बलिया में सर्वश्रेष्ठ खनन कानून वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
बलिया, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. बलिया, भारत में खनन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

बलिया, उत्तर प्रदेश में खनन कानून केंद्रीय MMDR Act और राज्य स्तर के नियमों से नियंत्रित होता है. बलिया जिले के पास बालू, बजरी और पत्थर जैसे छोटे खनिज मुख्य रूप में मिलते हैं. खनन के लिए prospecting license, mining lease और permits MMDR Act के अंतर्गत मिलते हैं. राज्य सरकार Minor Minerals Concession Rules से अनुमति देती है.

परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव के लिए Environmental Clearance आवश्यक हो सकता है. बड़े खनन परियोजनाओं को EIA की मंजूरी मिलनी चाहिए. स्थानीय प्रशासन नियमों की निगरानी करता है और अनुपालन सुनिश्चित करता है.

“An Act to provide for the development and regulation of mines and minerals, for the grant of prospecting licenses, permits and leases thereof, and for matters connected therewith.”

Source: Mines and Minerals Development and Regulation Act, 1957. Official text: https://www.indiacode.nic.in

“Environmental Clearance is required for mining projects under the EIA Notification, 2006.”

Source: Environmental Impact Assessment (EIA) Notification, 2006. Official page: https://moef.gov.in

“The National Mineral Policy 2019 aims to stimulate the mining sector while ensuring sustainable development and value addition.”

Source: National Mineral Policy 2019. Official page: https://mines.gov.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • परिदृश्य 1: बलिया के नदी किनारे बालू खनन चल रहा है और लाइसेंस के बिना गतिविधियाँ हो रही हैं. आपराधिक और नागरिक दायित्व उजागर हो सकते हैं. वकील आपके लिए सही लाइसेंसिंग और निषेधाज्ञाओं को क्लियर कर सकता है.

  • परिदृश्य 2: मौजूदा खनन लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई है और नवीकरण के लिए दस्तावेज़ आवश्यक हैं. कानून के अनुसार सही प्रक्रियाओं के साथ आगे बढ़ना जरूरी है.

  • परिदृश्य 3: पर्यावरणीय क्लियरेंस में देरी हो रही है और परियोजना प्रभावित हो रही है. कानूनी सलाह आपको समयसीमा और मानकों के अनुसार ड्राफ्टिंग में मदद करेगी.

  • परिदृश्य 4: वन भूमि पर खनन की स्थिति में Forest Clearance और संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है. गलत कदम से दंड या रोकथाम हो सकती है.

  • परिदृश्य 5: किसान-स्वामित्व वाले भूखंड पर खनन-राजस्व और रॉयल्टी भुगतान पर विवाद है. वकील रॉयल्टी रेकॉर्ड और अनुबंधों की समीक्षा कर सकता है.

  • परिदृश्य 6: अवैध खनन के खिलाफ प्रशासनिक प्रदर्शन बढ़ रहा है. कानूनी गाइडेंस से गिरफ्तारी, एफआईआर, न्यायिक अर्जी आदि उचित कदम तय होते हैं.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Mines and Minerals Development and Regulation Act, 1957 (MMDR Act) - केंद्रीय कानून, खनन के लिए लाइसेंस, पट्टा और निगरानी के प्रवधान देता है.
  • उत्तर प्रदेश Minor Minerals Concession Rules - राज्य स्तर पर छोटे खनिजों के लिए अनुमति और अनुज्ञप्तियाँ निर्धारित करता है.
  • Forest Conservation Act, 1980 - वन भूमि पर खनन होने पर वन clearance और विशेष अनुमति अनिवार्य बनाता है.
  • Environment Protection Act, 1986 - पर्यावरण सुरक्षा के लिए मानदंड और पर्यावरणीय मंजूरी से जुड़े दायित्व तय करता है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खनन लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?

MMDR Act के अंतर्गत prospecting license और mining lease के लिए आवेदन दें. राज्य नियम और दस्तावेज़ी प्रमाण आवश्यक होते हैं. आवेदन में भूमि रिकॉर्ड, पहचान-पत्र, जमीन का क्षेत्र-विवरण और पर्यावरण योजना शामिल करें.

क्या सभी खनन परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी चाहिए?

आमतौर पर बड़े परियोजनाओं के लिए EIA मंजूरी आवश्यक है. Category A और B परियोजनाओं पर MOEFCC की स्वीकृति मानक है. छोटे खनन के लिए भी स्थानीय नियम लागू हो सकते हैं.

अगर खनन अवैध है तो मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस को शिकायत दें. MoEFCC और UPPCB के आधिकारिक हेल्पलाइन से नोटिस दें. आप अदालत में कानूनी मदद से अवैध खनन रोकथाम के उपाय ले सकते हैं.

कैसे पता करें कि लाइसेंस-रॉयल्टी सही से भुगतान हो रहा है?

लाइसेंस की शर्तों के अनुसार रॉयल्टी-रिपोर्ट IBM और राज्य खनन विभाग में दर्ज होती है. कंपनियाँ मासिक/त्रैमासिक रिटर्न देती हैं. आप खनन विभाग से रॉयल्टी रिकॉर्ड मांग सकते हैं.

अगर मेरा खेत खनन क्षेत्र के पास है, क्या सुरक्षा या क्षतिपूर्ति मिलेगी?

किसानों और मालिकों के अधिकार कानून में संरक्षित हैं. अनुबंध, क्षतिपूर्ति और पुनर्वास के नियम MMDR Act और राज्य कानूनों के अधीन आते हैं. वकील उचित दावा और विवाद समाधान सुझाएगा.

खनन परियोजनाओं के लिए Forest Clearance कब चाहिए?

Forest Clearance तभी आवश्यक है जब खनन भूमि Forest land हो और वन क्षेत्र प्रभावित होता हो. यह प्रक्रिया Forest Conservation Act के अनुसार होती है.

खनन नियमों में स्थानिय स्तर पर कौन से विभाग मदद करते हैं?

District Administration, IBM, MOEFCC और UPPCB प्रमुख जिम्मेदार संस्थान हैं. वे अनुपालन, अनुमति और पर्यावरण निगरानी करते हैं.

यदि लाइसेंस रद्द किया गया हो, तो क्या विकल्प हैं?

लाइसेंस रद्द होने पर appeal या Review petition दायर की जा सकती है. उच्च न्यायालय या न्यायाधिकरण के समक्ष कानूनी मार्ग उपलब्ध रहते हैं.

कैसे शुरू करें לפרामाणिक कानूनी सहायता?

स्थानीय खनन वकील, एडवोकेट या कानूनी फर्म से शुरुआती परामर्श लें. दस्तावेज़-संरचना, शुल्क-निर्धारण और समयरेखा स्पष्ट करें.

खनन कानून में हाल के परिवर्तन क्या हैं?

MMDR Act में 2015 के संशोधनों ने ब्लॉक आंवटन और矿न पट्टों के निर्माण में बदलाव किया. 2019-20 के नीति-परिवर्तन ने सतत् विकास और मूल्य-वर्धन पर बल दिया.

Ballia निवासियों के लिए व्यावहारिक टिप्स क्या हैं?

स्थानीय नियमों के अनुसार खनन-स्थिति पर निगरानी रखें. पर्यावरण और कृषि-उपज पर प्रभाव से जुड़ी शिकायत NGOs या जिला प्रशासन से मिलकर दर्ज कराएं. केवल मान्य लाइसेंस के साथ ही गतिविधियाँ करें?

5. अतिरिक्त संसाधन

6. अगले कदम

  1. अपनी खनन आवश्यकताओं को स्पष्ट करें-कौन सा खनिज, कितनी मात्रा, किस अवधि के लिए चाहिये.
  2. ख़नन-परियोजना से जुड़े दस्तावेज़ इकट्ठे करें-खतौनी, जमीन-स्वामित्व, environmental plan आदि.
  3. बलिया में खनन कानून में अनुभव रखे हुए वकील ढूंढें-पूर्व केस-रिपोर्ट देखें.
  4. पहला निःशुल्क या शुल्क-व्यवस्थित परामर्श लें-प्रमाण-पत्र, फीस-स्तर स्पष्ट करें.
  5. दस्तावेज़ और समयरेखा पर कानूनी सलाहकार के साथ अगला कदम निर्धारित करें.
  6. स्थानीय जिला प्रशासन और IPC/UPPCB के संपर्क-नंबर नोट कर लें-गाइडेंस के लिए तैयार रहें.
  7. एग्रीमेंट साइन करने से पहले सभी शर्तों की स्पष्ट पुष्टि कर लें-अनुदान, दायित्व और फीस संरचना.

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