सुपौल में सर्वश्रेष्ठ पेटेंट वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
सुपौल, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. सुपौल, भारत में पेटेंट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

सुपौल, बिहार के आविष्कारकों के लिए पेटेंट सुरक्षा भारत सरकार के IP India यानि Intellectual Property India के अंतर्गत आती है. आवेदन भारत के भीतर मान्य होते हैं और सुपौल से भी ऑनलाइन किया जा सकता है. पेटेंट की अवधि फाइलिंग की तारीख से 20 वर्ष होती है, शर्तें पूरी करने पर वार्षिक फीस चुकानी होती है.

प्रत्येक आविष्कार के लिए तीन मुख्य मानक आवश्यक होते हैं: नवीनता, inventive step (अभिनव कदम) और औद्योगिक उपयोगिता. इन मानकों का आकलन पेटेंट कार्यालय द्वारा किया जाता है. भारत में पेटेंट अधिकार प्राप्त करने के लिए सूचना-आधारित बहस और प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाती है.

“भारत में किसी भी पेटेंट की अवधि फाइलिंग की तारीख से 20 वर्ष तक होती है, तथा वार्षिक फीस देनी होती है.”

स्रोत: The Patents Act, 1970 तथा IP India के प्रदत्त मार्गदर्शन; आधिकारिक पटल पर पेटेंट प्रबंधन और शुल्क संरचना उपलब्ध है. Legislative Department - The Patents Act, 1970

“A patent may be granted for an invention if it is novel, involves an inventive step and is capable of industrial application.”

स्रोत: IP India के पेटेंट सूचना पन्ने और मार्गदर्शक सुरक्षा मानदंड. IP India - Official Website

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • परिचयात्मक चयन-आपके आविष्कार के क्षेत्र में अनुभव रखने वाला अधिवक्ता मदद कर सकता है. इससे आवेदन-तैयारी और आशय स्पष्ट होते हैं.
  • पूर्व-ग्रांट विपक्ष-यदि किसी व्यक्ति द्वारा पूर्व-ग्रांट विरोध किया गया, तो कानूनी सलाहकार तर्क-संरचना दे सकता है. यह समय बचाता है.
  • पेटेंट-फॉर्म पूरी करना-Form 1/2/3 आदि तथा फॉर्म-18 (या समकक्ष) जैसी आवश्यकताओं में त्रुटि कम होती है.
  • EXAMINATION (FER) پاسخ-नोटिस के जवाब में सही प्रस्तावना और तर्क दें. इससे अयोग्यता के जोखिम घटते हैं.
  • क्षेत्र-विशेष मार्गदर्शन-सुपौल क्षेत्र के कृषि, जल-प्रबंधन, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में अनुभवी अधिवक्ता लाभ देते हैं.

यदि आप स्थानीय रूप से अनुभवसीमा खोज रहे हैं, तो संभव है कि आपको बिहार-राज्य राजधानी पटना या पश्चिम बंगाल के कोलकाता से भी विशेषज्ञ सहयोग लेना पड़े. वैकल्पिक रूप से राष्ट्रीय स्तर के वकील भी सुपौल के क्लायंट का स्वागत करते हैं.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

The Patents Act, 1970 - आविष्कार के लिए पेटेंट के न्यूनतम मानक और सुरक्षा नियम निर्धारित करता है. यह कानून 20 वर्ष की अवधि, जन-प्रतिबंध और अनिवार्य लाइसेंस जैसी धाराओं को नियंत्रित करता है.

The Patents Rules, 2003 - आवेदनों की रूपरेखा, शुल्क, तथा परीक्षा के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को तय करते हैं. इनमें ऑनलाइन फाइलिंग का प्रावधान प्रमुख है.

Patents (Amendment) Act, 2005 - आविष्कारकों के हितों की रक्षा के लिए कानून में संशोधन किया गया. पूर्व-ग्रांट और फाइलिंग-प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुपौल से पेटेंट फाइल करना संभव है?

हाँ, आप ऑनलाइन IP India पोर्टल के माध्यम से फाइल कर सकते हैं. स्थानीय पते के साथ आवेदन संभव है और क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़ी सहायता ली जा सकती है.

पेटेंट के लिए आविष्कार किस प्रकार का होना चाहिए?

आविष्कार नवीन हो, उसमें inventive step हो और औद्योगिक उपयोगिता हो यही मानक है. यह मानक IP India के मार्गदर्शन में स्पष्ट है.

क्या सॉफ्टवेयर पेटेंट किया जा सकता है?

सॉफ्टवेयर-आधारित इन्वेंशनों को सामान्यतः ऐतिहासिक समस्याओं के साथ जुड़ने पर पेटेंट के लिए जटिल माना जाता है. कृपया विशिष्ट मामलों के लिए कानूनी सलाह लें.

पूर्व-ग्रांट विरोध किस स्थिति में होता है?

किसी भी व्यक्ति द्वारा पेटेंट के ग्रांट के विरुद्ध विरोध किया जा सकता है. इस प्रक्रिया में तर्कसंगत पक्ष-प्रस्ताव प्रस्तुत करना पड़ता है.

ग्रांट के बाद क्या समय-सीमा होती है?

पेटेंट आवेदन के पश्चात परीक्षा रिपोर्ट (FER) तक पहुँचना सामान्यतः 1-3 वर्ष ले सकता है. पूरा अधिकार 20 वर्ष तक सुरक्षित रहता है.

क्या मैं स्थानीय वकील के बिना आवेदन कर सकता हूँ?

त técnically संभव है, परन्तु एक अनुभवी अधिवक्ता या लॉ फर्म के साथ प्रक्रिया सुचारु, तेज और त्रुटि-रहित रहेगी.

अनुदानित पेटेंट कैसे संरक्षित रखा जाता है?

पेटेंट के उल्लंघन पर स्थानीय अदालत में दावा किया जा सकता है. अधिवक्ता शिकायत-पत्र, तिथि-नोटिस और आवश्यक सबूत दे सकता है.

क्या पेटेंट की लागतें भारी हो सकती हैं?

हाँ, फाइलिंग, अनुदेशन, और वार्षिक शुल्क मिलाकर लागत धीरे-धीरे बढ़ सकती है. शुरुआती फेज में एक योजना बनाएं.

क्या आयातित आविष्कारों के लिए भी पेटेंट मिल सकता है?

हाँ, भारतीय कानून आयातित आविष्कारों को भी पेटेंट दे सकता है, बशर्ते वे भारत में नई हों और इनवेशन हो.

कितनी उम्र में पेटेंट कानून लागू होता है?

पेटेंट कानून का प्रभाव तब शुरू होता है जब आवेदन दायर होता है. सुरक्षा 20 साल तक रहती है.

क्या अंतरराष्ट्रीय पंजीकरण संभव है?

हाँ, PCT मार्ग से राष्ट्रीय चरण में प्रवेश कर के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण पाया जा सकता है. IP India इसका हिस्सा है.

पेटेंट की खोज कैसे करें (Prior Art Search)?

स्वतः ऑनलाइन स्रोतों और साक्ष्य से खोज करें. पोस्ट-फाइलिंग पूर्व खोज से अवरोधकताओं को कम किया जा सकता है.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Intellectual Property India (IP India) - पेटेंट, डिज़ाइंस और ट्रेड-मार्क की आधिकारिक वेबसाइट. https://www.ipindia.gov.in/
  • Patent Information Centre (PIC), Patna - स्थानीय सहायता और मार्गदर्शन देने वाला नेटवर्क. https://www.ipindia.gov.in/content/patent-information-centre-pic
  • National Research Development Corporation (NRDC) - पेटेंट-लाइसेंसिंग और व्यावसायीकरण में सहायता. https://www.nrdc.in/

6. अगले कदम

  1. अपने आविष्कार का स्पष्ट एक-लाइन मूल्यांकन बनाएं ताकि वह पेटेंट योग्य हो या नहीं बताये.
  2. कॉन्टेक्ट एक अनुभवी पेटेंट वकील या कानूनी सलाहकार से करें जो सुपौल क्षेत्र में अनुभव रखता हो.
  3. IP India पर अकाउंट बनाकर आवश्यक प्रारूप और निर्देश समझें.
  4. पूर्व-खोज (prior art search) कर के संभावित बाधाओं का आकलन करें.
  5. कानूनी सहमति और पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) आदि दस्तावेज़ तैयार करें.
  6. आवेदन ऑनलाइन जमा करें और परीक्षा हेतु फॉर्म-प्रोफाइल तैयार करें.
  7. Examination Report (FER) मिलते ही सही-तर्क के साथ जवाब दें और आवश्यक संशोधन करें.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से सुपौल में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पेटेंट सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

सुपौल, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।