोजन से बाजार-प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव पड़े, तो CCI की पूर्व-आम मंजूरी आवश्यक होती है। Thresholds और स्वीकृति की प्रक्रियाएं कानून के अनुसार तय हैं।

IBC के तहत डिस्टRESSED-एसेट M&A कैसे विभाजित होते हैं?

IBC 2016 के अंतर्गत दिवालियापन-समाधान के लिए खुले-आम प्रस्ताव और चयनित समाधान प्रक्रिया निर्धारित होती है। इससे मूल्यांकन और दायित्वों का स्पष्ट वितरण संभव होता है।

Cross-border M&A में क्या-क्या जरूरी होता है?

FEMA 1999 के अंतर्गत आवक-निर्यात लेन-देन, पूंजी प्रवाह के स्पष्ट रिकॉर्ड और विदेशी निवेशक के साथ अनुबंध जरूरी होते हैं। RBI के निर्देश भी लागू हो सकते हैं।

क्या निजी कंपनियाँ भी M&A कर सकती हैं?

हाँ, निजी कंपनियाँ भी merger से संरचना परिवर्तन कर सकती हैं। परन्तु कोर्ट-या ट्रिब्यूनल-स्वीकृति, शेयरधारक-समझौते, और अनुशासनात्मक नियम लागू होते हैं।

मदद लेने के लिए कौन सा वकील चाहिए?

कानूनी सलाहकार, अधिवक्ता या corporate lawyer जो M&A, SEBI, RBI, और CCI जैसे विषयों में विशेषज्ञ हो, श्रेष्ठ रहेगा।

ड्यू डिलीजेंस कितने चरण में पूरा होता है?

दस्तावेज़-रिपोर्टिंग, वित्तीय-अध्ययन, कानूनी जोखिम मूल्यांकन और कॉन्ट्रैक्ट-रेव्यू के क्रमिक चरण होते हैं। समय-सीमा लेन-देन के अनुसार बदलती है।

Public Announcement और Disclosure के मापदंड क्या हैं?

यह मापदंड-regulation के अनुसार निर्धारित होते हैं और उपलब्ध-शेयरहोल्डिंग, नियंत्रण-स्थिति, और मूल्यांकन-परिणामों पर निर्भर करते हैं।

मैं Madhubani-आधारित कंपनी के लिए क्या-क्या तैयारियाँ करूं?

पहले एक स्पष्ट M&A-लक्ष्य निर्धारित करें, फिर देय-ड्यू-डिलीजेंस-योजना बनाएं, और स्थानीय सलाहकार के साथ कदम-चरण के अनुसार रजिस्ट्रेशन करें।

कानूनी खर्च कितना होता है?

कानूनी शुल्क, due diligence, और regulator फीस इस प्रकार के लेन-देन में खर्चों का हिस्सा होते हैं। आकार के अनुसार लागत में बड़ा अंतर आ सकता है।

5. अतिरिक्त संसाधन: [ विलय और अधिग्रहण से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं ]

6. अगले कदम: [ विलय और अधिग्रहण वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया ]

  1. अपने M&A लक्ष्य और उद्योग-क्षेत्र को स्पष्ट करें।

  2. स्व-संरचना दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और कॉन्ट्रैक्ट एकत्र करें।

  3. मधुबनी-आधारित कानून-परामर्शदाता से प्राथमिक संपर्क करें और उपलब्धता जाँचें।

  4. कानूनी काउंसिल के अनुभव, फास्ट-ट्रैक ड्यू डिलीजेंस और फीस-स्टैक्चर समझें।

  5. SEBI, MCA और CCI के प्रावधानों के अनुरूप तैयारी की रूपरेखा बनाएं।

  6. एनसीएलटी, कोर्ट-आधा कदम और ट्रांजैक्शन-टाइमलाइन निर्धारित करें।

  7. एग्रीमेंट-ड्राफ्टिंग और disclosure-रेडिंग के साथ अंतिम समाधान करें।

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