सुपौल में सर्वश्रेष्ठ वसीयत अनुमोदन वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
सुपौल, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

भारत वसीयत अनुमोदन वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें वसीयत अनुमोदन के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

संपत्ति का विभाजन
वसीयत और वसीयतपत्र परिवार वसीयत अनुमोदन
कक्षा 2 के वारिस (पिता) को प्रॉपर्टी की बिक्री अनुबंध में परिवार के सदस्य के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है क्योंकि पहले पंजीकरण के समय वह उपस्थित नहीं थे। विभाजन के दौरान, क्या वह कक्षा 1 - पत्नी (स्वर्गीय), 3 पुत्रों के संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति में अपना...
वकील का उत्तर Remedium Reel Attorneys द्वारा

यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकारी को ट्रांसप्रोवे रजिस्ट्री में प्रशासन पत्र प्राप्त करने के लिए 2 या 3 व्यक्तियों को नियुक्त करना होता है जो उन्हें अन्य उत्तराधिकारियों की इच्छाओं के अनुरूप संपत्ति का प्रशासन करने का अधिकार देता...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर

1. सुपौल, भारत में वसीयत अनुमोदन कानून के बारे में

सुपौल, बिहार में वसीयत अनुमोदन कानून का आधार Indian Succession Act, 1925 है।

यह अधिनियम वसीयत की वैधता, प्रमाणन और उत्तराधिकार के नियम तय करता है।

प्रमाणन के लिए probate या letters of administration जिला न्यायालय के पास जाना पड़ता है।

सुपौल जिला न्यायालय सुपौल, बिहार के वसीयत मामलों की सुनवाई करता है और आवश्यक कागजात मांगता है।

“Probate means the copy of the will, certified by the proper court to be genuine, and to have been proved in the manner required by this act.”

Source: Indian Succession Act, 1925, Legislation.gov.in

“A will is a document by which a person expresses his testamentary wishes.”

Source: National Portal of India

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • परिदृश्य 1: सुपौल में Will बन गया है पर उसकी वैधता प्रमाणित कराने के लिए probate दायर करना जरूरी है। इसका सही तरीका वकील समझाता है।

  • परिदृश्य 2: पिता के निधन के बाद संपत्ति का बहुविध उत्तराधिकारी वर्गीकरण है। अधिवक्ता wills और succession मामलों में मार्ग दिखाते हैं।

  • परिदृश्य 3: Will पर कुछ heirs आपत्ति कर रहे हैं। कानूनी सलाहकार विवाद समाधान और विवाद निपटाने में मदद करता है।

  • परिदृश्य 4: संपत्ति बिहार के बाहर भी है और स्थानान्तरण में जटिलता है। वकील बहु-राज्य मामलों में सम्पत्ति ट्रांसफर का प्रमाणन कराते हैं।

  • परिदृश्य 5: NRIs या विदेशी संपत्तियों के लिए probate प्रक्रिया आवश्यक हो सकती है; एक वकील उपयुक्त दस्तावेज तैयार कराता है।

  • परिदृश्य 6: Will की निष्क्रियता, तिथि-अपेक्षा या तर्क-वितर्क हो तो कानूनी सलाहकार मार्गदर्शन देता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

भूमिका-धारणा: सुपौल सहित बिहार में वसीयत अनुमोदन के लिए Indian Succession Act, 1925 केंद्र में है।

2 कानून जिनका उल्लेख सामान्यतः किया जाता है:

  • Indian Succession Act, 1925 वसीयत प्रमाणन, निष्पादन और उत्तराधिकार के नियम देता है।

  • Code of Civil Procedure, 1908 probate-आवेदन तथा उत्तराधिकार से जुड़े मामले की प्रक्रियात्मक धारा निर्धारित करता है।

  • Transfer of Property Act, 1882 Will से संपत्ति के अधिकारांतरण के अनुरूप नियम बताता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न?

भारतीय वसीयत अनुमोदन क्या आवश्यक है? स्थानीय बिंदु यह है कि वसीयत की वैधता प्रमाणित करने के लिए probate जरूरी होता है, अन्यथा संपत्ति का स्थानांतरण कठिन हो सकता है।

प्रश्न?

probate क्या है, और इसे क्यों मांगा जाता है? probate अदालत द्वारा Will की वैधता प्रमाणित करने की कानूनी प्रक्रिया है ताकि executor संपत्ति चला सके।

प्रश्न?

क्या Will बिना probate के भी मान्य हो सकता है? हाँ, परन्तु उत्तराधिकारियों को संपत्ति के वितरण के लिए probate चाहिए होता है ताकि कोर्ट से अधिकार मिलें।

प्रश्न?

मेरे पास Will है, लेकिन मेरे पिता ने समान अधिकार वाले अन्य रिश्तेदारों पर आपत्ति की है। क्या करना चाहिए? अधिवक्ता से तात्कालिक कानूनी सलाह लें ताकि आपत्ति का कोर्ट में उत्तर दिया जा सके।

प्रश्न?

प्रमाणन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है? Will की मूल कॉपी, death certificate, property papers, पहचान-पत्र, आय-कर रसीदें और पते के प्रमाण सामान्य रूप से मांगे जाते हैं।

प्रश्न?

सुपौल जिले में probate का आवेदन कितना समय लेता है? सामान्यतः 6 से 18 माह के बीच होता है, मामलों की जटिलता के अनुसार विस्तारित हो सकता है।

प्रश्न?

क्या Will में Executor होने से संपत्ति का नियंत्रण निश्चित होता है? हाँ, Executor को कोर्ट द्वारा नियुक्त किया जाता है और वह संपत्ति का प्रशासन संभालता है।

प्रश्न?

Will कोई विवादित नहीं है तो क्या complexity कम हो जाती है? हाँ, विवाद रहित Will प्रक्रिया तेज हो सकती है, पर अदालत का प्रमाणन आवश्यक रहता है।

प्रश्न?

क्या holographic Will मान्य है? भारत में मौखिक या हस्तकथित Will सामान्यतः मान्य नहीं होते; सुपौल में कानूनी प्रमाणन के लिए लिखित Will चाहिए।

प्रश्न?

executor या legal heir के लिए किसे चुनना चाहिए? निष्पक्ष, विश्वसनीय, और Will के अनुसार निर्णय लेने वाला व्यक्ति सही रहेगा; अधिवक्ता यह चयन करने में मार्गदर्शन कर सकता है।

प्रश्न?

क्या मुझे एक वकील की जरूरत है? यदि संपत्ति जटिल है या कई heirs हैं तो हाँ, वकील विशेषज्ञता के बिना जोखिम रहता है।

प्रश्न?

क्या ऑनलाइन फाइलिंग संभव है? कई जिलों में eCourts पोर्टल पर probate से जुड़ी फाइलिंग की सुविधा है; Supaul के लिए स्थानीय व्यवस्था जाँचें।

5. अतिरिक्त संसाधन

National Legal Services Authority (NALSA) - नि:शुल्क कानूनी सहायता और probate-सम्बन्धी मार्गदर्शन उपलब्ध है।

eCourts Portal - देशभर के जिलों में ऑनलाइन फाइलिंग और केस स्टेटस की सुविधा देता है; probate केस भी दाखिल हो सकते हैं।

Patna High Court - बिहार राज्य के उच्च न्यायालय के माध्यम से स्थानीय अदालतों के आदेश और मामलों की जानकारी मिलती है।

6. अगले कदम

  1. अपने दायरे की Will, death certificate और संपत्ति के प्रमाण-पत्र इकट्ठे करें।
  2. सुपौल जिले में प्रैक्टिस करने वाले अनुभवी अधिवक्ता/वकील खोजें।
  3. पहली परामर्श में Will प्रमाणन, विवाद स्थिति और अनुमानित शुल्क पूछें।
  4. कौन-से दस्तावेज और अधिसूचना चाहिए, यह लिखित सूची बनाएं।
  5. अगर जरूरत हो तो eCourts पोर्टल पर probate आवेदन की तैयारी करें।
  6. वकील के साथ न्यायालय में प्रस्तुतियों के लिए यात्रा-योजनाएं बनाएं और समय-सीमा पर टिके रहें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से सुपौल में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, वसीयत अनुमोदन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

सुपौल, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।