सीतामढ़ी में सर्वश्रेष्ठ खनन कानून वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
सीतामढ़ी, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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सीतामढ़ी, भारत में खनन कानून कानून का संक्षिप्त अवलोकन

सीतामढ़ी जिला बिहार के उत्तर भाग में है और गांधीय नदी के किनारे स्थित है। यहाँ छोटे खनन गतिविधियाँ प्रमुख हैं, जैसे बालू, चूना पत्थर और अन्य मिनरल्स। केंद्र और राज्य कानून इन गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। यह गाइड खनन कानून, निवासियों के अधिकार और स्थानीय नियमों के बारे में संपूर्ण जानकारी देता है।

“The Mines and Minerals Development and Regulation Act, 1957 provides for regulation of mining, prospecting and development of minerals.”

केंद्रीय कानून के साथ ही राज्य के नियम भी प्रभावी हैं। बिहार में छोटे खनन के लिए राज्य-स्तरीय नियम लागू होते हैं, जिनका पालन सभी खनन संचालकों को करना अनिवार्य है। साथ ही पर्यावरण और समुदाय के हितों की सुरक्षा भी प्रमुख है।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • स्थानीय नदी किनारे अवैध खनन की शिकायत आते ही आप प्राथमिकी या शिकायत दर्ज कराना चाहेंगे। वकील आपकी दायर की गयी रिकॉर्डिंग सही-शुद्ध बनाते हैं।

  • नए खनन लीज के लिए आवेदन करते समय आपकी दायित्व और प्रक्रिया स्पष्ट करनी जरूरी है। एक कानूनी सलाहकार सही मार्गदर्शन दे सकता है।

  • खनन लाइसेंस के नवीकरण या स्थानांतरण के समय दस्तावेज़िकरण और शुल्क निर्धारण स्पष्ट चाहिए होता है। advokat आपकी कॉम्प्लायंस चेकलिस्ट बना सकता है।

  • royalty और अन्य राजस्व देयों में विवाद हो तो अदालत-प्रक्रिया के अनुरोधों तथा प्रस्तुतियों में सहायता चाहिए होगी।

  • पर्यावरण मंजूरी या सामाजिक प्रभाव आकलन से जुड़ी प्रक्रियाओं में देरी या असहमति होने पर कानूनी मदद आवश्यक होती है।

  • स्थानीय समुदाय के साथ समस्याओं, विस्थापन या मुआवजे के दावों में भी कानून-समझ वाला अधिवक्ता मदद कर सकता है।

स्थानीय कानून अवलोकन

  • Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 - यह केंद्रीय कानून है जो खनन, prospecting और खनिज के विकास के लिए नियम बनाता है।
  • Mineral Conservation and Development Rules, 1988 - MMDR अधिनियम के अनुरूप खनन के पर्यावरणीय और असर-आकलन को नियंत्रित करते हैं।
  • Bihar Minor Minerals Rules - बिहार राज्य के छोटे खनन के लिए लागू नियमों का समूह है; इनमें लीज, अनुमति, रॉयल्टी आदि निर्धारित होते हैं।

“Environmental clearance is required for mining projects as per the Environment Impact Assessment Notification, 2006.”
यह केंद्रीय नियम बताता है कि बड़े एवं कुछ प्रकार के खनन प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंजूरी आवश्यक होती है।

सीतामढ़ी में ये कानून स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लागू होते हैं। छोटे खनन की अनुमति स्थानीय डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय और डिपार्टमेंट ऑफ माइन्स एंड जियोलॉजी से मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीतामढ़ी में खनन लाइसेंस कैसे मिलता है?

आवेदन ऑनलाइन या कार्यालय के माध्यम से किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेज जैसे पहचान, भूमि स्वामित्व प्रमाण, आदि जमा करना अनिवार्य है।

क्या सभी खनन के लिए पर्यावरण मंजूरी चाहिए?

नहीं, केवल कुछ बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंजूरी अनिवार्य होती है। छोटे मिनरल्स के लिए अलग मानक हो सकते हैं।

खड़खड़ लाइसेंस/लीज की वैधता कितनी होती है?

कानून के अनुसार लीज की अवधि पर निर्भर है; सामान्यतः यह वर्षों तक हो सकती है, जिसे राज्य सरकार बढ़ा सकती है।

मॉडल रॉयल्टी कैसे निर्धारित होती है?

रॉयल्टी दर मौजूदा कानूनों के अनुसार निर्धारित होती है और रेलवे-कर के नियमों, शुल्कों के अनुसार लागू होती है।

अगर खनन से पर्यावरण नुकसान हो तो क्या करें?

प्रत्येक कर्मचारी और उद्यमी को पर्यावरण क्षति से जुड़ी शिकायत दर्ज करनी होगी। संबंधित अधिकारी जांच करते हैं और उचित मुआवजे के प्रावधान होते हैं।

स्थानीय समुदाय के विरोध से कैसे निपटना चाहिए?

कानूनी सलाहकार से मिलकर समाधान योजना बनाएं। सामाजिक आकलन, संवाद और सहमति पर आधारित समाधान अच्छे होते हैं।

यदि लाइसेंस रद्द कर दिया जाए तो क्या करें?

अपील/या समीक्षा याचिका दायर की जा सकती है। सलाहकार आपको उचित क़दम बताकर दाखिलगीरी संकलित कर देगा।

खनन के लिए ठेका किसे मिलता है?

राज्य सरकार द्वारा मापदंड स्पष्ट कर के ठेका जारी करती है। सामान्यतः स्थानीय कंपनियों को प्राथमिकता मिलती है।

घरेलू नज़रिए से किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होगी?

आवेदन, भूमि विवरण, पहचान प्रमाण पत्र, स्थानीय ग्राम पंचायत प्रमाण आदि आवश्यक होते हैं।

खनन साइट पर सुरक्षा नियम कैसे लागू होते हैं?

मजदूर सुरक्षा उपाय, वाहन-चालक मानक, पर्यावरण संरक्षण उपाय आवश्यक हैं।

बिहार में मिनर मिनरल्स के लिए स्थानीय राजस्व नियम क्या हैं?

राज्य-स्तरीय नियमों के अनुसार रॉयल्टी, लाइसेंस फीस और अनुपालन चार्ज तय होते हैं।

अतिरिक्त संसाधन

अगले कदम

  1. अपने खनन के प्रकार और साइट को स्पष्ट करें, जैसे बालू या चट्टान खनन।
  2. सन्‍धि-सम्बन्धी दस्तावेज़ एकत्र करें-खेत का भू-अभिलेख, पहचान, प्लान आदि।
  3. सीतामढ़ी जिले के डिप्टी कमीश्नर कार्यालय या डोजियर से लाइसेंस प्रक्रिया की रूपरेखा पूछें।
  4. कानूनी सलाहकार से मिलकर शुल्क, नवीकरण और आपत्कालीन कदम समझें।
  5. समुदाय और पर्यावरण प्रभाव आकलन की जरूरत जाँचें; यदि आवश्यक हो तो सामाजिक-पर्यावरण योजना बनाएं।
  6. इन दस्तावेज़ों के साथ आवेदन दें और समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करें।
  7. फॉलो-अप के लिए एक जिम्मेदार अधिवक्ता नियुक्त करें जो सभी चरणों की निगरानी करे।

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