सहरसा में सर्वश्रेष्ठ तेल, गैस और ऊर्जा वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
सहरसा, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. सहरसा, भारत में तेल, गैस और ऊर्जा कानून के बारे में: सहरसा, भारत में तेल, गैस और ऊर्जा कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में तेल गैस और ऊर्जा कानून केंद्रीय व राज्य दोनों स्तर पर लागू होते हैं। केंद्र सरकार upstream, downstream और pipeline नेटवर्क को नियंत्रित करती है। सहरसा जैसे जिलों में स्थानीय नियम मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और वितरण लाइसेंस से जुड़े होते हैं।

ऊर्जा कानून के प्रमुख भागUpstream, Midstream और Downstream होते हैं। Directorate General of Hydrocarbons DGH upstream के तकनीकी नियमन का प्रमुख संस्था है। PNGRB downstream और gas pipelines के licensing के लिए जिम्मेदार नियामक है।

“DGH is the technical arm of the Ministry of Petroleum and Natural Gas and oversees upstream exploration and production.”

“PNGRB regulates the pipeline network and licenses for the transportation of natural gas and petroleum products.”

नवीनतम बदलावों में Open Acreage Licensing Policy OALP और New Exploration Licensing Policy NELP उपक्रमों ने क्षेत्र की खोज और निवेश को आसान बनाया है। साथ ही केंद्र सरकार ने DSF पॉलिसी और हस्तांतरणीय लाइसेंस की दिशा में कदम उठाए हैं।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: तेल, गैस और ऊर्जा कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  1. सहरसा में पाइपलाइन कॉरिडर के लिए जमीन दीर्घकालिक एक्सेस मिलना है, तो भूमि स्वामित्व, मुआवजे और वैधानिक प्रक्रिया स्पष्ट करनी होगी।
  2. स्थानीय पेट्रोल पंप या CNG स्टेशन लगाने का लाइसेंस चाहिए हो, तो PNGRB के दिशानिर्देश और लाइसेंसिंग प्रक्रिया समझनी होगी।
  3. ऊर्जा परियोजना के लिए Exploration-Production Licences और DGH से अनुमति चाहिए, तब अनुबंध प्रकार और अधिकार स्पष्ट करने होंगे।
  4. बिजली या अक्षय ऊर्जा परियोजना के लिए EIA/Energy Conservation नियम लागू होते हैं, BSPCB और MoEFCC की मंजूरी चाहिए।
  5. ऊर्जा उपभोक्ता के रूप में वितरण संबंधी समस्याएं हों, тариф या सप्लाई को लेकर विवाद हो, तो उपभोक्ता अधिकार और regulator के उपाय चाहिए।
  6. पर्यावरणीय या सुरक्षा उल्लंघन के आरोप लगें, तो न्यायिक वीकिल से औपचारिक शिकायत और कोर्ट मामले की तैयारी करनी हो सकती है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: सहरसा, भारत में तेल, गैस और ऊर्जा को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Petroleum Act, 1934 तेल के खोज, उत्पादन और वितरण पर नियंत्रण का मूल कानून है; लाइसेंस और अनुज्ञापनों की व्यवस्था बनाता है।
  • Oilfields (Regulation and Development) Act, 1948 Oilfields के क्षेत्रीय नियम और विकास के लिए मार्गदर्शक प्रावधान देता है।
  • Petroleum and Natural Gas Regulatory Board Act, 2006 PNGRB द्वारा गैस पाइपलाइन, वितरण और परिवहन के licensing तथा regulation का ढांचा स्थापित करता है।

इन कानूनों के अनुसार सहरसा में पाइपलाइन इंटरफेस, गैस वितरण लाइसेंस, और पेट्रोल पम्प संचालन के लिए संबंधित सरकारी अनुमति जरूरी है।

“The Board regulates the distribution and transportation of natural gas and petroleum products.”

“The Petroleum Act provides for control of petroleum and matters connected therewith.”

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पेट्रोलियम अधिनियम 1934 क्या है?

यह कानून petroleum के खोज, उत्पादन और वितरण पर नियंत्रण स्थापित करता है। राज्यों की अनुमति, लाइसेंसिंग और नियम निर्धारित होते हैं।

2. Saharsa जिले में पाइपलाइन कॉरिडर के लिए जमीन कैसे मिलती है?

लाभार्थी को Pipelines Act और संबंधित भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार मुआवजा और अधिकार मिलता है। स्थानीय पटाखा अधिकार और कोर्ट नोटिस जरूरी हो सकते हैं।

3. गैस पाइपलाइन या पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस कैसे मिलता है?

PNGRB लाइसेंसिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन, क्षेत्र, शुल्क तथा मानदंड PNGRB वेबसाइट पर स्पष्ट हैं।

4. डि-गंभीर पर्यावरण प्रश्नों पर क्या कदम उठाने चाहिए?

EIA नोटिफिकेशन के अनुसार.Environmental Clearance MoEFCC और BSPCB से लेना आवश्यक है।

5. ऊर्जा संरक्षण कानून कैसे कार्य करता है?

Energy Conservation Act 2001 ऊर्जा दक्षता और स्टैंडर्ड की रूपरेखा देता है। उद्योगों और भवनों पर अनुपालनों की जिम्मेदारी है।

6. Local disputes में कौन से बोर्ड मदद कर सकते हैं?

BSPCB बिहार राज्य स्तर पर पर्यावरण संबंधी शिकायतें देखता है। ऊर्जा-प्रश्नों में डिफरेंशियेटेड regulator काम करते हैं।

7. अगर Pipeline निर्माण से भूमि नुकसान हो तो क्या करें?

प्राथमिक कदम समझौते, मुआवजा आवेदन, और followed by regulator के साथ शिकायत दर्ज करना है।

8. Exploration license मिलने में कितना समय लगता है?

ड्राफ्ट MOU से लेकर license grant तक कुछ महीनों से एक वर्ष तक लग सकते हैं, परियोजना के आकार पर निर्भर।

9. Saharsa में औद्योगिक उपभोक्ता के लिए Tariff dispute का तरीका?

उपभोक्ता शिकायत regulator के पास दर्ज कर सकता है, और संबंधित बिजली विभाग या PNGRB से समाधान मांग सकता है।

10. पाइपलाइन सुरक्षा नियम क्या हैं?

पाइपलाइन सुरक्षा अधिनियम के अनुसार सुरक्षा उपाय, निरीक्षण, और दुर्घटना में आपातकालीन योजना जरूरी है।

11. कस observe करें कि किसी परियोजना का पर्यावरण प्रभाव?

स्थानीय BSPCB या MoEFCC द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Environmental Impact Assessment जरूरी है।

12. Saharsa निवासी के लिए सबसे व्यावहारिक कदम क्या हैं?

स्थानीय वकील से परामर्श लें, जरूरी दस्तावेज संकलित करें, regulator के बारे में जानकारी पाएं और आधिकारिक साइट से आवेदन करें।

5. अतिरिक्त संसाधन

अन्य उपयोगी स्रोत - Energy Conservation Act जानकारी के लिए Bureau of Energy Efficiency - beeindia.gov.in, Bihar State Pollution Control Board - bspcb.bihar.gov.in

इन संसाधनों पर केंद्र सरकार के उच्चतम स्रोतों से आधिकारिक जानकारी मिलती है, जिसे Saharsa के निवासियों के लिए लागू करना आसान है।

6. अगले कदम

  1. अपनी जरुरत स्पष्ट करें-license, land, या dispute resolution।
  2. स्थानीय regulator के नाम और प्रासंगिक कानून पहचानें।
  3. उचित वकील या कानूनी सलाहकार से initial consultation लें।
  4. जरूरी दस्तावेज एकत्र करें- land records, prior approvals, leases आदि।
  5. regulator से संपर्क के लिए एक आवेदन योजना बनाएं और timelines चेक करें।
  6. प्रक्रिया शुरू करने के लिए औपचारिक शिकायत या आवेदन प्रस्तुत करें।
  7. अनुसरणी कदम के लिए किसी विशेषज्ञ सलाहकार से अनुबंध करें।

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