जमशेदपुर में सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग होम में दुर्व्यवहार वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
जमशेदपुर, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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1. जमशेदपुर, भारत में नर्सिंग होम में दुर्व्यवहार कानून के बारे में: जमशेदपुर, भारत में नर्सिंग होम में दुर्व्यववहार कानून का संक्षिप्त अवलोकन

जमशेदपुर में वृद्ध देखभाल केंद्रों की संख्या बढ़ी है। ये केंद्र नगर के बहुतेरे हिस्सों में संचालित हैं।

दुर्व्यवहार में शारीरिक, मानसिक, वित्तीय शोषण और उपेक्षा शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत कानूनी सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

ऐसे मामलों में शिकायत के पहले चरण में अस्पताल-होम के रिकॉर्ड और गवाहों के बयान एकत्र करना अहम होता है। स्थानीय पुलिस थाना और नागरिक अदालतें अपकर्षित व्यवहार पर कार्रवाई कर सकती हैं।

“Elder abuse is a violation of human rights and dignity.”

“Deficiency in service by a service provider, including medical care, is actionable under the Consumer Protection Act, 2019.”

उद्धरण स्रोत: सरकार के आधिकारिक दस्तावेज और वेबसाइट्स से उद्धरण ऊपर दिखाए गए हैं।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: नर्सिंग होम में दुर्व्यवहार कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  • भौतिक दुर्व्यवहार-जमशेदपुर के Sakchi क्षेत्र में वृद्ध महिला के साथ शारीरिक क्रूरता की शिकायत दर्ज होती है। इससे चोटें दी गईं या चिकित्सा देखभाल में कमी हुई।

  • मानसिक या भावनात्मक अपमान-कर्मचारियों द्वारा डराने-धमकाने या जबरन चुप रहने के लिए दबाव बनाने के मामले सामने आते हैं।

  • उपेक्षा और चिकित्सा देखभाल में कमी-अनुपस्थित नर्सिंग स्टाफ या समय पर दवा नहीं देने की घटनाएं मिलीं।

  • वित्तीय शोषण-अधिक शुल्क वसूली, बिना स्पष्ट बिलिंग या अवैध दान शुल्क का आरोप लगते हैं।

  • अनचाहे हस्ताक्षर या सहमति के बिना हस्तांतरण-बिना पारिवारिक सहमति या जानकारी patient transfer की मांग उठती है।

  • गोपनीयता उल्लंघन- रोगी की व्यक्तिगत जानकारी गलत तरीके से साझा करना या रिकॉर्ड को रोके रखना।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: जमशेदपुर, भारत में नर्सिंग होम में दुर्व्यवहार को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007-यह कानून वरिष्ठ नागरिकों केMaintenance और संरक्षण के लिए ट्रिब्यूनल और एप्पलेट Authorities स्थापित करता है।

  • Indian Penal Code (IPC)-दुरुव्यवहार के मामलों में अपराध की धाराओं जैसे शारीरिक चोट, क्रूरता या डराने-धमकाने से जुड़ी धाराओं का प्रयोग किया जा सकता है।

  • Consumer Protection Act, 2019-नर्सिंग होम जैसे सेवाप्रदाता द्वारा सेवा में कमी होने पर शिकायत दायर की जा सकती है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नर्सिंग होम में दुर्व्यवहार कैसे पहचाने?

चिह्नों में बार-बार चोटों के निशान, दवा चूकना, भोजन-नींद की कमी, असहाय महसूस करना आदि शामिल हैं। परिवार के सदस्य अक्सर सूचना छिपाने से रोकते हैं। पहचान के लिए चिकित्सा रिकॉर्ड भी जाँचें।

कानूनन मैं कौन-सा अधिकारी या संस्था कहां रिपोर्ट करूं?

सबसे पहले स्थानीय पुलिस थाना और नजदीकी जिला न्यायालय से मार्गदर्शन लें। इसके बाद लोक शिकायत आडिट या चिकित्सा-उपभोक्ता विभाग को भी सूचना दें।

कौन सा प्रथम कदम हो सकता है?

सबसे पहले उम्र दर्ज, पहचान पत्र और मेडिकल रिकॉर्ड इकट्ठा करें। फिर एक प्रमाणित वकील या कानूनी सलाहकार से परामर्श लें।

क्या मुझे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए सुरक्षा मिलेगी?

जी हाँ, वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा के लिए कानून संरक्षण उपलब्ध है। शिकायत के अनुसार पुलिस उपयुक्त प्राथमिकी दर्ज करेगी।

क्या Nursing Home के लिए लाइसेंस जरूरी है?

हाँ, कई राज्यों में संचालक को लाइसेंस और निरीक्षण मानक पूरे करने होते हैं। जमशेदपुर भी Jharkhand के भीतर इस प्रकार के मानक लागू होते हैं।

उचित समयसीमा (समय-सीमा) क्या है?

घटना के प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर IPC केस के लिए ठहराव और शिकायत दायर करने की खिड़की निर्धारित होती है।

क्या मैं कानूनी सहायता मुफ्त में प्राप्त कर सकता हूं?

जी हाँ, भारत में कई राज्य-स्तरीय विधिक सहायता संरचनाएं उपलब्ध हैं। जिला-स्तर पर मुफ्त या कम-शुल्क मदद मिल सकती है।

क्या मैं परिवार के सदस्य की पहचान गुप्त रख सकता हूँ?

हां, प्रथम कदम पर पहचान गुप्त रखना संभव है। अदालत या पुलिस के निर्देशानुसार आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठते हैं।

क्या Medical रिकॉर्ड माँगना जरूरी है?

हाँ, मेडिकल रिकॉर्ड्स परीक्षण हेतु आवश्यक होते हैं। दस्तावेज उपलब्ध कराएं ताकि दावा मजबूत हो सके।

अगर मामला अदालत तक गया तो क्या बनता है?

फायदे में शिकायतकर्ता को मुआवजा, ड्यूटी-निर्देश या सुरक्षा आदेश मिल सकता है। अदालत घटना-प्रमाण पर निर्णय लेती है।

क्या Consumer Forum में भी दायर किया जा सकता है?

हाँ, Deficiency in service के लिए Consumer Protection Act के अंतर्गत शिकायत दर्ज की जा सकती है।

मैं कैसे सत्यापित कर सकता हूँ कि होम का लाइसेंस वैध है?

स्थानीय नगरपालिका, स्वास्थ्य विभाग या रेगुलेटरी वेबसाइट से लाइसेंस स्थिति जाँचें। पहचान दस्तावेज और प्रमाणपत्र माँगें।

Witness और गवाह कैसे बनाए रखें?

घटना-स्थल की तस्वीरें, अस्पताल रिकॉर्ड, बिल और संवाद का रिकॉर्ड रखिए। गवाहों के नाम और संपर्क विवरण सुरक्षित रखें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • HelpAge India-वृद्धों के अधिकारों और सहायता के लिए राष्ट्रीय संगठन। साइट: https://www.helpageindia.org

  • National Consumer Helpline-उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ी समस्यों के लिए हेल्पलाइन और मार्गदर्शन। साइट: http://consumerhelpline.gov.in

  • National Human Rights Commission-मानव अधिकार-आधारित दृष्टिकोण के लिए elder abuse पर मार्गदर्शन। साइट: https://nhrc.nic.in

6. अगले कदम: नर्सिंग होम में दुर्व्यवहार वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. घटना के सभी दस्तावेज संभाल कर रखें-फोटोज, बिल, चिकित्सा रिकॉर्ड, वॉर्निंग नोट्स।

  2. जगह के अनुसार elder-law expert या नागरिक अधिकार अधिवक्ता खोजें। JAMSHEDPUR में वरिष्ठ नागरिक कानून अनुभव देखें।

  3. पहला परामर्श लें और मामला मूल्यांकन करवाएं-क्या कानूनी रास्ता बेहत है?

  4. कानूनी नोटिस जारी करें ताकि रिकॉर्डिंग और सुधार के मौके मिलें।

  5. IF needed, प्राथमिकी या शिकायत दर्ज कराएं-पुलिस और अदालत के समन्वय से कार्रवाई शुरू करें।

  6. Consumer Forum या Civil Court में दावा किया जा सकता है-विकल्प, लागत और समय-सीमा समझें।

  7. स्थानीय Legal Services Authority से मुफ्त या कम-शुल्क सहायता मांगें यदि आय सीमित हो।

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